झारखण्ड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्, राँची
PROJECT RAIL (03.08.2026)
SECTION - A (6x1=6) (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)
1. गुण के आधार पर किया गया
वर्गीकरण कहलाता है:
(A)
संख्यात्मक वर्गीकरण
(B) गुणात्मक वर्गीकरण
(C)
कालक्रम वर्गीकरण
(D)
भौगोलिक वर्गीकरण
2. माध्य से विचलनों का योग
हमेशा होता है :
(A)
अधिकतम
(B)
न्यूनतम
(C) शून्य
(D)
एक
3. खुले सिरे वाले वर्गों
के लिए कौन सा माध्य सबसे उपयुक्त है?
(A)
माध्य
(B) माध्यिका
(C)
बहुलक
(D)
कोई नहीं
4. सीमान्त उपयोगिता ह्रास
नियम कहता है कि:
(A)
कुल उपयोगिता बढ़ती दर से बढ़ती है
(B)
उपभोग बढ़ने पर MU बढ़ती है
(C) उपभोग बढ़ने पर MU घटती है
(D)
TU शून्य हो जाती है
5. हिस्टोग्राम का प्रयोग
किया जाता है:
(A)
खण्डित श्रेणी के लिए
(B) सतत श्रेणी के लिए
(C)
काल श्रेणी के लिए
(D)
गुणात्मक आंकड़ों के लिए
6. उपभोक्ता साम्य में तब
होता है जब :
(A)
MU = 0
(B)
MU = कीमत
(C)
TU = अधिकतम
(D) B और C दोनों
लघुउत्तरीय प्रश्न [4x2=8]
7. 'आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण' से आप क्या समझते हैं? दो विधियों के
नाम लिखिए।
उत्तर - कच्चे आंकड़ों को व्यवस्थित, अर्थपूर्ण रूप में
रखना आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण कहलाता है।
दो विधियाँ :-
(i) सारणीबद्ध प्रस्तुतीकरण
(ii) चित्रमय प्रस्तुतीकरण
8. बहुलक के कोई दो गुण
लिखिए।
उत्तर -
(i) गणना में सरल : अवलोकन / ग्राफ से ज्ञात किया जा सकता
है।
(ii) चरम मूल्यों से अप्रभावित : बहुत बड़े / छोटे मूल्य
बहुलक को प्रभावित नहीं करते।
9. सीमान्त उपयोगिता को
सूत्र सहित परिभाषित कीजिए।
उत्तर - सीमान्त उपयोगिता किसी वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई
के उपभोग से कुल उपयोगिता में होने वाली वृद्धि है।
सूत्रः MU = TUn -
TUn-1
10. व्यक्तिगत माँग और बाजार
माँग में दो अंतर लिखिए।
उत्तर -
|
आधार |
व्यक्तिगत माँग |
बाजार माँग |
|
1.
अर्थ |
एक उपभोक्ता की माँग |
सभी उपभोक्ताओं की माँग का योग |
|
2.
ढाल |
कम लोचदार |
अधिक लोचदार |
दीर्घउत्तरीय प्रश्न [2x3 =6]
11. एक अच्छी सांख्यिकीय
सारणी बनाने के कोई तीन नियम समझाइए।
उत्तर -
(i) शीर्षक: सारणी के ऊपर स्पष्ट, संक्षिप्त शीर्षक होना
चाहिए।
(ii) रूलिंग और अंतराल : कॉलम और पंक्तियों में उचित रूलिंग
हो। समान आंकड़ों वाले कॉलम पास-पास रखें।
(iii) स्रोत टिप्पणी : नीचे आंकड़ों का स्रोत अवश्य दें
ताकि विश्वसनीयता बनी रहे।
(iv) इकाई : माप की इकाई जैसे रु, किग्रा, % स्पष्ट लिखें।
12. सीमान्त उपयोगिता ह्रास
नियम को सारणी और रेखाचित्र सहित समझाइए।
उत्तर
- सीमांत उपयोगिता ह्रास नियम को ' गोसेन
का प्रथम नियम ' या
तृप्ति का नियम भी कहते हैं ।
इस नियम की वैज्ञानिक व्याख्या प्रो.
मार्शल ने की । इनके
अनुसार "एक व्यक्ति के पास किसी वस्तु की जो मात्रा होती है , उसके उपभोग में
लगातार वृद्धि करने से उसकी उपयोगिता घटने लगती है।"
तालिका से
|
रोटी की इकाई |
1 |
2 |
3 |
4 |
5 |
6 |
7 |
|
सीमांत उपयोगिता |
4 |
3 |
2 |
2 |
0 |
-1 |
-2 |
इस तालिका से स्पष्ट है कि
व्यक्ति जैसे-जैसे रोटियों का उपभोग करते जाता है वैसे वैसे रोटी की अगली इकाइयों
से प्राप्त सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।

चित्र में
MU सीमांत उपयोगिता की
रेखा है जो रोटी की विभिन्न इकाइयों से प्राप्त सीमांत उपयोगिता
को बतलाकर सीमांत उपयोगिता
ह्रास नियम को स्पष्ट
करती है। व्यक्ति को पहली रोटी से 4, दुसरी
से 3, तीसरी से
2 तथा चौथी से 1 उपयोगिता
मिलती है जो उसकी भूख की पूर्ण संतुष्टि का द्योतक है। अत:
चित्र यह भी दिखलाता है कि उसे पाॅंचवी रोटी से शून्य तथा
छठी और सातवीं रोटियों से क्रमशः -1 और
-2 के बराबर ऋणात्मक उपयोगिता
मिलती है।इस प्रकार स्पष्ट है
कि हर अगली रोटी की इकाई से सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
वस्तु की सीमांत उपयोगिता (MU) के ही आधार पर कोई व्यक्ति किसी वस्तु की कीमत देना चाहता है। अधिक MU पर अधिक कीमत तथा मांग, जबकि कम MU पर कम कीमत तथा मांग होती है। चूॅकि MU रेखा ऊपर से नीचे झुकी रहती है, इसलिए मांग की रेखा भी ऊपर से नीचे दाहिनी ओर झुकी रहती है।
