झारखण्ड अधिविद्य परिषद्
ANNUAL INTERMEDIATE ΕΧΑΜΙΝΑΤΙΟΝ – 2026
Home Science (11.02.2026)
सामान्य
निर्देश :
1.
इस प्रश्न-पुस्तिका में दो भाग भाग-A तथा भाग-B हैं।
2.
भाग-A में 25 अंक के बहुविकल्पीय प्रश्न तथा भाग-B में
45 अंक के विषयनिष्ठ प्रश्न हैं।
3.
परीक्षार्थी को अलग से उपलब्ध कराई गई उत्तर-पुस्तिका
में उत्तर देना है।
4.
भाग-A इसमें 25 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनके 4 विकल्प (A, B, C तथा D) हैं। परीक्षार्थी
को उत्तर-पुस्तिका में सही उत्तर लिखना है। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न
1 अंक का है। गलत उत्तर के लिए कोई अंक काटा नहीं जाएगा।
5.
भाग-B इस भाग में तीन खण्ड खण्ड-A, B तथा C हैं। इस भाग में अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय
तथा दीर्घ उत्तरीय प्रकार के विषयनिष्ठ प्रश्न हैं। कुल प्रश्नों की संख्या 23 है।
खण्ड-A
- प्रश्न संख्या 26-34 अति लघु उत्तरीय हैं। किन्हीं 7 प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक
प्रश्न 1 अंक का है।
खण्ड-B
- प्रश्न संख्या 35-42 लघु उत्तरीय हैं। किन्हीं 6 प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक
प्रश्न 3 अंक का है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 150 शब्दों में दें।
खण्ड-C
- प्रश्न संख्या 43-48 दीर्घ उत्तरीय हैं। किन्हीं 4 प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक
प्रश्न 5 अंक का है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 250 शब्दों में दें।
6.
परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में ही उत्तर दें।
7.
जहाँ आवश्यक हो स्वच्छ तथा स्पष्ट रेखाचित्र बनाएँ।
8.
परीक्षार्थी परीक्षा भवन छोड़ने के पहले अपनी उत्तर-पुस्तिका वीक्षक को अनिवार्य रूप
से लौटा दें।
9.
परीक्षा समाप्त होने के उपरांत परीक्षार्थी प्रश्न-पुस्तिका अपने साथ लेकर जा सकते
हैं।
भाग - A (बहुविकल्पीय प्रश्न)
प्रश्न संख्या 1 से 25 तक बहुविकल्पीय प्रकार हैं। प्रत्येक
प्रश्न के चार विकल्प हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पुस्तिका में लिखें। प्रत्येक प्रश्न
1 अंक का है। 1x25= 25
1. ज्वर कितने प्रकार का होता है ?
(A) पाँच
(B) सात
(C) आठ
(D) तीन
2. संक्रामक रोग से तात्पर्य
है
(A) रोग का बार-बार होना
(B) रोग लंबे समय तक रहना
(C) रोग एक व्यक्ति से
दूसरे व्यक्ति को लगना
(D) पोषक तत्वों की कमी
3. मच्छर के काटने से कौन-सा
रोग होता
(A) मलेरिया
(B) कैंसर
(C) अतिसार
(D) पोलियो
4. कपड़ों को कीड़ों से
बचाने के लिए उनमें क्या रखा जाता है ?
(A) केले के पत्ते
(B) आम के पत्ते
(C) नीम के सूखे पत्ते
(D) सेव के पत्ते
5. भाप द्वारा पकाया गया
भोजन
(A) सुपाच्य होता है
(B) गरिष्ठ होता है
(C) हानिकारक होता है
(D) कच्चा होता है
6. समाजीकरण का पहला संकेत
क्या है ?
(A) ईर्ष्या करना
(B) तर्क करना
(C) मुस्कुराना
(D) चिन्तन करना
7. विज्ञापन का माध्यम क्या
है ?
(A) विद्यालय
(B) दूरदर्शन
(C) अस्पताल
(D) लाईब्रेरी
8. जल से शरीर के तापमान
पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
(A) बढ़ता है
(B) घटता है
(C) नियमन करता है
(D) कोई प्रभाव नहीं पड़ता
9. निम्न में से कौन गृह
विज्ञान की शाखा नहीं है ?
(A) भारतीय राजनीति
(B) धन प्रबंधन
(C) वस्त्र विज्ञान
(D) उपभोक्ता शिक्षा
10. W.H.O. का पूरा रूप है
(A) वोमेन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन
(B) वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन
(C) फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन
(D) इनमें से कोई नहीं
11. पोलियो से प्रभावित अंग
(A) मोटा हो जाता है
(B) सुन्दर हो जाता है
(C) मजबूत हो जाता है
(D) बेकार हो जाता है
12. निम्न में से कौन पोषणहीनता
से संबंधित रोग है ?
(A) मलेरिया
(B) डायरिया
(C) एनीमिया
(D) टिटनस
13. आहार आयोजन को प्रभावित
करने वाला कारक कौन है ?
(A) आर्थिक स्थिति
(B) विद्यालय
(C) समाज
(D) इनमें से कोई नहीं
14. शारीरिक विकास के लिए
क्या जरूरी है ?
(A) शिक्षा
(B) मनोरंजन
(C) पौष्टिक भोजन
(D) जल
15. आयोडीन मिलाया जाता है
(A) नमक में
(B) चीनी में
(C) दूध में
(D) दाल में
16. हमें शीघ्र ऊर्जा देता
है
(A) प्रोटीन
(B) वसा
(C) ग्लूकोज
(D) इनमें
से कोई नहीं
17. पपीते का बीज मिलाया
जाता है
(A) हल्दी पाउडर में
(B) साबुत काली मिर्च में
(C) मिर्च पाउडर में
(D) अनाज में
18. निम्न में से किस कार्य
के लिए बैंक ऋण नहीं देता ?
(A) वस्त्र खरीदने
(B) शिक्षा
(C) मकान खरीदने
(D) वाहन खरीदने
19. मिर्च पाउडर में क्या मिलाया जाता
है ?
(A) कंकड़
(B)
पीली मिट्टी
(C) पपीता के बीज
(D) ईंट
चूर्ण
20. तरल
आहार कितने प्रकार के होते हैं ?
(A) दो
(B)
चार
(C) आठ
(D)
दस
21. कीड़े
से बनने वाला रेशा है
(A) नायलॉन
(B)
सूती
(C) रेशम
(D)
रेयॉन
22. ओ.आर.एस.
रोगी को कब पिलाया जाता है?
(A) मलेरिया होने पर
(B) निर्जलीकरण में
(C) कैंसर होने पर
(D) इनमें से कोई नहीं
23. जन्म
के समय शिशु की औसत लंबाई लगभग कितनी होती है ?
(A) 20 सेंटीमीटर
(B) 80 सेंटीमीटर
(C) 50 सेंटीमीटर
(D)
90 सेंटीमीटर
24. अचार
संरक्षित करने के लिए क्या जरूरी है ?
(A) पानी
(B) घी
(C) नमक और तेल
(D) इनमें
से कोई नहीं
25. चेक
कितने प्रकार के होते हैं ?
(A) पाँच
(B)
तीन
(C) आठ
(D)
सात
भाग-B (विषयनिष्ठ प्रश्न) खण्ड - A (अति लघु उत्तरीय प्रश्न)
किन्हीं सात प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक पुरेन की अधिमानता
1 अंक निर्धारित है। 1x7=7
26. आहारीय
मिलावट का क्या अर्थ है ?
उत्तर- खाद्य पदार्थों में मिलावट करके उनको दूषित करना आहारीय
मिलावट कहलाता है।
27. विनियोग
क्या है ?
उत्तर-
आय का वह भाग जो हम प्रतिमाह या प्रतिवर्ष, आय में से बचाकर किसी ऐसी सुव्यवस्थित योजना
में लगाते हैं जिससे हमें आनेवाले समय में कुछ-न-कुछ लाभ मिलता रहे. विनियोग या निवेश
(Investment) कहलाता
28. रंग
चक्र में कुल कितने रंग होते हैं ?
उत्तर - रंग चक्र में आमतौर पर 12 मुख्य रंग होते हैं। इस चक्र
में 3 प्राथमिक रंग (लाल, पीला, नीला), 3 द्वितीयक रंग (नारंगी, हरा, बैंगनी) और 6
तृतीयक रंग (प्राथमिक और द्वितीयक रंगों के मिश्रण से बने रंग) शामिल होते हैं, जो
12-भागों वाला मानक रंग चक्र बनाते हैं।
29. संतुलन
कितने प्रकार का होता है ?
उत्तर- संतुलन का अर्थ है- समता,
स्थिरता और विशिष्टता। सन्तुलन नमूने को सौन्दर्य, आकर्षण एवं संतुलित अनुपात
प्रदान करता है। किसी भी नमूने में सेन्टर से हर ओर रंग व आकार एक समान दिखाई देना
चाहिए। सन्तुलन दो प्रकार का होता है-
(a) औपचारिक सन्तुलन- औपचारिक
संतुलन में वस्त्र का नमूना बराबर हिस्सों में बँटा प्रतीत होता है। इस प्रकार
नमूने के दोनों भागों में समान भार का आकर्षण होता है।
(b) अनौपचारिक संतुलन- अनौपचारिक संतुलन में वस्त्र के नमूने के दोनों भागों में समान क्रमबद्धता नहीं पाई जाती
है और न ही समान आकर्षण होता है। असमान रंगों तथा डिजाइन से ऐसा तालमेल बिठाया
जाता है कि वह संतुलित और आकर्षक दिखाई देता है।
30. शुद्ध
जल कैसा होता है?
उत्तर - शुद्ध जल रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन और पारदर्शी होता है।
31. बालक
की शारीरिक वृद्धि से क्या अभिप्राय है?
उत्तर - बालक की शारीरिक वृद्धि का अभिप्राय उनके शरीर के आकार,
भार, लंबाई और आंतरिक अंगों में होने वाली मात्रात्मक वृद्धि से है।
32. कितने
महीने के बाद शिशु को पूरक आहार देना शुरू करना चाहिए ?
उत्तर - शिशु को 6 महीने (छह महीने) की आयु पूरी होने के बाद ही
पूरक आहार देना शुरू करना चाहिए।
33. प्रदूषित
जल से कौन कौन-से रोग होते हैं?
उत्तर - प्रदूषित जल से होने वाले प्रमुख रोग:
1. हैजा
: गंभीर उल्टी और दस्त।
2. टाइफाइड
: तेज बुखार और पेट दर्द।
3. पीलिया
: यकृत का संक्रमण।
4. पेचिश
और डायरिया : पाचन तंत्र में संक्रमण।
5. पेट
के कीड़े : दूषित जल से पेट में कीड़े होना।
6. त्वचा
रोग : गंदे पानी से नहाने पर।
34. जन्म
के समय शिशु को कौन-सा टीका लगाया जाता है ?
उत्तर - जन्म के तुरंत बाद या पहले 24 घंटों के भीतर शिशु को
मुख्य रूप से BCG (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन), ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV - 0 डोज) और
हेपेटाइटिस-बी (हेपेटाइटिस बी का पहला टीका) लगाया जाता है।
खण्ड - B (लघु उत्तरीय प्रश्न)
किन्हीं छः प्रश्नों
के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 150 शब्दों में दें। 3x6=18
35. पारिवारिक खर्च का हिसाब
रखने के लाभ बताइए।
उत्तर - पारिवारिक खर्च का लेखा-जोखा रखने के विभिन्न लाभ हैं-
(1) निराधार खर्च पर अंकुश लगाना।
(2) आय को परिवार की जरूरतों को पूर्ण करने के लिए उचित रूप
में प्रयोग करना।
(3) परिवार का भविष्य सुरक्षित करना।
(4) आय व व्यय में सन्तुलन करना सुगम हो जाता है।
(5) पारिवारिक लक्ष्यों की प्राप्ति आसान हो जाती है।
(6) यदि सामान दुकानदार से उधार लिया गया हो तो लिखे हुए,
सामान को दुकानदार के बिल के साथ मिलाकर जोड़कर उसका भुगतान दुकानदार को कर दिया
जाता है।
(7) दूध, अखबार, धोबी के हिसाब-किताब में गड़बड़ न हो।
(8) सप्ताह में हुए खर्चों को देखकर हम साप्ताहिक व मासिक
खर्चों का अनुमान लगाया जा सकता है और बचत को कहाँ निवेश करें सोच सकते हैं।
36. मानसिक
अक्षमता से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर - मानसिक अक्षमता से तात्पर्य उस स्थिति से है, जिसमें
व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता, तर्क शक्ति, सीखने की गति, निर्णय लेने की क्षमता या
सामाजिक-अनुकूली कौशल सामान्य से काफी कम या सीमित होते हैं।
37. उपभोक्ता
शिक्षा से क्या लाभ है ?
उत्तर- उपभोक्ता शिक्षा से तात्पर्य है कि उपभोक्ताओं को
इसकी शिक्षा देना कि क्या, कहाँ, कब, कैसे और कितना खरीदना है और जो भी खरीदा गया
है उसका उपयोग किस प्रकार करना है?
उपभोक्ता शिक्षा उपभोक्ता के लिए निम्नलिखित प्रकार से
लाभदायक हैं-
(i) उपभोक्ता शिक्षा वस्तुओं के विवेकपूर्ण चुनाव की
योग्यता को विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
(ii) यह सुरक्षित, विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाले
उत्पादों के सही मूल्य की माँग करने में सहायक है।
(iii) यह बाजार में व्याप्त भ्रष्ट तरीकों से सावधान और
खबरदार करने में सहायता करती है।
(iv) उपभोक्ता शिक्षा समस्या आने पर उसका उचित समाधान
ढूँढ़ने में सहायता करती है।
38. वस्त्र
से व्यक्ति की पहचान कैसे होती है
उत्तर - प्रायः वस्त्रों से ही व्यक्ति की पहचान बनती है। उदाहरण
के लिए, वर्दियों के आधार पर ही हम पहचान पाते हैं कि यह फौज का व्यक्ति है या
पुलिस का या किसी होटल का कर्मचारी है। पहनावे से व्यक्ति की पहचान सहज हो जाती
है। प्राचीन काल में भी महाराजा के वस्त्र साधारण जनता से भिन्न होते थे।
39. अतिसार और निर्जलीकरण का क्या संबंध ?
उत्तर-
अतिसार खाद्य विषाक्तता के कारण होता है। इसमें भोजन पचता नहीं है तथा पहला दस्त मगर
पेट में दर्द भी होता है। दस्त के कारण शरीर का जलीय अंश काफी मात्रा से बाहर निकला
जाता है जिससे निर्जलीकरण की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
40. कला
के मुख्य तत्वों का उल्लेख करें।
उत्तर - कला के तत्व अथवा अंग एक
बुनियादी कारक हैं। ये अंग हैं-रेखा,
रूप, रंग, धरातल, नमूना, प्रकाश और स्थान।
कला के तत्व और कला के सिद्धान्तों का अध्ययन करके मनुष्यों
द्वारा निर्मित वस्तुओं के स्वरूप को जाँचने की योग्यता का विकास होता है। यह
ज्ञान मनुष्य के अन्दर सुन्दरता और केवल फैशन के मध्य अन्तर को समझने की योग्यता
प्रदान करता है। जब नई चीजें प्रकट होती हैं और विचारों में परिवर्तन होता है, उस
समय यहाँ विभेदीकरण का गुण बड़ा मूल्यमान व उपयोगी सिद्ध होता है।
भाग - C (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दें।
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 250 शब्दों में दें। 5x4=20
41. कम कीमत में पौष्टिक
आहार कैसे प्राप्त किया जा सकता है ?
उत्तर - स्थानीय और मौसमी फल-सब्जियों, साबुत अनाज, दालों,
सोयाबीन, अंडे और मौसमी फलों का उपयोग करें।
कम लागत में पौष्टिक आहार प्राप्त करने की प्रमुख
रणनीतियाँ:
1. स्थानीय
और मौसमी खाद्य पदार्थ: मौसमी सब्जियाँ और फल ताज़े, पौष्टिक और सस्ते होते हैं
(जैसे- गर्मियों में लौकी, सर्दियों में पालक/गाजर)।
2. सस्ते
प्रोटीन के स्रोत: मांस/मछली के बजाय दालें, साबुत अनाज, चने, मूंगफली, सोयाबीन और
अंडे का उपयोग करें। ये पौधे-आधारित प्रोटीन स्वास्थ्यवर्धक और किफायती होते हैं।
3. घर
पर पकाया भोजन: बाहर के तैयार या प्रोसेस्ड फूड की तुलना में घर का बना साधारण
भोजन, जैसे खिचड़ी (दाल+चावल) या दाल-रोटी, उत्तम पोषण देता है।
4. साबुत
अनाज और चोकरयुक्त आटा: चोकरयुक्त आटे और साबुत अनाज (जैसे दलिया, ओट्स) में फाइबर
और विटामिन अधिक होते हैं और ये रिफाइंड उत्पादों से सस्ते होते हैं।
5. सावधानीपूर्वक
खरीदारी: थोक में खरीदारी करना (जैसे चावल, दाल, आलू, प्याज) महंगा नहीं पड़ता और
सब्जी बाजार से ताजा सामग्री खरीदना सस्ता पड़ता है।
6. पोषण
संबंधी बुद्धिमत्ता: भोजन पकाते समय सब्जियों को न छीलना, चावल का मांड न फेंकना,
और भोजन को बहुत अधिक न पकाना, ताकि पोषण बना रहे।
7. दूध
और डेयरी: टोन्ड दूध, छाछ और घर का बना दही सस्ते और पौष्टिक विकल्प हैं।
42. प्राकृतिक और उपार्जित
रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में बताइए।
उत्तर- शरीर को रोगों से बचाने के लिए
भिन्न-भिन्न रोगाणुओं से लड़ने के लिए भिन्न-भिन्न प्रतिद्रव्यों की आवश्यकता होती
है। सूक्ष्म जीवाणु एवं रोगाणु शत्रु होते हैं जिनमें ऐसे एन्टीजन या प्रतिद्रव्य उत्पन्न
करने के लिए शरीर की प्रतिरक्षा को बढ़ा देते हैं। रोध क्षमता दो प्रकार की होती है।
(1) प्राकृतिक (जन्मजात)
(2) कृत्रिम या उपार्जित
कृत्रिम या उपार्जित रोध क्षमता को पुनः दो वर्गों में विभाजित
कर सकते हैं।
(a) स्वाभाविक या प्राकृतिक रूप से स्वतः रोग के उपरान्त शरीर
द्वारा अर्जित होती है।
(b) कृत्रिम-टीका लगाकर तथा निवेशन द्वारा अर्जित की जाती है।
हमारे रक्त में श्वेत रक्त कण (W.B.C.) पाये जाते हैं। ये शरीर
में रोगाणु का विरोध करने वाले पदार्थों का निर्माण करते हैं। जब हमारे शरीर में रोग
उत्पन्न करने वाले जीवाणु प्रवेश करते हैं तो जीवाणु रोग प्रतिरोधक तत्व
(Antibod-ies) से लड़ते हैं। यदि किसी कारण शरीर में जीवाणुओं की संख्या एण्टीबॉडी
से ज्यादा हो तो व्यक्ति रोगी बन जाता है। रोग ग्रसित व्यक्ति जब स्वस्थ हो जाता है
तब उसमें उस रोग के प्रति प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न होती है। इस प्रकार अर्जित की गयी
रोग प्रतिरोधक क्षमता को उपार्जित रोग प्रतिरोधक क्षमता कहते हैं।
टीकाकरण द्वारा विभिन्न संक्रामक रोगों की प्रतिरक्षक दवाइयाँ
शरीर में टीके के द्वारा प्रविष्ट करायी जाती हैं। इन दवाइयों से रक्षण अवधि को दीर्घ
काल तक बनाये रखने के लिए बूस्टर खुराक (Booster Dose) भी दी जाती है। इस प्रकार टीकाकरण
द्वारा विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाव किया जाता है; जैसे पोलियो, खसरा, टिटेनस।
43. भविष्य निधि योजना के
बारे में लिखिए।
उत्तर - भविष्य निधि योजना प्राय: सरकारी, अर्द्ध-सरकारी एवं
पंजीकृत संस्थानों के कर्मचारियों के लिए होती है। यह एक अनिवार्य बचत योजना हैं
जिसमें प्रायः कर्मचारी के वेतन का प्रति माह 5% से 8% कटता है तथा इतनी ही धनराशि
प्रति माह सम्बन्धित संस्था अथवा सरकार द्वारा जमा की जाती है। इस प्रकार प्रत्येक
कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में प्रति माह उसके मूल वेतन का कुल 10% से 16% जमा
होता है। इस धनराशि पर निर्धारित दर से ब्याज भी मिलता है तथा आयकर में छूट भी
मिलती है। यह धनराशि ब्याज सहित कर्मचारी को उसका सेवाकाल पूर्ण होने पर मिलती है।
भविष्य निधि खाता डाकघर अथवा बैंक मे भी खोला जाता है।
भविष्य निधि योजना के अन्तर्गत कोष में धन जमा कराने के लाभ
–
1. इसकी
किश्त की अदायगी के लिए अलग से व्यवस्था नहीं करनी पड़ती। इस योजना के अन्तर्गत
वेतन में से प्रतिमाह एक निश्चित धनराशि भविष्य निधि कोष में जमा की जाती है।
2. व्यक्ति
को सेवानिवृत्ति पर बचत की गई राशि का भुगतान ब्याज सहित कर दिया जाता है।
3. व्यक्ति
यदि चाहे तो निश्चित धनराशि से अधिक भविष्य निधि योजना में जमा करवा सकता है।
4. भविष्य
निधि योजना में जमा धनराशि आयकर से मुक्त होती है।
5. भविष्य
निधि कोष में संचित धनराशि पर लगभग 8.65 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से पैसा जमा
होता है।
6. यदि
व्यक्ति को सेवानिवृत्ति से पूर्व धन की आकस्मिक आवश्यकता पड़े तो वह नियमों के
अनुरूप जमा राशि के एवज में ऋण प्राप्त कर सकता है, किन्तु किश्तों में धन पुनः
जमा करवाना पड़ता है।
44. लेबल
क्या होता है? एक अच्छे लेबल में क्या जानकारी मिलती है ?
उत्तर - लेबल (Label) उत्पाद (product) या उसकी पैकेजिंग पर लगा
एक कागज़, प्लास्टिक या धातु का टुकड़ा है। यह उत्पाद की पहचान, नाम, निर्माता,
सामग्री, उपयोग विधि, मूल्य और एक्सपायरी जैसी आवश्यक जानकारी देता है, जो
उपभोक्ता को सही निर्णय लेने में मदद करता है।
एक अच्छे लेबल पर निम्नलिखित जानकारी होनी चाहिए-
(i) उत्पाद का नाम।
(ii) ब्राण्ड का नाम।
(iii) ट्रेड मार्क।
(iv) निर्माता नाम पता/देश।
(v) मानकीकरण ट्रेड (ISI, Agmark, FPO)।
(vi) उसमें निहित सामग्री।
(vii) निर्माण व खराब होने की सम्भावित तिथि।
(viii) बैच नम्बर।
(ix) लाइसेंस नम्बर।
(x) सामान का सही वजन।
(xi) प्रयोग व भण्डारण सम्बन्धी निर्देश।
(xii) आहार उत्पादकों में डाले गये रंग व परीक्षकों का
विवरण।
(xiii) दवा या टॉनिक की मात्रा।
(xiv) चेतावनी यदि कोई हो।
(xv) अधिकतम फुटकर मूल्य।
45. बचत
के महत्व का विस्तार से वर्णन करें।
उत्तर
- बचत करना हमारे जीवन में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और लाभों के साथ आता है, जो हमें
वित्तीय स्थिति में सुरक्षित और स्थिर बनाए रखने में मदद करता है। यहां बचत करने के
महत्व कुछ क्षेत्रों में विस्तार से बताया गया है:
आर्थिक
सुरक्षा: बचत से निर्धारित राशि का निर्माण करना हमें
आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। इससे आने वाले अनपेक्षित खर्चों, महंगाई और आर्थिक
संकटों का सामना करना आसान होता है।
लक्षित
लक्ष्यों की प्राप्ति: बचत करने से हम अपने लक्ष्यों
की प्राप्ति के लिए पैसे जमा कर सकते हैं, जैसे कि घर खरीदना, शिक्षा लाभार्थियों के
लिए पैसे जमा करना, या अपने वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए निवेश करना।
अनपेक्षित
समस्याओं का सामना करना: बचत करना हमें आने वाले निराशाजनक
घटनाओं के लिए तैयार रखता है। इससे अचानकी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना और उनसे
बचना संभव होता है।
निवेश:
बचत से निधि जमा करने का एक तरीका है, जिससे हम विभिन्न निवेश विकल्पों में पैसा लगा
सकते हैं। यह हमें अधिक आय का संभावना प्रदान करता है और समझदारी से पैसा व्यापार करने
की क्षमता प्रदान करता है।
आर्थिक
विकास: बचत करना हमारी आर्थिक विकास में मदद करता है
और हमें आधुनिक जीवनशैली के साथ अधिक संवेदनशील बनाता है। इससे हम अच्छे शिक्षा, स्वास्थ्य
सुविधाएं, और आर्थिक स्थिति प्रदान कर सकते हैं।
आर्थिक
स्वतंत्रता: बचत करने से हम अपनी आर्थिक स्वतंत्रता
प्राप्त कर सकते हैं, जो जीवन को आर्थिक दृष्टि से अधिक स्वतंत्रता और नियंत्रण प्रदान
करता है।
46. आहार चिकित्सा क्या है? रुग्णावस्था में आहार परिवर्तन का
क्या उद्देश्य है ?
उत्तर - एक ऐसी उपचार पद्धति है जिसमें किसी विशेष बीमारी के इलाज,
रोकथाम या इष्टतम स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए मरीज की पोषण संबंधी आवश्यकताओं
के अनुसार उनके दैनिक भोजन में परिवर्तन किया जाता है। यह एक चिकित्सक द्वारा
निर्धारित आहार योजना है, जो चयापचय और शारीरिक स्थिति को बेहतर बनाने पर केंद्रित
है।
रुग्णावस्था (बीमारी) में आहार परिवर्तन के मुख्य उद्देश्य:
1. स्वास्थ्य
बनाए रखना: रोगी में पोषण की कमी को पूरा करना और शारीरिक क्षमता बनाए रखना।
2. बीमारी
का उपचार: रोग की गंभीरता को कम करना और तेजी से रिकवरी (जैसे सर्जरी या गंभीर रोग
के बाद) में मदद करना।
3. पाचन
तंत्र को आराम: शरीर को आसान पाचन वाला भोजन देकर प्रभावित अंगों को आराम देना।
4. शरीर
का वजन प्रबंधन: स्थिति के अनुसार, आवश्यक वजन में कमी या बढ़ोतरी को प्रबंधित
करना।
5. पोषक
तत्वों का संतुलन: शरीर की विशेष चयापचय आवश्यकताओं के अनुसार प्रोटीन, कैलोरी,
वसा या सोडियम को नियंत्रित करना।
47. घर पर होने वाले खाद्य
स्वच्छता के नियमों का वर्णन करें।
उत्तर - खाद्य पदार्थों को स्वच्छ रखना मानव की तीन मूलभूत
आवश्यकताएँ होती हैं- भोजन, कपड़ा और मका इनमें से भोजन एक अति महत्त्वपूर्ण
आवश्यकता है। इसके बिना व्यक्ति जीवित नहीं रह सकता। भोजन के द्वारा ही व्यक्ति को
शक्ति व ऊर्जा मिलती है जिससे वह कठिन से कठिन कार्यों को आसानी से कर लेता है।
भोजन के माध्यम से ही व्यक्ति को सभी पौष्टिक तत्व उचित मात्रा में मिलते हैं
जिससे उसके शरीर की रोगों से रक्षा होती है। यदि भोजन दूषित व अस्वच्छ होगा तो
व्यक्ति अनेक रोगों का शिकार होकर कमजोर हो जायेगा। अतः यह अति आवश्यक है कि भोजन
व खाद्य पदार्थों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाये।
खाद्य पदार्थों को स्वच्छ रखने के लिए निम्नलिखित बातों को
ध्यान में रखना चाहिए
(1) भोज्य पदार्थ को ढककर रखें: भोज्य पदार्थों को हमेशा
ढककर रखना चाहिए। खुले हुए भोज्य पदार्थ पर मक्खी-मच्छर बैठकर उसे दूषित कर देते
हैं साथ ही धूल व मिट्टी के कण खुले भोज्य पदार्थ में मिलकर उसे दूषित कर देते
हैं।
(2) स्वच्छ स्थान पर रखेंः जिस स्थान पर भोज्य पदार्थों को
रखना है वह स्थान स्वच्छ व साफ होना चाहिए अन्यथा उस स्थान की गन्दगी भोजन में
पहुँचकर उसे दूषित कर देती है।
(3) ताजे फल व सब्जियाँ का प्रयोग करें: बाजार से हमेशा
ताजे फल व सब्जियाँ को ही खरीदना चाहिए। अत्यधिक पके फल व सब्जियाँ संक्रमित व
दूषित हो सकते हैं। उन्हें भोज्य पदार्थों में शामिल नहीं करना चाहिए।
(4) बर्तन साफ व स्वच्छ रखेंः भोजन पकाने व परोसने के बर्तन
साफ व स्वच्छ रखने चाहिए जिससे किसी भी प्रकार की अस्वच्छता का भय न रहे।
(5) रसोई बनाने वाला व्यक्ति स्वस्थ होः सर्दी, जुकाम, क्षय
रोग या कोई चर्म रोग वाले व्यक्ति से न तो भोजन पकवाना चाहिए और न ही भोजन
परोसवाना चाहिए, क्योंकि खाँसते व छींकते समय जीवाणु भोजन में प्रवेश कर जाते हैं
और भोजन को दूषित कर देते हैं।
(6) बाल व नाखून कटे हों: जो व्यक्ति भोजन पका रहा है उसके
बाल व नाखून कटे होने चाहिए, साथ ही उसके वस्त्र साफ होने चाहिए।
(7) धूम्रपान न करें: धूम्रपान करने वाले व्यक्ति से कभी भी
भोजन नहीं पकवाना चाहिए और न ही परोसवाना चाहिए।
(8) कूड़ेदान की सफाई-घर के कूड़ेः करकट को ढक्कन वाले
कूड़ेदान में डालें तथा कूड़ेदान की भी नियमित सफाई करें।
(9) नेपकिन, झाड़न को साफ रखें: रसोई के कार्य में प्रयुक्त
किये जाने वाले कपड़े नेपकिन, झाड़न आदि को साबुन से धोकर धूप में सुखाकर उपयोग
में लाना चाहिए।
(10) आवश्यकतानुसार भोजन बनायेंः पारिवारिक सदस्यों की
आवश्यकतानुसार ही भोजन पकाना चाहिए अन्यथा भोजन खराब हो जाता है। अधिक दिनों तक
फ्रिज में रखे भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि उपर्युक्त बातों को ध्यान में
रखा जाये तो भोज्य पदार्थों को स्वच्छ व कीटाणुरहित रखा जा सकता है।
48. समेकित बाल विकास परियोजना
(I..D.S.) से आपका आशय क्या है ? इसके मुख्य उद्देश्य क्या हैं ?
उत्तर - समेकित बाल विकास परियोजना (ICDS - Integrated Child
Development Services) भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 1975 को शुरू किया गया एक
प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य 0-6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और
स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और विकास की स्थिति में सुधार करना
है। यह आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और
पूर्व-विद्यालय शिक्षा जैसी सेवाएं प्रदान करता है।
ICDS के मुख्य उद्देश्य:
1. पोषण
और स्वास्थ्य में सुधार: 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने
वाली महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण के स्तर को बेहतर बनाना।
2. मृत्यु
दर और कुपोषण को कम करना: बाल मृत्यु दर, रुग्णता (बीमारी), कुपोषण और स्कूल
छोड़ने की दर को कम करना।
3. शारीरिक
और मानसिक विकास: बच्चों के उचित मनोवैज्ञानिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए
आधार तैयार करना।
4. मातृ
शिक्षा और क्षमता: माताओं की अपने बच्चे की सामान्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी
आवश्यकताओं की देखभाल करने की क्षमता को बढ़ाना।
5. विभागों
में समन्वय: बाल विकास से संबंधित विभिन्न विभागों के बीच नीति और कार्यान्वयन में
प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना।
