झारखंड अधिविद्य परिषद् शिक्षक-कर्मचारी कल्याण कोष नियमावली

झारखंड अधिविद्य परिषद् शिक्षक-कर्मचारी कल्याण कोष नियमावली

झारखंड अधिविद्य परिषद् शिक्षक-कर्मचारी कल्याण कोष नियमावली

झारखण्ड अधिविद्य परिषद्, राँची

JHARKHAND ACADEMIC COUNCIL, RANCHI

आदेश

JAC/Part/file/लेखा/74/05-5012/14 

दिनांक - 11.10.14

झारखण्ड अधिविद्य परिषद् की 40वीं बैठक दिनांक 27.04.2012 एवं 58वीं बैठक दिनांक 05.07.2014 में लिए गए निर्णय के आलोक में झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष का निम्नवत् गठन किया जाता है:-

1. यह "झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष के नाम से जाना जायेगा।

2 प्रभाव क्षेत्र - झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष के प्रभाव क्षेत्र में झारखण्ड राज्य में अवस्थित राज्य सरकार/झारखण्ड अधिविद्य परिषद् से मान्यता प्राप्त / प्रस्वीकृत सभी उच्च विद्यालय, +2 विद्यालय / इंटरमीडिएट महाविद्यालय / संस्कृत उच्च विद्यालय एवं मदरसा जिसमें फोकानियाँ या उससे ऊपर की कक्षाएं संचालित हों, के शिक्षक / कर्मचारी तथा झारखण्ड अधिविद्य परिषद् के पदाधिकारी/कर्मचारी (दैनिक कर्मी सहित) आएँगे।

2.1 किन्तु इस कोष से वैसे शिक्षक लाभांवित नहीं हो सकेंगे जिनका नाम परिषद् द्वारा काली सूची में दर्ज किया गया है. किन्तु यह मात्र काली सूची की अवधि तक ही प्रभावी होगी।

3. इंटर महाविद्यालय / संस्कृत विद्यालय / मदरसों के यथोक्त' शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए यह दिनांक 01.04.2015 से प्रभावी होगा। किन्तु अन्य मामलो में आदेश निर्गत की तिथि से प्रभावी होगा।

4. "झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष" का एक खाता सचिव एवं संयुक्त सचिव (परिषद् स्थापना) के संयुक्त हस्ताक्षर से राष्ट्रीयकृत बैंक में खोला जायेगा। उक्त खाता में माध्यमिक परीक्षा / इन्टरमीडिएट परीक्षा / इंटरमीडिट व्यावसायिक परीक्षा / मध्यमा परीक्षा एवं मदरसा के फोकानियाँ तथा इससे उच्चत्तर परीक्षा के उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में संलग्न सभी कर्मियों के पारिश्रमिक / मानदेय की देय राशि का 5% राशि इस कोष में जमा किया जायेगा। अलावे यदि कोई दानदाता, स्वेच्छा से इस कोष में राशि जमा करते हैं तो उसे भी रसीद निर्गत कर उक्त राशि को इस कोष में जमा की जा सकेगी।

4.1 अध्यक्ष, झारखण्ड अधिविद्य परिषद् के आदेश से मूल्यांकन कार्य में संलग्न कर्मियों के 'पारिश्रमिक / मानदेय से यथोक्त कोष में प्राप्त राशि के सम्तुल्य राशि झारखण्ड अधिविद्य परिषद् कोष से उसी वित्तीय वर्ष में जमा की जायेगी।

5. "झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष" के लेखा का विवरण परिषद् के लेखा शाखा द्वारा संचारित किया जायेगा एवं उसका सत्यापन परिषद् के वित्त पदाधिकारी के द्वारा नियमित रूप से कराया जाना अनिवार्य होगा।

6. "झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष से अनुदान की स्वीकृति हेतु अनुशंसा करने के निमित सचिव, झारखण्ड अधिविद्य परिषद् की अध्यक्षता में निम्नवत् एकः "कल्याण कोष समिति" होगी :-

(क) सचिव, झारखण्ड अधिविद्य परिषद् - अध्यक्ष

(ख) संयुक्त सचिव (प्रभारी परिषद् स्थापना) - सदस्य

(ग) वित्त पदाधिकारी, झारखण्ड अधिविद्य परिषद् - सदस्य

(घ) दो शिक्षक-प्रतिनिधि जिनका मनोनयन

अध्यक्ष, झारखण्ड अधिविद्य परिषद् द्वारा किया जायेगा - सदस्य

6.1 अध्यक्ष द्वारा मनोनित सदस्यों का कार्यकाल मात्र एक वर्ष का होगा।

कल्याण कोष समिति की बैठक समान्यतः प्रत्येक तीन, माह पर एक बार होगी जिसमें प्राप्त आवेदनों पर विचार किया जायेगा। समिति के अध्यक्ष विशेष परिस्थिति में 24 घंटे की अल्प सूचना पर भी बैठक आहूत कर सकते हैं. साथ ही किसी भी बैठक में आवश्यकतानुसार अन्य शिक्षक प्रतिनिधि/अन्य को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भाग लेने हेतु आमंत्रित कर सकते हैं किन्तु ऐसे आमंत्रित सदस्य को मत का अधिकार नहीं होगा।

7 झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष से लाभान्वित होनेवाले लाभुकों की अर्हता :-

7.1 ऐसे शिक्षक/कर्मी जो गुर्दा (किडनी), हृदय रोग (हार्ट डिजीज), यकृत (लिवर), कैंसर, Retina detachment एवं मस्तिष्क (ट्युमर, ब्लड क्लोटिंग इत्यादि) रोग से गंभीर रूप से पीड़ित हो अवा परीक्षा कार्य से आने-जाने के क्रम में गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गया हो, सहायता राशि प्राप्ति के लिए योग्य समझे जायेगे।

7.2 इस निमित्त आवेदन के साथ संबंधित जिला के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी-सह-असैनिक शल्य चिकित्सक का प्रमाण-पत्र अथवा अन्य मामलों में (क) क्रिश्चन मेडिकल कॉलेज, भेल्लोर, (ख) पी०जी०आई० चण्डीगढ़ (ग) एस०जी०पी०जी०आई० लखनऊ ! (घ) टी०एम०एच०. मुम्बई (च) शंकर नेत्रालय, चेन्नई (छ) एल०बी० प्रसाद नेत्र चिकित्सा संस्थान, हैदराबाद (ज) मेहरबाई टाटा मेमोरियल अस्पताल, जमशेदपुर एवं (अ) बिड़ला हार्ट रिसर्च सेन्टर, कोलकाता द्वारा दिया गयां प्रमाण-पत्र भी स्वीकार्य होगा।

7.3 परिषद् के परीक्षा / मूल्यांकन कार्य में संलग्न शिक्षक/कर्मी की आकस्मिक दुर्घटना में भी अनुदानं स्वीकृत किया जा सकेगा, किन्तु उसकी अधिकतम राशि 1.5 लाख रू० एक मुश्त होगी।

8. झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष से सहायता राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष से अनुदान / सहायता राशि प्राप्त करने के लिए विहित प्रपत्र में आवेदन प्राप्त किया जाएगा, जो उनके प्राचार्य / प्रधानाध्यापक द्वारा अनुशंसित एवं नियंत्री पदाधिकारी (जिला शिक्षा पदाधिकारी)' के द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित होगा, किन्तु परिषद् कर्मियों के मामले में मात्र सचिव, झारखण्ड अधिविद्य परिषद् की अनुशंसा वांछित होगी। आवेदन प्रपन्न अनुलग्नक "क के रूप में संलग्न है।

8.1 "कल्याण कोष समिति प्राप्त सभी आवेदनों पर अपनी बैठक में विचार करेगी एवं गुण-दोष के आधार पर सहायता/अनुदान राशि का निर्धारण कर उसकी विमुक्ति हेतु अध्यक्ष, झारखण्ड अधिविद्य परिषद् से अनुशंसा करेगी।

8.2 किसी भी शिक्षक / कर्मी को एक बार अनुदान दिये जाने पर अगले पाँच वर्षों तक दूसरा अनुदान नहीं दिया जायेगा, परन्तु किसी उल्लिखित रोग के लिए अनुदान प्राप्त करने के बाद यदि वह परीक्षा कार्य के लिए गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तो विशेष परिस्थिति में निर्धारित अवधि के पूर्व भी उनके आवेदन पर विचार किया जा सकता है।

8.3 ऊपर दर्शाये गये रोगों से गंभीर रूप से ग्रसित व्यक्ति को अधिकतम 1.50 लाख रू० की राशि स्वीकृति की जा सकेगी।

9. अनुदान वितरण की कुल राशि उस वर्ष विभिन्न स्रोतों से कोष में प्राप्त राशि का 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

10. स्वीकृति अनुदान की राशि का भुगतान एकांउट पेय चेक के माध्यम से किया जायेगा परन्तु विशेष परिस्थिति में अधिकतम पाँच हजार राशि का भुगतान बियरर चेक के द्वारा अध्यक्ष, झारखण्ड अधिविद्य परिषद् के अनुमोदनोपरांत किया जायेगा।

11. झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कल्याण कोष के संबंध में पूर्व निर्गत सारे आदेश / निदेश निरस्त समे जायेंगे।

झारखण्ड अधिविध परिषद् राँची

कार्यलय आदेश

JAC/Part file-II/लेखा स्था०/74/05-3534/23 

दिनांक - 25.11.23

झारखण्ड अधिविध परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष के अन्तर्गत परिषद् के शिक्षक कर्मचारी तथा परिषद् पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के असाध्य रोगों एवं आकास्मिक दुर्घटना ग्रस्तों को बेहतर चिकित्सा सहायता/अनुदान उपल्बध कराने हेतु परिषद् के आदेश ज्ञापांक 6012/14 दिनांक 11.10.2014 द्वारा निर्धारित प्रक्रिया में कतिपय संशोधन हेतु परिषद् की 92 वीं बैठक दिनांक 30.11.2022 को लिए गये निर्णय के आलोक में गठित समिति की अनुशंसा प्रतिवेदन के आलोक में परिषद् शिक्षक कर्मचारियों को कल्याण कोष से अच्छादित करने की स्वीकृति निम्नरूपेण प्रदान की जाती है:-

(i) झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष के प्रभाव क्षेत्र के अन्तर्गत शिक्षक एवं कर्मचारी सम्मिलित है. इसके अतिरिक्त उक्त कोष से संबंधित शिक्षक / कर्मियों के परिवार के आश्रित सदस्यों, जिनमें उनके पति/पत्नी, पुत्र (25 वर्ष की आयु तक बशर्ते बेरोजगार हो), अविवाहित पुत्री, नाबालिग भाई एवं अविवाहित बहन एवं आश्रित माता-पिता को सम्मिलित करते हुए सहायता/अनुदान राशि का लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

(ii) अधिकतम अनुदान सीमा अधिकतम अनुदान सीमा निर्धारण वर्ष 2014 में की गई है. समय अंतराल एवं महंगाई को मद्देनजर रखते हुए असाध्य गंभीर बीमारी एवं लघु चिकित्सा हेतु वर्तमान में अधिकतम अनुदान सीमा 150000 रू० (एक लाख पचास हजार रूपये मात्र) से बढ़ाकर सम्यक विचारोपरान्त इसकी अधिकतम सीमा 300000 रू० (तीन लाख रूपये मात्र) के रूप में स्वीकृत की जासकेगी।

(iii) अनुदान प्राप्ति के समय सीमा की बाध्यता किसी भी शिक्षक/कर्मचारी को एक बार अनुदान प्राप्ति करने के बाद अगले 5 वर्ष तक दूसरा अनुदान नहीं दिये जाने का प्रावधान को संशोधित कर समय सीमा 5 वर्ष से घटा कर 2 वर्ष किये जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही अनुदान के लिए परिषद् के द्वारा आयोजित परीक्षा एवं मुल्यांकन कार्य की बाध्यता को समाप्त कर किसी भी समय आकस्मिक दुर्घटना घटने की स्थिति में अनुदान स्वीकृत किया जा सकेगा।

(iv) कोविड महामारी एवं लकवाग्रस्त के लिए अनुदान- कोविड महामारी एवं लकवा से पीड़ितों को राज्य सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है। अतः इसे गंभीर रोग की श्रेणी में रखकर अनुदान स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है। असाध्य रोगों के अतिरिक्त बीमारियों के उपचार हेतु सहायता प्राप्ति के अभ्यावेदनों के आधार पर कल्याण कोष समिति का निर्णय अन्तिम होगा।

(v) परिषद् कर्मियों से कोष के लिये योगदान मूल्यांकन कार्य में संलग्न सभी शिक्षक के परिश्रमिक/मानदेय की देय राशि से 5% कटौती की जाती थी। इस राशि से उक्त शिक्षक मात्र को अनुदान पुर्व से ही उपल्बध कराया जाता था जो शिक्षक कल्याण कोष के नाम से जाना जाता था। परिषद् कर्मियों को यह सुविधा देय नहीं थी। परिषद् के पदाधिकारी/कर्मचारी को कल्याण कोष में सम्मिलित करने के उद्देश्य से झारखण्ड अधिविद्य परिषद् द्वारा परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष का गठन किया गया जिसमें परिषद् पदाधिकारियों/कर्मचारियों को उक्त कोष से अनुदान का लाभदिये जाने हेतु मूल्यांकन कार्य में संलग्न कर्मियों के परिश्रमिक से यथोक्त कोष में प्राप्त राशि परिषद कोष से उसी वित्तीय वर्ष में सहयोग राशि के रूप में जमा किया जाता है ताकि परिषद् के पदाधिकारी/कर्मचारी को इसका लाभ प्राप्त हो।

(vi) प्रमाणकों की मान्यता आयुष्मान भारत योजना के द्वारा 1408 बीमारियों के अतिरिक्त असाध्य रोगों के उपचार की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना में स्वास्थय विभाग की सूची की मान्यता है। अतएव सरकारी अस्पताल, स्वास्थय विभाग द्वारा सूचीबद्ध अस्पताल के अलावे रजिस्टर्ड (पंजीकृत) नर्सिंग होम, अस्पताल, पंजीकृत MBBS चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणक के साथ आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों के प्रमाणक परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष में अनुदान स्वीकृति हेतु मान्य होगा।

पूर्व में निर्गत सम्बधित आदेश इस हद तक संशोधित समझे जाऐगें।

पत्रांक/JAC/लेखा स्था०/74/05-3164/25 

दिनांक - 17.12.25

प्रेषक,

       सचिव,

झारखण्ड अधिविद्य परिषद्, राँची।

सेवा में,

        सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी, झारखण्ड ।

विषय : झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक / कर्मचारी कल्याण कोष से अनुदान आवेदनों की अनुशंसा पर तत्काल कार्रवाई करने के सम्बन्ध में।

प्रसंग: परिषद् कार्यालय आदेश ज्ञापांक 5012/14 दिनांक 11.10.2014 सं 3534/23 दिनांक 25.11.2023

महाशय,

उपर्युक्त विषयक परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष से चिकित्सा सहायता/अनुदान हेतु निर्गत एवं प्रसंगाधीन कार्यालय आदेश के द्वारा "झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक-कर्मचारी कल्याण कोष' का गठन किया गया है, की प्रति संलग्न कर निदेशानुसार कहना है कि इसके द्वारा शिक्षक-कर्मचारी के असाध्य रोगों एवं आकस्मिक दुघर्टना ग्रस्तों को चिकित्सा सहायता / अनुदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। यह भी निर्णय लिया गया है कि 02 (दो) वर्षों के अन्दर के मामले पर ही अनुदान स्वीकृति हेतु कल्याण कोष समिति की बैठक में विचार किया जाएगा।

विभिन्न कर्मचारी संगठनों के द्वारा परिषद् के संज्ञान में लाया गया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में विद्यालय / इन्टरमीडियट कालेजों के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों के लिए अनुशंसा करने में काफी विलम्ब हो रही है। इसके कारण सम्बन्धित लाभार्थियों को विशेषकर चिकित्सा उपचार के लिए काफी कठिनाई हो रही है।

अतः अनुरोध है कि आपके कार्यालय में परिषद् शिक्षक-कर्मचारी कल्याण कोष से अनुदान प्राप्ति हेतु सभी अनुदान आवेदनों पर नियमानुसार समीक्षोपरान्त अपनी अनुशंसा अविलम्ब परिषद् कार्यालय को भेजना सुनिश्चित किया जाय। जिससे ससमय विचारोपरान्त आवेदकों को चिकित्सा सहायता / अनुदान अपलब्ध करायी जा सके।

अनुलग्न : यथोक्त ।

प्रपत्र क

झारखण्ड अधिविद्य परिषद् शिक्षक कर्मचारी कल्याण कोष से अनुदान प्राप्ति हेतु आवेदन प्रपत्र


(क) आवेदक का नाम : …………………

(ख) पिता/पति का नाम : ………………

(ग) स्थायी पता :…………………………………

(घ) पत्राचार का पता :……………………………

मोबाइल नं० : ………………

(ङ) वर्तमान पदस्थापन का स्थान एवं पदनाम ……

(च) आवेदक का जन्म तिथि : ………………………

(छ) आवेदक का नियुक्ति तिथि : …………………

(ज) अनुदान प्राप्ति का आधार :……………………

(झ) किस रोग से पीड़ित है :…………………………

(ञ) कब से पीड़ित है :…………………………………

(ट) कहाँ-कहाँ इलाज हुआ है :………………………

(ठ) बैंक खाता विवरण :

(आई०एफ०एस०सी० कोड, शाखा का नाम सहित)

…………………………………

प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त सूचनाएँ सही है। यदि भविष्य में उपर्युक्त सूचनाओं में से कोई भी गलत पाया जाता है तो मेरे विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई प्रारम्भ की जा सकती है।

अनुशंसा (Recommendation):

अनुशंसा करने वाले पदाधिकारी का स्पष्ट अनुशंसा जिसमें यह उल्लेख हो कि वे उन्हें व्यक्तिगत रुप से जानते हैं और किस तिथि से किस तिथि तक बीमार हैं।

आवेदक का हस्ताक्षर : …………………

अनुलग्नकः- बीमारी की पुष्टि के लिए मेडिकल प्रमाण-पत्र संलग्न किया जा रहा है।

- आधार कार्ड की प्रति

प्रधानाध्यापक का हस्ताक्षर एवं मुहर

(अनुशंसा करने वाले प्रधानाध्यापक प्रतिहस्ताक्षरित)

जिला शिक्षा पदाधिकारी / सचिव (JAC)

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