शिक्षा विभाग ने चुपके से स्कूल का समय आधा घंटा बढ़ाया !
सरकारी स्कूलों में बुधवार से नया सत्र शुरू हुआ। स्कूल सुबह सात बजे से एक बजे तक निर्धारित है, लेकिन ई-विद्यावाहिनी के स्कूल इन व आउट के समय ने शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। शिक्षकों को शाम में ई-विद्यावाहिनी से सिस्टम जेनरेटेड रिपोर्ट मिली तो स्कूल का समय सुबह 6.45 बजे से दोपहर 1.15 बजे लिखा था। ऐसे में यह बात बुधवार को शिक्षकों के बीच तेजी से फैली कि स्कूल के समय को स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने आधा घंटा बढ़ा दिया है।
शिक्षकों ने एक-दूसरे को व्हाट्सअप पर मैसेज करना शुरू कर दिया कि स्कूल की टाइमिंग 6.45 बजे से 1.15 बजे तक हो गई है। सभी लोग चेक कर लीजिए। इसके बाद शिक्षकों ने मोबाइल पर ऑनलाइन चेक करना शुरू कर दिया। शिक्षकों का कहना है कि विभाग से अधिकृत रूप से सूचना नहीं मिलने के कारण शिक्षकों की इंट्री विलंब से दर्ज हो रही है। विभाग को इस मामले में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। आखिर चुपके से आधा घंटा क्यों बढ़ा गया। विभागीय अधिकारी स्थिति स्पष्ट करें।
📢 eVV पोर्टल पर विद्यालय संचालन की नई समय-सारणी लागू
• शिक्षा विभाग द्वारा eVV (Electronic Vidyalaya Verification) पोर्टल में एक महत्वपूर्ण अपडेट किया गया है। अब विद्यालय संचालन की नई समय-सारणी प्रातः 6:45 बजे से लेकर दोपहर 1:15 बजे तक निर्धारित कर दी गई है।
• इस नए अपडेट के अनुसार अब शिक्षकों एवं विद्यालय कर्मियों की उपस्थिति और प्रस्थान समय को बहुत ही सख्ती से मॉनिटर किया जा रहा है।
⏰ उपस्थिति (Attendance) से जुड़ा नया नियम
• यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी सुबह 6:45 बजे के बाद अपनी उपस्थिति दर्ज करता है, तो उसे eVV पोर्टल में “Late Coming” के रूप में दर्ज किया जा रहा है।
• इसी तरह, यदि कोई व्यक्ति दोपहर 1:15 बजे से पहले विद्यालय छोड़ता है, तो उसे “Early Exit” के रूप में मार्क किया जा रहा है।
⚠️ क्या है इसका मतलब?
• इस बदलाव का उद्देश्य विद्यालयों में समय की पाबंदी को सुनिश्चित करना है।
• अब उपस्थिति प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो गई है, जिससे किसी भी प्रकार की लापरवाही तुरंत रिकॉर्ड हो जाती है।
📱 अपनी उपस्थिति जरूर जांचें
• सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे eVV पोर्टल या संबंधित ऐप पर जाकर अपनी आज की उपस्थिति (Attendance) जरूर चेक करें, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि:
• आपकी एंट्री सही समय पर दर्ज हुई है
• कहीं आपको गलती से “Late” या “Early Exit” तो नहीं दिखाया गया
❗ महत्वपूर्ण सूचना
👉 यह कोई मज़ाक या April Fool नहीं है, बल्कि एक वास्तविक और लागू किया गया अपडेट है।
👉 इसलिए सभी संबंधित लोग इसे गंभीरता से लें और समय पर विद्यालय पहुंचना व निर्धारित समय तक रुकना सुनिश्चित करें।
विषयवार पाठ्य-योजना तैयार नहीं करने वाले शिक्षकों का रुकेगा वेतन
सरकारी विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बुधवार से हो रही है। नए शैक्षणिक सत्र के लिए सभी शिक्षकों को विषयवार पाठ्य योजना तैयार करना है। पाठ्य योजना तैयार नहीं करनेवाले शिक्षकों या पारा शिक्षकों का मई माह का तक का वेतन, मानदेय रुका रहेगा। झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक शशि रंजन ने इसे लेकर सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला शिक्षा अधीक्षकों को निर्देश जारी किया है। नए शैक्षणिक सत्र के पहले दो माह अप्रैल और मई में विद्यालयों में आधारभूत आरंभिक कक्षाओं के आयोजन के भी निर्देश दिए हैं।
जारी दिशानिर्देश के अनुसार सभी शिक्षक विषयवार पाठ्य-योजना बनाकर प्रधानाध्यापक या जिला शिक्षा पदाधिकारी से हस्ताक्षरित कराकर लागू करेंगे। आधारभूत आरंभिक कक्षाओं के संबंध में कहा गया है कि प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान के आधार पर सभी विषयों का शिक्षण अधिगम स्तर का आकलन कर बच्चों की ग्रेडिंग ए, बी, सी, डी के रूप में चार अप्रैल तक किया जाएगा। विद्यार्थियों के भाषा विषय जैसे, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत एवं उर्दू विषय के अक्षर ज्ञान, व्याकरण एवं पढ़ने-लिखने संबंधी पूर्व के ज्ञान का आकलन किया जाएगा। पूर्व कक्षा के न्यूनतम अधिगम स्तर के आधार पर प्रारंभिक आकलन कर छात्रों को समूह में वर्गीकृत करते हुए प्रतिदिन सभी विषयों की एक घंटी की कक्षा का नियमित संचालन तथा हर विषय की कक्षा का निरंतर संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बाद सीबीएसई या जैक के अनुरूप समय सारिणी एवं पठन-पाठन के लिए कक्षावार समय सारिणी तैयार कर उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
