झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (सामाजिक अध्ययन) सॉल्व्ड पेपर-II (VI-VIII)- 2012 & 2016

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (सामाजिक अध्ययन) सॉल्व्ड पेपर-II (VI-VIII)- 2012 & 2016
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (सामाजिक अध्ययन) सॉल्व्ड पेपर-II (VI-VIII)- 2012 & 2016
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (सामाजिक अध्ययन) सॉल्व्ड पेपर-II (VI-VIII)-2012 हिन्दी प्रश्न संख्या 1-2 के लिए निर्देशः निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़े एवं नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर दें। ऊँचे शिखरों से उतर उतर, गिर गिर गिरी के चट्टानों पर, कंकर-कंकर पैदल चलकर, दिनभर, रजनीभर जीवनभर। धोता वसुधा का अंतस्थल, यह लघु सरिता का बहता जल। मिला है इसको जब पथ पर, पथ रोके खड़ा कठिन पत्थर। आकुल, अतुर, दुःख से कतार, सिर पटक-पटक कर रो-रोकर। करता है कितना कोलाहल, यह लघु सरिता का बहता जल। 1. इस कविता के द्वारा कवि मनुष्य को क्या संदेश देता है? (a) मुश्किलों से मुँह मोड़ लेना। (b) मुश्किलों से भागना (c) मुश्किलों को सामना करते हुए आगे बढ़ना (d) मुश्किलों को समझना 2. 'वसुधा' का पर्यायवाची शब्द है- (a) वसुन्धरा (b) नीरज (c) गिरी (d) भावना 3. गिरीश शब्द का संधि विच्छेद है- (a) गिरि+श (b) गिरी+श (c) गिरि+ईश (d) गिरी+इश 4. समास के कितने भेद है?