Summary (सारांश)
About the Poet
John
Donne was representative of the metaphysical poets of his time. He set the
metaphysical mode by vibrancy of language and startling imagery, and a
preference for a diction modelled on direct utterances. He was brought up as a
Roman Catholic (later he converted to Anglicanism), and was Dean of St. Paul's
Church till his death.
The
total effect of a metaphysical poem at its best is to startle the reader into
seeing and knowing what he has not really noticed or thought John Donne about
before. Like all Donne's poetry this poem too reflects an empha- (1012-1011)
sis on the intellect and wit as against feeling and emotion.
कवि
के बारे में-
जॉन
डन अपने समय के Metaphysical कवियों का प्रतिनिधि कवि था। उसने अपनी भाषा की झनझनाहट
और आश्चर्यजनक छवियों द्वारा Metaphysical पद्धतियों को स्थापित किया और सीधे संवाद
पर आधारित शब्दों और वाक्यों के उपयोग की प्राथमिकता को लोकप्रिय बनाया। उसका पालन-पोषण
रोमन कैथोलिक ईसाई के रूप में (जो बाद में ऐंग्लिकन ईसाई के रूप में परिवर्तित हो गया)
हुआ तथा वह अपनी मृत्यु पर्यन्त सैन्ट पाल चर्च का प्रमुख रहा। Metaphysical कविता
का प्रमुख उद्देश्य इसके सर्वश्रेष्ठ रूप में पाठक में देखने और जानने के लिए आश्चयर्जनक
जिज्ञासा उत्पन्न करना है जो उसने कभी महसूस की ही नहीं है अथवा जिसके बारे उसने पहले
कभी सोचा ही नहीं है। डन के सम्पूर्ण काव्य की तरह इस कविता में भी डन भावना और भावुकता
के विरुद्ध अपनी बुद्धि और बुद्धिमानी को प्रतिबिम्बित करता है।
About the Poem-
The
poem A Lecture Upon the Shadow' by John Donne is a metaphysical poem.
Metaphysical is a term in which a reader does not see the deep thoughts of the
poet. In the present poem also, the reader is overwhelmed when the poet gives
different images of the poem. He presents love in three stages. They are
morning, noon and evening. Morning is the stage of a initial love and when the
sun develops the shadows begin to grow shorter and at noon, there are no
shadow. This is the highest point of love but then, love begins to decline and
shadows again begin to be longer and finally at the evening, there are no
shadows. It means love has come to an end.
कविता
के बारे में-
जॉन
डन द्वारा लिखित कविता 'A Lecture Upon the Shadow' एक Metaphysical कविता है।
Metaphysical वह शब्द है जिसमें पाठक कवि की गहन भावनाओं को नहीं देख पाता है। प्रस्तुत
कविता में भी पाठक भाव विभोर हो जाता है जब कवि कविता में विभिन्न छवियाँ प्रस्तुत
करता है। वह प्रेम को तीन श्रेणियों में प्रस्तुत करता है। वे हैं-प्रभात, दोपहर तथा
संध्या। प्रभात प्रारम्भिक प्रेम की अवस्था है और जब सूर्य चढ़ता है तो परछाइयाँ छोटी
होने लगती हैं और दोपहर में कोई परछाई नहीं होती है। यह प्रेम का सर्वोच्च बिन्दु होता
है लेकिन उसके बाद प्रेम कमजोर पड़ने लगता है और परछाइयाँ फिर से बड़ी होने लगती हैं
और अन्त में शाम को कोई परछाई नहीं होती है। इसका अर्थ है कि प्रेम समाप्त हो गया है।
कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद
Stand
still...............reduc'd. (Page 91)
कठिन
शब्दार्थ-still (स्टिल) = quiet or calm, शान्त। lecture (लेक्च()) = a serious
talk, भाषण, व्याख्यान । philosophy (फ लॉसफि) = ideas of life, दर्शन शास्त्र ।
shadows (शैडोज्) = a dark shape on a surface, reflection, छाया, परछाई ।
Produc'd (प्रड्यूस्ड) = to grow or to make, उत्पन्न करना । Sunne ('Sun' in
modern English) (सन्) = shining star in the sky, सूर्य । tread (ट्रेड्) = a way
of walking, चलने का तरीका, पैर रखना । clearnesse (क्लिअ(र)नैस) = easy to see, स्पष्ट,
साफ। reduc'd (रिड्यूस्ड) = to make less, पहले से कम करना।
हिन्दी
अनुवाद-(कवि एक बगीचे में अपनी प्रेमिका के साथ घूम रहा है और अपनी प्रेमिका से कहता
है) तुम शान्त खड़ी रहो और मैं तुम्हें प्रेम के दर्शन शास्त्र के बारे में एक व्याख्यान
देना चाहता हूँ। (मैं बताना चाहता हूँ कि प्रेम क्या है।) हम साथ-साथ पिछले तीन घंटे
से घूम रहे हैं और इस समय में हमारे साथ-साथ दो परछाइयाँ भी घूम रही हैं (एक परछाई
कवि की है और एक परछाई प्रेमिका की है) जिन्हें हमने ही उत्पन्न किया है। लेकिन अब
सूर्य हमारे सिर के ऊपर (आ गया) है और हमने उन परछाइयों को पूरी तरह से कुचल दिया है।
अब (हमारे बीच) सब कुछ स्पष्ट है और परछाइयाँ बहुत छोटी हो गई हैं।
So
whilst our .................other way. (Pages 91-92)
कठिन
शब्दार्थ-whilst (वाइल्स्ट् ) = during which, इस दौरान। infant (इन्फन्ट्) =
initial, a baby or a very young child, प्रारम्भ, शिशु । grow (ग्रो) = to
develop, बड़ा अथवा विकसित होना। disguises (डिस्गाइज्ज्) = to change the
appearance, आकृति अथवा वेष बदल लेना। flow (फ्लो) = movement, प्रवाह ।
cares
(केअ(र)) = look after, देखभाल करना। attain'd (अटेन्ड्) = getting something, कोई
वस्तु पाना । degree (डिग्री) = emotions भावनाएँ । diligent (डिलिजन्ट्) =
Careful and full of serious efforts, परिश्रमी। lest (लैस्ट्) = as if, कहीं ऐसा न
हो। Except (इक्सेप्ट्) = Excluding, को छोड़कर। noone (नून्) = middle of the
day, मध्याह्न।
हिन्दी
अनुवाद-कवि कहता है कि जब हमारा प्रेम प्रारम्भिक अवस्था में था और वह धीरे-धीरे विकसित
होता रहा, तब हम अपना रूप बदलते थे, (छुपाते थे) हमारे बीच अत्यधिक परछाइयाँ थीं अर्थात्
हमारे बीच चिन्ताऐं, भ्रम और सन्देह थे जो अब हमारे बीच से निकल गये हैं अर्थात् हमारे
सारे भ्रम, शक, चिन्ताऐं समाप्त हो गई हैं ।
(कवि
कहता है कि) वह प्रेम अभी पूर्ण प्रेम नहीं है अर्थात् उस प्रेम ने अभी सम्पूर्णता
को प्राप्त नहीं किया है जो अभी भी इतना कर्मठ है (अर्थात् इतनी चिन्ता करता है) कि
कोई दूसरा उसे देख न ले। अब जब दोपहर का समय (परिपक्व प्रेम) आता है तो परछाई (भ्रम)
समाप्त हो जाते हैं । तत्पश्चात् हमारे बीच में नई परछाइयाँ एक नये स्वरूप में सामने
आयेंगी (अर्थात् हमारे बीच नये प्रकार के भ्रम उत्पन्न होंगे)।
As
the first ..................... shall disguise. (Page 92)
कठिन
शब्दार्थ-blinde (ब्लाइन्ड्) = unable to see, दृष्टिहीन । behinde (बिहाइन्ड्) =
following (shadows), पीछा करती हुई (परछाइयाँ)। faint (फेन्ट्) = very weak, बहुत
कमजोर। decline (डिक्लाइन) = to become smaller, छोटी होना। thine (दाइन्) = your,
yours, तेरा, तुम्हारा । actions (ऐक्श्न्स् ) = activities, क्रियाएँ।
हिन्दी
अनुवाद-कवि कहता है कि जब हमारा प्रेम प्रारम्भिक अवस्था में था अर्थात् शुरू हुआ था
तब हम दूसरों को अन्धा बनाते थे अर्थात् दूसरों से अपने प्रेम को छुपाते थे। लेकिन
अब जो उसके बाद आया (परिपक्व प्रेम) वह हमें अन्धा बना रहा है (अर्थात् अब हमारे भ्रम
बढ़ गये हैं और हम एक-दूसरे के प्रेम को नहीं देख पा रहे हैं)
फिर
हमारा प्रेम कमजोर होने लगता है जैसे सूर्य पश्चिम दिशा की ओर प्रस्थान करता है तो
परछाई बढ़ने लगती है। (अर्थात् हमारे बीच भ्रम बढ़ जाते हैं) मेरे लिए तुम और तुम्हारे
लिए मैं झूठे हो जाते हैं और मैं तुमसे तथा तुम मुझसे अपनी क्रियाविधि छिपाने लग जाते
हैं। (अर्थात् हमारा प्रेम कमजोर पड़ जाता है और भ्रम बढ़ जाते हैं।)
The
morning......is night. (Page 92)
कठिन
शब्दार्थ-longer (लॉङग(र)) = Large (Shadows), लम्बी (परछाई) I decay (डिके ) =
slowly destroyed, धीरे-धीरे समाप्त होना । Constant (कॉन्स्टन्ट) = that does not
change, स्थिर।
हिन्दी
अनुवाद-कवि कहता है कि (दोपहर से पहले) सुबह की छाया (प्रेमी-प्रेमिका के बीच भ्रम
अथवा गोपनीयता) कम हो रही थी (अर्थात् उनके बीच प्रेम बढ़ रहा था)। लेकिन अब (दोपहर
के बाद) ये छायाएँ (भ्रम) बढ़ती जा रही हैं (अर्थात् प्रेम कम हो रहा है)। कवि दुःख
व्यक्त करता है कि दोपहर का समय (जब प्रेम अपने सर्वोच्च शिखर पर होता है) बहुत छोटा
होता है और उसके बाद प्रेम धीरे-धीरे कम होने लगता है।
अन्त
में कवि अपनी प्रेमिका से कहता है एक सच्चा प्रेम हमेशा बढ़ता रहता है अथवा एक पूर्ण
स्थिर रोशनी की तरह होता है और यदि पहले मिनट में (अर्थात् प्रेम शुरू होने के तुरन्त
बाद) उसमें भ्रम पैदा हो जाते हैं तो वह शीघ्र ही दोपहर अर्थात् सर्वोच्च शिखर पर और
फिर धीरे-धीरे रात्रि की ओर चल देता है (अर्थात् प्रेम अपने अन्त की ओर बढ़ जाता है)।
Textbook Questions and Answers
Understanding the Poem :
1. How do the shadows before noon differ from the shadows
afternoon? What do the two kinds of shadow represent?
दोपहर
पूर्व की परछाइयाँ दोपहर बाद की परछाइयों से किस प्रकार भिन्न हैं? दोनों प्रकार की
परछाइयाँ किसका प्रतिनिधित्व करती हैं?
Answer
: The shadows before noon differ from the shadows of after noon in their
length. Before noon, the shadows are long but they become shorter with the sun
being matured. At noon there are no shadows as the sun is overhead but after
noon they grow longer with the declining sun.
Here
the poet uses the shadows metaphorically. According to him, before noon is the
time when lover and beloved are coming closer. Noon presents their absolute
love without shadows and after noon shadows present declining love between
them.
दोपहर
से पूर्व की परछाई और दोपहर के बाद की परछाई में लम्बाई का अन्तर है। दोपहर से पूर्व
परछाई लम्बी है लेकिन सूर्य चढ़ने के साथ-साथ वे छोटी होती जाती हैं। दोपहर में परछाई
नहीं है क्योंकि सूर्य सिर के ऊपर है लेकिन दोपहर के बाद जैसे-जैसे सूर्य ढलता जाता
है, परछाई लम्बी होती जाती है।
यहाँ
पर कवि ने परछाइयों को रूपक के रूप में प्रस्तुत किया है। उसके अनुसार, दोपहर के पूर्व
का समय वह है जब प्रेमी और प्रेमिका एक-दूसरे के नजदीक आ रहे हैं । दोपहर बिना परछाइयों
के अपने सम्पूर्ण प्रेम को प्रस्तुत करता है और दोपहर बाद की परछाइयाँ उनके बीच कम
होते हुए प्रेम को प्रस्तुत करती हैं।
2. Love is described as light. What makes the poet talk
about shadows?
प्रेम
को रोशनी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। वह क्या बात है जो कवि को परछाइयों के बारे
में बात करवाती है?
Answer
: The poet is a love poet. He presents love in different ways. He presents love
as a bright light during the day while shadows symbolize darkness and gloom and
despair. The poet says that if the lovers fail to maintain their love on the
absolute stage (noon), their love begins to decline and they split apart. They
fall into total darkness as the light of their life vanishes with the passage
of time.
कवि
प्रेम का कवि है। वह प्रेम को विभिन्न स्वरूपों में प्रस्तुत करता है। वह प्रेम को
दिन के समय की चमकदार रोशनी के रूप में प्रस्तुत करता है जबकि परछाइयाँ अन्धकार और
निराशा का प्रतीक हैं। कवि कहता है कि यदि प्रेमी अपने प्रेम को सम्पूर्ण प्रेम (दोपहर)
के रूप में बनाये रखने में असफल होते हैं तो उनका प्रेम कमजोर होने लगता है और वे टूटकर
अलग हो जाते हैं। वे पूर्ण अन्धकार में डूब जाते हैं क्योंकि समय के साथसाथ उनके जीवन
का प्रकाश समाप्त हो जाता है।
3. Comment on the use of the image of the shadows for the
idea that the poet wants to convey.
परछाइयों
के विचार की छवियों के बारे में अपने विचार प्रस्तुत कीजिए जो कवि व्यक्त करना चाहता
है।
Answer
: The image of the shadows that the poet presents is based on the length of
shadows. In the morning when the sun rises, the shadows begins to become
shorter till the noon, the time of noon is the time of absolute stage of their
love and when the sun declines after noon, the shadows grow longer.
The
poet wants to convey the idea that when their love is at initial stage, their
differences continue decreasing. These differences come to an end at the time
of noon when the sun is overhead but they again begin to grow after noon when
the shadows are again longer and finally they come to an end at night (Their
love ends).
परछाइयों
की छवि जो कवि प्रस्तुत करना चाहता है वह परछाइयों की लम्बाई पर आधारित है। सुबह जब
सूर्य उदय होता है, परछाइयाँ दोपहर तक छोटी होने लगती हैं, दोपहर का समय उनके प्रेम
की सम्पूर्णता अथवा पराकाष्ठा का समय है और जब दोपहर बाद सूर्य ढलने लगता है तो परछाइयाँ
लम्बी होने लगती हैं।
कवि
विचार व्यक्त करना चाहता है कि जब उनका प्रेम प्रारम्भिक अवस्था में होता है, तो उनके
विचारों में अन्तर कम होने लगते हैं, ये अन्तर दोपहर के समय समाप्त हो जाते हैं जब
सूर्य सिर के ऊपर होता है लेकिन वे दोपहर के बाद फिर से बढ़ने लगते हैं जब परछाइयाँ
फिर से लम्बी हो जाती हैं और अन्त में रात्रि में वे समाप्त हो जाती हैं (उनका प्रेम
समाप्त हो जाता है)।
4. The poet seems to be addressing his beloved in the poem.
What is the message he wishes to convey to her?
कविता
में कवि अपनी प्रेमिका को सम्बोधित करता हुआ प्रतीत हो रहा है। वह उसे क्या सन्देश
देना चाहता है?
Answer
: The theme of the poem is love. So in the poem, the poet gives so many images
of true love. He wants to convey the message to his beloved that she should
love him sincerely because he does not know the barriers on the way of love so
she should love him to the core of her heart. True love is not the subject of
death, decay or damnation with passage of time.
It
is everlasting. The poet tells her that when they are able to attain the stage
of absolute love, they will have to retain it in every way possible. Love is an
instinct of heart so it should not decline with the passage of time.
कविता
की विषयवस्तु प्रेम है। इसलिए, कविता में कवि प्रेम को अनेक छवियों में प्रस्तुत करता
है। वह अपनी प्रेमिका को यह सन्देश देना चाहता है कि वह उसे गहनता से प्रेम करे क्योंकि
वह प्रेम के मार्ग की बाधाओं को नहीं जानता है अतः वह उसे अपने हृदय की गहराइयों से
प्रेम करे।
सच्चा
प्रेम समय के साथ-साथ मृत्यु, क्षय अथवा आलोचनाओं का विषय नहीं है। यह शाश्वत होता
है। कवि उसे बताता है कि जब वे सम्पूर्ण प्रेम की स्थिति को प्राप्त हो जाएंगे तो उन्हें
यह हर संभव तरीके से बनाये रखना होगा। प्रेम हृदय की एक अनुभूति है इसलिए यह समय के
साथ समाप्त नहीं होनी चाहिए।
5. Instead of ‘A Lecture Upon Love' the poet calls the poem
'A Lecture Upon the Shadow'. What is the effect that this has on our reading of
the poem?
"A
Lecture Upon Love's Pet up ala fant Chat A Lecture Upon the Shadow' कहता है। इसका
हमारी कविता पढ़ने पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Answer
: Love is a strong bond between two souls. The poet here compares his love with
the shadows of the sun. The true form of love is devotion. But as the sun has
many stages, love also has many stages in the same way. Love has many ups and
downs. Thus, the poet has presented the shadows as a measurement of love. As
the sun rises, gets its absolute stage and finally declines. So happens with
love also.
प्रेम
दो आत्माओं के बीच शक्तिशाली बन्धन है । यहाँ पर कवि अपने प्रेम की तुलना सूर्य की
परछाइयों से करता है। प्रेम का वास्तविक स्वरूप समर्पण है। लेकिन जिस प्रकार सूर्य
की अनेक अवस्थाएँ हैं, उसी प्रकार प्रेम की भी अनेक अवस्थाएँ हैं । प्रेम में अनेकों
उतार-चढ़ाव आते हैं । इस प्रकार कवि ने परछाइयों को प्रेम के मापक के रूप में प्रस्तुत
किया है। जिस प्रकार सूर्य उदय होता है, अपनी सम्पूर्णता को प्राप्त करता है और अन्त
में डूब जाता है। यही प्रेम के साथ भी होता है।
Language Work:
1. Notice the spelling of the following words
houres
shadowes
Sunne
noone
clearnesse
behinde
The 'e' that was used in Donne's period got dropped from English
orthography later.
Pick out the other words in the poem that have this peculiar
feature.
Answer
: The other words in the poem with this peculiar features are
doe
worke
blinde
thine
It
happens so because the 'e’ that was used in Donne’s period got dropped from
English orthography later.
2. Take note also that the apostrophe is not used for
indicating the possessive form:
loves philosophy.
Answer
: In 'loves philosophy' the Apostrophe is not used to indicate its possessiveness.
The
reason behind it is that in Donne's time Apostrophe was not used. It was
introduced later on.
3. Examples from other poems from this period:
* How neatly doe we give one only name
* To parents issue and the sunnes bright starre!
Answer
: In the first sentence 'do' is presented as doe' and 'only' as 'onely'.
In
the second sentence, Apostrophe has not been used with parents and sunnes as it
was not in practice in Donne's time.
Try this Out:
Notice the adjectives in phrases such as 'infant loves' and
'brave clearnesse'. What is the meaning of these adjectives
(i) in isolation
(ii) as part of these phrases.
Answer
:
S.
No. |
Basic
Words/Phrases |
In
Isolation |
As
Part of these stage |
1. |
Infant
love |
love
for a new born baby |
love
at the initial stage. |
2. |
brave
clearnesse |
after
being clear, there remains no doubt. |
love
fades away with the passage of time their doubts begin to grow |
Important Questions and Answers
Short Answer Type Questions :
1. To whom does the poet address in this poem and
why?
इस
कविता में कवि किसे सम्बोधित करता है और क्यों?
Answer
: The poet addresses to his beloved because he wants to give a lecture on love
to her. He wants to tell her about the true philosophy of love so that she may
be truthful in her course of love with him and should not deceive him when they
make progress in love.
कवि
अपनी प्रेमिका को सम्बोधित करता है क्योंकि प्रेम पर उसे एक व्याख्यान देना चाहता है।
वह उसे प्रेम के सच्चे दर्शन के बारे में बताना चाहता है ताकि वह उसके साथ प्रेम में
सत्य सिद्ध हो सके और उसे धोखा न दे सके जब वे प्रेम में आगे बढ़े।
2. What do you mean by the line “we doe those shadowes
tread”?
"हम
इन परछाइयों को कुचलते हुए चलते हैं" इस वाक्य का क्या अर्थ है?
Answer
: The line means that when the lovers go on the path of deep love, they
overcome their mistrust and they merge their identities into one and now they
are not separate but they become one.
इस
वाक्य का अर्थ है कि जब प्रेमी-प्रेमिका गहन प्रेम के रास्ते पर चलते हैं तो वे अपने
अविश्वास पर विजय प्राप्त कर लेते हैं और अपनी व्यक्तिगत पहचान को एक बना लेते हैं
। अब वे अलग-अलग नहीं हैं बल्कि अब एक ही हो गये हैं।
3. Why does the poet use the word 'disguise' in the
poem?
कवि
ने कविता में 'छिपाना' शब्द का प्रयोग क्यों किया है?
Answer
: The poet has used the word disguise to convey the meaning hiding the real
form. It symbolises false behaviour, mistrust or secret reason that are found
between the lovers on the initial stage of love. Even they have so many doubts
between them.
कवि
ने 'छिपाना' शब्द का प्रयोग वास्तविक रूप से छिपाने का सन्देश देने के लिए किया है।
यह झूठे व्यवहार, अविश्वास और गोपनीयता का प्रतीक है जो कि प्रेमियों के बीच उनके प्रेम
की प्रारम्भिक अवस्था में पाये जाते हैं । यहाँ तक कि उनके बीच अनेकों सन्देह होते
हैं।
4. What are the characteristics of “true love”?
"सच्चे
प्रेम" की क्या विशेषताएँ होती हैं?
Answer
: The poet gives so many characteristics of true love. True love is never bound
into time or location or circumstances. It is always on the heights of love. It
neither changes with the passage of time nor comes to an end. The devotion of
true lovers for their love is always praiseworthy.
कवि
सच्चे प्रेम की अनेकों विशेषताएँ बताता है। सच्चा प्रेम कभी भी समय, स्थान अथवा परिस्थितियों
के बन्धन में नहीं रहता है। यह हमेशा प्रेम के शिखर पर होता है। यह समय के साथ-साथ
न तो परिवर्तित होता है और न ही समाप्त होता है। प्रेमियों का प्रेम के प्रति समर्पण
हमेशा प्रशंसनीय होता है।
5. Explain the line “westwardly decline."
"पश्चिम
की ओर कम होना" वाक्य की व्याख्या कीजिए।
Answer
: The sun rises in the east and rests in the west. After rising, the sun moves
towards west gradually. In context to love, it signifies that love between the
lovers gradual declines. It means after sometime, love gradually loses its
excitement. When it has attained the zenith of love, then the lovers have false
behaviour between them.
सूर्य
पूर्व में उदय होता है और पश्चिम में छिपता है। उदय होने के बाद, सूर्य धीरे-धीरे पश्चिम
की ओर जाता है। प्रेम के सन्दर्भ में इसका महत्त्व है कि प्रेमियों के बीच प्रेम धीरे-धीरे
समाप्त होता जाता है। इसका अर्थ है कि कुछ समय पश्चात प्रेम स्वयं के उत्साह को खो
देता है। जब वह प्रेम के सर्वोच्च शिखर को प्राप्त कर लेता है, तो प्रेमी आपस में झूठा
व्यवहार करने लगते हैं।
Long Answer Type Questions :
1. Discuss John Donne as a poet of love.
जॉन
डन की प्रेम के कवि के रूप में व्याख्या कीजिए।
Answer
: The love poetry before John Donne was almost against love itself. The fashion
in his day was to write love poetry in the artificial style. But John Donne
changes this style and wrote the poems in a new and realistic manner. He was of
the opinion that love was not a smooth and ideal thing.
So
realistic was Donne in his poetry and towards the word 'love' that much of his
poetry is harsh, cynical and bitter. Donne was always spontaneous and sincere
in his poetry so his poetry is replete with emotions and passions of lovers.
Thus, he is a great love poet.
जॉन
डन से पूर्व की प्रेम की कविता लगभग स्वयं प्रेम के ही विरुद्ध थी। उसके समय में प्रेम
की कविता लिखने की दिखावटी पद्धति का चलन था लेनिक जॉन डन ने इस पद्धति को बदल दिया
और एक नये प्रकार से यथार्थवादी कविता लिखी। उसका विचार था कि प्रेम कोई सरल और आदर्श
बात नहीं है ।
डन
अपनी कविताओं और 'प्रेम' शब्द के प्रति इतना यथार्थवादी था कि उसका अधिकतर काव्य कठोर,
सनकपूर्ण और तीखा है। डन हमेशा अपने काव्य में सतत् लगे रहने वाला और गम्भीर था इसलिए
उसका काव्य प्रेमियों की भावनाओं से ओत प्रोत है। इस प्रकार डन प्रेम का एक महान कवि
है।
2. How can you say that Donne's poetry has a dramatic
quality?
आप
कैसे कह सकते हैं कि डन के काव्य में नाटकीयता है?
Answer
: Donne is a grat poet and path finder of love poetry. He has a deep interest
in his theme, love and dramatic attitude. He uses words not for his own sake
but to communicate his consciousness of wit and fantasy in all their varying
and conflicting aspects. Charm is a quality which Donne's poetry possesses in a
few lines. In the present poem, we find the dramatic note in the beginning of
the poem. He says
“Stand
still and I will read to thee,
A
lecture, love, in loves philosophy.”
In
a dramatic mood, the poet asks his beloved to stand still so that he may be
able to give a lecture to her on the philosophy of love. Thus, he puts dramatic
elements in his poetry.
डन
प्रेम की कविता का महान् कवि और पथ प्रदर्शक है। उसकी विषय वस्तु, प्रेम और नाटकीय
दृष्टिकोण में गहन रुचि है। वह शब्दों का प्रयोग अपने लिए नहीं करता है बल्कि इसका
प्रयोग वह अपनी बुद्धिमानी और कल्पना की अन्तर्चेतना को उनके सम्पूर्ण विविधतापूर्ण
एवं विपरीत रूपों में करता है। आकर्षण वह गुण है जिसे डन का काव्य कुछ ही वाक्यों में
प्राप्त कर लेता है। वर्तमान कविता में हमें कविता के प्रारम्भ में ही नाटकीयता प्राप्त
होती है। वह कहता है
"शान्त
खडी रहो और मैं तुम्हारे लिए पढूँगा,
एक
व्याख्यान, प्रेम पर, और प्रेम के दर्शन पर।"
नाटकीय
मानसिकता में कवि अपनी प्रेमिका से कहता है कि तुम शान्त खड़ी रहो ताकि वह उसे प्रेम
के दर्शन पर एक व्याख्यान देने के योग्य हो सके। इस प्रकार, वह अपनी कविता में नाटकीय
तत्त्वों को शामिल करता है।
Seen Passages
Stanza-1
Stand
still and I will read to thee
A
Lecture, Love, in loves philosophy,
These
three houres that we have spent,
Walking
here, Two shadowes went
Along
with us, which we our selves produc'd;
But,
now the Sunne is just above our head,
We
doe those shadowes tread;
And
to brave clearnesse all things are reduc'd.
Questions
:
1.
What does the poet tells his beloved?
कवि
अपनी प्रेमिका को क्या बताता है?
2.
What does the symbol 'shadowes' mean?
'परछाई'
प्रतीक का क्या अर्थ है?
3.
What does it signify when the poet says that sun is above head?
इस
बात की क्या महत्ता है जब कवि कहता है कि सूर्य हमारे सिर के ऊपर है?
Answers
:
1.
The poet tells his beloved to stand and remain quiet so that he may be able to
tell her what true love is and what is its importance.
कवि
अपनी प्रेमिका से खड़े रहने और शान्त रहने के लिए कहता है ताकि वह उसे (प्रेमिका को)
बता सके कि सच्चा प्रेम क्या है और उसकी क्या महत्ता है।
2.
“Shadowes' are the symbol of confusions, mistrust and doubts that is generally
found between lover and beloved. That's why the poet wants to reduce shadows.
'परछाइयाँ'
भ्रम, अविश्वास और सन्देह का प्रतीक हैं जो कि सामान्य रूप से प्रेमी और प्रेमिका के
मध्य पाया जाता है। यही कारण है कि कवि परछाइयों को कम करना चाहता है।
3.
When the poet says so, he means that their love has found the apex point and
now there are no doubts between the lover and the beloved.
जब
कवि ऐसा कहता है तो उसका अभिप्राय है कि उनका प्रेम सर्वोच्च शिखर प्राप्त कर चुका
है और अब प्रेमी-प्रेमिका के बीच किसी भी प्रकार का सन्देह नहीं है।
Stanza-2
So
whilst our infant loves did grow,
Disguises
did, and shadowes, flow,
From
us, and our cares; but now 'tis not so.
That
love hath not attain'd the high'st degree,
Which
is still diligent lest others see.
Except
our loves at this noone stay,
We
shall new shadowes make the other way.
Questions
:
1.
What do you mean by infant love?
शिशु
प्रेम से आपका क्या अभिप्राय है?
2.
Which love has not attained the highest degree?
कौन
से प्रेम ने सर्वोच्च शिखर को प्राप्त नहीं किया है?
3.
What is the symbolic meaning of love at noon?
दोपहर
के प्रेम का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?
Answers
:
1. Infant love means the initial stage of love when the love has just started. This is the time when doubts and confusions reduce with the passage of time.
शिशु
प्रेम का अभिप्राय है प्रेम की प्रारम्भिक स्थिति जब प्रेम अभी-अभी प्रारम्भ हुआ है।
यह वह समय होता है जब सन्देह और भ्रम समय के साथ कम हो जाते हैं।
2.
The love that is still diligent and trying that others should not know about
their love, has not attained the highest degree. They still try to hide their
love.
वह
प्रेम जो अभी भी कर्मठ है और यह कोशिश कर रहा है कि दूसरे लोग उनके प्रेम के बारे में
न जान पायें, उस प्रेम ने अभी तक सर्वोच्च शिखर को नहीं छुआ है। वे अभी भी अपने प्रेम
को छिपाने की कोशिश करते हैं।
3.
According to the poet, the love at noon is the symbol of matured love between
lover and beloved. This is the love when there are no doubts or confusions
between them.
कवि
के अनुसार दोपहर के प्रेम का प्रतीकात्मक अर्थ प्रेमी-प्रेमिका के बीच परिपक्व प्रेम
है। यह वह प्रेम है जब उनके बीच किसी भी प्रकार के सन्देह और भ्रम नहीं हैं।
Stanza-3
As
the first were made to blinde
Others;
these which come behinde
Will
worke upon our selves, and blind our eyes.
If
our loves faint, and westwardly decline;
To
me thou, falsely thine;
And
I to thee mine actions shall disguise.
Questions
:
1.
Who were blind at first and why?
प्रथम
बार में कौन दृष्टिहीन थे और क्यों?
2.
When will the eyes of the lovers blind?
प्रेमियों
की आँखें कब बन्द हो जाएंगी?
3.
What is the result of the declining love?
कमजोर
होते हुए प्रेम का क्या अर्थ है?
Answers
:
1.
The poet says that when there was the initial stage of love between them, they
be come blind to all other people of the world.
कवि
कहता है कि जब उनके बीच प्रेम की प्रारम्भिक अवस्था थी तब वे संसार के अन्य सभी लोगों
के प्रति दृष्टिहीन हो गये थे।
2.
The eyes of the lovers will blind when their love declines like the setting sun
in the west.
प्रेमियों
की आँखें तब बन्द हो जाएंगी जब उनका प्रेम पश्चिम में छिपते हुए सूर्य की तरह समाप्त
होता हुआ चला जाएगा।
3.
The result of declining love is that the lover does not have any trust in his
beloved and the beloved has no trust in loyer. Now they try to hide their
feelings of love for each other.
कमजोर
होते हुए प्रेम का अर्थ है कि प्रेमी को अपनी प्रेमिका पर विश्वास नहीं है और प्रेमिका
को प्रेमी पर। अब वे एक-दूसरे के प्रति अपने प्रेम की भावनाओं को छुपाने की कोशिश करते
हैं।
Stanza-4.
The
morning shadowes were away,
But
these grow longer all the day,
But
oh, loves day is short, if love decay.
Love
is a growing, or full constant light;
And
his first minute, after noone, is night.
Questions
:
1.
What happens to the shadows after morning?
प्रभात
के बाद परछाइयों को क्या हो जाता है?
2.
What is love according to poet?
कवि
के अनुसार प्रेम क्या है?
3.
What are the stages of love?
प्रेम
की कौन-कौन सी श्रेणियाँ हैं?
Answers:
1.
After morning, the shadows begin to reduce which means that the doubt,
confusions or mistrust between lovers begin to diminish.
प्रभात
के बाद परछाइयाँ कम होना प्रारम्भ हो जाती हैं जिसका अर्थ है कि प्रेमियों के बीच सन्देह,
भ्रम अथवा अविश्वास कमजोर होना प्रारम्भ हो जाते हैं।
2.
According to the poet, love is a glory of constant light, a true love always
develops in the hearts of lovers.
कवि
के अनुसार, प्रेम यश की स्थिर रोशनी होती है। एक सच्चा प्रेम हमेशा प्रेमियों के दिलों
में विकसित होता रहता है।
3.There
are three stages of love-morning or the stage of initial love, noon when love
is on the zenith and night when loves comes to an end.
प्रेम की तीन श्रेणियाँ हैं-सुबह अथवा प्रारम्भिक प्रेम की श्रेणी, दोपहर जब प्रेम अपने शिखर पर होता है और रात्रि जब प्रेम समाप्त हो जाता है।