Summary (सारांश)
I. On Time
About the Poem
On
Time’ is a famous religious poem by Milton in which he invokes time to fly as
fast as it can and swallow all the bad things from the world. He should finish
everything that is false and useless in the world which will have no loss for
human beings so it will not be a very useful for time. In the end every thing
comes to end with the passage of time.
Thereafter
the human beings will get eternal bliss from God. This bliss will make the people
happy. There will be love, peace, truth and happiness in the world. Then, our
soul rises towards Heaven and every trivial thing will be left for ever and
then humanity will overcome death and even time itself.
कविता
के बारे में-
'On
Time' मिल्टन की एक प्रसिद्ध धार्मिक कविता है जिसमें वह समय को आह्वान करता है कि
वह जितनी तेजी से उड़ सके उड़ जाए और संसार की सारी बुरी वस्तुओं को निगल ले। वह (समय)
हर उस चीज को समाप्त कर दे जो कि ससांर में झूठी और व्यर्थ है जिसकी मनुष्यों को कोई
हानि नहीं होगी। इसलिए उसका 'समय' को भी कोई लाभ नहीं मिलेगा।
अंत
में समय के साथ-साथ प्रत्येक चीज समाप्त हो जाती है। तत्पश्चात, मनुष्य ईश्वर से अमर
खुशियाँ प्राप्त कर लेगा। यह खुशी मनुष्य को पूरी तरह खुश कर देगी। संसार में प्रेम,
शान्ति, सत्य और खुशियाँ होंगी। उसके बाद हमारी आत्मा स्वर्ग की ओर प्रस्थान करेगी
और हर प्रकार की तुच्छताएं हमेशा के लिए छूट जाएंगी। उसके बाद मानवता मृत्यु और समय
तक पर भी विजय प्राप्त कर लेगी।
कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद
Fly
envious..................thy gain. (Page 94)
कठिन
शब्दार्थ-envious (एन् विअस्) = full of jealousy, ईर्ष्या से पूर्ण । call on (कॉल
ऑन्) = appeal, आग्रह करना। leaden (लेडन्)= dark grey, a heavy metal, गहरा भूरा,
एक भारी धातु। stepping hours (स्टेपिंङ आउअ()स)= time of moving ahead, आगे बढ़ने
का समय । glut (ग्लट)= more than needed, आवश्यकता से अधिक । womb (वूम्) =
uterus, कोख, (यहाँ पर) stomach, पेट। devours (डिवाउअ(र्))= eating rapidly, भक्षण
करना। vain (वेन्) = useless, व्यर्थ की वस्तु । mortal (मॉटल)= related to world,
सांसारिक। dross (ड्रॉस्) = waste, कूड़ा, घटिया वस्तुएं।
हिन्दी
अनुवाद- (कवि ने समय को शक्तिशाली माना है और वह समय से असंतुष्ट होकर उसे सम्बोधित
करते हुए कहता है) ईर्ष्यालु समय तुम यहाँ से तेजी से दूर चले जाओ जब तक कि तुम्हारी
दौड़ समाप्त न हो जाए। अपने आलस्य से पूर्ण कदमों से जिनकी गति (घड़ी के) पैन्डुलम
की तरह अत्यंत सुस्त है, आग्रह करो कि वे अपनी गति तेज करें।
तुम
अपने पेट में जितनी चीजें व्याप्त हैं जो व्यर्थ की सांसारिक चीजों से ज्यादा नहीं
हैं जैसे झूठ और व्यर्थ की बातें (दिखावा, शत्रुता आदि) उन सबको निगल लो। ये केवल संसार
की सबसे घटिया वस्तुएं हैं और इनसे हमारी कोई हानि नहीं है लेकिन इससे तुम्हें भी कोई
उपलब्धि नहीं होगी।
For
when ......... ever shine (Page-94)
कठिन
शब्दार्थ- entomb'd (इन्टूम्ड्) = buried, छिपा दिया, दबा दिया। consum'd (कन्स्यूम्ड्)=
to use उपयोग करना। Eternity (इटनटि)= endless, अनन्त, अन्तहीन । bliss (ब्लिस्)=
perfect happiness, परम आनंद । overtake (ओव्टेक्) = to go ahead, आगे जाना।
divine (डि'वाइन्)= related to God, दिव्य । shine (शाइन्)= light, चमकना।
हिन्दी
अनुवाद-(कवि धरती की हर चीज को बुरी बताते हुए समय से कहता है कि तुम तेजी से दौड़ो
जिससे कि) जब तुम प्रत्येक बुरी स्थिति को निगल जाओगे तो तत्पश्चात तुम्हारा लालच भी
स्वतः ही समाप्त हो जाएगा और उसके बाद अनन्त काल तक (स्वर्ग में भी) परम आनन्द प्राप्त
करेंगे।
प्रत्येक
व्यक्ति उस अनन्त सुख का अभिनन्दन प्राप्त करेगा। उसके बाद सुख हमारे चारों ओर बहुत
तीव्र गति से फैल जाएगा। (लेकिन ऐसा तब होगा) जब हर चीज हमारे चारों ओर बहुत शानदार
होगी और दिव्य गुणों से भरपूर होगी। ऐसा व्यक्ति सत्य, शान्ति और प्रेम के साथ हमेशा
चमकता रहेगा और ईश्वर का सान्ध्यि प्राप्त करेगा।
About
the..........thee O Time. (Page 95)
कठिन
शब्दार्थ-supreme (सुप्रीम्) = The highest, सर्वोच्च । throne (थ्रोन्) = seat of
king, सिंहासन। clime (क्लाइम्)= a region considered with reference to its
climate, प्रसन्नता से परिपूर्ण क्षेत्र । grossnes (ग्रोसनेस्) = rude and
unpleasant, अशिष्ट । quit (क्विट) = to leave, छोड़ना । attir'd (अटाइअ) = in
clothes, वस्त्र धारण किए गए। triumphing (ट्राइअम्फिङ) = to get over, विजय प्राप्त
करना।
हिन्दी
अनुवाद-(जब व्यक्ति अच्छे कार्य करेगा तो) वह (व्यक्ति) भगवान का सान्निध्य प्राप्त
करेगा और हमेशा-हमेशा के लिए खुशी प्रदान करने वाली (भगवान की) दृष्टि के सम्मुख रहेगा।
जब हमारी ईश्वरोन्मुख आत्मा खुशियों से भरे क्षेत्र में पहुँच जाएगी तब हमारी पृथ्वी
पर उपलब्ध सारी अशिष्ट और व्यर्थ बातें स्वतः ही समाप्त हो जाएंगी। (जब हम स्वर्ग प्राप्त
करेंगे तब) हम तारों से आभूषित वस्त्र धारण करेंगे और हमेशा ईश्वर के सान्निध्य में
रहेंगे और हम मृत्यु तथा हर प्रकार के अवतार तथा (समय) तुम्हारे ऊपर भी विजय प्राप्त
करेंगे।
II . On Shakespear.
About the Poem-
On
Shakespear. 1630 by John Milton is a sixteen line poem contained within one
stanza. The lines are divided into heroic couplets. This poem was penned in
1630 for the preface of Shakespeare's complete work. This makes this poem to be
an “Occasional Lyric” as it was written to commemorate a specific event.
The
content of this poem is relatively straight forward if we compare it with
Milton's more complex work. No doubt, Milton wrote his poem with the intention
so that he might have a wider and more commercial audience. It is so because
Milton puts a universal idea that all the great personalities in the world are
known by their creation not by the monuments or tombs built with precious
stones. People remember them for their matchless work and try to seek
inspiration from the creation.
कविता
के बारे में-
"ऑन
शेक्सपीयर.1630" एक छन्द में बद्ध की हुई सोलह लाइन की कविता है। पंक्तियों को
दोहों में बाँटा गया है। इस कविता को 1630 में शेक्सपीयर के सम्पूर्ण कार्य को प्रस्तावना
के रूप में लिखा गया था। इससे यह कविता "एक विशेष समय के लिए लिखे गये गीत"
का रूप धारण कर लेती है क्योंकि इसे एक विशेष घटना के आयोजन के सम्बन्ध में लिखा गया।
इस कविता की विषय वस्तु अत्यन्त स्पष्ट है यदि हम इसकी तुलना मिल्टन की अन्य जटिल कविताओं
से करें।
निःसन्देह,
मिल्टन ने इस कविता को इस उद्देश्य के साथ लिखा ताकि उसे पाठकों की विविध और साधन सम्पन्न
श्रेणी प्राप्त हो सके। ऐसा इसलिए क्योंकि मिल्टन ने सार्वभौमिक विचार प्रस्तुत किया
है कि संसार के महान व्यक्तित्व अपने सृजन से जाने जाते हैं न कि स्मारक अथवा मकबरों
से जो कि कीमती पत्थरों से बनाये जाते हैं। लोग उनके अद्वितीय कार्य को याद रखते हैं
और उस सृजन में से प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद
What
needs .............. Monument. (Page-95)
कठिन
शब्दार्थ-bones (बोन्(स्)) = hard part inside body covered with muscle, skin, अस्थियाँ
। piled (पाइल्ड्) = heaped, ढेर। hallow'd (हैलोड्) = pious, पवित्र | reliques (रैलिक्स)
= a container to keep relics of holy person, पवित्र व्यक्तियों के अवशेष रखने का
पात्र ।
pyramid
(पिरमिड्) = a shape with flat base with sides triangles, पिरामिड, समतल धरातल और
त्रिभुजाकार साइड वाली आकृति । heir (एअ(र्)) = inheriter, उत्तराधिकारी। witness
(विट्नस्) = person who sees something happen, प्रत्यक्षदर्शी। astonishment (अ'स्टानिशमन्ट)
= very great surprise, आश्चर्यजनक। monument (मॉन्युमन्ट) = historical building,
स्मारक।
हिन्दी
अनुवाद-(कवि पाठकों से प्रश्न पूछता है कि) मेरे शेक्सपीयर के सम्मानित अवशेषों को
वर्षों तक कठिन परिश्रम के द्वारा तैयार किये गये पत्थरों के ढेर (स्मृतिभवन) में रखने
की क्या आवश्यकता है? अथवा उनके पवित्र अवशेषों को गगनचुम्बी पिरामिड के नीचे छुपाने
की क्या आवश्यकता है?
(शेक्सपीयर
इतना महान व्यक्तित्व था कि उसे किसी भी प्रकार के स्मारक की आवश्यकता नहीं है।) कवि
(शेक्सपीयर को सम्बोधित करते हुए) कहता है कि हे स्मृति के पुत्र (क्योंकि तुम्हारा
साहित्यिक कार्य लोगों की स्मृति में सुरक्षित है) और यश के उत्तराधिकारी तुम्हें इतने
कमजोर (पत्थर के स्मारक) प्रत्यक्षदर्शियों की (अपनी प्रसिद्धि को बनाये रखने के लिए)
क्या आवश्यकता है जबकि तुमने हमारे आश्चर्य और प्रशंसा के लिए (अपने साहित्यिक कार्य
द्वारा) पहले ही विशाल स्मारक बना दिया है।
For
whilst....................wish to die. (Pages 95-96)
कठिन
शब्दार्थ- whilst (वाएस्ट्) = during, के दौरान । endeavouring (इन्डेव(रि)ङ्) =
to try hard to do new things, कुछ नया करने के लिए कठिन प्रयास । delphic (डैल्फिक्)
= obscene, (समझने में) अस्पष्ट । impression (इम्प्रेशन्) = an idea or feeling
or opinion, कोई विचारधारा, भावना अथवा सम्मति।
bereaving
(बिरीविङ्) = loss of some near and dear one, किसी प्रिय की मृत्यु, शोक संतप्त।
marble (माब्ल) = a hard attractive stone, एक कठोर पत्थर (यहाँ पर-मानसिक स्तर)।
conceaving (कन्सीविङ्) = to form an idea, कोई विचार बनाना । sepulcher'd (सेपल्क(र)ड)
= a chamber to put dead body, समाधि, कब्र । pomp (पॉम्प) = show, दिखावा।
हिन्दी
अनुवाद- कवि कहता है कि जिस समय साहित्य द्वारा यश प्राप्त करना अत्यन्त कठिन था (यश
प्राप्त करने की गति अत्यन्त धीमी थी) उस समय भी शेक्सपीयर ने अत्यन्त तेजी से यश प्राप्त
किया और तुम्हारी अनमोल पुस्तकों ने प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में अपना स्थान बना लिया
और तुम्हारी अद्वितीय रचनाओं ने मनुष्य के हृदय पर एक अमिट छाप छोड़ी।
तत्पश्चात्
तुम्हारी पुस्तकों को पढ़कर पुस्तक पढ़ने वाले आत्म-विमोह की अवस्था में पहुँच गये
और तुम्हारे बारे में अत्यधिक कल्पना करने के कारण वे (पुस्तक पढ़ने वाले) स्वयं भी
एक शानदार स्मारक (की तरह) बन गये हैं। और इन जीवित लोगों के हृदय में आप (सजीव रूप
में) इस तरह विराजमान हैं कि राजा महाराजा (तक) भी आपकी तरह मृत्यु को प्राप्त होने
की इच्छा व्यक्त करेंगे।
Textbook Questions and Answers
I. On Time
Understanding
the
1. Why has the poet pitted the flight of Time against the
'lazy leaden-stepping hours' and the heavy Plummets pace'?
कवि
ने समय की उड़ान के विरुद्ध "आलस्यपूर्वक बढ़ते हुए कदम" तथा "भारी
पैन्डुलम" का वर्णन क्यों किया है?
Answer
: Milton has presented a wonderful paradox to understand time that is not only
too fast but prolonged also. If it is taken as a whole it becomes too fast but
if it is considered individual, it becomes slow. Milton puts this paradox as a
mark against a short span of human life which is followed by a celebration of
the eternal blissful life.
मिल्टन
ने समय को समझने के लिए एक शानदार विरोधाभास को प्रस्तुत किया है जो कि न केवल अत्यधिक
तीव्र है बल्कि लंबे समय तक चलने वाला है। यदि इसे सम्पूर्ण रूप में लिया जाए तो यह
अत्यंत तीव्र हो जाता है लेकिन यदि उसे व्यक्तिगत रूप में लिया जाए तो उसकी गति धीमी
हो जाती है। मिल्टन ने इस विरोधाभास को मानवीय जीवन की सूक्ष्मता के रूप में प्रस्तुत
किया है जिसके बाद अमर खुशियों से परिपूर्ण जीवन का समारोह प्राप्त होता है।
2. What are the things associated with the temporal and
what are associated with the eternal?
वे
कौन सी चीजें हैं जो सांसारिकता के साथ जुड़ी हैं और वे कौनसी चीजें हैं जो अमरता के
साथ जुड़ी हैं?
Answer
: Milton has presented so many things associated with temporal and eternal. The
bad things which include bad habits like greed, envy, selfishness and
temptation are temporal things which are bound to come to an end as nothing
evil can stay for long on the earth. Selfless love, truth, peace and hope are
things associated with the eternal. They bring eternal joy in life and make our
world a place like heaven.
मिल्टन
ने बहुत सी चीजों को नश्वरता तथा बहुत सी चीजों को अमरता के साथ संयोजित किया है। बुरी
चीजें जिनमें बुरी आदतें शामिल होती हैं जैसे लालच, ईर्ष्या, स्वार्थ और लालचीपन वे
नश्वरता से जुड़ी होती हैं और उनका अन्त होना सुनिश्चित है क्योंकि कोई भी बुरी चीज
पृथ्वी पर लंबे समय तक नहीं ठहर सकती है। निस्वार्थ प्रेम, सत्य, शान्ति और आशा अमरता
के साथ जुड़ी हुई हैं । वे जीवन में अनन्त खुशियाँ लाते हैं और हमारे संसार को स्वर्ग
जैसा स्थान बना देते हैं।
3. What guides human souls towards divinity? Who is the
final winner in the race against time?
मानवीय
आत्मा को देवत्व की ओर कौन मार्गदर्शन करता है? समय के विरुद्ध दौड़ में अंतिम विजेता
कौन होगा?
Answer
: These are the virtues of truth, love and peace that guide human souls towards
divinity. The virtues are moral lessons that help us to lead a pious life so
they take us nearer to God. The final winner in the race against time is the
person who has developed these virtues in his behaviour and character. His
actions are holy and pious and inspire human being to act on the voice of his
soul.
ये
वे गुण हैं जैसे सत्य, प्रेम और शान्ति जो कि मानवीय आत्मा को देवत्व की ओर ले जाते
हैं । गुण वे नैतिक पाठ होते हैं जो कि हमें पवित्र जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं
इसलिए वे हमें और ज्यादा ईश्वर के नजदीक ले जाते हैं । समय के विरुद्ध अंतिम विजेता
वह व्यक्ति होता है जिसने अपने व्यवहार और चरित्र में इन गुणों को विकसित कर लिया है।
उसके क्रियाकलाप पवित्र होते हैं और मनुष्य को अपनी आत्मा की आवाज पर कार्य करने की
प्रेरणा देते हैं।
II. On Shakespear.
Understanding the
1. Why does Milton feel it is not necessary to put up a
monument in stone for Shakespeare?
मिल्टन
ऐसा क्यों महसूस करता है कि शेक्सपीयर के लिए पत्थरों के स्मारक का निर्माण करने की
आवश्यकता नहीं है?
Answer
: Milton feels that it is not necessary to construct a monument for Shakespeare
because he has reached the zenith of his literary output which cannot be even
touched by the other so he is inmortal without monument.
मिल्टन
सोचता है कि शेक्सपीयर के लिए स्मारक बनाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह अपने साहित्यिक
लेखन के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच गया है जिसे दूसरों के लिए छूना भी संभव नहीं है इसलिए
वह बिना स्मारक के ही अमर है।
2. What
does the 'weak witness of thy name' refer to?
"तुम्हारे
नाम का कमजोर प्रतीक" का क्या अर्थ है?
Answer
: “Weak witness of thy name’is a reference of worldly structures like relics,
tombs, pyramids or sepulchres which decay and destroy with the passage of time
while Shakespeare's great literary output is for stronger witness to his name
and fame which is immortal. Thus, these worldly structures are weak witness in
comparison to this immortal literary creation.
'तुम्हारे
नाम का कमजोर प्रतीक' सांसारिक स्मारकों का प्रतीक है जैसे- स्मृति अवशेष, मकबरा, पिरामिड
और कब्र जो कि समय के साथ नष्ट हो जाते हैं जबकि शेक्सपीयर का महान साहित्यिक सृजन
उसके नाम और यश के लिए अत्यधिक शक्तिशाली है जो कि अमर है। इस प्रकार, ये सांसारिक
संरचनाएँ उसके अमर साहित्यिक सृजन की तुलना में कमजोर प्रतीक हैं।
3. How does Milton describe Shakespeare as the source of
inspiration for all succeeding generations of poets?
मिल्टन
शेक्सपीयर को कवियों की आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत के रूप में किस
प्रकार याद करता है?
Answer
: Shakespeare is a great literary warrior. His name and fame is matchless. He
has presented almost all aspects of human emotions in his literary output. The
coming generations of poets will always learn great lessons from his literary
output.
What
he has written is of universal nature free from the bondages of time and place.
His delphic lines will be interpretated in different ways. Thus, he will remain
a source of inspiration for all succeeding generations of poets.
शेक्सपीयर
महान् साहित्यिक योद्धा है। उसका नाम और यश अद्वितीय है। उसने अपने साहित्यिक लेखन
में सम्पूर्ण मानवीय भावनाओं का समावेश किया है। कवियों की आने वाली पीढ़ियाँ हमेशा
उसके साहित्यिक सृजन से महान् पाठ सीखती रहेंगी। उसने जो कुछ भी लिखा है वह समय और
स्थान के बन्धनों से मुक्त सार्वभौमिक प्रकृति का है। उसकी अस्पष्ट पंक्तियों की अलग-अलग
प्रकार से व्याख्या की जाती रहेगी। इस प्रकार वह आने वाली सभी पीढ़ियों के प्रेरणा
का स्रोत बना रहेगा।
4. What is the best tribute that posterity has bestowed on
Shakespeare?
भावी
पीढ़ियों द्वारा शेक्सपीयर को दिया गया सर्वश्रेष्ठ सम्मान क्या है?
Answer
: The best tribute that posterity has bestowed on Shakespeare is that they have
always kept him on the esteemed pedestal in their hearts. They have sought
lessons from his literary output as they consider his dramas and poems as a
great literary output. The generations that came after him have derived
inspiration from his work.
भावी
पीढ़ियों द्वारा शेक्सपीयर को दिया गया सर्वश्रेष्ठ सम्मान यह है कि उन्होंने उसे अपने
हृदय में अत्यन्त उच्च एवं सम्मानित आधार पर रखा हुआ है। उन्होंने उसकी महान् साहित्यिक
रचनाओं से बहुत कुछ सीखा है क्योंकि वे उसके नाटक और कविताओं को महान् साहित्य सृजन
मानते हैं। उसके बाद वाली पीढ़ियों ने उसके साहित्य सृजन से अत्यन्त प्रेरणा प्राप्त
की है।
Important Questions and Answers
I. On Time
Short Answer Type Questions :
1. Discuss the theme of the poem.
कविता
की विषय-वस्तु की व्याख्या कीजिए।
Answer
: According to the poet, the people of the world are lost in their
materialistic world. The poet considers it to be a bad time. The poet exhorts
this materialistic time to pass quickly. He hopes that as soon as this bad time
passes, the time of hope, peace, truth and love will reign all over the world.
The poet wishes that this world should be full of happiness and people should
be guided by God.
कवि
के अनुसार, संसार के लोग भौतिक संसार में खोए हुए हैं। कवि इसे बुरा वक्त मानता है।
कवि इस भौतिकवादी संसार को शीघ्र समाप्त होने का उपदेश देता है। उसे आशा है कि जैसे
ही यह बुरा समय व्यतीत हो जाएगा, तो आशा, शान्ति, सत्य और प्रेम का समय पूरे संसार
में शासन करेगा। कवि अपनी इच्छा व्यक्त करता है कि यह संसार खुशियों से परिपूर्ण हो
और मनुष्यों को ईश्वर द्वारा मार्गदर्शन मिले।
2. What is the “Supreme Throne of Him?”
"उसका
सर्वोच्च सिंहासन" क्या है?
Answer
: The 'Supreme Throne of Him'is the supreme throne of God or Heaven. In Heaven,
there is the reign of love, peace, truth and hope. In the company of God, soul
overcomes death and time and becomes immortal because, there, it removes all
its physical and temporal existence. It mingles with God and then God and soul
become one.
'उसका
सर्वोच्च सिंहासन' ईश्वर अथवा स्वर्ग का सर्वोच्च सिंहासन है । स्वर्ग में प्रेम, शान्ति,
सत्य और आशा का साम्राज्य है। ईश्वर के सान्निध्य में आत्मा मृत्यु और समय को जीत लेती
है और अमर हो जाती है क्योंकि वहाँ पर यह अपने सम्पूर्ण भौतिक एवम् सांसारिक अस्तित्त्व
को समाप्त कर देती है। यह ईश्वर के साथ घुलमिल जाती है और उसके बाद, ईश्वर और आत्मा
एक ही हो जाते हैं।
3. How can you define really good and perfectly divine,
according to Milton?
मिल्टन
के अनुसार वास्तविक रूप से श्रेष्ठ और सम्पूर्ण रूप में देवत्व को आप किस प्रकार परिभाषित
कर सकते हैं?
Answer
: According to Milton, ideal deeds done which are free from envy and falsehood
are really good in which love, hope, peace and truth are included. We can say
that these virtues are perfectly divine and take us nearer to divinity. Both
who shows these virtues and who receives the bliss of these virtues are blessed
and joyful. They feel themselves to be really good and perfectly divine.
मिल्टन
के अनुसार, किये गये आदर्श कार्य जो कि ईर्ष्या और झूठ से मुक्त होते हैं वास्तविक
रूप से श्रेष्ठ होते हैं जिनमें प्रेम, आशा, शान्ति और सत्य समाहित होते हैं । हम कह
सकते हैं कि गुण सम्पूर्ण रूप से दैवीय होते हैं और हमें देवत्व के नजदीक ले जाते हैं।
दोनों ही वह जो इन गुणों को दिखाते हैं और वह जो इन गुणों की खुशियों को प्राप्त करते
हैं, ईश्वर का सान्निध्य और खुशियाँ प्राप्त करते हैं । वे स्वयं को वास्तविक रूप से
श्रेष्ठ और सम्पूर्ण रूप में दैवीय अनुभव करते हैं।
4. The poet calls the time envious. Why?
कवि
समय को ईर्ष्यालु कहता है। क्यों?
Answer
: The poet thinks that time has its envious nature. By addressing time so, the
poet wants to indicate about the time when people are lost in vices like greed,
falsehood, envy etc. Through the symbol of envy, the poet indicates that greed,
selfishness etc. have filled a major portion of human life. Therefore, he calls
the time envious and wants that this time should pass away soon.
कवि
सोचता है कि समय की ईर्ष्यालु प्रवृत्ति है। समय को इस तरह सम्बोधित करके कवि उस समय
की ओर इशारा करना चाहता है जब लोग लालच, झूठ, ईर्ष्या जैसी बुराइयों में खोये हुए हैं।
ईर्ष्या के प्रतीक के माध्यम से कवि बताना चाहता है कि लालच, स्वार्थ इत्यादि ने मनुष्य
के जीवन के एक प्रमुख हिस्से को भर दिया है। अतः वह समय को ईर्ष्यालु कहता है और चाहता
है कि यह समय तुरन्त समाप्त हो जाए।
5. What idea does the poet want to convey through the
words- 'Earthy grossness?
'संसार
की बुराइयाँ' शब्द के माध्यम से कवि कौनसा विचार व्यक्त करना चाहता है?
Answer
: The poet has used the words ‘Earthy grossness' to exhibit that it is a bad
quality that enters human body and when a man quits from ‘Earthy grossness”, he
attains supreme consciousness. When a man is free from it, everything worldly
loses its meaning and significance. Then, the man becomes free from ups and
downs and pleasures and pains of life. Thus, our soul mingles with God.
कवि
ने 'संसार की बुराइयाँ' शब्द का प्रयोग यह दिखाने के लिए किया है कि यह एक दुर्गुण
है जो कि मानवीय शरीर में प्रवेश कर जाता है और जब व्यक्ति 'संसार की बुराइयों' से
मुक्त हो जाता है तो वह सर्वोच्च अंतर्चेतना को प्राप्त कर लेता है। जब व्यक्ति इससे
मुक्त हो जाता है तो प्रत्येक सांसारिक चीज अपना अर्थ और महत्ता खो देती है। तत्पश्चात,
व्यक्ति जीवन के उतार-चढ़ाव और सुख-दु:खों से मुक्त हो जाता है। इस प्रकार हमारी आत्मा
ईश्वर के साथ मिल जाती है।
Long Answer Type Questions :
1. How will our bliss be greeted with long eternity?
हमारे
आनंद को पारलौकिक शाश्वतता के द्वारा किस प्रकार सम्मानित किया जाएगा?
Answer
: The poet says that our bliss will be greeted by long eternity. It happens
when a human being's life is full of noble deeds. In this state, he achieves
the state of permanent bliss. These noble deeds or virtuous qualities are love
to humanity, selflessness and attaining peace inward and maintain peace in the
world.
While
doing noble deeds, a person followed the path of truth, love, peace and hope
along with joy. If a person follows the path of these virtues he feels blessed
forever and ever. Then, everything in the world seems to be serene and
peaceful. Thus, time becomes lovable to all of us and our bliss feels to be
greeted with long eternity.
कवि
कहता है कि हमारे स्थायी आनन्द को पारलौकिक शाश्वतता द्वारा सम्मानित किया जाता है।
ऐसा तब होता है जब मनुष्य का जीवन आदर्श कार्यों से परिपूर्ण होता है। इस स्थिति में
वह स्थायी आनन्द प्राप्त करता है। ये आदर्श कार्य अथवा गुण हैं- मानवता के प्रति प्रेम,
निस्वार्थता और आन्तरिक शान्ति प्राप्त करना तथा संसार में शान्ति बनाये रखना।
आदर्श
कार्य करते हुए व्यक्ति सत्य, प्रेम, शान्ति और आशा के साथ-साथ खुशी का अनुसरण करता
है। यदि कोई व्यक्ति इन गुणों का पालन करता है तो वह हमेशा-हमेशा के लिए सुखद अनुभूति
प्राप्त करता है। तत्पश्चात, संसार में प्रत्येक वस्तु उसे शान्त और गंभीर दिखाई देती
है। इस प्रकार, समय हम सब के लिए प्रिय हो जाता है और हमारा अनंत आनंद पारलौकिक शाश्वतता
के द्वारा सम्मानित महसूस करता है।
2. Give the central idea of the poem 'On Time'.
'On Time' कविता का भावार्थ दीजिए।
Answer
: “On Time’ is a religious poem of John Milton in which he emphasises that man
can escape from the ravages of time by attaining peaceful eternal life full of
joy. According to the poet, time shapes and influences the entire human life on
earth. It is time which is responsible for all the changes in human life and finally
even the death of human body.
The
poet expresses his great concern over it and wants that the time of sufferings
should pass as soon as it is possible along with all the evils of falsehood and
pain so that eternal time like heaven of truth, peace and love may be enjoyed
by every individual. The poet says that when love, peace, hope, truth will
reign over the earth, human beings will overcome not only death but time itself
also.
'ऑन
टाइम' जॉन मिल्टन की एक धार्मिक कविता है जिसमें वह जोर देता है कि मनुष्य समय के चिह्नों
से भी बच सकता है जब वह खुशी से परिपूर्ण अमर शान्त जीवन प्राप्त कर लेता है। कवि के
अनुसार, समय पृथ्वी के मनुष्य के सम्पूर्ण जीवन को आकार देता है और प्रभावित करता है।
यह समय है जो मनुष्य के जीवन में सारे परिवर्तनों का उत्तरदायी है और अन्त में, मानवीय
शरीर की मृत्यु के लिए भी।
कवि
इस पर अपनी सम्पूर्ण चिन्ता व्यक्त करता है और चाहता है कि झूठ और दुःख की बुराइयों
सहित यह कष्टों का समय जितनी जल्दी हो सके व्यतीत हो जाए ताकि सत्य का स्वर्ग, शांति,
प्रेम का शाश्वत समय का प्रत्येक व्यक्ति आनंद उठा सके। कवि कहता है कि जब प्रेम, शान्ति,
आशा, सत्य, पृथ्वी पर शासन करेंगे तो मनुष्य न केवल मृत्यु पर बल्कि स्वयं समय पर भी
विजय प्राप्त कर लेगा।
Seen Passages
Stanza-1.
Fly
envious, Time, till thou run out thy race,
Call
on the lazy leaden-stepping hours,
Whose
speed is but the heavy Plummets pace;
And
glut thy self with what thy womb devours,
Which
is no more than what is false and vain,
And
merely mortal dross;
So
little is our loss,
So
little is thy gain.
Questions
:
1.
What is the device used in Time and how?
'समय'
में कौनसी device का प्रयोग किया गया है और कैसे?
2.
What things does the poet want Time to devour?
कवि
किन चीजों को समय से चाहता है कि वह इन्हें निगल ले?
3.
What will be the outcome if Time devours all these things?
यदि
समय इन सारी चीजों को निगल ले तो इसका क्या परिणाम होगा?
Answers
:
1.
The device used in Time is personification as time has been personified as a
person and the poet asks Time to go away as soon as it can. This is the quality
of human beings that has been put into Time.
समय
में प्रयोग की गई device मानवीयकरण है क्योंकि समय को एक व्यक्ति के रूप में मानवीयकृत
किया गया है और कवि समय से जितनी जल्दी हो सके, चले जाने के लिए कहता है । यह मनुष्यों
का गुण है जो कि 'समय' में रख दिया गया है।
2.
The poet wants that Time should devour all these things that are false and
useless for humanity. The things like enmity and pomp should also be devoured
by Time.
कवि
चाहता है कि समय उन सारी चीजों को निगल ले जो कि मानवता के लिए झूठी व अनुपयोगी हैं।
शत्रुता और दिखावे जैसी चीजें भी समय द्वारा निगल ली जानी चाहिए।
3.
If Time devours all these useless and false things as these are the worst
things in the world, even then there is no loss of humanity but at the same
time, there will be no gain to Time.
यदि
समय इन सारी अनुपयोगी और झूठी चीजों को निगल ले, क्योंकि ये संसार की सबसे घटिया वस्तुएं
हैं तो भी मानवता को कोई हानि नहीं होगी लेकिन इसी समय पर समय को भी कुछ भी प्राप्ति
नहीं होगी।
Stanza-2.
For
when as each thing bad thou hast entomb’d,
And
last of all, thy greedy self consum'd,
Then
long Eternity shall greet our bliss
With
an individual kiss;
And
Joy shall overtake us as a flood,
When
every thing that is sincerely good
And
perfectly divine,
With
Truth, and Peace, and
Love
shall ever shine
Questions
:
1.
According to the poet, when will the greed and Time come to an end?
कवि
के अनुसार समय का लालच कब समाप्त होगा?
2.
What will happen when Time has consumed every bad thing?
जब
समय सभी बुरी चीजों का भक्षण कर लेगा, तब क्या होगा?
3.
What will happen when the earth is cleared from the influence of time?
जब
पृथ्वी समय के प्रभाव से मुक्त हो जाएगी, तब क्या होगा?
Answers
:
1.
According to the poet, the greed of Time will come to an end when Time will
consume all the things of the world which are useless and false. Then, nothing
will be left in the world for Time to devour.
कवि
के अनुसार, समय का लालच तब समाप्त हो जाएगा जब समय संसार की उन सारी चीजों को निगल
लेगा जो कि अनुपयोगी और झूठी हैं । तत्पश्चात, समय के लिए निगलने के लिए कुछ भी बाकी
नहीं बचेगा।
2.
When Time has consumed every bad thing, there will no longer be the pressure of
time passing and each individual person will be greeted from eternity.
जब
समय प्रत्येक बुरी चीज का भक्षण कर लेगा उसके बाद समय के व्यतीत होने का कोई भी दबाव
नहीं होगा और प्रत्येक व्यक्ति अमरता को प्राप्त होगा।
3.
When the earth is cleared from the influence of time, there will be joy, truth,
peace and love every where and these elements of the new earth will shine every
where.
जब
पृथ्वी समय के प्रभाव से मुक्त हो जाएगी, तो पृथ्वी पर सभी जगह पर खुशी, सत्य, शान्ति
और प्रेम होगा और नई पृथ्वी के ये तत्त्व हर स्थान पर चमकते रहेंगे।
Stanza-3
About
the supreme Throne
Of
him, whose happy-making sight alone,
When
once our heav'nly guided soul shall clime,
Then
all this Earthy grossnes quit,
Attir'd
with Stars, we shall for ever sit,
Triumphing
over Death, and Chance, and thee O Time.
Questions
:
1.
Where will all this happiness lead us?
यह
सम्पूर्ण खुशी हमें कहाँ पर लेकर जाएगी?
2.
What is the hope of the poet?
कवि
की क्या आशा है?
3.
What will people overcome after that?
उसके
बाद लोग किस पर विजय प्राप्त कर लेंगे?
Answers
:
1.
All this happiness will be oriented around God and his 'Supreme Throne'. The
sight of all this goodness will bring more joy and happy making moments.
यह
सम्पूर्ण खुशी ईश्वर और उसकी सर्वोच्च सत्ता के चारों ओर प्रेरित होगी। यह सम्पूर्ण
अच्छाई और ज्यादा खुशी और खुशियों से भरपूर समय को लेकर आएगी।
2.
The poet's hope is that when the unhappiness is eradicated from the earth, a
Heaven like world will descend to the earth. Then people will meet God not death.
कवि
की आशा है कि जब पृथ्वी से दुःख पूरी तरह समाप्त हो जाएगा तो पृथ्वी पर स्वर्ग जैसा
संसार उतरकर आ जाएगा। तब लोग ईश्वर से मुलाकात किया करेंगे न कि मृत्यु से।
3.
After that, people will wear the dress of stars and overcome death and chance.
Even they will overcome time itself without any worry of it.
इसके
पश्चात, लोग तारों भरे वस्त्र धारण करेंगे और मृत्यु और किसी भी प्रकार के भय के अवसर
पर विजय प्राप्त कर लेंगे। यहाँ तक कि वे बिना किसी चिन्ता के स्वयं समय पर भी विजय
प्राप्त कर लेंगे।
II. On Shakespear.
Short Answer Type Questions :
1. What words have been used by Milton for monuments?
मिल्टन
द्वारा स्मारक के लिए कौन-कौन से शब्दों का प्रयोग किया गया है?
Answer
: The words that have been used for monument are pyramid, piled stones, star-y
pointing, sepulchered, tomb.
वे
शब्द जो कि स्मारक के लिए प्रयोग किए गये हैं वे हैं-पिरामिड, पत्थरों का ढेर, तारों
भरा उच्च स्थान, कब्र और मकबरा।
2. How has Shakespeare built his momument?
शेक्सपीयर
ने अपना स्मारक किस प्रकार बनाया है?
Answer
: Shakespeare has built his momument through his literary output. He was so a
great writer that even today, he is matchless in the art of play writing. Even
no one has touched circumference of heights of his writing skill. That's why
even today has a permanent place in the hearts of his readers.
शेक्सपीयर
ने अपना स्मारक अपने लेखन की उपलब्धि द्वारा बनाया है। वह इतना महान लेखक था कि आज
तक भी वह नाटक लेखन की कला में अद्वितीय है। यहाँ तक किसी भी व्यक्ति ने उसके लेखन
कौशल की ऊँचाइयों की परिधि को भी नहीं छुआ है। यही कारण है कि आज भी पाठकों के हृदय
में उसका स्थायी स्थान बना हुआ है।
3. Why does Milton call Shakespeare as 'My
Shakespear'?
मिल्टन
शेक्सपीयर को 'मेरा शेक्सपीयर' क्यों कहता है?
Answer
: Milton calls Shakepeare as “My Shakespear' because he feels his connection to
the dead writer. He believes that whatever he writes will be shaved by those
who read the text in coming time and will find an intimacy of Milton with
Shakespeare.
मिल्टन
शेक्सपीयर को 'मेरा शेक्सपीयर' कहता है क्योंकि वह अपना सम्बन्ध शेक्सपीयर से महसूस
करता है। उसका विश्वास है कि वह जो कुछ भी लिखेगा उसे आने वाले समय में लोगों द्वारा
विस्तारित किया जाएगा और वे मिल्टन की शेक्सपीयर के साथ निकटता को पायेंगे।
4. Why does Milton call Shakespeare ‘Dear son of
memory'?
मिल्टन
शेक्सपीयर को 'स्मृति का प्रिय पुत्र' क्यों कहता है?
Answer
: Milton calls Shakespeare so because the leftovers from his vastly important
existence are nothing but the offspring of true memory.
मिल्टन
शेक्सपीयर को ऐसा इसलिए कहता है क्योंकि उसके (शेक्सपीयर के) विशाल महत्त्वपूर्ण अस्तित्व
द्वारा छोड़ा गया सृजन उसकी सच्ची स्मृति के सिवाय कुछ भी नहीं है।
5. What do you mean by hallowed relics?
पवित्र
स्मृति चिह्नों से आप क्या समझते हैं?
Answer
: When holy persons pass away, they leave some of things they used in their
lifetime like books, walking stick, spectacles, pen, diary etc. The people
think that these items may be wanted by the dead person in the life after death
so they place these items in his tomb. Thus, these items are considered to be
hallowed relics.
जब
धर्मात्मा व्यक्ति चले (गुज़र) जाते हैं, तो अपने पीछे कुछ ऐसी चीजें (वस्तुएँ) छोड़
जाते हैं जिनका उन्होंने अपने जीवनकाल में इस्तेमाल किया होता है जैसे-पुस्तकें, सहारा
देने वाली छड़ी, चश्में, कलम, डायरी इत्यादि। लोगों को लगता है कि मृत व्यक्ति को भी
मृत्योपरांत इन चीज़ों (वस्तुओं) की आवश्यकता होती है अतः वे इन्हें उनके मकबरे में
रख देते हैं। अतः, इन वस्तुओं को पवित्र स्मृति चिन्ह निर्धारित किया गया है।
Long Answer Type Questions :
1. Write a summary of the poem ‘On Shakespear. 1630' by
John Milton.
जॉन
मिल्टन द्वारा लिखित कविता 'On Shakespear. 1630' का सारांश लिखिए।
Answer
: 'On Shakespear. 1630' is a famous poem by John Milton which describes the
inappropriateness of any monument to the life of William Shakespeare. In the
beginning of the poem, the poet puts a question why Shakespeare should be remembered
through a pyramid-like structure built in his memory.
Milton
is of the opinion that physical structures and physical emblems can not draw
attention of the people because these structures of appreciation are mortal
with the passage of time and not sufficient enough to make the memory of
Shakespeare immortal.
Gradually,
the poem reaches the conclusion that the memory of Shakespeare has been templed
in the hearts of his readers. So those who read and view his work will be the
epoch carriers of his fame which will lost for the time yet to come.
'ऑन
शेक्सपीयर.1630' जॉन मिल्टन द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध कविता है जो कि विलियम शेक्सपीयर
के किसी भी प्रकार के स्मारक की अनुपयोगिता का वर्णन करती है। कविता के प्रारम्भ में
कवि प्रश्न पूछता है कि शेक्सपीयर को उनकी स्मृति में बनवाये गये पिरामिड जैसी किसी
संरचना से क्यों याद किया जाए।
मिल्टन
का विचार है कि भौतिक संरचना और भौतिक स्मृति स्थल सामान्य लोगों का ध्यान आकृष्ट नहीं
कर सकते हैं क्योंकि प्रशंसा की ये संरचनाएँ समय के साथ-साथ नष्ट होने वाली हैं और
शेक्सपीयर की स्मृति को अक्षुण्ण रखने में असमर्थ हैं। धीरे-धीरे कविता अपने निष्कर्ष
पर पहुँचती है कि शेक्सपीयर की स्मृति उसके पाठकों के मन्दिर रूपी हृदयों में विराजमान
है। इसलिए जो लोग भी उसके कार्यों को पढ़ेंगे अथवा देखेंगे वे उसके यश के युगीन वाहक
होंगे जो कि हमेशा आने वाले समय तक अमर रहेगा।
2. How does Milton takes inspiration from Shakespeare's
writings?
मिल्टन
शेक्सपीयर के लेखन से किस प्रकार प्रेरणा लेता है?
Answer
: Milton expresses his high words for Shakespeare's writing. He considers
Shakespeare to be the epitome of virtues. He has put numerous gems in his
writing which lead human beings on the path of virtuous life. He is so
visionary that no aspect of human emotions could escape from his sight. His
literary creation is a monument in itself.
Physical
monuments decay with the passage of time but this monument is constructed in
the heart of people so they will remember him with great respect and honour.
Milton addresses Shakespeare as dear son of memory' and 'great heir of fame' to
express his own feelings as well as the great esteem of common man. When he
thinks about Shakespeare, he is highly influenced with him and takes
inspiration to lead a life as Shakespeare has led.
मिल्टन
शेक्सपीयर के लेखन के लिए अत्यधिक सम्मान प्रदर्शित करता है। वह शेक्सपीयर को गुणों
की प्रतिमूर्ति मानता है। उसने अपने लेखन में अनगिनत रत्नों का प्रयोग किया है जो कि
मानवीय जीवन को गुणों से युक्त मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं । वह इतना दूरदृष्टि
युक्त है कि मानवीय भावनाओं का कोई भी पक्ष उसकी दृष्टि से ओझल नहीं हो पाया है। उसका
साहित्यिक सृजन स्वयं में ही एक स्मारक है।
भौतिकं
स्मारक समय के साथ-साथ नष्ट हो जाते हैं लेकिन ऐसा स्मारक मनुष्य के हृदय में निर्मित
होता है। अतः वे उसे अत्यन्त सम्मान के साथ याद करेंगे। मिल्टन शेक्सपीयर को स्मृति
का प्रिय पुत्र' एवं 'यश का महान उत्तराधिकारी के रूप में अपनी स्वयं की भावनाएं व्यक्त
करने तथा सामान्य मनुष्यों का अत्यधिक प्रेम प्रदर्शित करने के लिए सम्बोधित करता है।
जब वह शेक्सपीयर के बारे में सोचता है तो वह उससे अत्यधिक प्रभावित होता है और शेक्सपीयर
के जीवन जैसा ही जीवन वह स्वयं जीने की प्रेरणा लेता है।
Seen Passages
Stanza-1
What
needs my Shakespear for his honour'd Bones,
The
labour of an age in piled Stones,
Or
that his hallow'd reliques should be hid
Under
a Star-ypointing Pyramid?
Dear
son of memory, great heir of Fame,
What
need'st thou such weak witness of thy name?
Thou
in our wonder and astonishment
Hast
built thy self a live-long Monument.
Questions
:
1.
What does the poet want to convey in the first two lines?
पहली
दो पंक्तियों में कवि क्या कहना चाहता है?
2.
Why does the poet call Shakespeare great heir of Fame'?
कवि
शेक्सपीयर को 'यश का महान् उत्तराधिकारी' क्यों कहता है?
3.
How has Shakespeare built a 'live long monument'?
शेक्सपीयर
ने 'अमर यश के स्मारक' का किस प्रकार निर्माण किया?
Answers
:
1.
In the first two lines, the poet puts a question whether there is any need of
material construction to immortalize the memory of Shakespeare. In real, he
wants to say that there is not need of such structure. He has immortalized
himself through his work.
प्रथम
दो पंक्तियों में कवि प्रश्न करता है कि शेक्सपीयर की स्मृति को अमर रखने के लिये क्या
किसी भौतिक संरचना की आवश्यकता है। वास्तव में, वह कहना चाहता है कि इस प्रकार की किसी
संरचना की आवश्यकता नहीं है। उसने अपने कार्य से स्वयं को अमर कर लिया है।
2.
The poet calls Shakespeare a “great heir of Fame” because Shakespeare was a
literary giant that he was bestowed Fame without efforts to popularize him.
Fame came to him naturally
कवि
शेक्सपीयर को यश का महान् उत्तराधिकारी' कहता है क्योंकि शेक्सपीयर साहित्यिक रूप से
इतना समृद्ध था कि उसके पास यश लोकप्रिय बनाने के किसी भी प्रयास के बिना स्वतः ही
आ गया। यश उसके पास स्वाभाविक रूप से आया।
3.
Shakespeare has built his live long monument' through his literary creation.
His literary creation is so vast, so vivid and so standard that it can never be
forgotten for centuries yet to come.
शेक्सपीयर
ने अपने साहित्यिक सृजन से यश के स्मारक का निर्माण किया है। उसका साहित्यिक सृजन इतना
विशाल, इतना विविधतापूर्ण और उच्च स्तर का है कि वह आने वाली शताब्दियों में भी भूला
नहीं जा सकता है।
Stanza-2.
For
whilst to th’shame of slow endeavouring art,
Thy
easie numbers flow, and that each heart
Hath
from the leaves of thy unvalu'd Book,
Those
Delphic lines with deep impression took,
Then
thou our fancy of it self bereaving
Dost
make us Marble with too much conceaving;
And
so Sepulcher'd in such pomp dost lie,
That
Kings for such a Tomb would wish to die.
Questions
:
1.
What does the poet want to convey through 'Thy easie numbers flow'?
कवि
Thy easie numbers flow के माध्यम से क्या विचार व्यक्त करना चाहता है?
2.
Why does the poet mean by 'self bereaving'?
'आत्म
विमोह' से कवि का क्या आशय है?
3.
What type of tomb would the kings wish to die?
राजा
महाराजा किस प्रकार के स्मारक के लिए मृत्यु की इच्छा व्यक्त करेंगे?
Answers
:
1.
Through this line, the poet wants to convey the idea that Shakespeare has a
large and rich literary creation which dominate the mind of the readers.
इस
पंक्ति के माध्यम से कवि यह विचार व्यक्त करना चाहता है कि शेक्सपीयर का विशाल एवं
समृद्ध साहित्यिक सृजन है जो कि पाठकों के मन मस्तिष्क पर छा जाता है।
2.
By ‘self bereaving', the poet means that when the reader reads the literature
of Shakespeare, he forgets about himself. He becomes overwhelmed. He loses his
senses and love for himself. Thus, the state of self bereaving begins.
'आत्म
विमोह' से कवि का आशय यह है कि जब पाठक शेक्सपीयर के साहित्य को पढ़ता है तो वह स्वयं
को भूल जाता है। वह भाव विभोर हो जाता है। वह स्वयं की संवेदनाओं और स्वयं के प्रति
प्रेम को भूल जाता है। इस प्रकार, आत्म विमोह की अवस्था प्रारम्भ होती है।
3.
Shakespeare received a tremendous love and respect during his lifetime. His
literary creation has immortalised him. People keep his memory in their heart.
This is the reason, there is no need for his physical monument to witness his
genius. Such monument is always immortal. So even the kings would wish to die
in the manner of Shakespeare
शेक्सपीयर
ने अपने जीवनकाल में अत्यधिक प्रेम और सम्मान प्राप्त किया। उसके साहित्यिक सृजन ने
उसे अमर बना दिया है। लोग उसकी याद अपने हृदयों में रखते हैं।
यही कारण है कि उसकी विद्वत्ता के प्रत्यक्षदर्शी होने के लिए किसी भौतिक स्मारक की आवश्यकता नहीं है । ऐसा स्मारक हमेशा अमर रहता है। इसलिए राजा महाराजा भी शेक्सपीयर की तरह मृत्यु को प्राप्त होना चाहेंगे।