12th Hindi Elective अंतराल भाग 2 पाठ-1 सूरदास की झोंपड़ी

12th Hindi Elective अंतराल भाग 2 पाठ-1 सूरदास की झोंपड़ी
12th Hindi Elective अंतराल भाग 2 पाठ-1 सूरदास की झोंपड़ी
प्रश्न बैंक - सह - उत्तर पुस्तक (Question Bank-Cum-Answer Book) Class - 12 Hindi Elective पाठ-1 सूरदास की झोंपड़ी लेखक परिचय प्रेमचंद का जन्म वाराणसी जिले के लमही ग्राम में हुआ था। उनका मूल नाम धनपतराय था। प्रेमचंद ने अपने लेखन की शुरुआत पहले उर्दू में नवावराय के नाम से की, बाद में हिन्दी में लिखने लगे। उन्होंने अपने साहित्य में किसानों, दलितों, नारियों की वेदना और वर्ण-व्यवस्था की कुरीतियों का मार्मिक चित्रण किया है। उन्होंने समाज सुधार और राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत अनेक उपन्यासों एवं कहानियों की रचना की। हिन्दी भाषा को लोकप्रिय बनाने में उनका विशेष योगदान है। संस्कृत के प्रचलित शब्दों के साथ-साथ उर्दू की खानी इनकी विशेषता है। इनकी प्रमुख रचनाएँ- मानसरोवर (आठ भाग) गुप्त धन (दो भाग) (कहानी संग्रह) निर्मला. सेवासदन, रंगभूमि, कर्मभूमि, गबन, गोदान (उपन्यास) कर्बला, संग्राम, प्रेम की वेदी (नाटक) कुछ विचार (साहित्यिक निबंध) है। पाठ परिचय सूरदास की झोंपड़ी प्रेमचंद के उपन्यास रंगभूमि का एक अंश है। एक दृष्टिहीन व्यक्ति जितना बेबस और लाचार जीवन जीने को अभिशप्त होता है। सूरदास का चरित्र ठीक इसके विपर…