झारखण्ड अधिविद्य परिषद्
ANNUAL INTERMEDIATE ΕΧΑΜΙΝΑΤΙΟΝ – 2026
PSYCHOLOGY (17.02.2026)
सामान्य
निर्देश :
1.
इस प्रश्न-पुस्तिका में दो भाग भाग-A तथा भाग-B हैं।
2.
भाग-A में 25 अंक के बहुविकल्पीय प्रश्न तथा भाग-B में
45 अंक के विषयनिष्ठ प्रश्न हैं।
3.
परीक्षार्थी को अलग से उपलब्ध कराई गई उत्तर-पुस्तिका
में उत्तर देना है।
4.
भाग-A इसमें 25 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं जिनके 4 विकल्प (A, B, C तथा D) हैं। परीक्षार्थी
को उत्तर-पुस्तिका में सही उत्तर लिखना है। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न
1 अंक का है। गलत उत्तर के लिए कोई अंक काटा नहीं जाएगा।
5.
भाग-B इस भाग में तीन खण्ड खण्ड-A, B तथा C हैं। इस भाग में अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय
तथा दीर्घ उत्तरीय प्रकार के विषयनिष्ठ प्रश्न हैं। कुल प्रश्नों की संख्या 23 है।
खण्ड-A
- प्रश्न संख्या 26-34 अति लघु उत्तरीय हैं। किन्हीं 7 प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक
प्रश्न 1 अंक का है।
खण्ड-B
- प्रश्न संख्या 35-42 लघु उत्तरीय हैं। किन्हीं 6 प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक
प्रश्न 3 अंक का है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 150 शब्दों में दें।
खण्ड-C
- प्रश्न संख्या 43-48 दीर्घ उत्तरीय हैं। किन्हीं 4 प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक
प्रश्न 5 अंक का है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 250 शब्दों में दें।
6.
परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में ही उत्तर दें।
7.
जहाँ आवश्यक हो स्वच्छ तथा स्पष्ट रेखाचित्र बनाएँ।
8.
परीक्षार्थी परीक्षा भवन छोड़ने के पहले अपनी उत्तर-पुस्तिका वीक्षक को अनिवार्य रूप
से लौटा दें।
9.
परीक्षा समाप्त होने के उपरांत परीक्षार्थी प्रश्न-पुस्तिका अपने साथ लेकर जा सकते
हैं।
भाग-A (बहुविकल्पीय प्रश्न )
प्रश्न
संख्या 1 से 25 तक बहुविकल्पीय प्रकार हैं। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प हैं। सही
विकल्प चुनकर उत्तर पुस्तिका में लिखें। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है। 1x25=25
1. बुद्धि के 'पास' (PASS) मॉडल किसने प्रस्तावित किया है ?
(A)
बिने
(B)
नागलीरी
(C)
किर्बी
(D) जे. पी. दास
2. किस
आयु के बच्चों में अभिक्षमताएँ स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ने लगती हैं ?
(A) 11 से 13 वर्ष
(B) 15 से 18 वर्ष
(C) 7 से 10 वर्ष
(D) 18 से 21 वर्ष
3. बुद्धि
के कितने प्रकार हैं ?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
4. शेल्डन
के अनुसार, शारीरिक बनावट का आधार निम्न में से कौन नहीं है ?
(A) स्थूलकाय
(B) गोलाकार
(C) आयताकार
(D) लंबाकार
5. निम्नलिखित
में कौन प्रभु ग्रन्थि (Master gland) है ?
(A) थॉयराइड ग्रन्थि
(B) पीयूष ग्रन्थि
(C) यौन ग्रन्थि
(D) एड्रिनल ग्रन्थि
6. थिमैटिक
एपरसेप्शन टेस्ट (T.A.T.) 1935 ई० में किसने विकसित किया ?
(A) फ्रायड और गार्डनर
(B) मरें और स्पीरा
(C) मार्गन और फ्रायड
(D) मार्गन और मरें
7. निम्न
में से समायोजन के क्षेत्र में कौन नहीं आता है ?
(A) शैक्षणिक
(B) व्यावसायिक
(C) संवेगात्मक
(D) किशोरों एवं वृद्धों के समायोजन की समस्याएँ
8. किस
प्रदूषण के कारण ध्यान में कमी आती है ?
(A) कोलाहल प्रदूषण
(B)
वायु प्रदूषण
(C) भीड़
(D) जल प्रदूषण
9. निम्न
में से कौन निर्धनता का कारण नहीं है ?
(A) वृहत जनसंख्या
(B) संपत्ति का असमान वितरण
(C) बेरोजगारी
(D) भ्रष्टाचार का उन्मूलन
10. दैनिक
मनोविकृति क्या है ?
(A) इससे पीड़ित व्यक्ति गंभीर रोगग्रस्त समझता
है, चिकित्सक के पास बार-बार जाता है
(B) इससे पीड़ित व्यक्ति घर में इलाज कराता है
(C) (A) एवं (B) दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं
11. मनोभाव
विकृतियाँ (Mood disorder) कितने प्रकार की होती हैं ?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
12. मनोभाव
(Mood disorder) से पीड़ित व्यक्ति
(A) आत्महत्या करने की कोशिश करता है
(B) मानसिक आरोग्यशाला जाना चाहता है
(C) परामर्श केन्द्र जाना चाहता है
(D) इनमें से कोई नहीं
13. बाल
अपराधी के व्यवहार में सुधार लाने के लिये कहाँ रखा जाता है?
(A) जेल में
(B) बाल सुधार गृह
(C) वृद्धा आश्रम में
(D) मानसिक आरोग्यशाला
14. आयुर्वेद
में जीवनशैली के मूल तत्व कितने हैं ?
(A) दो
(B) चार
(C) छः
(D) आठ
15. फ्रायड
के अनुसार मनोलैंगिक विकास की अवस्थाएँ कितनी हैं ?
(A) चार
(B) पाँच
(C) छः
(D) तीन
16. 'रेकी' (Reiki) शब्द क्या है ?
(A)
अंग्रेजी
(B) जापानी
(C)
लैटिन
(D)
रूसी
17. भारत
में पूर्वधारणाओं को नियंत्रित करने के उपायों से कौन संबंधित नहीं है ?
(A) पूर्वधारणा को दूर करने में परिवार एवं शिक्षक की भूमिका
(B) साक्षरता एवं शिक्षा
(C) अन्तर्जातीय विवाह
(D) पूर्व सम्मत विश्वास
18. निम्न
में से कौन मनोवृत्ति का परिवर्तन से संबंधित नहीं है ?
(A) व्यक्तिगत अस्पष्ट अनुभव
(B) जनमाध्यम एवं संप्रेषण
(C) प्रचार
(D) ख्याति (प्रतिष्ठा)
19. किस
समूह के सदस्यों के बीच 'हम की भावना' पाई जाती है ?
(A) औपचारिक समूह
(B) अनौपचारिक समूह
(C) गौण समूह
(D) बाह्य समूह
20. समूह
संरचना के मुख्य कितने संघटक हैं ?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
21. निरीक्षण
कौशल के कितने उपागम हैं ?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पाँच
22. वैश्विक
गर्मी (Global warming) क्या है ?
(A) वायुमण्डलीय और समुद्री तापमान में निरन्तर
वृद्धि होना
(B) जलवायु में होनेवाले परिवर्तन
(C) जल प्रदूषण और वायु प्रदूषण
(D) इनमें से कोई नहीं
23. भारत
में निर्धनता रेखा बनाई गयी है। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धनता रेखा कितने कैलोरी
ग्रहण से निर्धारित की जाती है ?
(A) प्रति व्यक्ति 2400 कैलोरी
(B) प्रति व्यक्ति 2100 कैलोरी
(C) प्रति व्यक्ति 2500 कैलोरी
(D) इनमें से कोई नहीं
24. निम्न
में से कौन साक्षात्कार का चरण नहीं है?
(A) प्रारंभिक तैयारी
(B) अध्ययन की विश्वसनीयता
(C) साक्षात्कार का संचालन या प्रश्नोत्तर चरण
(D) साक्षात्कार समापन
25. आत्म-अनुशासन
क्या है ?
(A) अपनी भावनाओं, संवेगों, व्यवहारों पर बहुत
अधिक नियंत्रण रखना
(B) एक व्यक्ति दूसरे के अनुभव या भावों को स्वयं के अनुभव
या भाव समझता है
(C) अनुभवों, विचारों को सहज रूप से स्वीकार करने की सहनशीलता
हो
(D) इनमें से कोई नहीं
भाग-B खण्ड - A (अति लघु उत्तरीय प्रश्न)
किन्हीं सात प्रश्नों के उत्तर दें। 1x7=7
26. मौखिक
परीक्षण क्या है ?
उत्तर - एक ऐसी मूल्यांकन पद्धति है जिसमें छात्र या उम्मीदवार से
मौखिक रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं और वे उनके उत्तर भी बोलकर ही देते हैं। इसे
अक्सर 'वाइवा-वोस' (Viva-Voce) के नाम से भी जाना जाता है।
27. समायोजन
का क्या अर्थ है ?
उत्तर - समायोजन का अर्थ व्यक्ति द्वारा अपनी आवश्यकताओं और
वातावरण की परिस्थितियों के बीच संतुलन स्थापित करना है।
28. मानसिक
द्वंद्व क्या है ?
उत्तर - मन की वह स्थिति है जब व्यक्ति दो या दो से अधिक परस्पर
विरोधी विचारों, इच्छाओं, भावनाओं या विकल्पों के बीच फंस जाता है और निर्णय नहीं
ले पाता।
29. चिन्तन
मनोविकार क्या है ?
उत्तर - मानसिक विकारों का एक समूह है, जिसमें व्यक्ति की सोचने
की प्रक्रिया, विचारों के संगठन और तर्क क्षमता में गंभीर व्यवधान उत्पन्न होता
है।
30. मनोचिकित्सा
क्या है ?
उत्तर- मनोजन्य कारणों से उत्पन्न होने वाले मानसिक विकारों
के उपचार में उपयोग की जाने वाली मनोवैज्ञानिक प्रविधियों को मनोचिकित्सा कहा जाता
है।
31. मनोवृत्ति
क्या है ?
उत्तर - किसी व्यक्ति, विचार, वस्तु या परिस्थिति के प्रति
सकारात्मक, नकारात्मक या तटस्थ मूल्यांकन (मूल्यांकनत्मक झुकाव) है।
32. औपचारिक
समूह क्या है ?
उत्तर - वे समूह हैं जो किसी विशिष्ट उद्देश्य, लक्ष्य या कार्य
को पूरा करने के लिए नियमों, कानूनों या प्राधिकरण (Authority) द्वारा जानबूझकर और
व्यवस्थित रूप से बनाए जाते हैं।
33. प्राकृतिक
आपदाएँ क्या हैं?
उत्तर - प्राकृतिक कारणों या प्रकृतिजनित परिवर्तनों के कारण
उत्पन्न होने वाले संकट को प्राकृतिक आपदा कहते हैं; जैसे-भू-स्खलन, भूकम्प, बाढ़,
सूखा, सुनामी, चक्रवात, ज्वालामुखी विस्फोट आदि।
34. शान्ति
का क्या अर्थ है ?
उत्तर - मन, विचारों और भावनाओं की ऐसी अवस्था जिसमें व्यक्ति
तनाव, क्रोध, भय या अशान्ति से मुक्त होकर आन्तरिक संतुलन और मानसिक स्थिरता का
अनुभव करता है।
खण्ड - B (लघु उत्तरीय प्रश्न)
किन्हीं छः प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर
अधिकतम 150 शब्दों में दें। 3 x 6=18
35. व्यक्तिगत
परीक्षण और सामूहिक परीक्षण में क्या अंतर है ?
उत्तर -
|
व्यक्तिगत परीक्षण |
सामूहिक परीक्षण |
|
1.
व्यक्तिगत परीक्षण में विशेष योग्यता से युक्त विशेषज्ञ की आवश्यकता पड़ती है। |
सामूहिक परीक्षा साधारण ज्ञान वाला व्यक्ति भी ले सकता
है। |
|
2.
इस परीक्षा में अधिक समय खर्च होता है, क्योंकि एक समय में एक व्यक्ति की ही परीक्षा
ली जा सकती है। |
इस परीक्षा में समय की बचत होती है, क्योंकि एक ही साथ
बहुत सारे व्यक्तियों की परीक्षा ली जा सकती है। |
|
3.
व्यक्तिगत परीक्षण छोटे बालकों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होता है। |
यह परीक्षण बड़े लोगों के लिए ठीक रहता है। |
|
4.
इसके अन्तर्गत परीक्षण-पद या प्रश्न कठिन स्तर के होते हैं। प्रश्नों के निर्धारण
में भी कठिनाई होती है। |
इसमें प्रश्न सरल होते हैं और थोड़े समय में ही प्रखर,
सामान्य तथा मन्द बुद्धि के बालकों का पता चल जाता है। यहाँ प्रश्नों के निर्धारण
में कठिनाई नहीं आती है। |
|
5.
बालक तथा परीक्षक का व्यक्तिगत सम्पर्क होने से उचित भाव-सम्बन्ध स्थापित हो जाते
हैं। |
इस प्रकार के सम्पर्क का अभाव रहने से ठीक प्रकार से भाव
सम्बन्ध स्थापित नहीं हो पाते। |
|
6.
इस परीक्षण में व्यक्ति के मन का सम्यक् ज्ञान नहीं हो पाता है। |
इसमें सामूहिक बुद्धि का ज्ञान हो जाता है। |
|
7.
व्यक्तिगत परीक्षाओं में भाषा, ज्ञान तथा व्यावहारिकता का विशेष प्रभाव पड़ता है। |
सामूहिक परीक्षा में ऐसा कुछ नहीं होने पाता है। |
|
8.
इन परीक्षणों में बालक प्रायः घबरा जाते हैं। |
इनको संचालित करते समय व्यक्ति खुशी से सहयोग देता है। |
|
9.
व्यक्तिगत परीक्षण अधिक खर्चीले होते हैं। |
कम खर्चीले होने के कारण निर्धन देशों के लिए भी उपयोगी
सिद्ध होते हैं। |
|
10.
इनमें परीक्षणों की विश्वसनीयता तथा वैधता अधिक पायी जाती है। |
सामूहिक परीक्षणों में इन गुणों का अभाव रहने की सम्भावना
रहती है। |
36. प्रतिभाशाली
बालकों की विशेषताओं को लिखें।
उत्तर - प्रतिभावान बालकों की मुख्य विशेषतायें निम्नलिखित हैं–
1. प्रतिभावान बालकों की बुद्धिलब्धि 120 के ऊपर होती है।
2. प्रतिभावान बालकों का शारीरिक, मानसिक एवं भावात्मक
विकास अन्य बालकों की तुलना में जल्दी व उच्च कोटि का होता है।
3. ये बच्चे कठिन कार्यों में रुचि लेते हैं।
4. ये बालक किसी घटना का बारीकी से निरीक्षण करते हैं।
5. इन बच्चों का शब्द कोष विस्तृत होता है।
6. बुद्धि की व्यक्तित्व परीक्षा में उच्च स्थान प्राप्त
करते हैं।
7. किसी विषय का गहन अध्ययन करते हैं।
8. इन बालकों का सामान्य ज्ञान उच्च स्तर का होता है।
9. इन बालकों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण होता है।
10. ये बालक अपने से बड़ों के साथ दोस्ती करने में झिझक
महसूस नहीं करते हैं।
11. प्रतिभावान बालकों की रुचियों में पर्याप्त विभिन्नता
होती है। ये बालक अनेक प्रकार के कार्यों में रुचि लेते हैं। अपनी रुचि के कार्यों
में बड़ी लगन तथा धैर्य के साथ कार्य करते हैं।
12. प्रतिभाशाली बालकों में सहयोग, सहिष्णुता, ईमानदारी,
दयालुता तथा परोपकार जैसे मानवीय गुण अपेक्षाकृत अधिक होते हैं।
13. ये बच्चे बड़े होकर पारिवारिक जीवन में अपेक्षाकृत अधिक
सुखी होते हैं।
14. प्रतिभाशाली बालकों का मानसिक स्वास्थ्य उत्तम होता है।
15. ये बालक खेलकूद में अधिक भाग नहीं लेते हैं। यदि वे भाग
लेते हैं तो सफलता प्राप्त करते हैं। खेलकूद की अपेक्षा अपने से बड़ों के साथ
मानसिक चिन्तायुक्त वाद– विवादों में भाग लेना अधिक पसंद करते हैं।
16. ये बच्चे बड़े होकर अपने व्यवसाय में अपेक्षाकृत अधिक
सफलता प्राप्त करते है |
17. ये बच्चे समय को बर्बाद करना पसंद नहीं करते।
18. इन बच्चों में तर्क– शक्ति पर्याप्त होती है।
19. ये बच्चे चिन्तन प्रधान होते हैं।
20. अधिकांशतः विनोदप्रिय होते हैं।
37. प्रतिबल
के प्रकार लिखें।
उत्तर - प्रतिबल के प्रकार निम्नलिखित हैं-
1. यू-स्ट्रेस
: यह सकारात्मक तनाव है जो व्यक्ति
को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है (जैसे- परीक्षा का समय पर होना) और यह
अल्पकालिक होता है।
2. डिस्ट्रेस : यह नकारात्मक तनाव है जो हानिकारक होता है और यदि लंबे
समय तक बना रहे, तो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।
3. तीव्र
तनाव : यह अचानक होने वाली
घटनाओं के कारण उत्पन्न होता है और जल्दी ही ठीक हो जाता है।
4. दीर्घकालिक
तनाव : यह लंबे समय तक बना
रहने वाला तनाव है (जैसे- नौकरी की अनिश्चितता या खराब रिश्ते) जो स्वास्थ्य के
लिए बहुत खतरनाक है।
38. असामान्य
व्यवहार की विशेषताओं को लिखें।
उत्तर - असामान्य व्यवहार की विशेषताएँ:
1. समाज विरोधी व्यवहारः असामान्य व्यवहार समाज विरोधी होता है। असामान्य व्यवहार
सामान्यतया सामाजिक रूप से स्वीकृत नियमों, मानकों, मूल्यों एवं प्रत्याशाओं के
प्रतिकूल होता है।
2. परिस्थिति के प्रतिकूल व्यवहारः असामान्य व्यवहार का वास्तविकता से कोई सम्बन्ध नहीं होता
है अतएव यह व्यवहार परिस्थिति के प्रतिकूल होता है।
3. मानसिक असन्तुलनः असामान्य व्यवहार करने वाले व्यक्ति मानसिक रूप से
असन्तुलित होते हैं। असामान्य लोगों के व्यक्तित्व के ज्ञानात्मक, भावात्मक एवं
क्रियात्मक पक्षों के बीच कोई समन्वय या सन्तुलन नहीं रहता है। इसी मानसिक
असन्तुलन के कारण व्यक्ति के विचारों में अस्थिरता व असंगतता दिखाई पड़ती है।
4. सूझ की कमीः असामान्य व्यक्ति के व्यवहार में सूझ की काफी कमी होती है। उसे कहाँ, कैसे व
क्या व्यवहार करना चाहिए, इसकी समझ नहीं रहती है। इस प्रकार से वह उचित व अनुचित
की परख करने में असमर्थ पाया जाता है।
5. ऊटपटांग व्यवहारः असामान्य व्यक्ति के व्यवहार में नियमितता या प्रासंगिकता
का अभाव होता है। इस प्रकार के व्यक्ति घण्टों धूप में घूमते रहते हैं तथा एक ही
पैर पर खड़े रहते हैं। इस प्रकार उसके व्यवहार में विचित्रता की विशेषता परिलक्षित
होती रहती है।
6. अपर्याप्त समायोजनः असामान्य व्यक्तियों के व्यवहार में समायोजन की
अपर्याप्तता पायी जाती है। इस प्रकार के व्यक्ति का व्यवहार 'अनभिज्ञयोजित' स्वरूप
का होता है। सांवेगिक अस्थिरता (Emotional instability) के कारण इनकी मानसिक
स्थिति निरन्तर बदलती रहती है। जिससे इसकी सामाजिक एवं घरेलू समायोजन क्षमता
मुश्किल दर मुश्किल होती जाती है।
अतः इन विशेषताओं के आधार पर उनकी (असामान्य व्यक्ति) पहचान
की जा सकती है।
39. आज
के युग में कम्प्यूटर का क्या उपयोग है ?
उत्तर - यह डेटा को व्यवस्थित करने, ऑनलाइन शिक्षा, त्वरित संचार
(ईमेल), और जटिल मानसिक स्वास्थ्य अध्ययनों (जैसे डेटा विश्लेषण, मस्तिष्क
मानचित्रण) में प्रमुख भूमिका निभाता है, जिससे समय और धन की बचत होती है।
मनोविज्ञान और अन्य क्षेत्रों में कंप्यूटर के मुख्य उपयोग:
1. मनोवैज्ञानिक
शोध और डेटा विश्लेषण:
कंप्यूटर SPSS, R, और SAS जैसे सॉफ्टवेयर के माध्यम से मनोवैज्ञानिक डेटा का
सांख्यिकीय विश्लेषण, सर्वेक्षण (ऑनलाइन प्रश्नावली), और मानसिक प्रक्रियाओं को
समझने में मदद करते हैं।
2. स्वास्थ्य
और निदान (चिकित्सा):
मरीजों के रिकॉर्ड को बनाए रखने, नैदानिक जांच रिपोर्टों (जैसे fMRI, EEG, PET
स्कैन) को संसाधित करने और वर्चुअल रियलिटी (VR) के माध्यम से उपचार (जैसे फोबिया
का इलाज) में सहायक है।
3. शिक्षा
और अधिगम: छात्रों के लिए
ऑनलाइन शिक्षा, शोध, ज्ञान प्राप्ति, और स्मार्ट क्लासरूम में उपयोग (पावरपॉइंट,
ऑडियो-विजुअल सहायक) के लिए अपरिहार्य है।
4. संचार
और सूचना प्रौद्योगिकी:
इंटरनेट, ईमेल, और सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया भर में जानकारी का त्वरित
आदान-प्रदान और संचार संभव हुआ है।
5. व्यापार
और कार्यालय: लेखा-जोखा
(Accounting), रिपोर्टिंग, डेटा संग्रहण (Storage), और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं
को स्वचालित और सटीक बनाने के लिए उपयोग होता है।
40. अच्छे
नागरिक के गुण लिखें।
उत्तर - एक अच्छे नागरिक में होने वाले गुण
1. ईमानदारी
- हमेशा सच बोलना और सही काम करना।
2. सहयोगी
भावना - दूसरों की मदद करना और समाज के लिए काम करना।
3. सविनयता
- नियमों का पालन करना और अनुशासन में रहना।
4. सहनशीलता
- दूसरों के विचारों और मतभेदों को स्वीकार करना।
5. देशभक्ति
- अपने देश से प्रेम करना और उसकी सेवा करना।
6. सामाजिक
जिम्मेदारी - समाज के विकास में योगदान देना और पर्यावरण की रक्षा करना।
7. सम्मान
- सभी लोगों का सम्मान करना, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म या वर्ग के हों।
8. न्यायप्रियता
- अन्याय के खिलाफ खड़ा होना और सही के लिए लड़ना।
41. संचार
क्रांति के लाभ लिखें।
उत्तर - संचार क्रांति का अर्थ केवल तकनीक का विकास नहीं है, बल्कि इस
बात से है कि कैसे इसने मानव व्यवहार, संबंधों और सूचनाओं के आदान-प्रदान के तरीके
को बदल दिया है।
1. सूचना
का त्वरित आदान-प्रदान:
संचार के माध्यम से सूचना, विचार, आदेश आदि तुरंत एक स्थान से दूसरे स्थान तक
पहुँचाए जा सकते हैं।
2. व्यापार
में सहूलियत: व्यापारिक लेन-देन,
ऑर्डर, भुगतान आदि संचार के माध्यम से शीघ्रता से किए जा सकते हैं।
3. शासन
और प्रशासन में सहायता:
सरकार और प्रशासनिक तंत्र को जनता तक योजनाएँ, सूचनाएँ पहुँचाने में संचार की बड़ी
भूमिका है।
4. शिक्षा
और जागरूकता: संचार के माध्यम से
शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आदि क्षेत्रों में जागरूकता लाई जा सकती है।
42. जल
प्रदूषण से व्यक्ति के व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर - जल-प्रदूषण सीधे मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता
है, जिससे व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर असर होता है। दूषित जल
स्रोत संक्रमण एवं अनेक बीमारियों का कारण बनते हैं, जिससे चिंता एवं तनाव बढ़ता
है। पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के कारण सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में भी बदलाव आता
है, जो व्यक्ति के व्यवहार, मनोदशा एवं सामाजिक सहयोग पर प्रतिकूल प्रभाव डालता
है।
खण्ड - C (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर
अधिकतम 250 शब्दों में दें। 5 x 4 = 20
43. प्रभावी
मनोवैज्ञानिक की विशेषताओं का वर्णन करें।
उत्तर - एक प्रभावी मनोवैज्ञानिक (Effective Psychologist) में
उच्च संवेगात्मक स्थिरता, गहन सहानुभूति (Empathy), सक्रिय श्रवण क्षमता (Active
Listening), निष्पक्षता (Non-judgmental attitude) और उत्कृष्ट संचार कौशल जैसी
विशेषताएँ होती हैं।
प्रभावी मनोवैज्ञानिक की प्रमुख विशेषताएँ:
1. सक्रिय
श्रवण और संचार कौशल: वे
न केवल सुनते हैं, बल्कि क्लाइंट की बातों के पीछे के निहितार्थ (non-verbal cues)
को भी समझते हैं और जटिल मनोवैज्ञानिक अवधारणाओं को सरलता से समझाते हैं।
2. सहानुभूति: बिना क्लाइंट की समस्याओं में खुद उलझे, उनकी भावनाओं को
समझना और उनके दृष्टिकोण से दुनिया को देखना।
3. निर्णय-मुक्त
दृष्टिकोण: बिना आलोचना या
निर्णय किए क्लाइंट को अपनी बात कहने के लिए एक सुरक्षित माहौल देना।
4. संवेगात्मक
स्थिरता और लचीलापन: गंभीर भावनात्मक
मामलों से निपटते समय भी शांत, संतुलित और केंद्रित रहना।
5. विश्लेषणात्मक
और रचनात्मक सोच: जटिल
मनोवैज्ञानिक समस्याओं का आकलन करना और नवीन उपचार योजनाएँ तैयार करना।
6. नैतिकता
और व्यावसायिकता: क्लाइंट की
गोपनीयता बनाए रखना और पेशेवर व्यवहार का पालन करना।
7. सांस्कृतिक
संवेदनशीलता: विभिन्न सांस्कृतिक
पृष्ठभूमि के लोगों को समझने और सम्मान देने की क्षमता।
44. पर्यावरण
सुरक्षा की उपायों की चर्चा करें।
उत्तर - पर्यावरण की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा
सकते हैं:
1. वृक्षारोपण
करें: अधिक से अधिक पेड़
लगाएं, क्योंकि पेड़ वायु को शुद्ध करते हैं और जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन प्रदान
करते हैं।
2. कचरा
प्रबंधन: कूड़ा-कचरा सही तरीके
से निपटाएं, प्लास्टिक का कम उपयोग करें और कूड़ा पुनः उपयोग (रीसायक्लिंग) की
व्यवस्था अपनाएं।
3. जल
संरक्षण: पानी को बर्बाद न
करें, वर्षा जल संचयन करें और जल प्रदूषण से बचाव करें।
4. ऊर्जा
की बचत: बिजली और अन्य ऊर्जा
स्त्रोतों का विवेकपूर्ण उपयोग करें, ऊर्जा बचाने वाले उपकरणों का उपयोग करें।
5. प्रदूषण
नियंत्रण: औद्योगिक और घरेलू
प्रदूषण को कम करने के लिए नियमों का पालन करें, गाड़ी चलाते समय प्रदूषण नियंत्रण
मास्क या कैटेलिटिक कन्वर्टर का उपयोग करें।
6. प्राकृतिक
संसाधनों का संरक्षण: प्राकृतिक
संसाधनों का अत्याधिक दोहन न करें, संतुलित और सतत उपयोग करें।
7. जैव
विविधता का संरक्षण: जंगली जीवों और
वनस्पतियों का संरक्षण करें, उनके आवास को सुरक्षित रखें।
8. सतत
खेती और पर्यावरण अनुकूल तकनीक:
रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग में कमी करें और जैविक खेती को बढ़ावा
दें।
45. प्राथमिक
समूह और गौण समूह में क्या अन्तर है ?
उत्तर - प्राथमिक समूह: यह वह समूह होता है जिसमें सदस्यों
के बीच आमने-सामने (face-to-face) का सीधा संपर्क, घनिष्ठता और पारस्परिक सहयोग
होता है। इसमें भावनात्मक जुड़ाव बहुत गहरा होता है। उदाहरण: परिवार, करीबी
दोस्तों का समूह (Peer group), पड़ोस।
गौण समूह: यह
वह समूह होता है जिसमें सदस्यों के बीच संबंध औपचारिक (formal), अप्रत्यक्ष और
अवैयक्तिक (impersonal) होते हैं। लोग इसमें किसी विशेष उद्देश्य या स्वार्थ की
पूर्ति के लिए जुड़ते हैं। उदाहरण: राजनीतिक दल, मज़दूर संघ (Trade Union), कोई
व्यावसायिक संगठन या बड़ा स्कूल/कॉलेज।
प्राथमिक और गौण समूह में मुख्य अंतर-
|
तुलना का आधार |
प्राथमिक समूह |
गौण/द्वितीयक समूह |
|
आकार |
इनका आकार बहुत छोटा होता है। |
इनका आकार काफी बड़ा और विस्तृत होता है। |
|
संबंधों की प्रकृति |
संबंध व्यक्तिगत, घनिष्ठ और आत्मीय होते हैं। |
संबंध औपचारिक, अवैयक्तिक और दिखावटी होते हैं। |
|
संपर्क |
सदस्यों के बीच प्रत्यक्ष (आमने-सामने) का संपर्क होता
है। |
सदस्यों के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क होता है (जैसे- ईमेल,
पत्र या नोटिस के माध्यम से)। |
|
उद्देश्य |
इसका कोई विशिष्ट स्वार्थ नहीं होता, यह समूह अपने आप में
ही एक लक्ष्य है। |
इनका निर्माण किसी विशेष लक्ष्य या उद्देश्य की प्राप्ति
के लिए किया जाता है। |
|
स्थायित्व |
ये समूह प्रायः स्थायी (Permanent) और दीर्घकालिक होते
हैं। |
ये प्रायः अस्थायी (Temporary) होते हैं; उद्देश्य पूरा
होने पर सदस्य अलग हो सकते हैं। |
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सामाजिक नियंत्रण |
सदस्यों पर नियंत्रण अनौपचारिक तरीकों (जैसे- प्यार,
डांट, रीति-रिवाजों) से होता है। |
सदस्यों पर नियंत्रण औपचारिक नियमों, कानूनों और संविधान
द्वारा होता है। |
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भावना |
इसमें "हम" की भावना (We-feeling) बहुत मजबूत
होती है। |
इसमें व्यक्तिवादिता और स्वयं के हित की भावना अधिक होती
है। |
46. फोबिया
के लक्षणों और प्रकारों को लिखें।
उत्तर - जब कोई गंभीर डर या चिंता, लगातार और आपके जीवन को बहुत
अधिक बाधित करती है, तो इसे फोबिया कहते हैं। डर जितना होना चाहिए, उससे कहीं ज़्यादा
हो, तो यह फोबिया है।
फोबिया के मुख्य लक्षण-
1. शारीरिक लक्षण: दिल की धड़कन तेज होना, पसीना आना,
कांपना, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, मतली, चक्कर आना या बेहोशी महसूस
होना।
2. मनोवैज्ञानिक लक्षण: तीव्र भय या डर का अनुभव, नियंत्रण
खोने का डर, मरने का डर, और स्थिति से बचने की अत्यधिक इच्छा।
3. व्यवहार संबंधी लक्षण: फोबिया पैदा करने वाली वस्तु या
स्थिति से हर संभव तरीके से बचना (Avoidance)।
फोबिया के प्रमुख प्रकार-
1. विशिष्ट फोबिया- किसी विशेष वस्तु या स्थिति से अत्यधिक डर। जैसे- जानवरों
से डर (अराक्नोफोबिया), ऊंचाई से डर (एक्रोफोबिया), या सुइयों/इंजेक्शन का डर।
2. सामाजिक फोबिया या सामाजिक चिंता- लोगों के बीच शर्मिंदा होने, सार्वजनिक रूप से मूल्यांकन
किए जाने या दूसरों द्वारा आंके जाने का गहरा डर।
3. एगोराफोबिया- उन स्थानों या स्थितियों से डर जहाँ से भागना मुश्किल हो सकता है या जहाँ
पैनिक अटैक आने पर मदद न मिल सके (जैसे लिफ्ट, भीड़-भाड़ वाली जगह, या घर से बाहर
निकलना)।
47. व्यक्तित्व
की परिभाषा दें। व्यक्तित्व की शीलगुण सिद्धांत की चर्चा करें।
उत्तर - ऑलपोर्ट के अनुसार, “व्यक्तित्व व्यक्ति के अन्दर उस
मनोशारीरिक संस्थानों का गत्यात्मक संगठन हैं जो वातावरण के साथ उसका अनूठा
समायोजन स्थापित करता है।"
व्यक्तित्व के प्रमुख शीलगुण सिद्धांतः
1. गॉर्डन ऑलपोर्ट का सिद्धांत-
इन्होंने शीलगुणों को तीन श्रेणियों
में बांटाः
कार्डिनल (प्रमुख/सर्वोपरि), केंद्रीय (मुख्य गुण), और गौण
(कम महत्वपूर्ण/द्वितीयक)।
a. कार्डिनल- ये गुण इतने प्रबल होते हैं कि व्यक्ति की पहचान
उन्हीं से होती है।
b. केंद्रीय- ये सामान्य गुण हैं (जैसे: ईमानदार, शांत) जो किसी
व्यक्ति के व्यक्तित्व की नीव बनाते हैं।
c. गौण- ये कम दिखाई देते हैं और विशिष्ट परिस्थितियों में ही
सामने आते हैं।
2. कैटेल के 16 पी. एफ. (Cattell's 16 PF):
आर.बी. कैटेल ने कारक विश्लेषण के द्वारा
व्यक्तित्व के 16 मूल शीलगुण आयाम (Source Traits) बताए, जिन्हें उन्होंने '16 व्यक्तित्व
कारक' (16 Personality Factors 16PF) कहा।
3. आइजेन्क का सिद्धांत : हंस आइजेन्क ने माना कि व्यक्तित्व के जैविक आधार हैं। उन्होंने
इसे दो (बाद में तीन) मुख्य आयामों में बांटाः
a. बहिर्मुखता बनाम अंतर्मुखता
b. विक्षिप्तता बनाम स्थिरता
4. पंच-कारक मॉडल (Big Five Factor Model - FFM):
यह आजकल का सबसे प्रचलित मॉडल है, जिसके
अनुसार व्यक्तित्व के पांच मुख्य कारक हैं:
1. अनुभव के प्रति खुलापन
2. कर्तव्यनिष्ठा
3. बहिर्मुखता
4. सहमति/मिलनसारिता
5. भावनात्मक स्थिरता/विक्षिप्तता
48. बुद्धि
का विकास को प्रभावित करने वाले कारकों को लिखें।
उत्तर- बुद्धि को प्रभावित करने वाले कारकों के संबंध में
विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रयोग किये हैं। इन प्रयोगों के आधार पर यह कारक
निम्न प्रकार हैं-
(i) बुद्धि तथा वंशानुक्रम - अधिकांश मनोवैज्ञानिकों का मत
है कि बुद्धि वातावरण की बजाय वंशानुक्रम से ज्यादा प्रभावित होती है। फ्रीमैन ने अपने
परीक्षण से यह निष्कर्ष निकाला कि बुद्धि का वंशानुक्रम से बहुत बड़ा संबंध है। गीयर्सन
अपने परीक्षण से इस परिणाम पर पहुँचा कि बुद्धिमान माता-पिता के बच्चे भी एक बहुत बड़ी
सीमा तक बुद्धिमान होते हैं।
(ii) बुद्धि तथा वातावरण- अनेकानेक मनोवैज्ञानिकों का मत
है कि बुद्धि, वंश परंपरा की बजाय वातावरण से अधिक प्रभावित होती है। इन मनोवैज्ञानिकों
ने अनेकानेक प्रयोगों के द्वारा यह सिद्ध करने का प्रयत्न किया है कि बुद्धि का जितना
गहरा संबंध वातावरण से है, उतना गहरा संबंध वंश परंपरा से नहीं है।
(iii) बुद्धि एवं आयु-बुद्धि से आयु का संबंध ज्ञात करने
के लिए विदेशों में अनेक अध्ययन किये गये हैं जिनमें टरमन, थॉर्नडाइक, माइल्स एवं माइल्स,
जॉन्स तथा स्पीयरमैन के अध्ययन विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
(iv) बुद्धि तथा लिंगभेद - बुद्धि तथा लिंगभेद का अध्ययन
करने के लिए विट्टी आदि मनोवैज्ञानिकों ने प्रयोग किये एवं इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि
सामान्यतः लड़के-लड़कियों की बुद्धि-लब्धि में कोई विशेष अन्तर नहीं होता लेकिन जिन
लड़कियों को उचित वातावरण नहीं मिलता जिनका चिंतन पक्ष पिछड़ा होता है तथा जिनको स्वतंत्रता
नहीं मिलती उनका बुद्धि लब्धि लड़कों की अपेक्षा कम रहती है।
