Jac Board Class 12 Hindi Core (Arts/Science/Commerce) 2026 Answer key

Jac Board Class 12 Hindi Core (Arts/Science/Commerce) 2026 Answer key
Jac Board Class 12 Hindi Core (Arts/Science/Commerce) 2026 Answer key

झारखण्ड अधिविद्य परिषद्

ANNUAL INTERMEDIATE EXΑΜΙΝΑΤΙΟΝ – 2026

HINDI - A (CORE) (Compulsory) 18.02.2026

भाग - A (बहुविकल्पीय प्रश्न )

प्रश्न संख्या 1 से 30 तक बहुविकल्पीय प्रकार के है। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पुस्तिका में लिखें। प्रत्येक प्रश्न  1 अंक का है।

निर्देश : निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 1-4 तक के लिए सही विकल्प का चयन करें।

तुझे मिली हरियाली डाली,

मुझे नसीब कोठरी काली ।

तेरा नभ भर में संचार,

मेरा दस फुट का संसार ।

तेरे गीत कहावें वाह,

रोना भी है मुझे गुनाह ।

देख विषमता तेरी मेरी

बजा रही तिस पर रण-भेरी ।

इस हुंकृति पर, अपनी कृति से

और कहो क्या कर दूँ ?

कोकिल, बोलो तो !

1. कवि किसे संबोधित कर रहा है ?

(A) कोकिल

(B) कौआ

(C) कबूतर

(D) चिड़िया

2. ये पंक्तियाँ किस काल की हैं ?

(A) भक्तिकाल

(B) आदिकाल

(C) आधुनिक काल

(D) रीतिकाल

3. किसका रोना भी अपराध है ?

(A) कवि का

(B) कोयल का

(C) (A) तथा (B) दोनों का

(D) इनमें से कोई नहीं

4. कवि किसकी विषमता की बात कर रहा है ?

(A) कवि और पाठक

(B) कवि और कोयल

(C) कवि और प्रकृति

(D) कवि और धरती

निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्त्तक पढ़कर प्रश्न संख्या 5-8 के लिए सही विकल्प का चयन करें ।

प्रभु का निरंतर स्मरण और समर्पण से जीवन में अनोखा रूपान्तरण होता है। कुछ ऐसा, जैसे कि मिट्टी फूल बन जाती है और गंदगी खाद बनकर सुगंध में बदल जाती है। भगवत् चिंतन से कुछ भी घृणा, द्वेष एवं वैर योग्य नहीं रह जाता। सच तो यह है कि जो एक छोर पर पशु है, वही दूसरे छोर पर प्रभु है। पशु और प्रभु में विरोध नहीं, विकास है। हमें हमारी गंदगी और बुराइयों को रूपान्तरित कर खाद बनाना है और संसार में सुरभि फैलाना है। परमात्मा का निरंतर स्मरण, चिंतन और समर्पण वह रसायन है, जिससे यह संभव है।

5. ईश्वर स्मरण और समर्पण का परिणाम होता है, तो

(A) मिट्टी फूल बन जाती है

(B) गंदगी खाद बन जाती है

(C) वैर-भाव समाप्त हो जाता है

(D) इनमें से सभी

6. हमें निरंतर किसका चिंतन करना चाहिए?

(A) धन-वैभव का

(B) मान-सम्मान का

(C) ईश्वर का

(D) पद-प्रतिष्ठा का

7. हमारे जीवन में अनोखा परिवर्तन किस प्रकार संभव है ?

(A) वाद-विवाद से

(B) ईश्वर चिंतन से

(C) पर्यटन से

(D) अध्ययन से

8. मनुष्य यदि एक छोर पर पशु है, तो दूसरे छोर पर है

(A) प्रभु

(B) विचार

(C) वैभव

(D) चिंतन

(रचनात्मक लेखन तथा अभिव्यक्ति और माध्यम )

9. पत्रकार की बैसाखियाँ किन्हें कहा जाता

(A) सत्यता

(B) संतुलन

(C) निष्पक्षता

(D) इनमें से सभी

10. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द व्यापार से संबंधित है ?

(A) हिट विकट

(B) रन

(C) वाइड

(D) तेजड़िए

11. जनसंचार का मुख्य कार्य है

(A) सूचना संग्रह एवं प्रसार करना

(B) सूचना का विश्लेषण करना

(C) ज्ञान के स्तर में वृद्धि करना

(D) इनमें से सभी

12. रेडियो नाटक का उद्देश्य स्पष्ट होता है

(A) पात्रों से

(B) घटनाओं से

(C) संवादों से

(D) श्रोताओं से

13. समाचार संगठन में काम करने वाले नियमित वेतनभोगी पत्रकार को क्या कहते हैं ?

(A) फ्रीलांसर

(B) पूर्णकालिक

(C) अल्पकालिक

(D) अंशकालिक

14. मुद्रण का आरंभ किस देश में हुआ ?

(A) भारत

(B) जापान

(C) चीन

(D) इंग्लैण्ड

15. क्रिकेट मैच का प्रसारण कैसा है ?

(A) एंकर पैकेज

(B) एंकर बाइट

(C) लाइव (सीधा प्रसारण)

(D) फोन-इन

16. आधुनिक माध्यमों में सबसे पुराना माध्यम है

(A) अखबार

(B) रेडियो

(C) टेलीविजन

(D) सिनेमा

17. रिपोर्ट प्रस्तुतिकरण की प्रक्रिया क्या कहलाती है ?

(A) रिपोर्टिंग

(B) समाचार

(C) संपादकीय

(D) संवाद

18. 'रिमाइण्डर' को हिन्दी में क्या कहते हैं ?

(A) स्मृति पत्र

(B) अनुस्मारक

(C) मिनट

(D) नोटिस

निर्देश : निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 19-22 तक के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए ।

हम दूरदर्शन पर बोलेंगे

हम समर्थ शक्तिवान

हम एक दुर्बल को लाएँगे

एक बन्द कमरे में

उससे पूछेंगे तो आप क्या अपाहिज है?

तो आप क्यों अपाहिज हैं ?

19. काव्यांश में अपाहिज को दूरदर्शन पर ले जानेवाले लोग कैसे हैं ?

(A)संवेदनशील

(B) दयालु

(C) संवेदनहीन

(D) लापरवाह

20. प्रस्तुत पंक्तियों के रचयिता है

(A)‌ रघुवीर सहाय

(B) कुँवर नारायण

(C) शमशेर बहादुर सिंह

(D) गजानन माधव मुक्तिबोध

21. 'हम दूरदर्शन पर बोलेंगे' में 'हम' शब्द का तात्पर्य है

(A) ताकतवर मीडिया

(B) कमजोर दिव्यांग

(C) कैमरामैन

(D) कवि स्वयं

22. 'आप क्यों अपाहिज हैं' - टेलीविजन कैमरे के सामने इस तरह के प्रश्न पूछे जाने का क्या उद्देश्य हो सकता है?

(A) कार्यक्रम को बंद करना

(B) कार्यक्रम को सफल बनाना

(C) कार्यक्रम को असफल बनाना

(D) कार्यक्रम पर रोक लगाना

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 23- 26 तक के लिए सही विकल्प का चयन करें:

पड़ोस में एक महानुभाव रहते हैं, जिनको लोग भगतजी कहते हैं। चूरन बेचते हैं। यह काम करते, उन्हें न जाने कितने बरस हो गए हैं। लेकिन किसी एक भी दिन चूरन से उन्होंने छः आने से ज्यादा पैसे नहीं कमाए। चूरन उनका आस-पास सरनाम है और खुद खूब लोकप्रिय हैं। कहीं व्यवसाय का गुर पकड़ लेते और उस पर चलते तो आज खुशहाल क्या, मालामाल होते। क्या कुछ उनके पास न होता। इधर दस वर्षों से देख रहा हूँ, उनका चूरन हाथों-हाथ बिक जाता है। पर वह न उसे थोक में देते हैं, न व्यापारियों को बेचते हैं । पेशगी ऑर्डर नहीं लेते। बँधे वक्त पर अपनी चूरन की पेटी लेकर घर से बाहर हुए नहीं कि देखते-देखते छः आने की कमाई उनकी हो जाती है । लोग उनका चूरन लेने को उत्सुक लोग रहते हैं। चूरन से भी अधिक शायद वह भगत जी के प्रति अपनी सद्भावना का देदेने को उत्सुक रहते हैं।

23. प्रस्तुत गद्यांश किस पाठ से लिया गया है ?

(A) भक्तिन

(B) काले मेघा पानी दे

(C) बाज़ार दर्शन

(D) नमक

24. चूरन बेचने वाले का स्वभाव कैसा था ?

(A) संतोषी

(B) स्वार्थी

(C) गंभीर

(D) अहंकारी

25. भगत जी चूरन बेचकर प्रतिदिन कितना कमा लेते थे ?

(A) दस आने

(B) सोलह आने

(C) चार आने

(D) छः आने

26. चूरन खरीदने वालों की उत्सुकता का क्या कारण था ?

(A) भगत जी के प्रति उनकी स‌द्भावना

(B) भगत जी के द्वारा मुफ्त में चुरू

(C) भगत जी का व्यापारी स्वभाव

(D) इनमें से कोई नहीं

27. 'सिल्वर वैडिंग' कहानी में यशोधर बाबू के जीवन में किशन दा का महत्व किस रूप में है ?

(A) वे उन्हें अपना भाई मानते थे

(B) वे उन्हें अपना गुरु मानते थे

(C) वे उन्हें अपना सेवक मानते थे

(D) वे उन्हें अपना बेटा मानते थे

28. 'जूझ' कहानी में आनंदा के पिता उसकी किस बात से नाराज होते हैं ?

(A) खेत में काम करने की बात से

(B) पढ़ाई की बात करने से

(C) पशुओं को चराने की बात से

(D) घर के कामों में मदद करने से

29. मोहनजोदड़ो का अर्थ है

(A) मुर्दो का टीला

(B) पहाड़ों का टीला

(C) मिट्टी का टीला

(D) खण्डहर

30. मोहनजोदड़ो की खुदाई से प्राप्त गेहूँ का रंग कैसा है ?

(A) पीला

(B) काला

(C) हरा

(D) नीला

भाग-B (विषयनिष्ठ प्रश्न)

खण्ड- A (अति लघु उत्तरीय प्रश्न)

किन्हीं छः प्रश्नों के उत्तर दें। 2 x 6 = 12

31. श्रीराम के विलाप और उसी क्षण हनुमान के आगमन से वानर सेना की क्या प्रतिक्रिया हुई ?

उत्तर- श्रीराम के विलाप को सुनकर सारी वानर सेना अत्यधिक व्याकुल हो गयी. परन्तु तभी संजीवनी बूटी सहित हनुमान के आगमन से सभी वानर अत्यधिक प्रसन्न और उत्साहित हो गये तथा उनमें उत्साह और वीर रस का संचार हो गया।

32. उषा का जादू टूटने से क्या तात्पर्य है ?

उत्तर- उषा का जादू टूटने से तात्पर्य है सूर्योदय होना। सूर्य के उदय होते ही उषा का जादू टूट जाता है।

33. 'पतंग' कविता के आधार पर बताएँ कि और भी निडर कब हो जाते हैं'।

उत्तर- पतंग उड़ाते समय बच्चे जब कभी छत की खतरनाक दीवारों एवं मुंडेरों से नीचे गिर जाते हैं और उस दुर्घटना में चोटिल होने से बच जाते हैं, तब वे पूरी तरह निडर हो जाते हैं और फिर दुगुने जोश से पतंगें उड़ाने लगते हैं।

34. पैसे की व्यंग्यशक्ति का क्या तात्पर्य है ?

उत्तर- पैसे की व्यंग्य शक्ति का तात्पर्य है पैसे के आधार पर अपने - अभाव के कारण स्वयं को हीन समझना या अधिक पैसे के कारण स्वयं को ऊंचा समझना पैसा ही हीनता या श्रेष्ठता का अनुभव कराता है यही पैसे की व्यग्य शक्ति है।

35. 'भक्तिन का दुर्भाग्य भी कम हठी नहीं था' कैसे ?

उत्तर- भक्तिन का दुर्भाग्य था कि उसकी बड़ी लड़की किशोरी से युवती बनी ही थी कि उसका पति मर गया। वह असमय विधवा हो गई। दुर्भाग्य को हठी इसलिए कहा गया है, क्योंकि बेटी के विधवा होने से पहले भक्तिन को बचपन से ही माता का बिछोह, बाल विवाह, विमाता का देश, पिता की अकाल मृत्यु व असमय पति की मृत्यु जैसे जीवन में अनेक कष्टों का सामना करना पड़ा।

36. 'काले मेघा पानी दे' संस्मरण द्वारा लेखिके ने क्या संदेश व्यक्त किया है ?

उत्तर- लेखक ने यह सन्देश दिया है कि विज्ञान अपनी जगह सत्य है। तथा उसके आविष्कारों से सभी परिचित है। फिर भी जनता के सामूहिक चित्त में अन्धविश्वास और लौकिक कर्मकाण्ड का इतना प्रभाव है कि विज्ञान भी उसके सामने कमजोर पड़ जाता है। अतएव परम्परागत मान्यताओं तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण में जन- भावना के अनुसार समन्वय रखना जरूरी है।

37. लुट्टन पहलवान की पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताइए ।

उत्तर- लुटून जब नौ वर्ष का था उसी समय उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी थी। उसका विवाह बचपन में ही हो चुका था। उसकी विधवा सास ने उसका पालन पोषण किया। वह अपनी सास के यहां गायों को चराता, कसरत करता और बड़ा हो गया। समय के साथ उसका शरीर काफी मजबूत हो गया। इसके बाद वह पहलवानी में जोर आजमाइश करने लगा।

38. ढोलक की आबाज का पूरे गाँव में क्या असर होता था ?

उत्तर- ढोलक की आवाज से रात का सन्नाटा और भय कम हो जाता था। बच्चे, बूढ़े या जवान ढोलक की आवाज़ से सबकी आंखों के सामने दंगल का दृश्य नाचने लगता था और वे सभी उत्साह से भर जाते थे। लोग भले ही बीमारी के कारण मर रहे थे लेकिन जब तक जीवित थे ढोलक की आवाज के कारण उन्हें मरने का भय नहीं सताता था। ढोलक की आवाज से उनका दर्द कम हो जाता था और वह आराम से मर सकते थे।

खण्ड – B (लघु उत्तरीय प्रश्न)

किन्हीं छः प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक का उत्तर अधिकतम 150 शब्दों में दें। 3x6-18

39. महामारी फैलने के बाद गाँव में सूर्योदस और सूर्यास्त के दृश्य में क्या अंतर होता था ?

उत्तर- महामारी फैलने के बाद गांव में सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य में बहुत अंतर था। सूर्योदय के समय सभी लोग लाशों को जलाने के लिए जाते थे। अपने पड़ोसियों और आत्मीयों को हिम्मत देते थे। किंतु सूर्यास्त होते ही लोग अपने अपने घरों में घुस जाते थे। उसके बाद कोई चूं की आवाज भी नहीं आती थी। धीरे-धीरे उनके बोलने की शक्ति भी जाती रहती थी। पास में दम तोड़ते पुत्र को अंतिम बार बेटा कहकर पुकारने की भी हिम्मत माताओं में नहीं होती थी। रात्रि में सिर्फ पहलवान की ढोलक ही महामारी को चुनौती देती थी।

40. "लक्ष्मण मूर्च्छा और राम-विलाप" काव्यांश के आधार पर भ्रातृशोक में विह्वल श्रीराम की दशा स्पष्ट कीजिए ।

उत्तर- लक्ष्मण को मूर्च्छित देखकर श्रीराम अत्यधिक विह्वल हो उठे। उस समय वे मीता सुमित्रा का ध्यान कर लक्ष्मण को अपने साथ लाने पर पछताने लगे। लक्ष्मण जैसे सेवा-भावी अनुज के अनिष्ट की आशंका से वे प्रलाप करने लगे तथा अविनाश प्रभु होने के पश्चात् भी मनुष्यों की भाँति द्रवित हो गये।

41. 'इंदर-सेना' अनावृष्टि दूर करने के लिए क्या करती थी ?

उत्तर- 'इन्द्र सेना में गाँव के दस-बारह वर्ष से सोलह-अठारह वर्ष के सभी लड़के नंग-धडंग उछल-कूद, शोर-शराबे के साथ कीचड़-मिट्टी को शरीर पर मलते हुए घर-घर जाते थे और बोल गंगा मैया को जय का नारा लगाते हुए पानी की माँग करते थे। वे आस्था के कारण इन्द्र देवता से बारिश करने के लिए प्रार्थना करते हुए ऐसा करते हैं।

42. भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गई ?

उत्तर- भक्तिन देहाती महिला थी। शहर में आकर भी उसने स्वयं कोई परिवर्तन नहीं किया। वह दूसरों को भी अपने अनुसार बना लेना चाहती थी। उसने लेखिका को अपने अनुसार ही ढालना शुरू किया। उसने लेखिका का मीठा खाना बिल्कुल बंद कर दिया। उसने गाढ़ी दाल व मोटी रोटी खिलाकर लेखिका की स्वास्थ्य संबंधी चिंता दूर कर दी। अब लेखिका को रात को मकई का दलिया, सवेरे मट्ठा, तिल लगाकर बाजरे के बनाए ठंडे पुए, ज्वार के भुने हुए भुट्टे के हरे-हरे दानों की खिचड़ी और सफेद महुए की लपसी मिलने लगी। इन सबको वह स्वाद से खाने लगी। इसके अतिरिक्त उसने महादेवी को देहाती भाषा भी सिखा दी। इस प्रकार महादेवी अधिक देहाती बन गई।

43. स्वयं कविता रच लेने का आत्मविश्वास लेखक के मन में कैसे पैदा हुआ ?

उत्तर- मराठी अध्यापक सौंदलगेकर के कविता पढ़ाने का ढंग अत्यंत रोचक एवं विलक्षण था। कविता का वाचन वे भाव, लय, ताल, गति के साथ करते थे। लेखक एकाग्र होकर मास्टर साहब के हाव- भाव, ध्वनि, गति और रसों का रसास्वादन किया करते थे। लेखक में इन्हीं अध्यापक के प्रोत्साहन एवं उत्साहवर्धन के कारण स्वयं कविता रच सकने का आत्मविश्वास पैदा हुआ।

44. सिंधु-सभ्यता साधन सम्पन्न थी, पर उसमें भव्यता का आडंबर नहीं था, कैसे ?

उत्तर- सिंधु सभ्यता के शहर मुअनजोदड़ो की व्यवस्था, साधन संपन्न और सुनियोजित थी। वहाँ की अन्न भंडारण व्यवस्था, जल निकासी की व्यवस्था अत्यंत विकसित और परिपक्व थी। हर निर्माण बडा सुनियोजन के साथ किया गया था यह सोचकर कि यदि सिंधु का जल बस्ती तक फैल भी जाए तो कम-से-कम नुकसान हो। इन सारी व्यवस्थाओं के बीच इस सभ्यता की संपन्नता की बात बहुत ही कम हुई है। वस्तुतः इनमें भव्यता का आडंबर है ही नहीं। व्यापारिक व्यवस्थाओं की जानकारी मिलती है, मगर सब कुछ आवश्यकताओं से ही जुड़ा हुआ है, भव्यता का प्रदर्शन कहीं नहीं मिलता।

45. 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता को आप करुणा की कविता मानते हैं या क्रूरता की ?

उत्तर- कैमरे में बंद अपाहिज कविता बाजारवाद के युग में उन लोगों का चरित्र खोलता है, जो दूसरे के दुखों को बेचकर धन कमाना चाहता है। कार्यक्रम संचालक अपने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक अपाहिज व्यक्ति से प्रश्न पूछता है। वह प्रश्न पूछते पूछते क्रूर बन जाता है। उसका उद्देश्य सिर्फ कार्यक्रम को सफल बनाना है न कि अपाहिज व्यक्ति से हमदर्दी । अतः यह कविता करुणा के मुखोटे में छिपी क्रूरता की कविता है।

46. 'जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास' कपास के बारे में सोचें कि कपास से बच्चों का क्या संबंध बन सकता है ?

उत्तर- जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास पंक्ति में कपास से बच्चों की कोमल कल्पनाओं का संबंध है। जिस प्रकार कपास अत्यंत स्वच्छ एवं कोमल होती है वैसे ही बच्चों की कल्पनाएं अत्यंत नवीन, स्वच्छ एवं भावुकतापूर्ण होती है। वे निश्चल भाव से निरंतर कल्पनाएं करते हैं। बच्चों के पैर भी कपास के समान कोमल, हल्के, आकर्षक और चोट सहने में समर्थ होते हैं। इसलिए वे ऊँचाई से कूदकर भी चोट नहीं खाते, बल्कि उनकी कूद से कपास जैसे मुलायम उनके तलवे जमीन की कठोरता का अनुभव नहीं कर पाते। अतः कपास से बालकों की समानता वर्णित करना तर्कसम्मत है। दोनों में गुणों की समानता का संबंध है।

खण्ड – C (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 250 शब्दों में दें। 5 x 4=20

47. निम्नलिखित में से किसी एक का काव्य सौन्दर्य स्पष्ट कीजिए:

(क) हो जाए न पथ में रात कहीं

मंजिल भी तो है दूर नहीं -

यह सोच थका दिन का पंथी भी जल्दी-जल्दी चलता है।

दिन जल्दी-जल्दी ढलता है।

उत्तर-

(क) भाव सौंदर्य- प्रस्तुत पंक्तियों में प्रेम की व्याकुलता का अत्यंत ही सूक्ष्म चित्रण किया गया है। जल्दी-जल्दी चलना और दिन के ढलने का भय सताना ये दोनों ही प्रेम की व्याकुलता के परिचायक है।

(ख) शिल्प सौंदर्य- भाषा अत्यंत सरल, संगीतमय, सुकोमल और प्रवाहमयी है।

अभिव्यक्ति की सरलता मनभावन है।

जल्दी-जल्दी में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।

(ख) नील जल में या किसी की

गौर झिलमिल देह

जैसी हिल रही हो

और

जादू टूटता है इस उषा का अब

सूर्योदय हो रहा है।

उत्तर- भाव-सौंदर्य

कवि ने नीले जल में किसी गोरी देह वाली स्त्री का मनोहारी चित्रण किया है। धीमी हवा व नमी के कारण सूर्य का प्रतिबिंब हिलता- सा प्रतीत होता है। कुछ समय बाद जब सूर्योदय होता है तो प्रातः कालीन सुंदरता समाप्त हो जाती है।

काव्य सौंदर्य / शिल्प सौंदर्य

1. सरल भाषा का प्रयोग किया गया है।

2. उषा का सुंदर दृश्य बिंब है।

3. 'नील जल में ... हिल रही हो।' में उत्प्रेक्षा अलंकार का प्रयोग है ।

4. मुक्तक छंद का प्रयोग हुआ है।

5. माधुर्य गुण है।

48. 'विद्यालय से लौटते समय जाम में फँस जाना' अथवा 'फैशन का बढ़ता चलन' विषय पर एक निबंध लिखिए ।

उत्तर-

विद्यालय से लौटते समय जाम में फँस जाना

सड़क पर बहुत सारे वाहनों का एक स्थान पर फँस जाना ट्रैफिक जाम का कारण बनता है। यह कई प्रकार से हानिकारक होता है। यह हमें कहीं भी आने-जाने में विलंब तो करता ही है साथ ही वायु तथा ध्वनि प्रदूषण का कारण भी बनता है। इस ट्रैफिक जाम का सामना मुझ़े भी विद्यालय से लौटते समय करना पड़ता है, जिसके कारण मुझे बहुत परेशानी होती है। मेरा विद्यालय अजमेर रोड़ पर है। मैं अपने विद्यालय साइकिल से जाता हूँ। वहाँ से लौटते समय बाईपास चौराहे पर अत्यधिक जाम होता है।

गाडियाँ रेंग-रेंग कर चलती हैं, चारों ओर अत्यधिक ट्रैफिक का शोरगुल मचा रहता है। मैं विद्यालय से 2 बजे निकलता हुँ, लेकिन मुझे घर पहुँचते-पहुँचते 4 बज जाते है, जिसके कारण मैं अपनी कोचिंग क्लास के लिए भी लेट हो जाता हूँ। घंटों जाम में फँसा होने के कारण मेरा शरीर एकदम थक जाता है तथा गर्मी के दिनों में लू के थपेड़े व कडकड्राती धूप से अत्यधिक परेशान हो जाता हैँ। जाम में फँसने के कारण मेरा अमूल्य समय भी बर्बाद हो जाता है, जिसके कारण मुझे पढ़ने का समय भी कम मिलता है। कभी-कभी यह जाम कई घंटों तक लगा रहता है, जो खतरनाक भी साबित हो सकता है। यह किसी भी तरह से फायदेमंद नहीं हो सकता है। अत: सरकार के साथ-साथ हमें भी कुछ सख़्त नियम बनाने चाहिए और इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।

फैशन का बढ़ता चलन

प्रस्तावना: आज के आधुनिक युग में 'फैशन' शब्द हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुका है। साधारण अर्थों में, फैशन का तात्पर्य कपड़ों, जूते, हेयरस्टाइल और मेकअप की उन नवीन शैलियों से है, जो किसी समय विशेष में समाज द्वारा अपनाई जाती हैं। वर्तमान समय में यह केवल बाहरी चमक-धमक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति का माध्यम भी बन गया है।

फैशन की इस तीव्र दौड़ के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक हैं:

1. मीडिया और सिनेमा का प्रभाव: फ़िल्मी सितारे और सेलिब्रिटी युवाओं के लिए 'फैशन आइकन' होते हैं। सिनेमा और टीवी के माध्यम से नई-नई शैलियाँ समाज में तेजी से फैलती हैं।

2. सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स: आज के दौर में इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म फैशन के नए रुझान (ट्रेंड्स) तय करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

3. वैश्वीकरण और ब्रांड जागरूकता: अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की पहुँच और बढ़ती आय के कारण लोग अब अपनी पसंद के अनुसार नए प्रयोग करने के लिए अधिक उत्सुक हैं।

4. आधुनिकता की होड़: हर व्यक्ति खुद को आधुनिक और दूसरों से अलग दिखाने की चाह रखता है, जिससे फैशन का चलन निरंतर बदलता रहता है।

समाज और युवाओं पर प्रभाव: फैशन का प्रभाव सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रूपों में देखा जा सकता है:

  • सकारात्मक पक्ष: यह लोगों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर देता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है। साथ ही, फैशन उद्योग लाखों लोगों को रोजगार भी प्रदान करता है।
  • नकारात्मक पक्ष: युवा पीढ़ी अक्सर फैशन की अंधी दौड़ में अपने सांस्कृतिक मूल्यों को भूल जाती है। कभी-कभी महँगे फैशन के चक्कर में लोग अपनी आर्थिक क्षमता से अधिक खर्च कर बैठते हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है। इसके अतिरिक्त, 'फास्ट फैशन' पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँचाता है।

निष्कर्ष: फैशन समय के साथ चलने की कला है, लेकिन इसे विवेकपूर्ण तरीके से अपनाना चाहिए। यदि फैशन हमारी सादगी और शालीनता को नष्ट न करे, तो यह हमारे व्यक्तित्व को निखारने का एक अच्छा साधन है। हमें याद रखना चाहिए कि वास्तविक सुंदरता हमारे व्यवहार और चरित्र में होती है, न कि केवल बाहरी दिखावे में।

49. 'बगुलों के पंख' कविता का सार लिखें

उत्तर- यह कविता सुंदर दृश्य बिंबयुक्त कविता है जो प्रकृति के सुंदर दृश्यों को हमारी आँखों के सामने सजीव रूप में प्रस्तुत करती है। सौंदर्य का अपेक्षित प्रभाव उत्पन्न करने के लिए कवि ने कई युक्तियाँ अपनाई हैं जिनमें से सर्वाधिक प्रचलित युक्ति है-सौंदर्य के व्यौरों के चित्रात्मक वर्णन के साथ अपने मन पर पड़ने वाले उसके प्रभाव का वर्णन कवि काले बादलों से भरे आकाश में पंक्ति बनाकर उड़ते सफेद बगुलों को देखता है। वे कजरारे बादलों के ऊपर तैरती साँझ की श्वेत काया के समान प्रतीत होते हैं। इस नयनाभिराम दृश्य में कवि सब कुछ भूलकर उसमें खो जाता है। वह इस माया से अपने को बचाने की गुहार लगाता है, लेकिन वह स्वयं को इससे बचा नहीं पाता।

50. 'पेट ही को पचत, बेचत बेटा-बेटकी।' में भक्त कवि तुलसीदास ने किस विकट स्थिति की ओर संकेत किया है ? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- तुलसीदास के युग में धन-वैभव सम्पन्न लोग गरीबों की सन्तानों को दास रूप में खरीदते थे। उस समय आर्थिक विषमता पिछड़ेपन एवं कट्टर वर्ण व्यवस्था जातिवाद के कारण भी थी। वर्तमान में पेट की खातिर तथा बेकारी के कारण अतीव निर्धन लोग अपनी सन्तान को बेचते थे। बन्धुआ मजदूर इसी का एक रूप है। आज की परिस्थिति भले ही पहले से भिन्न है, परन्तु कर्जदारी और भुखमरी के कारण किसानों के द्वारा आत्महत्या करने की घटनाएँ आज भी अति चिन्तनीय है।

51.  'अस्थिर सुख पर दुख की छाया' - पंक्ति में 'दुःख की छाया' किसे कहा गया है और क्यों ?

उत्तर- 'अस्थिर सुख पर दुख की छाया पंक्ति में दुख की छाया क्रांति या विनाश की आशंका को कहा गया है। जिन लोगों पास सुख के साधन होते हैं वे क्रांति से सदैव डरते हैं। क्रांति उन्हीं का कुछ छीनेगी जिनके पास कुछ है। सुविधासंपन्न लोगों को क्रांति की संभावना सदैव भयभीत करती रहती है। इसी कारण इसे दुख की छाया कहा गया है।

52. भक्तिन द्वारा शास्त्र के प्रश्न को सुविधा से सुलझा लेने का क्या उदाहरण लेखिका ने दिया है?

उत्तर- शास्त्र के प्रश्नों को भी भक्तिन अपनी सुविधानुसार सुलझा लेती है। वह सिर मंडाए रखती थी, यह लेखिका को अच्छा नहीं लगता था। जब लेखिका भक्तिन को ऐसा करने से रोका तो उसने अपनी बात ऊपर रखते हुए कहा कि शास्त्र में यही लिखा है। जब लेखिका ने पूछा कि क्या लिखा है? उसने तुरंत उत्तर दिया- 'तीरथ गए मुंडाए सिध। यह बात किस शास्त्र में लिखी गई है, इसका ज्ञान भक्तिन को नहीं था जबकि लेखिका जानती थी कि यह कथन किसी व्यक्ति का नहीं है न ही किसी शास्त्र का है। अतः वह भक्तिन का चूड़ाकर्म हर बृहस्पतिवार को होने से लेखिका नहीं रोक सकी और यथाविधि निष्पत्र होता रहा।

झारखण्ड अधिविद्य परिषद् (Science/Commerce)

ANNUAL INTERMEDIATE EXΑΜΙΝΑΤΙΟΝ – 2026

HINDI - A (CORE) (Compulsory) 20.02.2026

भाग - A (बहुविकल्पीय प्रश्न )

प्रश्न संख्या 1 से 30 तक बहुविकल्पीय प्रकार के हैं। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प हैं। सही विकल्प चुनकर उत्तर पुस्तिका में लिखें। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है।

निर्देश : निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 1-4 तक के लिए सही विकल्प का चयन करें।

जो कभी अपने समय को यों बिताते हैं नहीं।

काम करने की जगह बातें बनाते हैं नहीं॥

आज-कल करते हुए जो दिन गंवाते हैं नहीं।

यत्न करने में कभी जो, जी चुराते हैं नहीं॥

बात है वह कौन जो होती नहीं उनके लिए।

ये नमूना आप बन जाते हैं औरों के लिए॥

1. प्रस्तुत पंक्तियों में किसकी महत्ता प्रतिपादित की गई है?

(A) समय की

(B) शिक्षा की

(C) संस्कार की

(D) सभ्यता की

2. कैसे लोग उदाहरण स्वरूप होते हैं ?

(A) समय का सदुपयोग करने वाले

(B) समय का दुरुपयोग करने वाले

(C) डींग हाँकने वाले

(D) काम को टालते रहने वाले

3. समय का महत्व समझने वाले होते हैं

(A) अस्वस्थ

(B) स्वस्थ

(C) असफल

(D) सफल

4. आज-कल करने का तात्पर्य है

(A) भूत-भविष्य की परख करना

(B) बातें बनाना

(C) मेहनत करना

(D) समय को टालना

निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 5-8 तक के लिए सही विकल्प का चयन करें।

मनुष्य जीवन में वाणी का बहुत महत्व है। इसे व्यक्तित्व का आभूषण कहा गया है। वाणी से व्यक्ति का परिचय मिलता है। यह दुधारी तलवार की तरह है, जिसके माध्यम से हम संसार को अपना मित्र भी बना सकते हैं अथवा शत्रु भी। वैसे तो वाणी का उपयोग हम सभी करते हैं किंतु कहाँ, क्या व कितना बोलना चाहिए, यह कला कम ही व्यक्तियों को आती है। सफल पारिवारिक जीवन से लेकर प्रभावशाली लोकजीवन का यह सशक्त आधार है। वाणी का सदुपयोग हमें अमृततत्व का अधिकारी बना देता है। वहीं इसका दुरुपयोग महाभारत का कारण बन जाता है।

5. मानव जीवन का आभूषण है

(A) वाणी

(B) रूप

(C) पद

(D) धन

6. वाणी के सदुपयोग से हमें क्या प्राप्त होता है ?

(A) कोप

(B) घृणा

(C) लोभ

(D) अमृततत्व

7. महाभारत होने का मुख्य कारण क्या था ?

(A) सुवचन

(B) दुर्वचन

(C) आपसी प्रेम

(D) परस्पर द्वेष

8. प्रस्तुत पंक्तियों में दुधारी तलवार कहा गया है

(A) क्रोध को

(B) प्रेम को

(C) वाणी को

(D) सौन्दर्य को

(रचनात्मक लेखन तथा अभिव्यक्ति और माध्यम)

9. शासकीय पत्रों में निम्न में से क्या अनावश्यक है ?

(A) व्यक्तिगत शैली

(B) स्पष्टता

(C) क्रमबद्धता

(D) संक्षिप्तता

10. विचारों के आदान-प्रदान की सबसे प्राचीन परम्परा कौन-सी है?

(A) फैक्स

(B) इन्टरनेट

(C) पत्राचार

(D) टेलीफोन

11. भारत में पहला छापाखाना कहाँ खुला था ?

(A) बम्बई

(B) मद्रास

(C) कलकत्ता

(D) गोवा

12. समाचार पत्र की आत्मा कहाँ होती है ?

(A) स्थानीय पृष्ठ में

(B) प्रथम पृष्ठ में

(C) संपादकीय पृष्ठ में

(D) राष्ट्रीय पृष्ठ में

13. रचनात्मकता यद्यपि प्रकृति प्रदत्त है, तथापि इसे किससे पोषित किया जा सकता है ?

(A) प्रशिक्षण द्वारा

(B) शिक्षण द्वारा

(C) (A) तथा (B) दोनों के द्वारा

(D) इनमें से कोई नहीं

14. फीचर लेखन के लिए किसकी आवश्यकता होती है ?

(A) कल्पनाशक्ति की

(B) अनुभूति की

(C) अवलोकन की

(D) इनमें से सभी

15. हिन्दी के प्रथम दैनिक समाचार पत्र का नाम क्या है ?

(A) समाचार सुधा वर्षण

(B) धर्म प्रकाश

(C) सत्यदीपक

(D) कबि वचन सुधा

16. जनसंचार माध्यमों के अन्तर्गत रेडियो कौन-सा माध्यम है ?

(A) श्रव्य

(B) दृश्य

(C) श्रव्य-दृश्य

(D) पठनीय

17. फ़ीचर किस प्रकार की विधा मानी जाती है ?

(A) विषय प्रधान

(B) समस्या प्रधान

(C) व्यक्ति प्रधान

(D) पात्र प्रधान

18. 'संचार' शब्द की उत्पत्ति 'चर' शब्द से हुई है। 'चर' का अर्थ है

(A) रुकना

(B) बैठना

(C) चलना

(D) हटना

निर्देश: निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 19-22 तक के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए ।

खेती न किसान को, भिखारी को न भीख, बलि,

बनिक को बनिज, न चाकर को चाकरी ।

जीविका विहीन लोग सीद्यमान सोच बस,

कहैं एक एकन सों 'कहाँ जाई, का करी' ?

19. प्रस्तुत काव्यांश के कवि का क्या नाम है ?

(A) हरिवंशराय बच्चन

(B) कुँवर नाराय

(C) तुलसीदास

(D) शमशेर बहादुर सिंह

20. काव्यांश में लोग किस कारण से दुखी हैं?

(A) जीविका विहीन हो जाने से

(B) फसल खराब हो जाने से

(C) सीता हरण हो जाने से

(D) राम के वनवास चले जाने से

21. किस वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति अत्यन्त शोचनीय अवस्था में है ?

(A) भिक्षुक

(B) किसान

(C) व्यापारी

(D) इनमें से सभी

22. प्रस्तुत पंक्तियाँ किस भाषा की हैं ?

(A) हिन्दी

(B) ब्रज

(C) बुंदेली

(D) अवधी

निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 23 26 तक के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए ।

"देख बिना त्याग के दान नहीं होता। अगर तेरे पास लाखों-करोड़ों रुपए हैं और उसमें से तू दो-चार रुपए किसी को दे दे तो यह क्या त्याग हुआ । त्याग तो वह होता है कि जो चीज तेरे पास भी कम है, जिसकी तुझको भी जरूरत है, तो अपनी जरूरत पीछे रखकर दूसरे के कल्याण के लिए उसे दे तो त्याग तो बह होता है, दान तो वह होता है, उसी का फल मिलता है।"

23. प्रस्तुत पंक्तियाँ किस पाठ से ली गई हैं?

(A) भक्तिन

(B) काले मेघा पानी दे

(C) बाजार दर्शन

(D) कुटज

24. यह कथन किसका है ?

(A) लेखक का

(B) लेखक की माँ का

(C) लेखक के भाई का

(D) लेखक की जीजी का

25. किस प्रकार के त्याग को उत्तम माना गया है ?

(A) जो वस्तु नहीं हो, वह दान देना

(B) जो वस्तु थोड़ा हो, वह दान देना

(C) जो वस्तु बहुत हो, वह दान देना

(D) जो वस्तु अनावश्यक हो, वह दान देना

26. गद्यांश में दान के लिए किसे आवश्यक माना गया है ?

(A) धन को

(B) त्याग को

(C) ज्ञान को

(D) पद को

27. 'सिल्वर वैडिंग' कहानी में यशोधर बाबू ऑफिस के माहौल का तनाव कैसे कम करते हैं ?

(A) ऑफिस के कर्मचारियों के लिए चाय-समोसे मंगवाकर

(B) ऑफिस से जाते समय सबसे हँसी-मजाक की बात करके

(C) ऑफिस का काम घर पर करके

(D) कर्मचारियों के साथ सख्ती बरत कर

28. किशन दा यशोधर बाबू को रोज सुबह जल्दी किस कारण उठाते थे ?

(A) घर का काम करने के लिए

(B) ऑफिस का काम करने के लिए

(C) सुबह जल्दी उठने की आदत डालने के लिए

(D) मंदिर जाने के लिए

29. 'जुझ' कहानी में आनंदा और उसकी माँ द्वारा झूठ का सहारा न लिए जाने की स्थिति में क्या होता ?

(A) आनंदा के जीवन में दुख ही रहता

(B) वह शिक्षित नहीं हो पाता

(C) वह कभी कविताएँ लिखना नहीं सीख पाता

(D) इनमें से सभी

30. 'सिंधु घाटी की सभ्यता' में बीमारी का प्रकोप किस कारण से अधिक नहीं हो सकता था ?

(A) पानी की निकासी के अनुचित प्रबंधन के कारण

(B) बड़े घरों के होने के कारण

(C) नालियाँ उचित ढंग से ढकी होने के कारण

(D) सामाजिक दूरी पालन करने के कारण

भाग-B (विषयनिष्ठ प्रश्न)

खण्ड – A (अति लघु उत्तरीय प्रश्न)

किन्हीं छः प्रश्नों के उत्तर दें। 2x6=12

31. बच्चे और भी निडर कब हो जाते हैं ?

उत्तर- पतंग उड़ाते समय बच्चे जब कभी छत की खतरनाक दीवारों एवं मुंडेरों से नीचे गिर जाते हैं और उस दुर्घटना में चोटिल होने से बच जाते हैं, तब वे पूरी तरह निडर हो जाते हैं और फिर दुगुने जोश से पतंगें उड़ाने लगते हैं।

32. 'कवितावली' में रावण की तुलना किससे की गई है ?

उत्तर- 'कवितावली' में रावण की तुलना तत्कालीन सामाजिक विषमता से उत्पन्न गरीबी एवं बेकारी से की गई है

33. 'बगुलों के पंख' कविता के आधार पर बताएं कि कवि की आँखें कौन चुराकर ले जा रहा है और क्यों ।

उत्तर- 'बगुलों के पंख' कविता में काले बादलों के ऊपर पंक्तिबद्ध होकर उड़ते हुए सफेद बगुलों का मनोरम दृश्य कवि (उमाशंकर जोशी) की आँखें चुरा ले जा रहा है। यह दृश्य इतना आकर्षक और सम्मोहक है कि कवि की दृष्टि उसी पर टिक गई है, जिससे वह बाकी दुनिया से बेखबर हो गया है।

34. 'पहलवान की ढोलक' में पहलवान चाँद सिंह के गुरु का नाम क्या था?

उत्तर- बादल सिंह 

35. 'काले मेघा पानी दे' में भ्रष्टाचार पर लेखक की क्या टिप्पणी है?

उत्तर- आज भ्रष्टाचार सर्वत्र व्याप्त है। आज हर किसी के भ्रष्टाचार पर बातें खूब की जाती है, परन्तु स्वयं के भ्रष्टाचरण पर सब चुप रहते हैं। इससे समाज, देश तथा मानवता का पतन हो रहा हैं।

36. 'मन खाली होना' से क्या तात्पर्य है ?

उत्तर- 'मन खाली होना' से तात्पर्य मन में किसी निश्चित लक्ष्य, स्पष्ट उद्देश्य या इच्छाओं का न होना है।

37. भक्तिन को पिता की मृत्यु की सूचना सास ने क्यों नहीं दी?

उत्तर- भक्तिन को उसके पिता की मृत्यु की सूचना सास ने जानबूझकर समय पर नहीं दी, क्योंकि वह विमाता (सौतेली माँ) के साथ मिलकर संपत्ति और धन के लालच में भक्तिन को पिता के घर आने से रोकना चाहती थी। सास यह भी नहीं चाहती थी कि इस मृत्यु के कारण घर में कोई अपशकुन या रोना-पीटना हो, इसलिए पिता की मृत्यु के बाद ही उन्हें खबर दी गई।

38. कबीर और शिरीष में क्या समानता बतायी गई है?

उत्तर- आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने कबीर और शिरीष में प्रमुख रूप से अनासक्ति, मस्ती और बेपरवाही की समानता बताई है।

खण्ड – B (लघु उत्तरीय प्रश्न)

किन्हीं छः प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 150 शब्दों में दें। 3 x 6 = 18

39. लुट्टन के पुत्रों की मृत्यु किस प्रकार हुई?

उत्तर- लुट्टन पहलवान के दोनों पुत्रों की मृत्यु गाँव में फैली भयंकर महामारी (हैजा) और अकाल के दौरान हुई। राजकुमार द्वारा राजदरबार से निकाले जाने के बाद वे भुखमरी का सामना कर रहे थे और अंततः बीमारी की चपेट में आकर चल बसे।

40. 'सहर्ष स्वीकारा है' कविता में कवि क्या कहना चाहता है?

उत्तर- कवि ने इस कविता में अपने जीवन के समस्त खट्टे-मीठे अनुभवों, कोमल, तीखी अनुभूतियों और सुख-दुःख की स्थितियों को इसलिए स्वीकारा है. क्योंकि वह अपने किसी भी क्षण को अपने प्रिय से न केवल जुड़ा हुआ अनुभव करता है, अपितु हर स्थिति को उसी की देन मानता है।

41. बाज़ार जाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?

उत्तर- बाजार जाते समय हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम बिना जरूरत के वहां न जाएं। बाजार की हर वस्तु को ललचाई दृष्टि से न देखें। आवश्यकता की चीजें ही खरीदें। लेखक के शब्दों में वहां खाली मन ना जाएं।'

42. 'इंदर सेना' अनावृष्टि दूर करने के लिए क्या करती थी ?

उत्तर- 'इन्द्र सेना में गाँव के दस-बारह वर्ष से सोलह-अठारह वर्ष के सभी लड़के नंग-धडंग उछल-कूद, शोर-शराबे के साथ कीचड़-मिट्टी को शरीर पर मलते हुए घर-घर जाते थे और बोल गंगा मैया को जय का नारा लगाते हुए पानी की माँग करते थे। वे आस्था के कारण इन्द्र देवता से बारिश करने के लिए प्रार्थना करते हुए ऐसा करते हैं।

43. 'जूझ' कहानी का मूलभाव क्या है ?

उत्तर- जूझ का अर्थ है- 'जूझना एवं संघर्ष करना। इसमें कथानायक आनंदा ने विद्यालय जाने के लिए अतिशय संघर्ष किया है। यह शीर्षक एक किशोर के देखे एवं भोगे हुए गंवाई जीवन के खुरदरे यथार्थ व परिवेश को विश्वसनीय ढंग से प्रकट करता है।

44. खुदाई के दौरान मुअनजोदड़ो से क्या-क्या मिला ?

उत्तर- मुअनजोदड़ो से निकली वस्तुओं की पंजीकृत संख्या पचास हजार है। अहम चीज गेहूँ ताँबे और कांसे के बर्तन, मुहरें, वाद्य यंत्र, चाक पर बने बड़े-बड़े मिट्टी के मटके, चौपड़ की गोटियाँ, दीये, माप तौल के पत्थर, ताँबे का शीशा, मिट्टी की बैलगाड़ी दो पाटों वाली चक्की, मिट्टी के कंगन, मनकों वाले पत्थर के हार प्रमुख हैं।

45. 'बादल-राग' कविता में शोषक वर्ग किसे कहा गया है ?

उत्तर- पूंजीपति, धनी वर्ग और शोषक जमींदारों को शोषक वर्ग कहा है, जो निर्धन किसानों और मजदूरों का शोषण करते हैं। इन शोषकों को 'अस्थिर सुख' भोगने वाले और गरीबों के शोषण से बने 'आतंक-भवन' (ऊँचे महल) में रहने वाले लोगों के रूप में चित्रित किया गया है, जो क्रांति (बादलों की गर्जना) से डरते हैं।

46. 'कैमरे में बंद अपाहिज' शीर्षक की उपयुक्तता सिद्ध कीजिए ।

उत्तर- यह शीर्षक कैमरे में बंद अपाहिज के मनोदशा का सार्थक प्रतिनिधित्व करता है। अपाहिज कितना बेबस है। अपनी पीड़ा से ज्यादा प्रश्न कर्ता के प्रश्न से दूरदर्शन वाले भी उसके पीड़ा दुख करुणा को बेचने के लिए कैमरे में उसे बंद करना चाहते हैं।

खण्ड – C (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 250 शब्दों में दें। 5 x 4 = 20

47. निम्नलिखित में से किसी एक का काव्य-सौन्दर्य स्पष्ट कीजिए:

(क) तब प्रताप उर राखि प्रभु जैहऊँ नाथ तुरंत ।

अस कहि आयसु पाई पद बंदि चलेऊ हनुमंत ।।

भरत बाहु बल सील गुन प्रभु पद प्रीति अपार ।

मन महुँ जात सराहत पुनि पुनि पवनकुमार ।।

उत्तर- शब्दार्थ- तव तुम्हारा आपका। प्रताप यश उर-हृदय राखि रखकर । जैहऊँ जाऊँगा। नाथ स्वामी। अस- इस तरह आयसु- आज्ञा । पाह पाकर पद-चरण, पैर । बदि-वंदना करके। बहु-भुजा । सील सद्व्यवहार गुन-गुण प्रीति प्रेम अपार अधिक महुँ- में सराहंत बड़ाई करते हुए। पुनि-पुनि- फिर-फिर पवनकुमार- हनुमान।

प्रसंग- प्रस्तुत काव्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'आरोह, भाग-2' में संकलित 'लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप प्रसंग से उद्धृत है। यह प्रसंग रामचरितमानस के लंकाकांड से लिया गया है। इसके रचयिता कवि तुलसीदास हैं। इस प्रसंग में लक्ष्मण के मूर्च्छित होने तथा हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाने में भरत से मुलाकात का वर्णन किया गया है।

व्याख्या- हे नाथ! हे प्रभो!! मैं आपका प्रताप हृदय में रखकर तुरंत यानी समय से वहाँ पहुँच जाऊँगा। ऐसा कहकर और भरत जी से आज्ञा लेकर एवं उनके चरणों की वेदना करके हनुमान जी चल दिए। भरत के बाहुबल, शील स्वभाव तथा प्रभु के चरणों में उनकी अपार भक्ति को मन में बार-बार सराहते हुए हनुमान संजीवनी बूटी लेकर लंका की तरफ चले जा रहे थे।

विशेष-

(i) हनुमान की भक्ति व भरत के गुणों का वर्णन हुआ है।

(ii) दोहा छंद है।

(iii) अवधी भाषा का प्रयोग है।

(iv) मन महुँ, पुनि-पुनि पवन कुमार, पाइ पद में अनुप्रास तथा पुनि-पुनि में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।

(ख ) मैं यौवन का उन्माद लिए फिरता हूँ,

उन्मादों में अवसाद लिए फिरता हूँ,

जो मुझको बाहर हँसा रुलाती भीतर

मैं हाय किसी की याद लिए फिरता हूँ।

उत्तर- कठिन-शब्दार्थ :

उन्माद = पागलपन, प्रेम की अत्यधिक सनक।

अवसाद = दु:ख से उत्पन्न उदासी, विषाद।

मूढ़ = मूर्ख।

प्रसंग-प्रस्तुत काव्यांश कवि हरिवंश राय बच्चन द्वारा लिखित काव्य-संग्रह निशा-निमंत्रण की कविता 'आत्मपरिचय' से लिया गया है। जिसमें कवि अपने हृदय की अवस्थाएँ एवं संसार के व्यवहार पर अपनी भावनाएँ प्रकट कर रहे हैं कि कवि के हृदय के सत्य को किसी ने भी जानने की कोशिश नहीं की।

व्याख्या - कवि हरिवंश राय बच्चन' अपने सम्बन्ध में कहते हैं कि मैं युवावस्था के नशे में रहता हूँ, मेरे ऊपर प्रेम का पागलपन सवार रहता है। इस दीवानगी में मुझे कदम-कदम पर निराशा भी मिलती रहती है, अर्थात् दुःख-विषाद की भावना भी इसमें विद्यमान रहती है। इससे मेरी मन:स्थिति बाहर से तो हंसते हुए अर्थात् प्रसन्नचित्त रहती है, परन्तु अन्दर-ही-अन्दर रुलाती रहती है। इस स्थिति का मूल कारण यह है कि मैं अपने हृदय में किसी प्रिय की मधुर स्मृति बसाए हुए हूँ और हर समय उसकी याद करता रहता हूँ और उसके न मिलने से दु:खी हो जाता हूँ।

कवि कहता है कि मैंने सारे उपाय, सारे प्रयत्न करके देख लिये लेकिन किसी ने भी मेरे हृदय के सत्य को जानने की कोशिश नहीं की। कोई भी मेरे इस जीवन-सत्य को कोई नहीं जान पाया। इस तरह जिसे भी देखो वही नादानी कर रहा है। इस संसार में जिसे जहाँ पर भी धन, वैभव और भोग-सामग्री मिल जाती है, वह वहीं पर दाना चुगने लगता है, अर्थात् स्वार्थ पूरा करने लगता है।

परन्तु कवि की दृष्टि में ऐसे लोग मूर्ख होते हैं, क्योंकि वे जान-बूझकर सांसारिक लाभ मोह के चक्कर में उलझे रहते हैं। मैं संसार की इस नासमझी को समझ गया हूँ। इसीलिए मैं सांसारिकता का पाठ सीख रहा हूँ और सीखे हुए ज्ञान को अर्थात् पुरानी बातों को भूलकर अपने मन के अनुसार चलना सीख रहा हूँ।

विशेष

1. कवि ने अपने हृदय के दुःखों को तथा संसार के मूढ़ व्यक्तियों की विचित्र दशा को बताया है।

2. कोमलकान्त शब्दावली, तत्सम भाषा का प्रयोग तथा अनुप्रास अलंकार की प्रस्तुति द्रष्टव्य है।

3. तत्सम प्रधान खड़ी बोली हिन्दी का प्रयोग है।

48. "वृक्ष मनुष्य के सच्चे हितैषी हैं" अथवा "राष्ट्र के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका" विषय पर एक निबंध लिखिए ।

उत्तर

वृक्ष मनुष्य के सच्चे हितैषी हैं

वृक्ष प्रकृति की अमूल्य देन हैं और मनुष्य के सच्चे हितैषी माने जाते हैं। वे बिना किसी स्वार्थ के मानव जीवन को सहारा देते हैं। मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक वृक्ष किसी न किसी रूप में उसके काम आते हैं। वे हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, जिससे हमारा जीवन संभव होता है। वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं और वातावरण को संतुलित बनाए रखते हैं।

वृक्षों से हमें फल, फूल, लकड़ी, औषधियाँ और अनेक प्रकार की उपयोगी वस्तुएँ प्राप्त होती हैं। अनेक जीव-जंतु वृक्षों पर आश्रित रहते हैं, इसलिए वृक्ष जैव-विविधता के रक्षक भी हैं। वे वर्षा लाने में सहायक होते हैं तथा भूमि कटाव को रोकते हैं। गर्मी में छाया देकर वे थके हुए पथिक को विश्राम देते हैं।

आज अंधाधुंध कटाई के कारण वृक्षों की संख्या घटती जा रही है, जिससे प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं। अतः वृक्षों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।

निष्कर्षतः, वृक्ष वास्तव में मनुष्य के सच्चे मित्र और हितैषी हैं। उनका संरक्षण करना हमारा नैतिक कर्तव्य है, क्योंकि वृक्ष रहेंगे तो ही जीवन सुरक्षित रहेगा।

राष्ट्र के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका

किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा शक्ति पर निर्भर करता है। युवा केवल आयु का चरण नहीं, बल्कि ऊर्जा, उत्साह, साहस और नवाचार का प्रतीक है। जिस देश के युवा जागरूक, शिक्षित और चरित्रवान होते हैं, वह राष्ट्र निरंतर प्रगति करता है।

युवा शक्ति राष्ट्र के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास की धुरी है। शिक्षा प्राप्त कर युवा वैज्ञानिक, शिक्षक, सैनिक, किसान, उद्यमी और प्रशासक बनकर देश की उन्नति में योगदान देते हैं। नई तकनीक, स्टार्टअप, डिजिटल क्रांति और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी देश को आत्मनिर्भर बनाती है।

सामाजिक क्षेत्र में भी युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे अंधविश्वास, भ्रष्टाचार और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाते हैं तथा समानता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों में सक्रिय भाग लेते हैं। राष्ट्र की सुरक्षा में सेना और पुलिस बल में युवा ही अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते हैं।

राजनीतिक जागरूकता भी युवाओं की जिम्मेदारी है। सही नेतृत्व का चुनाव, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना उनके कर्तव्यों में शामिल है।

अतः स्पष्ट है कि युवा शक्ति राष्ट्र की रीढ़ है। यदि युवाओं को सही दिशा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक संस्कार मिलें, तो वे देश को समृद्ध, शक्तिशाली और विकसित राष्ट्र बना सकते हैं।

49. 'छोटा मेरा खेत' कविता के कथ्य को स्पष्ट करें।

उत्तर- इस कविता में कवि ने खेती के रूप में कवि-कर्म के हर चरण को बाँधने की कोशिश की है। कवि को कागज का पत्रा एक चौकोर खेत की तरह लगता है। इस खेत में किसी अंधड़ अर्थात भावनात्मक आँधी के प्रभाव से किसी क्षण एक बीज बोया जाता है। यह बीज रचना, विचार और अभिव्यक्ति का हो सकता है। यह कल्पना का सहारा लेकर विकसित होता है और इस प्रक्रिया में स्वयं गल जाता है। उससे शब्दों के अंकुर निकलते हैं और अंततः कृति एक पूर्ण स्वरुप ग्रहण करती हैं जो कृषि कर्म के लिहाज से पुष्पित पल्लवित होने की स्थिति है। साहित्यिक कृति से जो अलौकिक रस-धारा फूटती है, वह क्षण में होने वाली रोपाई का ही परिणाम है। पर यह रस-धारा अनंत काल तक चलने वाली कटाई से कम नहीं होती। खेत में पैदा होने वाला अत्र कुछ समय के बाद समाप्त हो जाता है, किंतु साहित्य का रस कभी समाप्त नहीं होता।

50. 'लक्ष्मण मूर्च्छा और राम का विलाप' काव्यांश के आधार पर भ्रातृशोक में विह्वल राम की दशा को अपने शब्दों में प्रस्तुत कीजिए ।

उत्तर- लक्ष्मण को मूर्च्छित देखकर श्रीराम अत्यधिक विह्वल हो उठे। उस समय वे माता सुमित्रा का ध्यान कर लक्ष्मण को अपने साथ लाने पर पछताने लगे। लक्ष्मण जैसे सेवा-भावी अनुज के अनिष्ट की आशंका से वे प्रलाप करने लगे तथा अविनाशी प्रभु होने के पश्चात् भी मनुष्यों की भाँति द्रवित हो गये।

51. "कैमरे में बंद अपाहिज" कविता समाज की किस मनोवृत्ति की ओर संकेत करती है ?

उत्तर- कैमरे में बंद अपाहिज कविता समाज की उस संवेदनहीन और उपभोक्तावादी मनोवृत्ति की ओर संकेत करती है, जिसमें मनुष्य की पीड़ा भी तमाशा बन जाती है। कवि रघुवीर सहाय ने इस कविता में विशेषतः मीडिया और तथाकथित सभ्य समाज की मानसिकता पर तीखा व्यंग्य किया है।

कविता में एक अपाहिज व्यक्ति की असहायता और दुख को दूर करने के बजाय उसे कैमरे में कैद किया जाता है। उसकी पीड़ा को समझने, सहायता करने या उसके जीवन को बेहतर बनाने की जगह लोग उसकी तस्वीरें लेकर, समाचार बनाकर या दृश्य प्रसारित कर अपनी संवेदनशीलता का प्रदर्शन करते हैं। इस प्रकार मानवीय करुणा की जगह प्रदर्शनप्रियता और दिखावटी सहानुभूति प्रमुख हो जाती है।

कवि यह दिखाते हैं कि समाज में वास्तविक मदद करने की भावना कम होती जा रही है, जबकि प्रचार, प्रसिद्धि और लाभ की मानसिकता बढ़ती जा रही है। अपाहिज की विवशता दूसरों के लिए समाचार, मनोरंजन या सहानुभूति बटोरने का साधन बन जाती है।

इस कविता के माध्यम से यह भी स्पष्ट होता है कि आधुनिक समाज और मीडिया अक्सर मानवीय मूल्यों से दूर होकर पीड़ा का वस्तुकरण कर देते हैं।

अतः कविता समाज की संवेदनहीनता, अवसरवादिता, प्रदर्शनप्रियता और मानवीय मूल्यों के ह्रास की मनोवृत्ति की ओर गहरा संकेत करती है।

52. 'इंदर-सेना' सबसे पहले गंगा मैया की जय क्यों बोलती है? नदियों का भारतीय सामाजिक, सांस्कृतिक परिवेश में क्या महत्व है ?

उत्तर- उत्तर- भारतीय समाज - संस्कृति में गंगा सबसे पूजनीय नदी और जल का आदिम स्रोत है। जिसका भारतीय इतिहास में धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक महत्त्व है। वह भारतीयों के लिए केवल एक नदी नहीं अपितु माँ है। उसमें पानी नहीं अपितु अमृत तुल्य जल बहता है। भारतीय संस्कृति में नदियों के किनारे मानव सभ्यताएँ फली फूली हैं। बड़े-बड़े नगर, तीर्थ स्थान नदियों के किनारे स्थित हैं, ऐसे परिवेश में भारतवासी सबसे पहले गंगा मैया की जय ही बोलेंगे और इसलिए ही इंदर सेना सबसे पहले गंगा मैया की जय ही बोलती है।

Class XII HINDI-A(CORE)








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