Class 10 Science (विज्ञान) Set 3
Sumudran Model Sample Question Papers with Answers
JCERT द्वारा जारी
सामान्य
निर्देश :
1.
परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। पुस्तिका में 33 मुद्रित पृष्ठ
है।
2.
इस प्रश्न पत्र में चार खण्ड-A, B, C एवं D है। कुल प्रश्नों की संख्या 52 है।
3.
खण्ड A में कुल 30 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं,
इनमें से एक सही विकल्प का चयन कीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 1 अंक निर्धारित है।
4.
खण्ड B में प्रश्न संख्या 31-38 अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं छह प्रश्नों
के उत्तर दीजिए।
5.
खण्ड C में प्रश्न 39-46 लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं छह प्रश्नों के
उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 3 अंक निर्धारित है।
6.
खण्ड D में प्रश्न संख्या 47-52 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं चार प्रश्नों
के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 5 अंक निर्धारित है।
खंड - A
खण्ड.A
में कुल 30 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं,
इनमें से एक सही विकल्प का चयन कीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 1 अंक निर्धारित है।
1. अवतल दर्पण में वस्तु का प्रतिबिम्ब वास्तविक, उल्टा एवं
समान आकार का बनता है तो वस्तु स्थित होगा :
(1) F पर
(2) ध्रुव तथा F के बीच
(3) C पर
(4) C से परे
2. एक लेंस की क्षमता 4D है तो उसकी फोकस दूरी होगी :
(1) 25 cm
(2)-25 cm
(3) 4 m
(4)-4 m
3. किस दूर्पण का दृष्टि क्षेत्र विस्तृत होता है?
(1) समतल
(2) अवतल
(3) उत्तल
(4) इनमें सभी
4. किस लेंस की प्रकृति अभिसारी होती है?
(1) अवतल
(2) समतल
(3) उतल
(4) इनमें कोई नहीं
5. मानव नेत्र में कैसा लेंस रहता है :
(1) अवतल
(2) उत्तल
(3) समतल
(4) इनमें कोई नहीं
6. नेत्र गोलक के लम्बा हो जाने से कौन-सा दृष्टि-दोष
उत्पन्न होता है:
(1) निकट
(2) दीर्घ
(3) जरा
(4) इनमें कोई नहीं
7. प्रतिरोध का S.I मात्रक है :
(1) ओम
(2) ऐम्पियर
(3) वॉट
(4) इनमें कोई नहीं
8. विद्युत धारा को किस यंत्र से मापा जाता है?
(1) आमीटर
(2) वोल्टमीटर
(3) गैल्वेनोमीटर
(4) इनमें कोई नहीं
9. 2 Ω, 3 Ω, एवं 4 Ω के तीन
प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में जोड़ने पर समतुल्य प्रतिरोध का मान होगा -
(1) 5 Ω
(2) 7 Ω
(3) 9 Ω
(4) इनमें से कोई नहीं
10. विद्युत चुम्बक बनाया जाता है:
(1) नरम लोहा से
(2) पक्का लोहा से
(3) लोहे के अयस्क से
(4) इनमें कोई नहीं
11. श्वसन किस प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया है?
(1) संयोजन
(2) उष्माक्षेपी
(3) उष्माशोषी
(4) इनमें से कोई नहीं
12. Fe2O3 + 2AI → AI2O3
+ 2Fe किस प्रकार की अभिक्रिया है?
(1) संयोजन
(2) वियोजन
(3) विस्थापन
(4) द्वि-विस्थापन
13. किस अभिक्रिया में अवक्षेप बनता है?
(1) संयोजन अभिक्रिया में
(2) वियोजन अभिक्रिया में
(3) विस्थापन अभिक्रिया में
(4) द्वि-विस्थापन अभिक्रिया में
14. जल की कठोरता को दूर करने में किस सोडियम यौगिक का
उपयोग होता है :
(1) NaCl
(2) NaHCO3
(3) Na2CO3.10H2O
(4) इनमें कोई नहीं
15. शुद्ध जल का pH मान होता है:
(1) 7 से कम
(2) 7 से अधिक
(3) 7 के बराबर
(4) इनमें कोई नहीं
16. पीतल है :
(1) धातु
(2) अघातु
(3) मिश्रधातु
(4) उपधातु
17. ऐल्कीन का सामान्य सूत्र होता है -
(1) CnH2n+2
(2) CnH2n
(3) CnH2n-2
(4) इनमें से कोई नहीं
18. -OH प्रकार्यात्मक समूह का नाम क्या है?
(1) ऐल्कोहॉल
(2) कीटोन
(3) ऐल्डिहाइड
(4) कार्बोक्सिलिक अम्ल
19. बेंजीन का सूत्र है:
(1) C6H12
(2) C6H14
(3) C6H6
(4) C6H10
20. संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) का मुख्य घटक है:
(1) मेथेन
(2) ब्यूटेन
(3) प्रोपेन
(4) इनमें कोई नहीं
21. वसा के पाचन के लिए कौन-सा एंजाइम उत्तरदायी है।
(1) टायलिन
(2) पेप्सिन
(3) ट्रिप्सिन
(4) लाइपेज
22. रक्त में यूरिया कहाँ से प्रवेश करता है?
(1) फेफड़ा से
(2) वृक्क से
(3) यकृत से
(4) श्वासनलिका से
23. शरीर में सबसे बड़ी ग्रंथि है:
(1) यकृत
(2) अग्नाशयं
(3) पीनियल
(4) इनमें कोई नहीं
24. पादप हॉर्मोन का उदाहरण है:
(1) इंसुलिन
(2) एस्ट्रोजेन
(3) एडीनिन
(4) ऑक्जिन
25. सिर (मस्तिष्क) का कौन-सा भाग शरीर की स्थिति तथा
संतुलन का अनुरक्षण करता है?
(1) अग्र मस्तिष्क
(2) मध्य मस्तिष्क
(3) अनुमस्तिष्क
(4) इनमें सभी
26. एड्रीनलीन हॉर्मोन की स्त्रावित ग्रंथी है :
(1) अधिवृक्क
(2) अग्नाशय
(3) थाइरॉइड
(4) इनमें कोई नहीं
27. मानव शरीर के किसी सामान्य कोशिका में गुणसूत्रों के
कितने युग्म होते हैं?
(1) 21
(2) 22
(3) 23
(4) 46
28. लैंगिक जनन संचारित रोग है:
(1) चेचक
(2) पीलिया
(3) प्लेग
(4) एड्स
29. स्त्रियों में लिंग गुणसूत्र का युग्म होता है :
(1) XY
(2) XX
(3) YY
(4) इनमें सभी
30. सही आहार श्रृंखला है:
(1) बकरी→ घास→ हिरण
(2) चिड़िया→ साँप→ मोर
(3) मछली→ घास→ गाय
(4) घास→ हिरण→ शेर
खण्ड-B
खण्ड B में प्रश्न संख्या 31-38 अति लघु उत्तरीय प्रश्न
हैं। इनमें से किन्ही छह प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 2 अंक
निर्धारित है।
प्रश्न 31. कोई वस्तु किसी उत्तल लेंस के F₁ तथा 2F1
के बीच रखी गयी है। बनने वाले प्रतिबिम्ब का किरण आरेख खींचिए।
उत्तर :

प्रश्न 32. सामांन्य नेत्र 25 cm से निकट रखी वस्तुओं को
स्पष्ट क्यों नहीं देख पाता है?
उत्तर : आँख के लेंस की फोकस दूसरी एक निश्चित न्यूनतम सीमा से कम नहीं हो
सकती है। आगे कम करने के प्रयास से आँखों पर तनाव बढ़ता है ओर धुँधला दिखाई देने
लगता है। इसलिए सामान्य आँख 25 cm से निकट की वस्तु स्पष्ट नहीं देख पाता है।
प्रश्न 33. उष्माक्षेपी एवं उष्माशोषी अभिक्रिया का क्या
अर्थ है?
उत्तर : उष्माक्षेपी अभिक्रिया जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ
उष्मा भी उत्पन्न होती है, उन्हें उष्माक्षेपी अभिक्रिया कहा जाता है।
C+O2→ CO2 + 94.45 K.Cal.
उष्माशोषी अभिक्रिया : जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ उष्मा का
शोषण होता है, उन्हें उष्माशोषी अभिक्रिया कहा जाता है। समीकरण रूप में उष्मा के
शोषण को (-) चिह्न से दिखाया जाता है।
N2+O2→2NO - 43.2 K.Cal
प्रश्न 34. रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक
है?
उत्तर : द्रव्यमान के संरक्षण के नियम के अनुसार किसी भी रासायनिक अभिक्रिया
के उत्पाद तत्त्वों का कुल द्रव्यमान अभिकारक तत्त्वों के कुल द्रव्यमान के बराबर
होता है। किसी रासायनिक समीकरण में अभिकारक तत्त्वों के कुल परमाणुओं की संख्या
उत्पाद तत्त्वों के कुल परमाणुओं की संख्या के बराबर होती है। रासायनिक संयोग के
इसी नियम को ध्यान में रखते हुए रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना आवश्यक है।
प्रश्न 35. अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित किया
जाता है कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए न कि जल को अम्ल में?
उत्तर : ऐसा इसलिए अनुशंसित किया जाता है क्योंकि अम्ल में जल मिलाने की
प्रक्रिया उष्माक्षेपी होती है अर्थात् इस प्रक्रिया में उष्मा मुक्त होती है।
उष्मा के कारण परखनली का पदार्थ उफान मार कर बाहर आ सकता है, जिससे जलने का खतरा
उत्पन्न होगा। अत्यधिक उष्मा के कारण काँच के पात्र टूट भी सकते
है।
प्रश्न 36. उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं? उदाहरण दें।
उत्तर : वैसे ऑक्साइड जो अम्लीय एवं क्षारीय दोनों गुण प्रदर्शित करते हैं,
उन्हें उभयघर्मी ऑक्साइड कहते हैं। जैसे- (1) ऐल्युमिनियम ऑक्साइड (Al2O3)
(ii) जिंक ऑक्साइड (ZnO)
Al2O3 + 6HCI → 2AICl3 + 3H2O
Al2O3 + 2NaOH → 2NaAlO2+H2O
ZnO +2HCI → ZnCl2 + H2O
ZnO + 2NaOH → Na2ZnO2 + H2O
प्रश्न 37. मानव मस्तिष्क का चित्र बनाकर अग्र, मध्य एवं
पश्च मस्तिष्क को दर्शाएँ।
उत्तर :

प्रश्न 38. पाारितंत्र में अपमार्जकों (अपघटकों) की क्या
भूमिका है?
उत्तर : किसी पारितंत्र में उपस्थित जीवाणु और कवक जैसे मृतजीवी सूक्ष्मजीवों
को अपमार्जक कहा जाता है। अपमार्जक मृतजैव अवशेषों का अपमार्जन करते हैं। ये जटिल
कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में बदल देते हैं जो मिट्टी द्वारा
अवशोषित कर लिये जाते हैं। मिट्टी से ये पदार्थ पौधों में चले जाते हैं जिसे
प्राथमिक उपभोक्ता द्वारा उपयोग में लाया जाता है। इस प्रकार अपमार्जक पारितंत्र
एवं आहार-तन्त्र को संतुलित करने का कार्य करते हैं।
खंड - C
(इस खंड में कुल 8 प्रश्न हैं जिनमें से 6 प्रश्न का उत्तर
देना है। प्रत्येक प्रश्न के 3 अंक निर्धारित हैं)
प्रश्न 39.5 cm लम्बाई का कोई बिम्ब 30 cm वक्रता त्रिज्या
के किसी उत्तल दर्पण के सामने 20cm की दूरी पर रखा गया है। प्रतिविम्ब की स्थिति,
प्रकृति तथा साइज ज्ञात कीजिए।
उत्तर: यहाँ, h1=5cm, R = 30cm , u = - 20cm
v =?, प्रकृति = ?, h2 (साइज)=?
R = 30 cm (दिया है)
दर्पण सूत्र से, `\frac1v+\frac1u=\frac1ƒ`
`\Rightarrow\frac1v-\frac1{20}=\frac1{15}`
`\Rightarrow\frac1v=\frac1{15}+\frac1{20}`
`⸫v=\frac{60}{7}`= 8.57cm
प्रकृति: v का मान घनात्मक एवं संख्यात्मक रूप से u से छोटा है। इसलिए प्रतिविम्ब
आभासी, सीधा एवं छोटा बनता है।
दर्पण के आवर्धन सूत्र से, –`\frac{h_2}{h_1}=-\frac vu`
`h_2=\frac{-\frac{60}7}{-20}`
`⸫h_2=-\frac{60}7\times\frac1{20}\times5=\frac{15}7=2.1cm.`
प्रश्न 40. निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) क्या होता है? निकट
दृष्टि दोष (मायोपिया) का क्या कारण होता है? निकट दृष्टि दोषं से पीड़ित व्यक्ति
का उपचार किस प्रकार के लेंस बाले चश्मे से होता है?
उत्तर : निकट दृष्टि दोष में मनुष्य को निकट की वस्तुएँ साफ दिखाई देती हैं,
परन्तु दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखाई देतीं। इसमें दूर की वस्तु का प्रतिबिंब
विभिन्न कारणों से रेटिना के पहले ही बन जाता है।
कारण : (i) नेत्र गोलक का दीर्धीकरण होना, अर्थात नेत्र लेंस से रेटिना की
दूरी का बढ़ जाना।
(ii) सिलियरी पेशी के कमजोर होने के कारण लेंस को पतला करने की क्षमता घटना,
अर्थात लेंस की उत्तलता का बढ़ा रहना। लेंस के उत्तल रहने के कारण उसकी फोकस दूरी
घट जाती है तथा प्रतिबिंब रेटिना से पहले ही बनता है।
उपचार : उचित फोकस दूरी वाले अवतल लेंस के चश्मे द्वारा।
प्रश्न 41. उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए
जिनमें उष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।
उत्तर : (i) निम्नांकित अभिक्रिया में ऊर्जा का उष्मा के रूप में प्रयोग होता
है।
CaCO3 → ऊष्मा CaO
+ CO2
(ii) निम्नांकित अभिक्रिया में ऊर्जा का प्रकाश के रूप में प्रयोग होता है।
2 AgCl → प्रकाश ऊर्जा 2 Ag + Cl2
(iii) निम्नांकित अभिक्रिया में ऊर्जा का विद्युत के रूप में प्रयोग होता है।
2H2O → विद्युत अपघटन 2H2 + O2
प्रश्न 42. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? उदाहरण दें।
उत्तर : द्वि-विस्थापन अभिक्रिया जब अम्ल एवं क्षारक के बीच होती है तब उसे
उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं। इस अभिक्रिया में अम्ल, क्षारक को और क्षारक अम्ल
को उदासीन कर देता है।
जैसे - HCl + NaOH → NaCl + H2O
प्रश्न 43. वृद्धि हार्मोन क्या हैं?
अथवा मनुष्यों में बौनेपन का क्या कारण है?
उत्तर : वृद्धि हारमोन, पीयुष ग्रंथि द्वारा स्रावित होने वाला महत्त्वपूर्ण
हार्मोन है। यह शरीर में हड्डियों की लंबाई को नियंत्रित करता है। इसके अधिक स्राव
से व्यक्ति अनावश्यक रूप से लंबा हो जाता है तथा इस कमी से व्यक्ति बौना हो जाता
है।
प्रश्न 44. कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का
उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर : (i) कायिक प्रवर्धन ऐसे पौधों को उगाने में उपयोगी हैं जो बीज उत्पन्न
नहीं करते।
(ii) कायिक प्रवर्धन द्वारा उत्पन्न पौधे पूर्णतः तैयार होने में कम समय लेते
हैं।
(iii) कायिक प्रवर्धन द्वारा उत्पन्न पौधे आनुवांशिक रूप से जनक पौधों के समान
होते हैं। इससे एक प्रकार की गुणवत्ता वाले फलों और सब्जियों का उत्पादन सम्भव
होता है।
प्रश्न 45. एककोशिक तथा बहुकोशिक जीवों की जनन पद्धति में
क्या अंतर है?
उत्तर : एककोशक जीवों की संरचना सरल होती है। इनमें जनन के लिए कोई विशेष
ऊत्तक अथवा कोशिका नहीं होती है। इनमें केवल एक कोशिका होती है जो सरलता से
विभाजित होकर नयी कोशिकाओं का निर्माण करती है। एककोशिक जीवों में अलैंगिक जनन
होता है। एककोशिक जीवों की जनन पद्धति से विभिन्नताओं के उत्पन्न होने की सम्भावना
कम होती है।
बहुकोशिक जीवों की संरचना जटिल होती है। इनमें जनन के लिए नर और मादा विशेष
अंग होते हैं। उनमें जनन की प्रक्रिया जटिल होती है। बहुकोशिक जीवों में जनन,
लैंगिक एवं अलैंगिक दोनों प्रकार से होता है। बहुकोशिक जीव की जनन पद्धति से
विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं जो विकास में सहायक हैं।
प्रश्न 46. ओजोन परत की क्षति हमारे लिए चिंता का विषय
क्यों है? इस क्षति का कारण क्या है?
उत्तर : ओजोन परत की क्षति से सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणें पृथ्वी की
सतह तक पहुँच जाएँगी, इसलिए इस पतर की क्षति हमारे लिए चिंता का विषय है।
ओजोन परत की क्षति का प्रमुख कारण, मनुष्य द्वारा अत्यधिक मात्रा में CFC
(क्लोरोफ्लुओरो कार्बन) रसायनों का उपयोग करना है।
खंड - D
(इस खंड में कुल 6 प्रश्न हैं जिनमें से चार प्रश्नों का
उत्तर देना है। प्रत्येक प्रश्न के 5 अंक निर्धारित हैं)
प्रश्न 47. प्रतिरोधों का समानांतर संयोजन क्या है?
समानांतर में जुड़े तीन प्रतिरोधकों R1, R2 और R3
के समतुल्य प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए एक व्यंजक व्युत्पन्न करें।
उत्तर : पार्श्वक्रम संयोजन- जब सभी प्रतिरोध के एक छोर को एक साथ तथा दूसरे
छोर को एक साथ जोड़ा जाता है तो इस प्रकार के संयोजन को पार्श्वक्रम संयोजन कहते
हैं।

चित्र में तीन प्रतिरोध R1, R2,R3 पार्श्वक्रम
में जोड़े गये हैं जो V विभवान्तर पर हैं और उनमें I1,I2, l3
विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है।
कुल धारा । तथा, तुल्यमान प्रतिरोध R है।
इसी प्रकार, `I_1=\frac V{R_1}`
`I_2=\frac V{R_2}`
`I_3=\frac V{R_3}`
कुल धारा `I=I_2+I_2+I_3`
या, `\frac VR=\frac V{R_1}+\frac V{R_2}+\frac V{R_3}`
या, `\frac1R=\frac1{R_1}+\frac1{R_2}+\frac1{R_3}`
अतः समान्तर क्रम संयोजन में तुल्यमान प्रतिरोध का व्युत्क्रम जोड़े गये सभी
प्रतिरोधों के व्युत्क्रमों के योग के बराबर होता है
प्रश्न 48. किसी विद्युत धारावाही चालक पर चुम्बकीय क्षेत्र
के कारण लगने वाले बल को प्रयोग द्वारा समझाएँ।
उत्तर : ऐल्युमिनियम का एक छोटा छड़ लगभग 50 cm लंबी AB लेते हैं। छड़ को चालक
तार द्वारा चित्रानुसार क्षैतिज लटका देते हैं। अब एक शक्तिशाली नाल चुम्बक को इस
प्रकार व्यवस्थित करते हैं कि छड़ चुम्बक के ध्रुवों के बीच में हो तथा चुम्बकीय
क्षेत्र की दिशा उर्ध्वमुखी हो।

अब छड़ में धारा B से A की ओर प्रवाहित करते हैं तो पाते है कि ऐल्युमिनियम
छड़ बार्थी ओर विस्थापित हो जाता है। जब धारा की दिशा A से B की ओर उलट दी जाती है
तो पाते हैं कि छड़ दायीं ओर विस्थापित हो जाता है। इससे यह पता चलता है कि जब
किसी धारावाही चालक को एक बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है तो चालक में
बहती धारा तथा चुम्बकीय क्षेत्र के पारस्परिक क्रिया के फलस्वरूप एक बल कार्य करता
है। चालक पर आरोपित बल की दिशा विद्युत धारा की दिशा और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा
दोनों पर निर्भर करती है। छड़ में विस्थापन उस समय अधिक होता है जब विद्युत धारा
की दिशा चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा के लम्बवत् होती है।
प्रश्न 49. किसी धातु M के विद्युत अपघटनी परिष्करण में आप
एनोड, कैथोड एवं विद्युत अपघट्य किसे बनाएँगे। ताँबा धातु का परिष्करण (शुद्धिकरण)
किस प्रकार किया जाता है?
उत्तर : अशुद्ध M धातु के एक मोटे टुकड़े को एनोड बनाया जाता है और शुद्ध M
धातु की एक पतली पट्टी को कैथोड बनाया जाता है। जल में घुलनशील M धातु के लवण का
उपयोग विद्युत अपघट्य के रूप में किया जाता है।
विद्युत अपघटनी परिष्करण द्वारा ताँबा धातु का शुद्धिकरण किया जाता है।

विद्युत अपघटनी सेल में CuSO4 का अम्लीकृत जलीय विलयन लिया जाता है
और शुद्ध Cu धातु का कैथोड एवं अशुद्ध Cu धातु का ऐनोड लिया जाता है। विद्युत
अपघटय में विद्युत धारा प्रवाहित करने से शुद्ध Cu धातु कैथोड पर एवं अशुद्धियाँ
ऐनोड के नीचे जमा हो जाती हैं। इस प्रकार प्राप्त Cu धातु 99.99% शुद्ध होता है।
कैथोड पर : Cu++ + 2e- → Cu
ऐनोड पर : Cu → Cu+++2e-
प्रश्न 50. निम्न यौगिकों के नाम एवं संरचना सूत्र दीजिए:
(i) एथेन, से व्युत्पन्न एक ऐल्डिहाइड
(ii) ब्यूटेन से व्युत्पन्न एक कीटोन
(iii) मेधेन से व्युत्पन्न एक ऐल्कोहॉल
(iv) प्रोपेन से व्युत्पत्र एक कार्बोक्सिलिक अम्ल
(v) एथेनॉल के क्षारीय पोटैशियम परमैगनेट के साथ ऑक्सीकरण
से प्राप्त यौगिक
उत्तर:

प्रश्न 51. मानव हृदय के परिच्छेद का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर :

प्रश्न 52. मॅडल के प्रयोगों द्वारा कैसे पता चला कि
वंशानुगत लक्षण प्रभावी अथवा अप्रभावी होते हैं?
उत्तर : मॅडल ने अनुवंशिकता की प्रक्रिया को समझाने के लिए मटर के पौधों पर
प्रयोग किया। उसने मटर के पौधों की दो प्रजाति लंबे पौधे एवं बौने पौधे लिये तथा
लंबे पौधे को TT से तथा बौने पौधे को tt से दिखाया।

मटर के लंबे पौघे (TT) तथा बौने पौधे (tt) में परागण के द्वारा उत्पन्न पौधे
लंबे (Tt) पाये गये। लेकिन जब Tt पौधे का स्वपरागण किया गया तो उत्पन्न पौधों में
से एक चौथाई बौने (tt) थे।
अपने प्रयोग के आधार पर मेंडल ने निष्कर्ष निकाला कि जीव में दो प्रकार के लक्षण होते हैं- प्रभावी लक्षण तथा अप्रभावी लक्षण अर्थात् वंशानुगत लक्षण प्रभावी या अप्रभावी हो सकते हैं। TT एवं Tt दोनों लंबे पौधे हैं जबकि tt बौना पौधा है। Tt पौधे में T प्रभावी लक्षण है तथा t अप्रभावी लक्षण।
Question Solution
Class 10 गणित (Mathematics) Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Science (विज्ञान) SET-2 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Science (विज्ञान) SET-1 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Science Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science All Subjects Model Question Answer 2025-26
Class 10 Social Science SET-5 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-4 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-3 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-2 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-1 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Hindi-A Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Economics All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Civics (नागरिकशास्त्र) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 History (इतिहास) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Geography (भूगोल) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Science Jac Model Paper 2024-25
Class 10 Social Science Jac Model Paper 2024-25
Class 10 Hindi (A) Jac Model Paper Solution 2024-25
10th Hindi Jac Model Question Solution,2022-23
