Class 10 सामाजिक विज्ञान Set-3
Sumudran Model Sample Question Papers with Answers JCERT द्वारा जारी
सामान्य
निर्देश :
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परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में उत्तर दें।
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इस प्रश्न-पत्र में चार खण्ड A, B, C एवं D हैं। कुल प्रश्नों की संख्या 52 हैं।
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खण्ड A में कुल 30 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं।
इनमें से एक सही विकल्प का चयन कीजिये। प्रत्येक प्रश्न के लिए 01 अंक निर्धारित हैं।
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खण्ड B में प्रश्न संख्या 31 से 38 अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं
6 प्रश्नों का उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 2 अंक निर्धारित हैं।
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खण्ड C में प्रश्न संख्या 39 से 46 तक लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्ही 6 प्रश्नों
का उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 3 अंक निर्धारित हैं।
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खण्ड D में प्रश्न संख्या 47 से 52 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं 4 प्रश्नों
का उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 5 अंक निर्धारित हैं।
खण्ड - A
प्रश्न
1 से 30 तक बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए 01 अंक निर्धारित हैं।
1. यूरोपीय महाद्वीप का सबसे प्रभुत्वशाली वर्ग निम्न में कौन था जो
सामाजिक रूप से जमीन का मालिक था?
(1)
पादरी वर्ग
(2) कुलीन वर्ग
(3)
किसान वर्ग
(4)
इनमें से सभी
2. 19वीं सदी में निम्न में से कौन-सा कारक यूरोप में राष्ट्रवाद के
विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
(1)
फ्रांसीसी क्रांति
(2)
औद्योगिक क्रांति
(3)
राष्ट्रीयता का विचार
(4) इनमें से सभी
3. फ्रांस में प्रथम विद्रोह कब हुआ था ?
(1)
जुलाई 1801
(2)
जुलाई 1804
(3)
जुलाई 1815
(4) जुलाई 1830
4. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार ने 'रॉलेट एक्ट' लागू
किया। इस कानून को लागू करने का मकसद क्या था?
(1)
भारत में विद्रोह को खत्म करना
(2)
ब्रिटिश विरोधी साजिशों को रोकना
(3) किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी दोष सिद्धि के हिरासत में
रखना
(4)
इनमें से सभी
5. 'असहयोग आंदोलन' की समाप्ति किस घटना से हुई?
(1)
काकोरी कांड
(2)
दांडी यात्रा
(3) चौरी-चौरा हिंसात्मक घटना
(4)
जलियाँवाला बाग की घटना
6. 18वीं शताब्दी तक विश्व के सबसे सम्पन्न दो देश कौन थे, जिन्हें
सबसे धनी देशों में गिना जाता था और एशियाई बाजार में उन्हीं का दबदबा था?
(1)
भारत और रूस
(2)
भारत और इंग्लैण्ड
(3) भारत और चीन
(4)
भारत और जर्मनी
7. ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना
किन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया गया था?
(1)
वैश्विक मौद्रिक सहयोग को बढ़ावा देने
(2)
उच्च रोजगार और सतत् आर्थिक विकास को बढ़ावा देने
(3)
वित्तीय स्थिरत्ता को सुरक्षित करने
(4) इनमें से सभी
8. इंग्लैंड के कपड़ा व्यवसायी अपने कपड़ों की फिनिशिंग किस देश में
कराते थे, जिससे उस देश को 'फिनिशिंग सेंटर' के रूप में ही जाना जाने लगा?
(1)
रूस
(2)
अमेरिका
(3) लंदन
(4)
भारत
9. किसने कहा, "मुद्रण ईश्वर की दी हुई महानतम देन है, सबसे बड़ा
तोहफा ।"
(1)
गुटेन्बर्ग
(2)
इरैस्मस
(3) मार्टिन लूथर
(4)
मेकाइवर
10. संसाधनों के अंधाधुन शोषण से किस प्रकार का वैश्विक पारिस्थितिक
संकट पैदा हुआ है?
(1)
भूमंडलीय ताप
(2)
ओजोन परत का अवक्षय
(3)
पर्यावरण प्रदूषण
(4) इनमें से सभी
11. काली मृदा की विशेषता निम्न में से क्या होती है?
(1)
यह बहुत महीन कणों से बनी होती है
(2)
इसमें नमी धारण करने की क्षमता बहुत अधिक होती है
(3)
गीली होने पर यह चिपचिपी हो जाती है
(4) इनमें से सभी
12. वन और वन्य जीव संसाधन संरक्षण की दृष्टि से सर्वाधिक मूल्यवान
वनों को क्या कहते हैं?
(1)
रक्षित वन
(2) आरक्षित वन
(3)
पवित्र उपवन
(4)
अवर्गीकृत वन
13. पश्चिम बंगाल में 'बक्सा टाईगर रिजर्व' निम्न में से किस प्रकार
के खनिज के खनन के कारण गंभीर खतरे में है?
(1) डोलोमाइट
(2)
लौह-अयस्क
(3)
अभ्रक
(4)
कोयला
14. निम्न में से किनका मानना था कि बहुउद्देशीय परियोजनाओं के चलते
भारत की कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, औद्योगिक और नगरीय अर्थव्यवस्था समन्वित रूप
से विकास करेगी?
(1) जवाहरलाल नेहरू
(2)
महात्मा गाँधी
(3)
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(4)
इंदिरा गाँधी
15. उद्योगों की बढ़ती हुई संख्या के कारण किस प्रकार के जल संसाधनों
पर दबाव बढ़ रहा है?
(1)
भू-जल
(2)
सतही जल
(3) अलवणीय जल
(4)
समुद्री जल
16. 'बाबा बूदन' की पहाड़ियों में जहाँ में स्थित है? कॉफी कृषि की
शुरुआत हुई, यह भारत के किस राज्य
(1)
पश्चिम बंगाल
(2)
तमिलनाडु
(3) कर्नाटक
(4)
केरल
17. भारत के ग्रामीण तथा सुदूर क्षेत्रों में ऊर्जा के साधनों में से
किस प्रकार की ऊर्जा तेजी से लोकप्रिय हो रही है?
(1)
पवन ऊर्जा
(2)
विद्युत ऊर्जा
(3)
रासायनिक ऊर्जा
(4) सौर ऊर्जा
18. निम्न में से किस प्रकार के उद्योग का कृषि से संबंध नहीं है?
(1)
सूती वस्त्र उद्योग
(2) लोहा तथा इस्पात उद्योग
(3)
पटसन उद्योग
(4)
चीनी उद्योग
19. सत्ता में भागीदारी की आवश्यकता कहाँ
पड़ती है?
(1) क्षेत्र, भाषा और जाति के आधार पर बेटे समाज में
(2) क्षेत्रीय विभाजन वाले बड़े राज्यों में
(3) प्रत्येक लोकतांत्रिक राज्य में
(4) इनमें से सभी
20. 1956 ई. में श्रीलंका में जब कानून बनाया
गया तो उसमें किन-किन बातों को जोड़ा गया?
(1) सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित कर दिया गया
(2) सरकारी नौकरियों में सिंहलियों को प्राथमिकता दी गयी
(3) बौद्ध मत को संरक्षण और बढ़ावा दिया गया
(4) इनमें से सभी
21. इनमें से कौन कार्यपालिका और विधायिका
द्वारा बनाये गये कानूनों पर अंकुश रखता है?
(1) संसद
(2) राष्ट्रपति
(3) न्यायपालिका
(4) प्रधानमंत्री
22. संविधान में संशोधन करके लोकतांत्रिक
शासन व्यवस्था के तीसरे स्तर को कैसा बनाया गया है?
(1) शक्तिशाली और प्रभावी
(2) शक्तिशाली और अप्रभावी
(3) संवैधानिक और अप्रभावी
(4) स्वतंत्र और अप्रभावी
23. नारीवादी आंदोलन का लक्ष्य निम्न में से
क्या प्राप्त करना होता है?
(1) स्वतंत्रता
(2) सत्ता
(3) समानता
(4) एकता
24. बहुजन समाजवादी पार्टी की स्थापना कब और
किसने की थी?
(1) 1984, काशीराम
(2) 1985, मायावती
(3) 1990, ममता बनर्जी
(4) इनमें से कोई नहीं
25. औसत आय को के रूप में भी जाना जाता है।
(1) राष्ट्रीय आय
(2) कुल आय
(3) प्रति व्यक्ति आय
(4) मानव विकास सूचक
26. निम्नलिखित में से किस राज्य में शिशु
मृत्यु दर सबसे कम है?
(1) पंजाब
(2) बिहार
(3) केरल
(4) छत्तीसगढ़
27. सामान्यतः भारत के किस क्षेत्र में छुपी
हुई (प्रछन्न) बेरोजगारी पायी जाती है?
(1) औद्योगिक क्षेत्रक
(2) कृषि क्षेत्रक
(3) सेवा क्षेत्रक
(4) इनमें से कोई नहीं
28. निम्न में से कौन वस्तु विनिमय का उदाहरण
है?
(1) एक गाय के बदले पाँच बकरी का सौदा
(2) एक गाय को दस हजार में बेचना
(3) बैंक से गाय प्राप्त करना
(4) गाय का दूध बेचना
29. बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा
परिसंपत्तियों जैसे भूमि, भवन, मशीन और अन्य उपकरणों की खरीद में व्यय की गई
मुद्रा को क्या कहते हैं?
(1) बचत
(2) निवेश
(3) नियंत्रण
(4) व्यापार
30. 1960 के दशक में व्यवस्थित रूप में
उपभोक्ता आंदोलन का उदद्य से हुआ? निम्न में से किन कारणों
(1) अत्यधिक खाद्य की कमी
(2) खाद्यान्नों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी
(3) खाद्य पदार्थों एवं खाद्य तेलों में मिलावट
(4) इनमें से सभी
खण्ड - B
प्रश्न संख्या 31 से 38 तक अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं।
प्रत्येक प्रश्न का मान 2 अंक निर्धारित हैं। इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों का
उत्तर दीजिए।
प्रश्न 31. मारिआन और जर्मेनिया कौन थे?
उत्तर : 'मारिआन' नारी रूप में एक रूपक था जो फ्रांस में
राष्ट्र तथा राष्ट्रीय एकता का प्रतीक था।
'जर्मेनिया' जर्मन राष्ट्र का रूपक थी। जर्मेनिया को हाथ
में तलवार लिए तथा बलूत वृक्ष के पत्तों का मुकुट पहने दिखाया गया क्योंकि जर्मन
बलूत को वीरता का प्रतीक मानते हैं। नारी रूप में जर्मेनिया का चित्र जर्मनी की
स्वतन्त्रता, राष्ट्रवाद तथा अखण्डता को प्रतिबिम्बित करता है।
प्रश्न 32. सत्याग्रह के विचार का क्या मतलब
है?
उत्तर : सत्याग्रह के विचार में सत्य की शक्ति पर आग्रह और
सत्य की खोज पर जोर दिया जाता है। इसका अर्थ यह है कि अगर आपका उद्देश्य सच्चा है,
यदि आपका संघर्ष अन्याय के खिलाफ है, तो उत्पीड़क से मुकाबला करने के लिए आपको
किसी शारीरिक बल की आवश्यकता नहीं है। प्रतिशोध की भावना या आक्रामकता का सहारा
लिए बिना सत्याग्रही केवल अहिंसा के सहारे भी सत्य और न्याय के लिए अपने संघर्ष
में सफल हो सकता है।
प्रश्न 33. काली मिट्टी किन फसलों के लिए
उपयुक्त हैं? भारत में किन राज्यों में काली मृदा पायी
जाती है?
उत्तर: काली मिट्टी कपास, तिलहन आदि फसलों के लिए उपयुक्त
है। भारत में काली मृदा महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश तथा आंध्रप्रदेश में पायी
जाती है।
प्रश्न 34. धात्विक और अधात्विक खनिजों के
कुछ उदाहरण दें!
उत्तर :
धात्विक खनिज : लौह
अयस्क, तांबा, सोना, बॉक्साइट इत्यादि।
अघात्विक खनिज :
कोयला, पेट्रोलियम, अभ्रक, पोटाश इत्यादि।
प्रश्न 35. विकेंद्रीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर : जब केंद्र और राज्य सरकार से शक्तियाँ लेकर स्थानीय
सरकारों को दी जाती हैं तो इसे सत्ता का विकेंद्रीकरण कहते हैं।
प्रश्न 36. दो सामाजिक बुराइयों के नाम बताएँ
जो भारतीय समाज में विद्यमान है।
उत्तर : जातिवाद, दहेज-प्रथा।
प्रश्न 37. प्रतिव्यक्ति अथवा औसत आय आय क्या
है?
उत्तर : किसी देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देने पर
प्राप्त आय को प्रतिव्यक्ति आय अथवा औसत आय के नाम से जाना जाता है।
प्रश्न 38. बैंकों की आय का मुख्य स्त्रोत
क्या है?
उत्तर : बैंक अपने यहाँ जमा राशि पर जो ब्याज देते हैं उससे
अधिक ब्याज दिये गये ऋण पर लेते हैं। कर्जदारों से लिये गये ब्याज तथा जमाकर्ताओं
को दिये गये ब्याज में अंतर, बैंकों की आय का प्रमुख स्त्रोत है।
खण्ड - C
प्रश्न संख्या 39 से 46 तक लघु उत्तरीय प्रश्न हैं।
प्रत्येक प्रश्न का मान 3 अंक निर्धारित हैं। इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों का
उत्तर अधिकतम 150 शब्दों में दीजिए।
प्रश्न 39. इटली एकीकरण की प्रक्रिया का
संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर : (i) इटली अनेक वंशानुगत राज्यों तथा बहुराष्ट्रीय
हैब्सबर्ग साम्राज्य में बिखरा हुआ था। युद्ध के जरिये इतालवी राज्यों को जोड़ने
की जिम्मेदारी सार्डिनिया-पीडमॉण्ट के शासक विक्टर इमेनुएल द्वितीय पर थी।
(ii) मंत्री प्रमुख कावूर ने इटली के प्रदेशों को एकीकृत
करने वाले आन्दोलन का नेतृत्व किया। कावूर ने फ्रांस से सार्डिनिया-पीडमॉण्ट की एक
चतुर कूटनीतिक संधि की। फ्रांस की मदद से वह 1859 में ऑस्ट्रियाई बलों को हरा पाने
में कामयाब हुआ।
(iii) ज्युसेपे गैरीबॉल्डी के नेतृत्व में भारी संख्या में
सशख स्वयं सेवकों ने इस युद्ध में हिस्सा लिया। 1860 में उन्होंने दक्षिण इटली और
दो सिसिलियों के राज्य पर कब्जा जमाया। अन्त में वे स्पेनी शासक को, हटाने के लिए
स्थानीय किसानों का समर्थन पाने में सफल रहे।
इस प्रकार इटली एकीकरण की प्रक्रिया पूरी हुई और 1861 में
इमेनुएल द्वितीय को एकीकृत इटली का राजा घोषित किया गया।
प्रश्न 40. सत्याग्रह के विचार का क्या मतलब
है?
अथवा, सत्याग्रह से आप क्या समझते हैं?
उल्लेख करें।
उत्तर : (1) सत्याग्रह एक आधुनिक राजनीतिक दर्शन है जिसका
प्रतिपादन महात्मा गाँधी ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्षों में किया।
(2) सत्याग्रह के विचार में सत्य की शक्ति पर आग्रह और सत्य
की खोज पर जोर दिया जाता है। इसका सीधा अर्थ यह था कि सच्चे उद्देश्यों के लिए
अन्यायी के खिलाफ किसी प्रकार के शारीरिक बल के प्रयोग की आवश्यकता नहीं है।
(3) प्रतिशोध की भावना या आक्रामकता का सहारा लिये बिना,
केवल अहिंसा के बल पर अन्यायी की चेतना को जागृत कर उद्देश्य की प्राप्ति की जा
सकती है। अहिंसा, सत्याग्रह का मूल मंत्र था।
(4) अहिंसा के बल पर उत्पीड़क अथवा अन्यायी को सत्य को
स्वीकार करने के लिए विवश करना ही सत्याग्रह है, क्योंकि अन्ततः सत्य की ही विजय होती है।
प्रश्न 41. बहुउद्देशीय परियोजनाओं के लाभ
बताएँ।
अथवा, नदी घाटी परियोजना के क्या लाभ हैं?
उत्तर : बहुउद्देशीय परियोजना के लाभ -
(1) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ उन क्षेत्रों में जल लाती हैं
जहाँ जल की कमी होती है।
(2) ये परियोजनाएँ जल बहाव को नियंत्रित करके बाढ़ पर काबू
पाती हैं।
(3) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ उद्योगों तथा घरेलू उपयोग के
लिए विद्युत पैदा करती हैं।
(4) इन परियोजनाओं से नहरें निकालकर भूमि की सिंचाई की जाती
है।
(5) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ अन्तः स्थलीय जल परिवहन में
सहायक होती हैं।
प्रश्न 42. ऊर्जा के परंपरागत तथा
गैर-परंपरागत स्त्रोतों में अंतर बताइए। अथवा, परंपरागत और गैर-परंपरागत उर्जा
साधन में क्या अंतर है?
उत्तर :
|
परंपरागत स्त्रोत |
गैर-परंपरागत स्रोत |
|
(1) परंपरागत ऊर्जा के स्रोत कभी-भी समाप्त हो सकते हैं। |
(1) गैर-परंपरागत ऊर्जा के स्रोत कभी-भी समाप्त नहीं हो
सकते। |
|
(2) ये अधिक महँगे होते हैं। |
(2) ये सस्ते होते हैं। |
|
(3) ये प्रदूषण उत्पन्न करते हैं। |
(3) ये प्रदूषण उत्पन्न नहीं करते हैं। |
|
(4) कोयला, पेट्रोलियम, परमाणु शक्ति आदि परंपरागत स्रोत
के उदाहरण हैं। |
(4) पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, भू-तापीय ऊर्जा
आदि गैर-परंपरागत स्रोत के उदाहरण हैं। |
प्रश्न 43. लोकतंत्र किस रूप में एक
उत्तरदायी शासन है?
उत्तर : लोकतंत्र जनता का, जनता द्वारा तथा जनता के लिए
शासन व्यवस्था है। अतः यह जनता के प्रति उत्तरदायी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में
जनता को सरकार के कार्यों, निर्णयों एवं नीतियों के बारे में जानने का अधिकार होता
है। सरकार कोई ऐसा कदम नहीं उठा सकती जो जनता की इच्छाओं के विरुद्ध हो। लोकतंत्र
में जनता के कल्याण और विकास की जिम्मेवारी भी सरकार पर होती है।
प्रश्न 44. किसी भी राजनीतिक दल के क्या गुण
होते हैं?
अथवा, राजनीतिक दल के महत्त्वपूर्ण गुणों का
उल्लेख करें।
उत्तर : एक राजनीतिक दल की मुख्य गुण/विशेषताएँ निम्नलिखित
होती है -
संगठित समूह : एक राजनीतिक दल एक संगठित समूह होता है। संगठन के बिना वे एक राजनीतिक
दल का रूप धारण नहीं कर सकते।
मौलिक सिद्धान्तों पर विश्वास : इसके सदस्य एक जैसे कार्यक्रम पर विश्वास रखते हैं तथा उन
पर सहमत भी होते हैं। ये प्रत्येक स्तर पर उन कार्यक्रमों को ऊपर ही रखते हैं।
शान्तिपूर्ण तथा संवैधानिक साधनों में विश्वास : राजनीतिक दल के सदस्य अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए
शान्तिपूर्ण तथा संवैधानिक साधनों में विश्वास रखते हैं।
राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता : प्रत्येक राजनीतिक दल सदैव राष्ट्रीय हितों को
प्राथमिकता देता है।
सत्ता प्राप्त करने का उद्देश्य : राजनीतिक दल चुनाव जीतकर सत्ता में भागीदारी करते हैं।
प्रश्न 45. उँची जोखिम वाली परिस्थितियों में
ऋण कर्जदार के लिए और समस्याएँ खड़ी कर सकता है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : यद्यपि, कर्जदार अपनी आय बढ़ाने तथा बेहतर
परिस्थितियों के निर्माण के लिए कर्ज लेता है, लेकिन जोखिम वाली परिस्थितियों में
ऋण कर्जदार के लिए और समस्याएँ खड़ी कर देता है।
जैसे मान लें एक व्यक्ति फसल उत्त्पादन के लिए ऋण लेता है।
यदि किसी कारणवश उसकी फसल मारी जाती है तो वह ऋण को वापस नहीं कर पाता है। ऐसी
स्थिति में वह कर्ज चुकाने के लिए पुनः कर्ज लेता है अथवा अपनी जमीन बेचने के लिए
विवश हो जाता है। इस प्रकार परिस्थिति के खतरे इस बात को तय करते हैं कि ऋण उपयोगी
होगा अथवा नहीं।
प्रश्न 46. विश्व व्यापार संगठन (WTO) के
प्रमुख उद्देश्यों को लिखें।
अथवा, विश्व व्यापार संगठन (WTO) के प्रमुख
कार्यों को बताइए।
उत्तर : (1) विश्व व्यापार संगठन का प्रमुख उद्देश्य
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को अवरोध मुक्त अथवा उदार बनाकर, उसके तीव्र विकास को
सुनिश्चित करना है।
(2) यह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से संबंधित नियमों का
निर्धारण करता है तथा विभिन्न देशों के द्वारा इन नियमों के अनुपालन पर नजर रखता
है।
(3) इस संगठन का उद्देश्य विश्व के देशों के
अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार को इस प्रकार संचालित करना है कि उसमें समानता हो, खुलापन
हो और वह बिना किसी भेदभाव के हो।
अथवा, कुछ ऐसे कारकों की चर्चा करें जिनसे
उपभोक्ताओं का शोषण होता है।
अथवा, वे कौन-से तरीके हैं जिनके द्वारा
बाजार में लोगों का शोषण हो सकता है?
उत्तर : उपभोक्ताओं के शोषण के विभिन्न तरीके -
(1) विक्रेता द्वारा उचित वजन से कम तौलना
(2) नकली या घटिया सामान देना
(3) मूल्य से अधिक कीमत वसूलना
(4) ऐसे शुल्कों को कीमत में जोड़ना, जिनका उल्लेख पहले
नहीं किया गया हो।
(5) वस्तुओं में मिलावट करना
(6) वस्तुओं के बारे में गलत या अधूरी जानकारी देना
(7) गारंटीवाली वस्तुओं को सही समय पर सुरक्षा उपलब्ध नहीं
कराना
(8) बढ़-चढ़कर विज्ञापन करना
(9) उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करना।
खण्ड - D
प्रश्न संख्या 47 से 52 तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं।
प्रत्येक प्रश्न का मान 5 अंक निर्धारित हैं। इनमें से किन्हीं 4 प्रश्नों का
उत्तर अधिकतम 250 शब्दों में दीजिए।
प्रश्न 47. महामंदी के कारणों की व्याख्या
कीजिए।
उत्तर : महामंदी की शुरुआत 1929 ई. में हुई और यह संकट तीस
के दशक के मध्य तक बना रहा। यह दो महायुद्धों के बीच का समय था।
(1) कृषि-क्षेत्र में अति उत्पादन महामंदी का एक बड़ा कारण
बना। कृषि उत्पादों के अत्यधिक उत्पादन के कारण कृषि उत्पादों के मूल्य तेजी तेजी
से गिरने लगे। कृषि उत्पादों के गिरते मूल्य के कारण किसानों की आय कम हो गई। अतः
अपनी आय बढ़ाने के लिए वे किसान उत्पादन और बढ़ाने का प्रयास करने लगे।
परिणामस्वरूप मूल्य और गिर गये। खरीददारों के अभाव में कृषि उपज पड़ी-पड़ी सड़ने
लगी।
(2) 1920 के दशक के मध्य में बहुत सारे देशों ने अमेरिका से
कर्ज लेकर अपनी निवेश संबंधी जरूरतों को पूरा किया था। जब हालात अच्छे थे तो
अमेरिका से कर्जा जुटाना आसान था। लेकिन, संकट का संकेत मिलते ही अमेरिकी
उद्यमियों के होश उड़ गए। वे अपनी पूंजी बापस निकालने लगे।
(3) अमेरिका के शेयर बाजार में शेयरों की कीमत गिरने लगी।
लाखों निवेशक दिवालिये हो गये। अन्तरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था जो बड़े पैमाने पर
अमेरिका की पूँजी पर निर्भर थी वह भी अस्त-व्यस्त हो गयी।
(4) जो देश अमेरिकी कर्जे पर सबसे ज्यादा निर्भर थे उनके
सामने गहरा संकट आ खड़ा हुआ। यूरोप के कई बड़े बैंक धराशायी हो गये। अनेक देशों की
मुद्रा की कीमत बुरी तरह गिर गयी।
इस प्रकार अति उत्पादन के कारण घटत्ती कीमत और विश्व बाजार
से अमेरिकी निवेश के हट जाने से सारे संसार में आर्थिक महामंदी का दौर शुरू हो
गया।
प्रश्न 48. भारत के संघीय व्यवस्था की
विशेषताओं का वर्णन करें।
अथवा, केन्द्र और राज्य संबंध पर प्रकाश
डालिए।
अथवा, केन्द्र और राज्य के बीच विधायी
अधिकारों को कितने हिस्सों में बाँटा गया है?
अथवा, संघ सूची, राज्य सूची तथा समवर्ती सूची
से आप क्या समझते हैं?
उत्तर : भारत की शासन व्यवस्था संघीय है। संविधान में भारत
को राज्यों का एक संघ घोषित किया गया है। संघीय व्यवस्था के अन्तर्गत शासन के दो
स्तर हैं-केन्द्र तथा राज्य। हाल ही में इस व्यवस्था के अन्तर्गत तीसरे
स्तर-पंचायती राज तथा नगरपालिका को जोड़ा गया है।
भारत में संधीय व्यवस्था के अन्तर्गत शासन के विभिन्न
स्तरों पर विधायी अधिकारों का विकेन्द्रीकरण किया गया है। भारत एक संघ है क्योंकि
केन्द्र और राज्य सरकारों के अधिकार संविधान में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं और
अपने-अपने विषयों पर उनका स्पष्ट अधिकार है।
भारत में केन्द्र और राज्य संबंध उनके विधायी अधिकारों पर
आधारित हैं। केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकारों के बीच विधायी अधिकारों का विभाजन
निम्नांकित तीन सूचियों के अन्तर्गत किया गया है -
(i) संघ सूची: इस सूची में राष्ट्रीय महत्त्व के विषय आते हैं जिन पर कानून बनाने का अधिकार
सिर्फ केन्द्र सरकार को है। इनमें प्रतिरक्षा, विदेशी मामले, बैकिंग आदि शामिल
हैं।
(ii) राज्य सूची: इस सूची में वैसे विषयों को शामिल किया गया है जिनके लिए
राज्य सरकार उत्तरदायी है। इनमें पुलिस, व्यापार, वाणिज्य, कृषि, सिंचाई आदि शामिल
हैं। इन विषयों पर कानून बनाने का अधिकार सिर्फ राज्य सरकारों को प्राप्त है।
(iii) समवर्ती सूची : इसके अन्तर्गत शिक्षा, वन, श्रम, पारिवारिक कानून आदि को
शामिल किया गया है। इन विषयों पर कानून बनाने का अधिकार केन्द्र एवं राज्य सरकार
दोनों को प्राप्त है।
प्रश्न 49. लोकतन्त्र की सफलता के किन्हीं
पाँच आवश्यक शर्तों का वर्णन करें।
अथवा, लोकतंत्र को शक्तिशाली एवं प्रभावी
बनाने के लिए उपायों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर : (1) लोगों को वर्तमान शासकों को बदलने तथा अपनी
पसंद की अभिव्यक्ति का पर्याप्त अवसर एवं विकल्प मिलना चाहिए। ये अवसर तथा विकल्प
सभी लोगों के लिए उपलब्ध होने चाहिए।
(2) सरकार का गठन ऐसा होना चाहिए जो जनता के प्रति
उत्तरदायी एवं जिम्मेवार हो और संविधान के बुनियादी नियमों तथा नागरिक अधिकारों को
मानते हुए कार्य करें।
(3) लोकतांत्रिक अधिकार सिर्फ वोट देने, संगठन बनाने तथा
चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि नागरिकों को कुछ सामाजिक तथा आर्थिक
अधिकार भी मिलने चाहिए।
(4) महिलाओं, वंचित समूहों एवं अल्पसंख्यकों के हितों को
पर्याप्त महत्त्व देने की आवश्यकता है।
(5) सभी स्तरों पर सामाजिक एवं आर्थिक असमानता को कम करने
का प्रयास होना चाहिए।
(6) यद्यपि लोकतंत्र बहुमत का शासन है, फिर भी इसकी सफलता
के लिए आवश्यक है कि अल्पमत का भी पर्याप्त ध्यान रखा जाय, तभी सरकार जनसामान्य की
इच्छा का प्रतिनिधित्व कर पाती है।
अथवा, लोकतंत्र किस तरह उत्तरदायी, जिम्मेवार
और वैध सरकार का गठन करता है?
उत्तर : उत्तरदायी तथा जिम्मेवार सरकार : लोकतंत्र,
जनता का, जनता द्वारा तथा जनता के लिए शासन व्यवस्था है। अतः यह जनता के प्रति
उत्तरदायी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को सरकार के कार्यों, निर्णयों एवं
नीतियों के बारे में जानने का अधिकार होता है। सरकार कोई ऐसा कदम नहीं उठा सकती जो
जनता की इच्छाओं के विरुद्ध हो। लोकतंत्र में जनता के कल्याण और विकास की
जिम्मेवारी भी सरकार पर होती है। इसके लिए शासन में जनता की भागीदारी सुनिश्चित
करना सरकार का दायित्व है।
वैध सरकार : लोकतंत्र, चूंकि जनता के द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों के द्वारा संचालित
होता है, अतः यह एक वैध व्यवस्था है। प्रतिनिधियों का चुनाव जनता करती है। अतः
इनके चुनाव पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता है। लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में सभी
निर्णय एक निश्चित कायदे-कानून के अनुसार लिये जाते हैं। इसमें देर भले हो सकती
है, परन्तु निर्णयों की वैधता को प्रश्नगत नहीं किया जा सकता है।
प्रश्न 50. संगठित और असंगठित क्षेत्रकों में
विद्यमान रोजगार परिस्थितियों की तुलना करें।
उत्तर :
|
संगठित क्षेत्र |
असंगठित क्षेत्र |
|
(1) इस क्षेत्र के कर्मचारियों को रोजगार सुरक्षा का लाभ
मिलता है। |
(1) इस क्षेत्र में काम करने वालों को रोजगार-सुरक्षा का
लाभ नहीं मिलता है। |
|
(2) इस क्षेत्र में कर्मचारियों से एक निश्चित समय तक ही
काम करने की आशा की जाती है। इस समय से अधिक काम करने पर उन्हें अतिरिक्त वेतन
दिया जाता है। |
(2) इस क्षेत्र में काम करने वालों को अतिरिक्त समय के
लिए अतिरिक्त वेतन नहीं दिया जाता है। |
|
(3) संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सवेतन अवकाश की
सुविधा प्राप्त होती है। |
(3) असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को सवेतन अवकाश
की सुविधा प्राप्त नहीं होती है। उन्हें उतने दिनों का वेतन दिया जाता है जितने
दिन वे काम करते हैं। |
|
(4) इस क्षेत्र के कर्मचारियों की नियुक्ति औपचारिक होती
है, और उन्हें काम से हटाया नहीं जा सकता है। |
(4) इस क्षेत्र में कार्यरत लोगों की नियुक्ति अनौपचारिक
होती है तथा उन्हें कभी भी काम से हटाया जा सकता है। |
|
(5) इस क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को भविष्यनिधि
सेवा अनुदान, पेंशन, चिकित्सीय सुविधा आदि प्राप्त होते हैं। |
(5) असंगठित क्षेत्र में काम करनेवाले लोगों को इस प्रकार
की सुविधा प्राप्त नहीं होती है। |
प्रश्न 51. भूमि क्षरण या भूमि निम्नीकरण
किसे कहते हैं? भूमि क्षरण के कारणों की व्याख्या करें। अथवा, भू-क्षरण का क्या
अर्थ है?
अथवा, भारत में भूमि-क्षेत्र ह्रास के प्रमुख
कारणों को लिखिए।
उत्तर : प्राकृतिक तथा मानव निर्मित कारणों से मृदा की
उर्वरा शक्ति या उपजाऊपन में लगातार होने वाली कमी तथा कृषि योग्य भूमि में कमी को
भूमि क्षरण/हास या भूमि निम्नीकरण कहा जाता है।
भूमि क्षरण के निम्नलिखित कारण हैं -
(1) भूमि अपरदन: भूमि अपरदन, भूमि क्षरण का प्रमुख कारक है। पवन, जल तथा हिमनद आदि भूमि की
ऊपरी परत को नष्ट कर देते हैं जिसे भूमि अपरदन के नाम से जाना जाता है। इससे
मिट्टी का उपजाऊपन कम हो जाता है।
(2) भूमि प्रदूषण : उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषित जल तथा कूड़ा-करकट के एक
ही स्थान पर लम्बे समय तक पड़े रहने के कारण भूमि के आवश्यक तत्त्व समाप्त हो जाते
हैं तथा भूमि उपयोग के लायक नहीं रह जाती है। इसे भूमि प्रदूषण के नाम से जाना
जाता है।
(3) दोषपूर्ण कृषि पद्धति : एक ही भूमि पर अनेक फसलों के उत्पादन से भी मिट्टी की
उर्वरा शक्ति कम हो जाती है।
(4) पशुचारण तथा वनों की कटाई : पशुओं द्वारा अति चराई तथा वनों की अंधाधुंध कटाई के कारण
भूमि का क्षरण होता है अर्थात् उसकी उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है।
(5) उद्योग-धंधे : सीमेंट उद्योग के लिए चूना पत्थर की पिसाई, क्रेशर द्वारा
चट्टानों की तुड़ाई तथा चीनी मिट्टी के बर्तन बनाने वाले उद्योगों से भारी मात्रा
में धूल उड़कर खेतों में जमा हो जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप मृदा के उपजाऊपन में
कमी हो जाती है।
अथवा, एक पेय फसल का नाम बताएँ तथा उसको
उगाने के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों का विवरण दें।
अथवा, भारत में चाय की खेती के लिए उपयुक्त
भौगोलिक परिस्थिति एवं उत्पादक राज्यों का वर्णन करें।
उत्तर: पेय फसल चाय एवं कॉफी।
चाय की खेती के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियाँ :
(i) चाय एक सदाबहार बागवानी फसल है।
(ii) इसके लिए गर्म तथा आई जलवायु की आवश्यकता होती है।
(iii) इसके लिए अधिक उपजाऊ जमीन की आवश्यकता होती है।
(iv) मिट्टी की उर्वरता को बनाये रखने के लिए नाइट्रोजनी
खादों की आवश्यकता पड़ती है।
(v) तापमान 25-30°C
(vi) वर्षा - 125-750 सेमी वर्षा।
(vii) चाय के पौधों की जड़ों में पानी जमना खतरनाक होता है,
अतः चाय की खेती 27° दक्षिण से 43° उत्तर अक्षांशों के मध्य पहाड़ी ढलानों पर की
जाती है।
(viii) यह एक श्रम प्रधान फसल है, क्योंकि चाय की पत्तियों
को हाथों से तोड़ा जाता है।
उत्पादक राज्य- असम, चाय का प्रमुख उत्पादक राज्य है। यहाँ चाय उत्पादन की अनुकूल दशाएँ पायी
जाती हैं। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाइगुड़ी तथा कूच विहार में भी चाय की
खेती होती है। तमिलनाडु तथा केरल भी चाय उत्पादन में अग्रणी राज्य हैं।
प्रश्न 52. दिये गये भारत के मानचित्र पर
कपास और जूट उत्पादक क्षेत्रों को दर्शाइये।
कपास उत्पादक क्षेत्र : महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश,
तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा
जूट उत्पादक क्षेत्र : पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, उड़ीसा
Class X Economics
Question Solution
Class 10 Social Science SET-3 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-2 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-1 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Hindi-A Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Economics All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Civics (नागरिकशास्त्र) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 History (इतिहास) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Geography (भूगोल) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Science Jac Model Paper 2024-25
Class 10 Social Science Jac Model Paper 2024-25
Class 10 Hindi (A) Jac Model Paper Solution 2024-25
10th Hindi Jac Model Question Solution,2022-23

