Class 10 सामाजिक विज्ञान Set-2
Sumudran Model Sample Question Papers with Answers JCERT द्वारा जारी
सामान्य
निर्देश :
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परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में उत्तर दें।
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इस प्रश्न-पत्र में चार खण्ड A, B, C एवं D हैं। कुल प्रश्नों की संख्या 52 हैं।
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खण्ड A में कुल 30 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं।
इनमें से एक सही विकल्प का चयन कीजिये। प्रत्येक प्रश्न के लिए 01 अंक निर्धारित हैं।
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खण्ड B में प्रश्न संख्या 31 से 38 अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं
6 प्रश्नों का उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 2 अंक निर्धारित हैं।
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खण्ड C में प्रश्न संख्या 39 से 46 तक लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्ही 6 प्रश्नों
का उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 3 अंक निर्धारित हैं।
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खण्ड D में प्रश्न संख्या 47 से 52 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं 4 प्रश्नों
का उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का मान 5 अंक निर्धारित हैं।
खण्ड - A
प्रश्न
1 से 30 तक बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए 01 अंक निर्धारित हैं।
1. फ्रांसीसी क्रांतिकारियों ने फ्रांसीसी लोगों में एक सामूहिक पहचान
की भावना पैदा करने के लिए निम्न में से कौन-से कदम उठाये?
(1)
एक केन्द्रीय प्रशासनिक व्यवस्था लागू की
(2)
अपने भू-भाग में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए समान कानून बनाए
(3)
आंतरिक आयात-निर्यात शुल्क को समाप्त कर दिया
(4) इनमें से सभी
2. जर्मनी के एकीकरण का श्रेय किसे दिया जाता है?
(1)
विलियम फ्रेड्रिक लूइस
(2)
हैनरिख हिमलर
(3) ऑटो वान बिस्मार्क
(4)
एडोल्फ हिटलर
3. यूरोप में, निम्न में से किन समूहों के द्वारा राष्ट्र की शक्ति
बढ़ाने और राजनीतिक बर्चस्व हासिल करने के लिए अक्सर राष्ट्रवादी भावना को संगठित किया
जाता था?
(1) रूढ़ीवादी
(2)
समाजवादी
(3)
सामंतवादी
(4)
उदारवादी
4. निम्न में से किनका विश्वास था कि अहिंसा का धर्म सभी भारतीयों को
एकता के सूत्र में बाँध सकता है?
(1)
जवाहरलाल नेहरू
(2) महात्मा गाँधी
(3)
सुभाष चन्द्र बोस
(4)
अबुल कलाम आजाद
5. 'हिंद स्वराज' नामक पुस्तक की रचना किसने की थी?
(1)
पं० जवाहर लाल नेहरू
(2) महात्मा गाँधी
(3)
डॉ. राजेंद्र प्रसाद
(4)
बाल गंगाधर तिलक
6. ब्रिटेन की सरकार ने भूस्वामियों के दबाव में आकर निम्न में से किसके
आयात पर पाबंदी लगा दी थी?
(1) मक्का
(2)
कपास
(3)
सूती वस्त्र
(4)
इनमें से सभी
7. आर्थिक महामंदी की शुरुआत 1929 से हुई और
यह संकट तीस के दशक के मध्य तक बना रहा। इस दौरान दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में किसकी
भयानक गिरावट दर्ज की गयी?
(1) उत्पादन
(2) रोजगार
(3) आय और व्यापार
(4) इनमें से सभी
8. मशीन उद्योगों के युग से पहले अंतर्राष्ट्रीय
कपड़ा बाजार में किस देश के रेशमी और सूती उत्पादों का ही दबदबा रहता था?
(1) जर्मनी
(2) जापान
(3) भारत
(4) रूस
9. गुटेन्बर्ग द्वारा छापी गयी पहली किताब
कौन-सी थी?
(1) डायमंड सूत्र
(2) बाइबिल
(3) इंडिका
(4) रेनेसां
10. समाप्यता के आधार पर संसाधनों को दो भागों
में बाँटा गया है, उसके नाम हैं -
(1) जैव एवं अजैव संसाधन
(2) नवीकरणीय एवं अनवीकरणीय संसाधन
(3) विकसित एवं संचित संसाधन
(4) राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संसाधन
11. किस मृदा को 'रेगर या रेगुड़' मृदा के
नाम से जाना जाता है?
(1) लाल मृदा
(2) लेटेराइट मृदा
(3) जलोढ़ मृदा
(4) काली मृदा
12. वनों और वन्य जीवन का संरक्षण करना आवश्यक
है क्योंकि इससे :
(1) पारिस्थितिकी विविधता बनी रहती है
(2) जीवन साध्य संसाधन जल, वायु और मृदा बनी रहती है
(3) बेहतर जनन के लिए वनस्पति और पशुओं में जीन की विविधता
बनी रहती है
(4) इनमें से सभी
13. वे जातियाँ जो प्राकृतिक या भौगोलिक सीमाओं
से अलग विशेष क्षेत्रों में पाई जाती हैं, उन्हें किस प्रकार की जातियों के श्रेणी
में रखा जाता है?
(1) सामान्य जातियाँ
(2) संकटग्रस्त जातियाँ
(3) स्थानिक जातियाँ
(4) दुर्लभ जातियाँ
14. जल का महत्व संसाधन के रूप में समझते हुए
राष्ट्रीय जल संसाधन के द्वारा प्रथम 'राष्ट्रीय जलनीति' किस वर्ष बनायी गई?
(1) 1987 ई.
(2) 2002 ई.
(3) 2012 ई.
(4) 2019 ई.
15. दुनिया भर में जल की कमी किन कारणों से
बढ़ रही है?
(1) सूखा
(2) सिंचाई की बढ़ती माँग
(3) जल की बर्बादी
(4) इनमें से सभी
16. इनमें से कौन-सी एक फलीदार फसल है?
(1) दालें / चना
(2) मोटे अनाज
(3) ज्वार
(4) तिल
17. कौन-सा एक आधारभूत खनिज है तथा औद्योगिक
विकास की रीढ़ है?
(1) लौह अयस्क
(2) कोयला
(3) बॉक्साइट
(4) पेट्रोलियम
18. मरमुगाओ पत्तन भारत के किस राज्य में स्थित
है?
(1) आंध्र प्रदेश
(2) महाराष्ट्र
(3) गोवा
(4) गुजरात
19. निम्न में से किसे प्रत्येक लोकतांत्रिक
व्यवस्था एवं राजनीतिक स्थिरता का एक आवश्यक और महत्वपूर्ण आधार माना जाता है?
(1) धर्म में भागीदारी
(2) परिवार में भागीदारी
(3) सत्ता में भागीदारी
(4) इनमें से सभी
20. बेल्जियम यूरोप का एक छोटा सा देश है।
इस छोटे से देश में सबसे अधिक्त किस भाषा के बोलने वाले लोग निवास करते हैं?
(1) फ्रेंच
(2) जर्मन
(3) डच
(4) स्पेनिश
21. संघीय व्यवस्था की निम्न में से कौन-सी एक विशेषता नहीं है?
(1)
यहाँ सरकारें एक ही नागरिक समूह पर शासन करती हैं।
(2)
यहाँ सरकारों के अधिकार क्षेत्र संविधान में वर्णित होते हैं
(3)
यहाँ सरकारों के बीच विवाद की स्थिति में सर्वोच्च न्यायालय निर्णायक भूमिका निभाता
है
(4) यहाँ सरकार एक स्तर बाली होती है।
22. पुलिस, व्यापार, कृषि, सिंचाई जैसे प्रांतीय महत्त्व के विषय किस
सूची के अन्तर्गत आते ?
(1)
संघ सूची
(2) राज्य सूची
(3)
समवर्ती सूची
(4)
इनमें से सभी।
23. स्वीडन, नावें और फिनलैंड जैसे स्कैंडिनेवियाई देशों में सार्वजनिक
जीवन में किनकी भागीदारी का स्तर काफी ऊँचा है?
(1)
निर्धनों
(2)
बेरोजगारों
(3) महिलाओं
(4)
नेताओं
24. चुनाव लड़ने और सरकार में सत्ता सँभालने के लिए एकजुट हुए लोगों
के समूह को क्या कहते हैं?
(1)
दबाव समूह
(2) राजनीतिक दल
(3)
समिति
(4)
सम्मेलन।
25. आर्थिक विकास के अन्तर्गत सम्मिलित लक्ष्य है -
(1)
नियमित रोजगार
(2)
स्वतंत्रता
(3)
बेहत्तर मजदूरी
(4) इनमें से सभी
26. भारत किस वर्ग के देशों में आता है?
(1) निम्न मध्यम आथ
(2)
गरीब
(3)
विकसित
(4)
कम जनसंख्भा
27. निम्न में से अर्थव्यवस्था का कौन-सा क्षेत्र लोगों को रोजगार प्रदान
करता है तथा अधिकांश लोग वहाँ नियोजित होते हैं?
(1)
संगठित और असंगठित क्षेत्र
(2)
औद्योगिक और खनन क्षेत्र
(3) कृषि और सहायक क्रिया क्षेत्र
(4)
आयात और निर्यात क्षेत्र
28. मुद्रा का प्राथमिक कार्य है?
(1)
मूल्य का हस्तांतरण
(2)
विलंबित भुगतान का मान
(3)
मूल्य का संचय
(4) विनिमय का माध्यम
29. सरकार द्वारा अवरोधों अघवा प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया क्या
कहलाती है?
(1)
वैश्वीकरण
(2)
निजीकरण
(3) उदारीकरण
(4)
राष्ट्रवाद
30. उपभोक्ता सुरक्षा कानून, 1986 के अनुसार, उपभोक्ताओं को निम्न में
से कौन-से अधिकार प्रदान किए गए हैं?
(1)
सुरक्षा का अधिकार
(2)
सुनवाई का अधिकार
(3)
सूचना का अधिकार
(4) इनमें से सभी
खण्ड - B
प्रश्न
संख्या 31 से 38 तक अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न का मान 2 अंक निर्धारित
हैं। इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों का उत्तर दीजिए।
प्रश्न 31. निरंकुशवाद से क्या अभिप्राय है?
उत्तर
: ऐसी शासन व्यवस्था जिसमें शासक वर्ग पर किसी प्रकार का कोई अंकुश या नियंत्रण नहीं
होता तथा शासक वर्ग अपनी मनमानी करने को स्वतंत्र होता है, निरंकुशवाद के नाम से जानी
जाती है। ऐसी शासन व्यवस्था केंद्रीकृत सैन्य बल पर आधारित तथा दमनकारी होती है।
प्रश्न 32. गिरमिटिया मजदूर किन्हें कहा जाता है?
उत्तर
: औपनिवेशिक शासन के दौरान भारत से बहुत से लोगों को एग्रीमेंट (अनुबंध) पर काम करने
के लिए फिजी, गयाना, वेस्ट इंडीज आदि स्थानों पर ले जाया गया थाः एग्रीमेंट को ये मजदूर
गिरमिट कहने लगे जिससे आगे चलकर इन मजदूरों को 'गिरमिटिया' मजदूर कहा जाने लगा।
प्रश्न 33. मानव के लिए संसाधन क्यों आवश्यक
हैं?
उत्तर : मानव की मूलभूत आवश्यकताओं जैसे भोजन, वख, आवास, इन
सब की पूर्ति के लिए संसाधनों की आवश्यकता होती है। संसाधन मानव जीवन को सुखद व
सरल बनाते हैं। आज संसाधन किसी देश की प्रगति के सूचक माने जाते हैं। इस प्रकार,
संसाधनों का हमारे जीवन में बड़ा महत्त्व है।
प्रश्न 34. खरीफ फसलों की बुआई और कटाई का
समय क्या है?
उत्तर : खरीफ फसलें (चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, तुर
(अरहर), मूंग, उड़द, कपास, जूट, मूँगफली और सोयाबीन) देश के विभिन्न क्षेत्रों में
मानसून के आगमन के साथ बोई जाती हैं और सितंबर-अक्तूबर में काट ली जाती हैं।
प्रश्न 35. समवर्ती सूची से क्या समझते हैं?
अथवा, समवर्ती सूची के अंतर्गत कौन-कौन से
विषय आते हैं?
उत्तर : समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बनाने का अधिकार
केन्द्र एवं राज्य सरकार दोनों को प्राप्त है। इसके अन्तर्गत शिक्षा, वन, श्रम,
पारिवारिक कानून आदि को शामिल किया गया है। इसमें 47 विषय शामिल हैं।
प्रश्न 36. राजनीतिक दल का क्या अर्थ होता
है? राजनीतिक दल के मुख्य घटक कौन हैं?
उत्तर : राजनीतिक दल, लोगों का एक ऐसा संगठित समूह है जो
चुनाव के माध्यम से सत्ता प्राप्त करना अथवा सत्ता में भागीदारी करना चाहता है।
राजनीतिक दल के तीन महत्त्वपूर्ण घटक हैं नेता, सक्रिय सदस्य तथा अनुयायी या
समर्थक।
प्रश्न 37. विकास से आप क्या समझते हैं?
उत्तर : एक सम्मानपूर्ण, स्वस्थ तथा अधिकारपूर्ण जीवन जीने
की क्षमता तथा इन सभी के लिए अनिवार्य वस्तुओं को प्राप्त करने की योग्यता को
विकास कहा जाता है।
व्यक्ति का विकास सिर्फ उसकी आय पर निर्भर नहीं करता है,
बल्कि साक्षरता, नागरिक अधिकार आदि विकास के अन्य महत्त्वपूर्ण आधार हैं।
प्रश्न 38. मुद्रा को परिभाषित कीजिए ?
उत्तर : कोई भी वस्तु जिसे विनिमय के माध्यम, मूल्य के
सामान्य मापक, घन के संचय के साधन के रूप में अथवा भविष्य में किये जाने वाले
भुगतानों के रूप में, कानूनी मान्यता अथवा शक्ति प्राप्त होती है, 'मुद्रा' कही
जाती है। सामान्य स्वीकृति, मुद्रा का प्रधान गुण है।
खण्ड - C
प्रश्न संख्या 39 से 46 तक लघु उत्तरीय प्रश्न हैं।
प्रत्येक प्रश्न का मान 3 अंक निर्धारित हैं। इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों का
उत्तर अधिकतम 150 शब्दों में दीजिए।
प्रश्न 39. 1815 ई. में सम्पन्न वियना
सम्मेलन की मुख्य बातें क्या थीं?
अथवा, वियना कांग्रेस में लिये गये निर्णयों
और उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर : 1815 ई. में सम्पन्न वियना सम्मेलन की मुख्य
बातें/उद्देश्य निम्नलिखित थे-
(1) उन राजतंत्रों को फिर से बहाल किया जाय जिन्हें
नेपोलियन ने बर्खास्त कर दिया था।
(2) युद्धों को रोकने के लिए एक सर्वमान्य तथा सक्षम
संविधान का निर्माण किया जाय।
(3) पराजित राष्ट्र, विजित राष्ट्रों को क्षतिपूर्ति दें।
दास प्रथा को समाप्त कर दिया जाय।
(4) फ्रांस में राजतंत्र की बहाली कर ब्रूबो वंश को
शासन-सत्ता सौंप दी जाय।
प्रश्न 40. रिंडरपेस्ट की बीमारी अफ्रीका में
कब फैली? इसके क्या प्रभाव हुए?
अथवा, अफ्रीका में रिंडरपेस्ट के आने के तीन
प्रभावों की व्याख्या करें।
उत्तर : अफ्रीका में रिंडरपेस्ट की बीमारी 1880 के दशक के
अन्तिम वर्षों में एशियाई मवेशियों से अफ्रीकी मवेशियों में फैल गई। यूरोपीय
उपनिवेशकार एशिया से मवेशियों को अफ्रीका ले गये थे। रिंडरपेस्ट या 'मवेशी प्लेग'
की बीमारी इन्हीं मवेशियों से अफ्रीकी मवेशियों में फैल गयी।
अफ्रीका में रिंडरपेस्ट के आने के प्रभाव :
(1) इस बीमारी के कारण 90 प्रतिशत पशु नष्ट हो गये।
(2) इसके परिणामस्वरूप अफ्रीकियों के रोजी-रोटी के साधन ही
समाप्त हो गये।
(3) स्थानीय निवासियों को बगानों एवं खानों के लिए आवश्यक
श्रम-बाजार में ढकेलने के उद्देश्य से यूरोपीयों ने बचे-खुचे पशुओं को भी अपने
कब्जे में ले लिया।
(4) इससे यूरोपीयों को पूरे अफ्रीका को उपनिवेश बनाने एवं
लोगों को गुलाम बनाने का अवसर प्राप्त हुआ।
प्रश्न 41. वन-संरक्षण करने के उपाय बताइए।
उत्तर : वन संरक्षण के लिए निम्नलिखित उपाय किये जा सकते
हैं-
(1) वनों की अंधाधुंध कटाई पर प्रतिबन्ध लगाना।
(2) अनियंत्रित पशुचारण पर रोक लगाना।
(3) लकड़ी के ईंधन का कम से कम उपयोग किया जाये।
(4) वनों को हानिकारक कीड़े-मकोड़ों, बीमारियों एवं आग से
बचाया जाये।
(5) वनों से वृक्ष काटने पर उनके स्थान पर वृक्षारोपण करना
आवश्यक हो।
(6) ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों का विकास किया जाये।
(7) वन एवं वन्य जीवन कानूनों को कड़ाई से लागू किया जाये।
प्रश्न 42. कृषि की परिभाषा दीजिए। भारत में
कृषि के लिए कौन-सी भौगोलिक सुविधाएँ प्राप्त हैं?
उत्तर : कृषि की परिभाषा 'भूमि पर की जाने वाली
समस्त क्रियाएं जो फसलोत्पादन एवं पशुपालन व्यवसाय के लिए आवश्यक है, उन्हें करने
की कला एवं विज्ञान को कृषि कहा जाता है।'
भारत में कृषि के लिए प्राप्त भौगोलिक सुविधाएँ: भारत की
उत्कृष्ट भौगोलिक स्थिति, समतल भूमि, विभिन्न प्रकार की उपजाऊ मृदा, पर्याप्त
जलापूर्ति, मानसूनी जलवायु जैसे कारकों ने भारत को कृषि के क्षेत्र में विशिष्ट
देश बना दिया है।
प्रश्न 43. सत्ता की साझेदारी क्यों आवश्यक
है? कारण दें।
उत्तर : सत्ता की साझेदारी निम्नांकित कारणों से आवश्यक है
-
(1) सत्ता की साझेदारी वह व्यवस्था है जिसमें समाज के सभी
समूहों अथवा वर्गों को शासन व्यवस्था में भागीदारी करने का अवसर प्राप्त होता है।
इससे सामाजिक शांति बनी रहती है तथा राष्ट्रीय एकता का मार्ग प्रशस्त होता है।
(2) विभिन्न समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी से समूहों के
बीच संघर्ष की संभावना कम हो जाती है।
(3) राजनीतिक स्थायित्व के लिए सत्ता की साझेदारी आवश्यक है
क्योंकि इसके अभाव में हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा मिलता है।
(4) सत्ता की साझेदारी राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को
प्रोत्साहन देती है क्योंकि सभी समूह स्वयं को राष्ट्र से जुड़ा मानते हैं।
(5) सत्ता की साझेदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था का
महत्त्वपूर्ण पहलू है। वैध सरकार वही है जिसमें अपनी भागीदारी के माध्यम से सभी
समूह शासन-व्यवस्था से जुड़ते हैं। सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र का मूल-मंत्र है
जिसके अभाव में लोकतंत्र की कल्पना तक नहीं की जा सकती।
प्रश्न 44. लोकतंत्र किस प्रकार नागरिकों की
गरिमा और आजादी सुरक्षित रखता है?
उत्तर : (1) प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ के लोगों से सम्मान
पाना चाहता है।
(2) लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को भाषण देने और
अपने विचार व्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है।
(3) लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को चुनावों
में, चुनावों से पहले और चुनावों के बाद स्वतंत्र रूप से कार्य करने की आज्ञा होती
है।
(4) लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी वर्गों और धर्मों का
सम्मान किया जाता है।
प्रश्न 45. तृतीयक क्षेत्र, अन्य क्षेत्रों
से भिन्न कैसे हैं? सोदाहरण व्याख्या कीजिए।"
उत्तर : तृतीयक क्षेत्र, अन्य क्षेत्रों से इस अर्थ में
भिन्न है कि अन्य क्षेत्रों में किसी न किसी वस्तु का उत्पादन स्थान होता है, वहाँ
तृतीयक क्षेत्र में वस्तुओं के स्थान पर सेवाओं का सृजन होता है। जैसे गन्ने का
उत्पादन प्राथमिक क्षेत्रक के अन्तर्गत आता है, गन्ने से चीनी बनाना द्वितीयक
क्षेत्रक के अन्तर्गत आता है तथा चीनी का भंडारण, विभिन्न स्थानों पर उसे पहुँचाना
तथा फसल के उत्पादन के लिए ऋण की व्यवस्था आदि तृतीयक क्षेत्रक के अन्तर्गत आते
हैं।
प्रश्न 46. मुद्रा के किन्हीं तीन कार्यों को
लिखिए।
(1) मूल्य का मापन: मुद्रा मूल्य के मापन का कार्य करती है।
मुद्रा के रूप में विभिन्न वस्तुओं तथा सेवाओं के मूल्य का निर्धारण किया जा सकता
है।
(2) विनिमय का माध्यम मुद्रा के माध्यम से विभिन्न बस्तुओं
तथा सेवाओं का विनिमय आसानी से हो जाता है। सर्वग्राह्य होने के कारण सभी व्यक्ति
मुद्रा को किसी कठिनाई के बगैर ही स्वीकार कर लेते हैं।
(3) मूल्य का संचय: मुद्रा की सहायता से धन को भविष्य के
लिए इकट्ठा किया जा सकता है। मुद्रा का प्रयोग के द्वारा भविष्य के लिए क्रय-शक्ति
का संचय किया जा सकता है।
(4) विलम्बित भुगतान का मान आज के युग में साख का सर्वाधिक महत्त्व है। ऋण के लेन-देन
का कार्य मुद्रा के माध्यम से आसानी से होता है।
खण्ड - D
प्रश्न संख्या 47 से 52 तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं।
प्रत्येक प्रश्न का मान 5 अंक निर्धारित हैं। इनमें से किन्हीं 4 प्रश्नों का
उत्तर अधिकतम 250 शब्दों में दीजिए।
प्रश्न 47. पहले विश्वयुद्ध ने भारत में
राष्ट्रीय आंदोलन के विकास में किस प्रकार योगदान दिया? व्याख्या करें।
उत्तर : (1) युद्ध-व्यय की पूर्ति के लिए ब्रिटेन ने अपने
उपनिवेशों पर अतिरिक्त कर भार आरोपित किये, जिसके परिणामस्वरूप उपनिवेशों में विकट
आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति उत्पन्न हुई। सरकार की आर्थिक नीतियों से वस्तुओं की
कीमतें अप्रत्याशित रूप से बढ़ गयीं।
(2) भारी संख्या में भारतीय सैनिकों को युद्ध में झोंक दिया
गया। गाँवों में सिपाहियों को जबरन भर्ती किया गया।
(3) देश के कई भागों में फसलें नष्ट हो गयी थीं जिसके
परिणामस्वरूप खाद्यान्नों की कमी हो गयी तथा कई क्षेत्रों में अकाल पड़ गये। इसी
बीच फ्लू जैसी महामारी फैल गयी जिससे भारी संख्या में लोग मारे गये।
(4) उपर्युक्त परिस्थितियों के प्रति सरकार का रूख न सिर्फ
उदासीन बल्कि असहयोगात्मक रहा जिसके परिणामस्वरूप लोगों में सरकार के प्रति असंतोष
और विद्रोह का भाव पनपा तथा लोग राष्ट्रवादी आंदोलन के लिए मजबूर हुए।
प्रश्न 48. 'कॉर्न लॉ' क्या था? इसे समाप्त
क्यों कर दिया गया? इसके क्या परिणाम हुए?
अथवा, कॉर्न लॉ के समाप्त करने के बारे में
ब्रिटिश सरकार के फैसले के प्रभावों की व्याख्या करते हुए संक्षिप्त टिप्पणी
लिखें।
उत्तर : 18वीं सदी में ब्रिटेन की आबादी तेजी से बढ़ने के
कारण खाद्य पदार्थों तथा कृषि उत्पादों की माँग बढ़ गयी। ऐसी स्थिति में स्थानीय
बड़े भूस्वामियों ने लाभ के उद्देश्य से सरकार पर दबाव डाला कि मक्के के आयात पर
पाबंदी लगा दी जाय।
उनके दबाव में आकर सरकार ने मक्के के आयात पर कानून द्वारा
प्रतिबंध लगा दिया। इस कानून को 'कॉर्न लॉ' के नाम से जाना जाता है।
इस कानून के लागू हो जाने से देश में खाद्यान्नों की कमी हो
गयी तथा उनकी कीमतों में भारी वृद्धि हुई। खाद्य पदार्थों की ऊँची कीमतों से
परेशान उद्योगपतियों एवं स्थानीय निवासियों के विरोध के चलते सरकार को कॉर्न लॉ
समाप्त करना पड़ा।
कौर्न लॉ के समाप्त हो जाने के बाद बहुत कम कीमत पर खाद्य
पदार्थों का आयात किया जाने लगा। आयातित खाद्य पदार्थों की लागत ब्रिटेन में पैदा
होने वाले खाद्य पदार्थों से भी कम थी। इसके कारण ब्रिटिश किसानों की स्थिति खराब
हो गयी क्योंकि वे आयातित माल की कीमत का मुकाबला नहीं कर सके। हजारों लोग
बेरोजगार हो गये तथा काम की तलाश में शहरों में या दूसरे देशों में जाने लगे।
प्रश्न 49. सत्ता की साझेदारी के विभिन्न
रूपों का वर्णन करें।
अथवा, आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में
सत्ता की साझेदारी के चार अलग-अलग तरीके क्या-क्या हैं? इनमें से प्रत्येक का एक
उदाहरण दें।
उत्तर: सत्ता की साझेदारी के निम्नलिखित भिन्न-भिन्न तरीके
हो सकते हैं-
(1) सत्ता का क्षैतिज वितरण- सत्ता के विभाजन का प्रथम रूप हमें सरकार के तीन अंगों
जैसे विधायिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका के बीच सत्ता के विभाजन से मिलता है।
कोई भी एक अंग सत्ता का असीमित उपयोग नहीं कर सकता तथा हर अंग दूसरे अंग पर अंकुश
रखता है। सत्ता के ऐसे बँटवारे को सत्ता का क्षैतिज वितरण कहते हैं। जैसे भारत,
अमेरिका आदि।
(2) सत्ता का ऊर्ध्वाधर वितरण- सत्ता के विभाजन का द्वितीय रूप हमें सरकार के बीच
भिन्न-भिन्न स्तरों से मिलता है। सम्पूर्ण देश में
केन्द्रीय सरकार होती है तथा प्रान्तीय या क्षेत्रीय सरकार का स्तर अलग-अलग होता
है। भारत के संविधान में केन्द्रीय सरकार के अधिकार क्षेत्रों को संघ सूची तथा
राज्य सरकार के कार्यों को राज्य सूची में वर्णित विषयों के द्वारा सत्ता का
ऊर्ध्वाधर वितरण किया गया है।
(3) सत्ता का विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच बँटवारा- सत्ता का विभाजन सामाजिक बेल्जियम की सामुदायिक समूहों
जैसे भाषा समूहों तथा धार्मिक समूहों में भी कर दिया जाता है। जैसे सरकार इसका
उदाहरण है।
(4) राजनीतिक दल एवं दबाव समूहों में सत्ता का बँटवारा- अनेक शासन व्यवस्था में राजनीतिक दल एवं दबाव समूहों में
भी सत्ता का बँटवारा कर दिया जाता है। जैसे डेनमार्क में अनेक राजनीति दल हैं जो
सत्ता का बँटवारा कर सरकार चलाते हैं। विभिन्न प्रकार के राजनैतिक दल आपस में
प्रतिस्पर्धा करके और दबाव समूह आंदोलनों द्वारा शासन को प्रभावित तथा नियंत्रित
करके सत्ता में साझेदारी करते हैं।
प्रश्न 50. परंपरागत वर्षा जल संग्रहण की
पद्धतियों को अपनाकर आधुनिक काल में जल संरक्षण एवं भंडारण किस प्रकार किया जा रहा
है?
अथवा, वर्षा के जल को किस प्रकार छतों से
संग्रहीत किया जाता है?
उत्तर : परंपरागत वर्षा जल संग्रहण की पद्धतियों में कुएँ,
झील, तालाब, बाँध, बावलियाँ आदि प्रमुख हैं। आधुनिक काल में इन पद्धतियों को
अपनाकर जल संरक्षण एवं भंडारण किया जा रहा है। पश्चिमी राजस्थान में पीने का जल
एकत्रित करने के लिए 'छत वर्षा जल संग्रहण' की परंपरिक विधि अत्यंत सफल है।
शहरों में आज जब जल-स्तर तेजी से घटता जा रहा है। वर्षा का
जल छतों से बह कर नालों, नदियों से होता हुआ समुद्र में चला जाता है। छतों पर
पड़ने वाले वर्षा जल को अगर अपनी भूमि में संग्रहित कर लिया जाय तो जल स्तर के
गिरने की समस्या से निजात पाया जा सकता है। आज 'छत वर्षा जल संग्रहण' का उपयोग
व्यापक रूप से करने का प्रयास हो रहा है।
छतों से वर्षा के जल को निम्नांकित प्रकार से संग्रहित किया
जाता है -
(1) वर्षा जल को एकत्र करने के लिए पी.वी.सी. पाइपों का
इस्तेमाल किया जाता है।
(2) एकत्रित जल को, भूमिगत पाइपों के द्वारा टैंकों, हौजों
या गड्डों तक ले जाया जाता है। अतिरिक्त जल जमा होने पर उसे कुओं में संग्रहीत
किया जाता है।
शिलांग, तमिलनाडु एवं देश के अन्य भागों में छत वर्षा जल
संग्रहण सफलतापूर्वक काम कर रही है।
अथवा, राजस्थान के अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों
में वर्षा जल संग्रहण किस प्रकार किया जाता है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर : (1) राजस्थान का एक बड़ा भाग मरूस्थल है जहाँ पानी
का अभाव सदा बना रहता है। पश्चिमी राजस्थान में पीने का जल एकत्रित करने के लिए
'छत वर्षा जल संग्रहण' की परंपरिक विधि अत्यंत सफल है।
(2) राजस्थान के अर्द्ध-शुष्क और शुष्क क्षेत्रों में घर
में पीने का पानी संगृहित करने के लिए भूमिगत टैंक होते हैं। वे घरों की ढलवां
छतों से पाइप द्वारा जुड़े हुए होते हैं।
(3) छत से वर्षा का पानी इन नलों से होकर भूमिगत टैंक तक
पहुँचता है जहाँ इसे एकत्रित किया जाता है।
(4) वर्षा का पहला जल छत और नलों को साफ करने में प्रयुक्त
होता है और उसे संगृहित नहीं किया जाता है। इसके बाद होनेवाले वर्षा के जल का
संग्रह किया जाता है।
(5) पानी की कमी को पूरा करने के लिए अनेक बावलियों का
निर्माण राजस्थान के अनेक नगरों एवं कस्बों में देखा जाता है। कुछ बावलियाँ अनेक
मंजिलोंवाली होती है।
प्रश्न 51. उपभोक्ताओं के कुछ अधिकारों को
बताएँ और प्रत्येक पर कुछ पंक्तियाँ लिखें। अथवा, उपभोक्ता सुरक्षा कानून 1986 में
दिये गये उपभोक्ताओं के अधिकारों का वर्णन करें।
उत्तर : उपभोक्ताओं के अधिकार -
(1) सूचना पाने का अधिकार- उपभोक्ता को खरीदी गयी वस्तुओं और सेवाओं के संबंध में
सूचना पाने का अधिकार है। यह सूचना उस वस्तु के अवयों, मूल्य, निर्माण की तारीख,
खराब होने की तारीख, बैच संख्या, उत्पादक के पते के बारे में होती है।
(2) चुनने का अधिकार- उपभोक्ता को अपनी इच्छानुसार वस्तुओं या सेवाओं को खरीदने
का अधिकार होता है। यह इसलिए महत्त्वपूर्ण है कि कई बार ग्राहकों को उन वस्तुओं को
खरीदने के लिए भी दबाव डाला जाता है। जिनको खरीदने की इच्छा उन्हें नहीं होती।
जैसे विक्रेता द्वारा, गैस कनेक्शन लेने पर गैस चूल्हा भी लेने के लिए ग्राहक पर
दबाव डालना। यह ग्राहक के चुनने के अधिकार का उल्लंघन हैं।
(3) क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार- उपभोक्ताओं को अनुचित सौदेबाजी और शोषण के विरुद्ध
क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकार है। उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत स्थापित
अदालतों में क्षतिपूर्ति संबंधित मामलों की सुनवाई की जाती है।
(4) प्रतिनिधित्व का अधिकार- उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम उपभोक्ता को उपभोक्ता अदालत में
प्रतिनिधित्व का अधिकार प्रदान करता है। कई स्वयंसेवी संगठन, उपभोक्ता अदालत में,
उपभोक्ता का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें उपभोक्ता संरक्षण परिषद् महत्त्वपूर्ण
रूप से उल्लेखनीय हैं।
अथवा, महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण
रोजगार गारन्टी अधिनियम, 2005 के उद्देश्यों की व्याख्या करें।
अथवा, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी
अधिनियम, 2005 को कार्यान्वित करने के उद्देश्यों की व्याख्या
कीजिए।
उत्तर : रा. ग्रा. रो. गा. अ.-2005 (नरेगा-2005) के प्रमुख
उद्देश्य निम्नलिखित हैं -
(1) यह अधिनियम देश के 200 जिलों में 'काम का अधिकार' लागू
करने के लिए बनाया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण बेरोजगारी और गाँवों से
पलायन को कम करना है।
(2) उन सभी लोगों को, जो काम करने में सक्षम हैं और जिन्हें
काम की जरूरत है, को वर्ष में 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराना।
(3) गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की आय में वृद्धि
कर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से रोजगार नहीं उपलब्ध करा सकने पर
उन्हें बेरोजगारी भत्ता देना।
(4) भविष्य में भूमि से उत्पादन बढ़ाने वाले कामों को
वरीयता देना।
(5) गाँवों में सड़क, तालाब आदि के निर्माण में तेजी लाना।
प्रश्न 52. दिये गये भारत के मानचित्र पर
कोयला निक्षेप के क्षेत्रों को दर्शाइये।
उत्तर :
कोयला खानें : झरिया (झारखण्ड), रानीगंज (प. बंगाल), तालचर (उड़ीसा), कोरबा (छत्तीसगढ़), सिंगरौली (मध्य प्रदेश) सिंगरेनी (आन्ध्र प्रदेश) नेवेली (तमिलनाडु)
Class X Economics
Question Solution
Class 10 Social Science SET-2 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-1 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Hindi-A Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Economics All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Civics (नागरिकशास्त्र) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 History (इतिहास) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Geography (भूगोल) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Science Jac Model Paper 2024-25
Class 10 Social Science Jac Model Paper 2024-25
Class 10 Hindi (A) Jac Model Paper Solution 2024-25
10th Hindi Jac Model Question Solution,2022-23

