Class 10 हिन्दी 'ए' Set-3
Sumudran Model Sample Question Papers with Answers
JCERT द्वारा जारी
सामान्य निर्देश :
1. परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में
ही उत्तर दें।
2. इस प्रश्न-पत्र में चार खण्ड क, ख,
ग एवं घ हैं। कुल प्रश्नों की संख्या 52 है।
3. खण्ड 'क' में कुल 30 बहु-विकल्पीय
प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प दिए गए हैं। इनमें से एक सही विकल्प का
चयन कीजिये। प्रत्येक प्रश्न का मान 1 अंक निर्धारित है।
4. खण्ड 'ख' में प्रश्न संख्या 31 से
38 तक अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों का उत्तर दीजिए। प्रत्येक
प्रश्न का मान 2 अंक निर्धारित है।
5. खण्ड 'ग' में प्रश्न संख्या 39 से
46 तक लघु उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों का उत्तर दीजिए। प्रत्येक
प्रश्न का मान 3 अंक निर्धारित है।
6. खण्ड 'घ' में प्रश्न संख्या 47 से
52 दीर्घर्ष उत्तरीय प्रश्न हैं। इनमें से किन्हीं 4 प्रश्नों का उत्तर दीजिए। प्रत्येक
प्रश्न का मान 5 अंक निर्धारित है।
(खण्ड- क) अपठित बोध
निम्नलिखित
गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 1-4 तक के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए।
शिष्टाचार
संस्कृति का द्योतक है। जो व्यक्ति जितना ही सुसंस्कृत होता है उसका आचार-विचार उतना
ही शिष्ट होता है। शिष्ट परिवार में जिसका लालन-पालन हुआ है, शिष्ट वातावरण में जो
पनपा है, उसे अगर स्कूल-कॉलेज की शिक्षा नहीं भी मिलेगी तो भी उसमें शिष्टाचार की कमी
नहीं होगी। और, जो शुरू से ही अनुशासनहीन समाज या वातावरण में पाला-पोसा गया है, जिसके
परिवार में शिष्टता की हवा भी नहीं बहती, स्कूल-कॉलेज की शिक्षा पा जाने के बाद भी
उसमें शिष्टाचार का अभाव रहेगा, भले ही वह शिक्षा के आवरण से ढका हो। अपने से बड़ों
का सम्मान करना, छोटों को स्नेह देना, अपनी माँ-बहन के समान ही दूसरी स्त्री को समझना,
सबसे मीठी बोली बोलना, ये शिष्टाचार के सर्वमान्य तत्त्व हैं। पर अन्य भी कुछ तत्त्व
हैं, जो भिन्न-भिन्न देशों में भिन्न-भिन्न रूपों में माने जाते हैं।
1. शिष्टाचार किसका द्योतक है?
(1)
सभ्यता का
(2) संस्कृति का
(3)
प्रकृति का
(4)
प्रवृत्ति का।
2. किसका आचार-विचार शिष्ट होता है?
(1) जो व्यक्ति सुसंस्कृत होता है
(2)
जो व्यक्ति संस्कृत होता है
(3)
जो व्यक्ति संस्कृति से परे होता है
(4)
जो व्यक्ति सभ्यता को अपनाता है।
3. शिष्टाचार का अर्थ क्या होता है?
(1)
आचरण
(2)
अशिष्ट आचरण
(3)
असभ्य आचरण
(4) सभ्य आचरण।
4. शिष्टाचार के सर्वमान्य तत्त्व क्या हैं?
(1) यथायोग्य आदर
(2)
यथायोग्य अनादर
(3)
बड़ों का सम्मान न करना
(4)
यथायोग्य निरादर।
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 5
- 8 तक के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए।
हँस लो दो क्षण खुशी मिली गर
वरना जीवन-भर क्रन्दन है।
किसका जीवन हँसी-खुशी में / इस दुनिया में रहकर बीता?
सदा-सर्वदा संघर्षों को / इस दुनिया में किसने जीता?
खिलता फूल म्लान हो जाता
हँसता-रोता चमन-चमन है।
कितने रोज चमकते तारे / कितने रह-रह गिर जाते हैं।
हँसता शशि भी छिप जाता है। / जब सावन घन घिर आते हैं।
उगता ढलता रहता सूरज
जिसका साक्षी नील गगन है।
आसमान को छूने वाली, / वे ऊंची-ऊंची मीनारें। \
मिट्टी में मिल जाती हैं वे। / छिन जाते हैं, सभी सहारे।
दूर तलक धरती की गाथा
मौन मुखर कहता कण-कण है।
5. हँस लो दो क्षण खुशी मिली वरना जीवन-भर
क्या है?
(1) मुसकान
(2) क्रन्दन
(3) चन्दन
(4) पलायन।
6. खिलता फूल क्या हो जाता है?
(1) म्लान
(2) अम्लान
(3) पुनर्लान
(4) इनमें से कोई नहीं।
7. जब सावन घन घिर जाते हैं, तब कौन छिप जाता
है?
(1) राशि
(2) काशी
(3) शशि
(4) हाँसी।
8. दूर तलक किसकी गाथा है?
(1) गगन
(2) मग
(3) चन्द्रमा
(4) धरती।
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प का चयन कीजिए।
9. 'नरेश पत्र लिखता है।' क्रिया के भेद
लिखें।
(1) अकर्मक
(2) सकर्मक
(3) द्विकर्मक
(4) प्रेरणार्थक
10. कौन-सा वाक्य अकर्मक क्रिया का उदाहरण
है?
(1) बच्चा सो रहा है।
(2) विक्रम उपन्यास पढ़ता है।
(3) वह पानी पी रहा है।
(4) रीता पत्र लिखती है।
11. 'जो छात्र परिश्रम करते हैं, वे परीक्षा
में सफल होते हैं।' यह कौन वाक्य है?
(1) सरल
(2) मिश्र
(3) उप
(4) संयुक्त
12. 'रमेश आया और मोहन चला गया।' किस प्रकार
का वाक्य है?
(1) उपवाक्य
(2) मिश्र
(3) सरल
(4) संयुक्त
13. खूब मन लगाकर पढ़ो ---- परीक्षा में
प्रथम आओ। (सही अव्यय को चुनें।)
(1) इसलिए
(2) ताकि
(3) तक
(4) बहुत
14. 'मंगल' का एक अर्थ होता है 'शुभ' और
दूसरा
(1) माला
(2) ग्रह
(3) गृह
(4) मशीन
15. 'पक्षी आकाश में उड़ेंगे।' इस वाक्य में
कौन-सा वाच्य है?
(1) कर्तृवाच्य
(2) कर्मवाच्य
(3) भाववाच्य
(4) कोई नहीं
16. 'माता-पिता' कौन-सा समास है?
(1) अव्ययीभाव
(2) द्वंद्व
(3) बहुव्रीहि
(4) कर्मधारय
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 17
एवं 18 तक के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए।
बाल गोबिन भगत की संगीत-साधना का चरम उत्कर्ष उस दिन देखा
गया जिस दिन उनका बेटा मरा। इकलौता बेटा था वह ! कुछ सुस्त और बोदा-सा था, किंतु
इसी कारण बालगोविन भगत उसे और भी मानते। उनकी समझ में ऐसे आदमियों पर ही ज्यादा
नजर रखनी चाहिए या प्यार करना चाहिए, क्योंकि ये निगरानी और मुहब्बत के ज्यादा
हकदार होते हैं। बड़ी साध से उसकी शादी कराई थी, पतोहूं बड़ी ही सुभग और सुशील
मिली थी। घर की पूरी प्रबंधिका बनकर भगत को बहुत कुछ दुनियादारी से निवृत्त कर
दिया था उसने।
17. बेटे के मरने पर बालगोबिन भगत क्या कर
रहे थे?
(1) रो रहे थे
(2) गा रहे थे
(3) हँस रहे थे
(4) नाच रहे थे
18. भगत जी का बेटा कैसा था?
(1) चालाक
(2) ईमानदार
(3) चतुर
(4) सुस्त और बोदा-सा
or, भगत जी की पतोहू कैसी थी?
(1) सुंदर और झगड़ने वाली
(2) घर का ख्याल नहीं रखने वाली
(3) सुभग और सुशील होने के साथ ही घर की पूरी
प्रबंधिका
(4) असंवेदनशील
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न संख्या 19
एवं 20 तक के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए।
फसल क्या है?
और तो कुछ नहीं है वह
नदियों के पानी का जादू है वह
हाथों के स्पर्श की महिमा है
भूरी-काली-संदली मिट्टी का गुण धर्म है
रूपांतर है सूरज की किरणों का
सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का!
19. फसल किसका जादू है?
(1) नदियों के पानी का
(2) हवाओं की थिरकन का
(3) मिट्टी के गुणधर्म का
(4) सूर्य की किरणों का
20. फसल किसका रूपांतर है?
(1) सूरज की किरणों का
(2) नदी के जल का
(3) किसान के हाथों का
(4) मिट्टी के गुण धर्म का
or, फसल किसका गुणधर्म है?
(1) मिट्टी का
(2) जल का
(3) हवा का
(4) हाथों का
निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प का चयन कीजिए :
21. 'नेताजी का चश्मा' पाठ में नेताजी की
प्रतिमा किस चीज की बनी थी?
(1) मिट्टी की
(2) संगमरमर पत्थर की
(3) मोम की
(4) लाल पत्थर की
or, मूर्ति बनाने का काम किसे सौंपा गया?
(1) ड्राइंग मास्टर (मोतीलाल) को
(2) कलाकार को
(3) दुकानदार को
(4) नगरपालिका अध्यक्ष को
22. बालगोबिन भगत लगभग कितने वर्ष के थे?
(1) 40 वर्ष
(2) 50 वर्ष
(3) 60 वर्ष
(4) 70 वर्ष
23. अमीरूद्दीन के शहनाई गुरु कौन थे?
(1) बिस्मिल्लाह खाँ
(2) रसलूनबाई
(3) अलीबख्श खाँ
(4) पिता
24. बालगोबिन भगत किसको साहब कहते थे?
(1) सूरदास को
(2) कबीरदास को
(3) तुलसीदास को
(4) रैदास को
25. गोपियों ने 'करुई ककरी' के समान किसे
बताया है?
(1) प्रेम संदेश को
(2) योग संदेश को
(3) उद्धव को
(4) कृष्ण को
26. परशुराम गुरु के ऋण से कैसे उऋण होना
चाहते थे?
(1) धनुष को जोड़कर
(2) ऋण चुकाकर
(3) गुरु की भक्ति करके
(4) धनुष तोड़ने वाले का वध करके
27. 'उत्साह' कविता में कवि ने किसे गरजने को
कहा है?
(1) आकाश को
(2) बादल को
(3) आँधी को
(4) सागर को
28. संगतकार किसे उसका बचपन याद दिलाता है?
(1) श्रोता को
(2) प्रमुख गायक को
(3) वाद्ययंत्र बजाने वाले को
(4) स्वयं को
29 मूसन तिवारी को किसने चिढ़ाकर बोला
'बुढ़वा बेईमान माँगे करैला का चोखा'।
(1) भोलानाथ
(2) देवनाथ
(3) संजू
(4) बैजू
30. लेखिका के ड्राइवर व गाइड का क्या नाम था
?
(1) जितेन नागें
(2) आमोद संगमा
(3) अलाप देव
(4) विक्रम करियप्पा
खण्ड - B
प्रश्न संख्या 31 से 38 तक अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं।
प्रत्येक प्रश्न 2 अंकों का है।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं 6
प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
जिस प्रकार सूर्य के बिना अंधकार छाया रहता है उसी प्रकार
साहित्य के बिना देश निर्जीव होता है। साहित्य, युगीन परिस्थितियों की अनुभूतियों
की अभिव्यक्ति होता है। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने ज्ञान राशि से संचित कोष
को साहित्य कहा है। बाबू श्यामसुंदर दास ने साहित्य की परिभाषा देते हुए लिखा है
"सामाजिक मस्तिष्क अपने पोषण के लिए जो भाव सामग्री निकालकर समाज को सौंपता
है, उसी से संचित भंडार का नाम साहित्य है।" इस प्रकार हम कह सकते हैं कि
मानव-जीवन का लिखित रूप में सर्वांगपूर्ण चित्र साहित्य कहलाता है। साहित्यकार उसी
समाज का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें वह जन्म लेता है। जिस सामाजिक वातावरण में
उसका जन्म होता है, उसी में उसका शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक विकास भी होता है।
साहित्य समाज की भावनाओं की अभिव्यक्ति तो प्रदान करता ही
है, साथ ही उसके द्वारा अभिव्यक्त भावनाएँ समाज को भी प्रभावित करती हैं। वह समाज
में मुख और मस्तिष्क, दोनों का काम करता है। प्रसिद्ध पाश्चात्य विचारक और कवि
मैथ्यू अर्नोल्ड ने साहित्य को जीवन और समाज का दर्पण कहा है। वास्तव में साहित्य
और समाज का घनिष्ठ संबंध है।
31. आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने
साहित्य किसे कहा है?
उत्तर : आचार्य द्विवेदी ने 'ज्ञान राशि के संचित कोष'
अर्थात इकट्ठा किए गए ज्ञान के भंडार को साहित्य कहा है।
32. बाबू श्यामसुंदर दास ने साहित्य को किस
रूप में परिभाषित किया है?
उत्तर : बाबू श्यामसुंदर दास के अनुसार सामाजिक मस्तिष्क
अपने पोषण के लिए जो भाव सामग्री निकालकर समाज को सौंपता है, उसी से संचित भंडार
का नाम साहित्य है।
33. साहित्यकार किस समाज का प्रतिनिधित्व
करता है?
उत्तर : साहित्यकार उसी समाज का प्रतिनिधित्व करता है
जिसमें उसका जन्म होता है और जहाँ उसका शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक विकास होता है।
34. मानव-जीवन का कैसा रूप साहित्य कहलाता
है?
उत्तर : मानव-जीवन का लिखित रूप में प्रस्तुत किया गया
'सर्वांगपूर्ण चित्र' (सम्पूर्ण चित्रण) साहित्य कहलाता है।
35. साहित्य किस प्रकार कार्य करता है?
उत्तर : साहित्य समाज की भावनाओं को व्यक्त करता है और समाज
के लिए 'मुख' (आवाज) तथा 'मस्तिष्क' (विचार) दोनों का कार्य करता है।
36. साहित्य को समाज का दर्पण क्यों कहा गया
है?
उत्तर : क्योंकि साहित्य समाज की तत्कालीन परिस्थितियों,
भावनाओं और वास्तविकता को उसी प्रकार दिखाता है, जैसे दर्पण चेहरे को दिखाता है।
37. इस गद्यांश का एक उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
उत्तर : 'साहित्य : समाज का दर्पण' या 'साहित्य और समाज'।
38. 'समाज' शब्द का विशेषण क्या होगा?
उत्तर : 'समाज' का विशेषण 'सामाजिक' है।
खण्ड - C
प्रश्न संख्या 39 से 46 तक लघु उत्तरीय प्रश्न है। प्रत्येक
प्रश्न 3 अंकों का है। इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों के उत्तर अधिकतम 150 शब्दों
में दीजिए।
प्रश्न 39. 'नेताजी का चश्मा' पाठ का संदेश
क्या है?
उत्तर : 'नेताजी का चश्मा' पाठ का मुख्य संदेश यह है कि इस
संसार में प्रायः लोग उस पान दुकानदार जैसे हैं। वह देशभक्त चश्मे वाले को पागल
मानता है। स्वयं पान खाने और पान लगाने में डूबा हुआ है। हालदार के पूछने पर
नेताजी के बारे में कुछ बताना भी नहीं चाहता है। अज्ञात गरीब देशभक्त बच्चे भी
अपने नेता को बिना चश्मे का देखना नहीं चाहते थे।
प्रश्न 40. 'नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से
खीरा क्राटा, नमक-मिर्च बुरका, अंततः सूंघ कर ही खिड़की से बाहर फेंक दिया।'
उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा? उनका ऐसा करना उनके किस स्वभाव को इंगित करता है?
उत्तर : नवाब लोगों के मन में नवाबी धाक जमाने की प्रवृत्ति
रहती है। वे सामान्य जीवन के पहलुओं को छोड़कर नये-नये सूक्ष्म तरीके खोजते हैं।
वे अपनी अमीरी और साहबी दिखाना चाहते हैं। वे अकेले बैठे-बैठे खीरा खाने की तैयारी
कर रहे थे। लेकिन लेखक को देखते उनकी साहबी जाग उठी। वे खाने का दिखावा करने के
लिए खीरे के प्रत्येक टुकड़े को सूँघ-सूँघकर खिड़की के बाहर फेंकते गये। इस प्रकार
नवाब साहब ने लेखक के सामने अपनी नवाबी स्वभाव का प्रदर्शन कर लेखक को प्रभावित कर
दिया।
प्रश्न 41. सुषिर-वाद्यों से क्या अभिप्राय
है? शहनाई को 'सुषिर वाद्यों में शाह' की उपाधि क्यों दी गयी होगी?
उत्तर : सुषिर का अर्थ होता है, सुराख। इसलिए सुराख वाले
वाद्यों को 'सुषिर वाद्य' कहा जाता है। इस प्रकार के वाद्य को फूंक कर बजाया जाता
है। इस प्रकार के वाद्यों में शहनाई सबसे अधिक मोहक और सुरीली होती है। इसीलिए
शहनाई को 'सुषिर वाद्यों का शाह' कहा गया है।
अथवा, प्रश्न: रीड या नरकट क्या है और यह
कहाँ पाई जाती है?
उत्तर : नरकट एक पौधा है, जिसकी रीड का उपयोग शहनाई बजाने
के लिए किया जाता है। रीड घास अन्दर से खोखली होती है, जिसके सहारे शहनाई को फूंका
जाता है। शहनाई बजाने के लिए जिस रीड घास का प्रयोग किया जाता है वह घास डुमराँव
गाँव में मुख्यतः सोन नदी के किनारे पर पाई जाती है।
प्रश्न 42. उद्धव द्वारा दिए गए योग के संदेश
ने गोपियों की विरहाग्नि में घी का काम कैसे किया?
उत्तर : गोपियों को अंदेशा घा कि कृष्ण अपना काम पूरा कर
विलम्ब से ही सही, मथुरा में अवश्य आयेंगे। वे कृष्ण का प्रेम-संदेशा पाकर ही
तृप्त होना चाहती थीं। इसी भरोसे वे वियोग की वेदना सह रही थीं। लेकिन जब उनके
मित्र उद्धव ने योग का संदेशा देना शुरू किया तो उसने उनकी विरहाग्नि में घी का
काम किया।
43. कवि बादल से फुहार, रिमझिम या बरसने के
स्थान पर 'गरजने' के लिए क्यों कहता है?
उत्तर : इसमें कवि की क्रांतिकारी भावना मुखरित हुई है। कवि
बादल को क्रांति का अग्रदूत मानता है। वह बादल से अपनी शक्ति-प्रदर्शन की कामना
करता है। वह गर्जन-वर्षन के लिए उसका आह्वान करता है न कि फुहार छोड़ने के लिए या
केवल बरसने के लिए। कवि यह नहीं चाहता है कि बादल केवल इस धरती का ताप दूर करे। वह
चाहता है कि बादल अपने गर्जन-वर्षन से क्रांति का शंखनाद करे।
प्रश्न 44. संगतकार किन-किन रूपों में मुख्य
गायक-गायिकाओं की सहायता करते हैं?
उत्तर : संगतकार निम्नलिखित रूपों में गायक-गायिकाओं की मदद
करते हैं -
(i) वे अपनी आवाज के साथ मुख्य गायक की आवाज को बल प्रदान
करते हैं।
(ii) वे गायक द्वारा गायी गयी पंक्ति को पकड़े रहते हैं
ताकि मुख्य गायक वापस मूल स्वर पर आ जाएँ।
(iii) वे मुख्य गायक की थकी हुई टूटती-बिखरती आवाज को बल
देकर सहयोग देते हैं।
प्रश्न 45. गंगटोक को 'मेहनतकश बादशाहों' का
शहर क्यों कहा गया है?
उत्तर : गंगटोक के लोग काफी मेहनती होते हैं। वे अपनी
आजीविका के लिए कठिन से कठिन काम करने में हिचकते नहीं हैं। उनके कार्यों में काफी
खतरे का भय बना रहता है, फिर भी वे काम में लगे रहते हैं। वहाँ के स्त्री, पुरुष,
बच्चे सभी के सभी पूरी मेहनत से काम करते हैं। स्त्रियाँ पीठ पर बच्चों को लादकर
काम करने में नहीं हिचकती हैं। बच्चे 3-4 कि.मी. पैदल ऊँचाई के स्कूल में जाकर
पढ़ते हैं। पढ़ाई के बाद वे भी माँ-बाप के कार्यों में हाथ बंटाते हैं। इसलिए वह
शहर मेहनतकश बादशाहों का कहलाता है।
प्रश्न 46. 'मैं क्यों लिखता हूँ?' के आधार
पर बतायें कि लेखक को कौन-कौन सी बातें लिखने को प्रेरित करती हैं?
उत्तर : किसी भी लेखक को उसके मन की भीतरी विवशता 'उसे
लिखने के लिए प्रेरित करती है। कभी-कभी लेखक के मन में ऐसी अनुभूति जाग उठती है कि
वह उसे अभिव्यक्त करने के लिए विवश हो उठता है।
खण्ड - D
प्रश्न संख्या 47 से 52 तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न है।
प्रत्येक प्रश्न 5 अंकों का है। इनमें से किन्हीं 4 प्रश्नों के उत्तर अधिकतम 250
शब्दों में दीजिए।
प्रश्न 47. लेखिका के व्यक्तित्व पर किन-किन
व्यक्तियों का किस रूप में प्रभाव पड़ा?
उत्तर : लेखिका के व्यक्तित्व पर मुख्यतः दो व्यक्तियों के
प्रभाव पड़े -
लेखिका के व्यक्तित्व को बिगाड़ने और बनाने में उसके पिताजी
का प्रमुख हाथ रहा। प्रारंभ में लेखिका के पिता ने लेखिका में हीन भावना का समावेश
किया। उन्होंने उसे शक्की और विद्रोही बनाया। उन्होंने ही लेखिका को देशभक्त बनने
का मौका दिया। उन्होंने ही लेखिका को रसोई घर से दूर रखकर एक प्रबुद्ध नारी बनने
में सहयोग किया।
लेखिका को क्रियाशील, क्रांतिकारी और आंदोलनकारी बनाने में
प्राध्यापिका शीला अग्रवाल की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। शीला अग्रवाल ने अपने
जोशीले वक्तव्यों से उसके व्यक्तित्व में एक नया जोश पैदा किया। उन्होंने ने
लेखिका की नस-नस में देशभक्ति का भाव भर दिया। शीला अग्रवाल ने लेखिका के मन में
खुलकर विद्रोह करने का विचार भर दिया।
प्रश्न 48. 'साहस और शक्ति के साथ विनम्रता
हो तो बेहतर है।' इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर : यह बात सही है कि किसी भी व्यक्ति का साहस और शक्ति
उसी स्थिति में अच्छे लगते हैं जब तक वह व्यक्ति विनम्र है। अगर कोई शक्तिशाली
व्यक्ति उदंड है, घमंडी है और बढ़-चढ़ कर बातें करता है तो वह सबों की नजर में
बुरा दिखाई पड़ता है। इसे स्पष्ट रूप से समझने के लिए परशुराम और लक्ष्मण दोनों के
उदाहरण सामने हैं। परशुराम बहुत बड़े पराक्रमी थे। लेकिन अपनी विनम्रता के अभाव
में धनुर्भग के बाद भरी सभा में हँसी का पात्र बन कर रह जाते हैं।
लक्ष्मण भी साहसी और पराक्रमी हैं। लेकिन उनकी उग्रता,
वाचालता, उदंडता और विनम्रता के अभाव में सारी सभा उनके खिलाफ हो जाती है। दूसरी
ओर राम में साहस और शक्ति दोनों है। इसके साथ ही साथ विनम्रता भी उनमें कूट-कूट कर
भरी हुई थी। परिणामस्वरूप वे सर्वप्रिय रहे।
प्रश्न 49. 'माता का अँचल' पाठ में माँ-बाप
का जो वात्सल्य अपने बच्चे के प्रति प्रकट हुआ है उसे अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर : इस पाठ में माता-पिता के वात्सल्य का बड़ा ही सजीव
चित्रण हुआ है। लड़के जब थोड़ा चलने-फिरने लायक हो जाते हैं तो वे पिता के साथ
अधिक रहने लगते हैं। इस पाठ में भोलानाथ अपने पिता के साथ ही खाता-पीता और सोता
था। वह पिताजी के साथ ही स्नान करता था और उनके पूजा के समय भी वह उनके ही साथ
बैठता था। भोलानाथ के ललाट पर पिता द्वारा भभूत लगा देने के बाद वह पूरा बम भोला
बन जाता था। भोलानाथ के पिता बाल-प्रेम वश भोलानाथ के सारे खेलकूद में बच्चों की
तरह भाग लेते थे। उसे हमेशा कंधे पर रखते थे। बायें और दायें गाल में खट्टा और
मीठा चुम्मा लेते थे।
माँ प्रायः ममता की मूर्ति होती है। पिताजी के खिला लेने के
बाद माँ भोलानाथ को जबरन अपने हाथ से खिलाती थी। विभिन्न पक्षियों के नाम पर कौर
बनाकर उन्हें मनोवैज्ञानिक ढंग से खिलाती थी। जब साँप को देखकर भोलानाथ काफी भयभीत
हो गये थे तो माँ के आँचल और गोद में ही शांति मिली।
इस प्रकार पाठ में माता-पिता के वात्सल्य का बड़ा ही सजीव
वर्णन हुआ है।
प्रश्न 50. दिये गये संकेत बिन्दुओं के आधार
पर निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखें।
(क) भारतीय किसान
संकेत बिन्दु : परिचय, किसान राष्ट्र के मेरुदंड, सरलता एवं
परिश्रम का जीवन, भारतीय किसानों की चिंता एवं हर्ष, दयनीय दशा एवं उसका कारण,
स्थिति में सुधार के उपाय
(ख) मेरे जीवन का लक्ष्य
संकेत बिन्दु : भूमिका, लक्ष्य निर्धारण क्यों, आदर्श मानव
के गुण, लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रयास, आदर्श मानव, उपसंहार।
(ग) विज्ञान वरदान या अभिशाप
संकेत बिंदु : प्रस्तावना, महत्व एवं प्रभाव, वरदान,
अभिशक्षण, दृधिकतर नातिन
उत्तर :
(क) भारतीय किसान
परिचय : भारत गाँवों का देश है। भारत की आत्मा गाँवों में
बसती है और भारत की आत्मा की साक्षात प्रतिमूर्ति भारतीय किसान हैं। किसानों के
महत्त्व को निरूपित करते हुए गाँधी जी ने कहा था-"भारत का हृदय गाँवों में
बसता है। गाँवों में ही सेवा और परिश्रम के अवतार किसान बसते हैं। किसान ही
अन्नदाता हैं, सृष्टिपालक हैं।" यदि भारतीय संस्कृति को कोई जीवंत और
सुरक्षित रखे हुए हैं तो वे भारतीय किसान हैं।
किसान राष्ट्र के मेरुदंड : किसान किसी भी देश के मेरुदंड
होते हैं। कोई भी राष्ट्र हो, उस राष्ट्र को आहार देनेवाले किसान ही होते हैं।
किसान ही अन्नदाता हैं। किसान जीवनदाता है। भारत की आर्थिक रीढ़ कृषि ही है।
सरलता एवं परिश्रम का जीवन : 'भारतीय किसान' इस शब्द के
उच्चारण मात्र से हम सब की आँखों के सामने सरलता एवं परिश्रम का एक चित्र
मूर्तिमंत हो उठता है। नंगी देह, कमर में मामूली लंगोटी, कंधे पर हल, हाथों में
बैलों की लगाम थामे, उन्हें हाँकते हुए खेतों की ओर जाते किसान। वर्षा में भींगते
हुए, कीचड़ में सने हुए, हल चलाते किसान। बोआई करते किसान, फसल काटते किसान, दौनी
करते किसान, अन्न ओसाते किसान, बैलों, गायों के सानी-पानी लगाते किसान भारतीय
किसानों के ये ही सच्चे चित्र हैं, सच्चे रूप हैं।
भारतीय किसानों की चिंता एवं हर्ष : सूखी और फटती धरती की
दरारों को देखकर कपाल पकड़े हुए, आकाश की ओर मेघ के लिए टकटकी लगाते किसानों की
करुण दशा को देखकर किसका हृदय पिघल नहीं जायेगा? और जब टपटप बूँदें बरसने लगी हों,
तब हर्षविभोर होकर मोर की तरह नाचते किसानों को देखकर किसका मन प्रफुल्लित नहीं हो
जायेगा? जब लोग सुख की नींद सोये रहते हैं, तभी ब्रह्म-बेला में बैलों को
खिला-पिलाकर किसान खेतों की ओर प्रस्थान कर जाते हैं। उनके भाग्य में सुख कहाँ बदा
है?
दयनीय दशा एवं उसका कारण : भारतीय किसानों की दशा अत्यन्त
ही दीन-हीन है। उनके समक्ष तरह-तरह की कठिनाइयाँ और परेशानियाँ हैं। वे कर्जों में
आकण्ठ डूबे हुए हैं। उनकी जोतें छोटी और अलाभकारी हैं। उनके पास अच्छे बैल नहीं
होते। छोटे किसान, जिनकी संख्या सबसे ज्यादा है, वे बड़े किसानों या महाजनों के
मुहताज हैं। अच्छे बीज, खाद और सिंचाई के समुचित प्रबन्ध के अभाव में वे अच्छी
खेती नहीं कर पाते। जिस अनुपात में सभी चीजों के मूल्य बढ़े हैं, उस अनुपात में
कृषि की उपज के दाम नहीं बढ़े हैं। परिणामतः सभी के पेट भरनेवाले किसान स्वयं भूखे
ही रह जाते हैं।
किसानों की स्थिति में सुधार के उपाय : उन्नत देशों के
किसान प्रशिक्षित हैं। "भारतीय किसान इन सुविधाओं से वंचित हैं। भारतीय किसान
परिश्रमी हैं, परन्तु अधिकतर अनपढ़ हैं। यदि सही ढंग से उनकी प्रशिक्षित किया जाय
और सामयिक सहायता दी जाय तो वे देश को अन्न के मामले में बिल्कुल आत्मनिर्भर बना सकते
हैं। किसानों का महत्त्व स्वर्गीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने समझा था।
इसीलिए उन्होंने 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया था। सचमुच किसान आदर, श्रद्धा
एवं स्नेह के पात्र हैं। भारतीय किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, कुशल प्रशिक्षण का
ज्ञान देकर उनकी हर सम्भव सहायता की जाय, तभी यह देश बहुत-सी मुसीबतों से ऊपर उठ
सकेगा।
(ख) मेरे जीवन का लक्ष्य
भूमिका : उद्देश्यहीन जीवन व्यर्थ है। मानव जीवन दुर्लभ है।
इसे सोद्देश्य होना चाहिए। इसीलिए मैंने अभी से ही अपना जीवन-लक्ष्य निश्चित कर
लिया है। मैं एक आदर्श नागरिक, एक आदर्श समाजसेवी और एक आदर्श मानव बनना चाहता
हूँ।
लक्ष्य-निर्धारण क्यों : प्रश्न हो सकता है मैंने आदर्श
मानव, आदर्श नागरिक और आदर्श समाज-सेवी बनना ही अपना लक्ष्य निर्धारित क्यों किया
है? सच्चाई यह है कि मैं जिस परिवार से हूँ, उस परिवार के सदस्य सदा मानवीय
मूल्यों को महत्त्व देते रहे हैं। घन उन्हें आकर्षित कभी नहीं कर पाया। मैं भी
अपने परिवार की परम्परा का अनुसरण कर आदर्श-मानव बनना चाहता हूँ।
आदर्श मानव के गुण : आदर्श मानव ईमानदार, साहसी,
कर्तव्यपरायण, सच्चरित्र, परिश्रमी, परहित चिन्तक और बलशाली होता है। आज ऐसे ही व्यक्तियों की
देश और समाज को जरूरत है। ऐसे व्यक्ति ही स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।
आदर्श मानव कथनी की अपेक्षा करनी को महत्त्व देता है। कथनी और करनी की एकता में
उसका विश्वास होता है। ऐसा व्यक्ति आत्मनिर्भरता में विश्वास रखता है। वह परदुख-कातर होता है।
लक्ष्य-प्राप्ति के लिए प्रयास : मैंने होश सँभालते ही
लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रयास आरम्भ कर दिया था। आदर्श मानव को सदा स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।
स्वास्थ्य बनाये रखने के लिए नियमित व्यायाम करना चाहिए। अपने आहार-विहार का ध्यान
रखना चाहिए और नियमित जीवन-यापन करना चाहिए। मैं उपर्युक्त जीवन सिद्धान्तों के
अनुरूप ही जीवन-यापन करता हूँ जिससे मुझे अपना लक्ष्य प्राप्त करने में कोई कठिनाई
नहीं होगी।
आदर्श मानव : आदर्श मानव एक प्रकाशमान दीपक होता है। जो भी
इसके सम्पर्क में आता है, उससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता। वह दूसरों को
सत्पथ पर आरूढ़ करने में समर्थ होता है। अतएव मैं भी आदर्श पुरुष बन जन-जन के लिए
प्रेरणास्त्रोत बन जाऊँगा। मैं यह दिखा दूँगा कि एक अकेला व्यक्ति किस प्रकार समाज
और राष्ट्र के लिए अपना जीवन अर्पित कर सकता है।
उपसंहार : मेरा उद्देश्य केवल अपनी उन्नति करना ही नहीं
होगा। मैं जन-जन की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करूँगा। जन-जीवन में व्याप्त
भ्रष्टाचार को जड़-मूल से उखाड़ फेंकने के लिए कटिबद्ध रहूँगा। हमारा देश विश्व के
अग्रिम पंक्ति के देशों में गिना जाय इसके लिए देश के आम लोगों में एक नयी जागृति
लानी होगी, एक नयी चेतना जगानी होगी। इस उद्देश्य के लिए मैं अपना पूरा जीवन
समर्पित कर दूँगा।
(ग) विज्ञान अभिशाप या वरदान
प्रस्तावना : आज का युग विज्ञान का युग है। सर्वत्र इसका
वर्चस्व है। वस्तुतः विज्ञान ने तो असंभव को भी संभव कर दिया है। अब असंभव कुछ रहा
ही नहीं। समय और स्थान की दूरी अब समाप्त हो चुकी है। अब कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं
जो विज्ञान से अछूता हो।
महत्व, प्रभाव एवं वरदान : विज्ञान का महत्व एवं प्रभाव आज
सर्वव्यापी है। मुद्रण कला के विकास ने आज असीमित ज्ञान-भंडार को सबके लिए सुलभ कर
दिया है। रेडियो, दूरदर्शन भी शिक्षा-प्रसार के उत्तम साधन सिद्ध हो रहे हैं जो
विज्ञान के चमत्कारों का ही परिणाम हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान पीछे
नहीं है। नयी-नयी औषधियाँ, शल्य चिकित्सा के लिए बढ़िया-से-बढ़िया उपकरण विज्ञान
के चमत्कारों की झलक प्रदान करते हैं। उद्योग-धन्धों के विकास में भी विज्ञान ने
महत्त्वपूर्ण योग दिया है।
विश्व की चार अरब से भी अधिक की जनसंख्या के लिए आवश्यकता
की वस्तुएँ जुटा पाना सरल कार्य नहीं, पर आज कल-कारखाने विविध प्रकार की सामग्री
जुटाने में समर्थ हैं। बढ़िया-से-बढ़िया वस्त्र, यातायात के साधन, दूरसंचार के
उपकरण उद्योग-धन्धों के विकास की ही कहानी कहते हैं। कृषि-विकास, ग्राम-विकास,
सिंचाई व्यवस्था आदि से सम्बन्धित योजनाओं में भी विज्ञान ने अपने चरण बढ़ा रखे
हैं। रेलगाड़ी, वायुयान, जलयान, पनडुब्बी आदि आविष्कार विज्ञान की प्रगति तथा
चमत्कार के ही द्योतक हैं।
अभिशाप के रूप में विज्ञान : एक ओर विज्ञान ने मानव मात्र
की भलाई के अनेक साधन जुटाये हैं तो दूसरी ओर अनेक विध्वंसक शस्त्रों का अपार
भंडार भी खड़ा कर दिया है। अणुबम, हाइड्रोजन बम, परमाणु बम आदि विध्वंसक शस्त्रों
का निर्माण विज्ञान के द्वारा ही संभव हुआ है। इसके द्वारा ऐसे प्रक्षेपास्त्र
बनाये जा चुके हैं जो हजारों मील तक मार सकते हैं। इन प्रक्षेपास्त्रों में मानव
जाति को समूल नष्ट करने की शक्ति है।
निष्कर्ष : विज्ञान एक बहुत अच्छा सेवक है, पर यह क्रूर
स्वामी भी है। इसलिए हमें विज्ञान के महत्त्व को समझना चाहिए और उसका उपयोग
मानवजाति के कल्याण के लिए करना चाहिए। वास्तविकता तो यह है कि विज्ञान ने
मानव-जीवन का रूप ही बदल कर रख दिया है। इसने असंभव को संभव कर दिखाया है। इसलिए
इसका सदुपयोग कर इस धरती को स्वर्ग-तुल्य बनाने का प्रयास करना है। हमारा लक्ष्य
होना चाहिए।
प्रश्न 51. अपने मित्र को जन्मदिन की बधाई
देते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर :
25A, सुभाष नगर, राँची
तिथि: 09.02.2026
प्रिय रमेश,
सस्नेह नमस्ते !
आज ही तुम्हारा पत्र मिला। पढ़कर बहुत प्रसन्नता हुई कि तुम
15 फरवरी को अपना जन्म-दिवस मना रहे हो। इस शुभ अवसर पर तुमने मुझे भी आमंत्रित
किया है, इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
प्रिय मित्र, मैं इस शुभ अवसर पर अवश्य पहुँचता, लेकिन कुछ
कारणों से मेरा उपस्थित होना सम्भव नहीं। मैं अपनी शुभकामनाएँ भेज रहा हूँ। ईश्वर
से प्रार्थना है कि वह तुम्हें चिरायु प्रदान करे। तुम्हारा भावी जीवन स्वर्णिम
आभा से मंडित हो।
समय मिलते ही मैं अवश्य आऊँगा। मैं अपनी ओर से एक छोटी-सी
भेंट भेज रहा हूँ। आशा है कि तुम्हें पसंद आएगी। इस शुभ अवसर पर अपने माता-पिता जी
को मेरी ओर से हार्दिक बधाई अवश्य देना।
तुम्हारा मित्र,
सुरेश
अथवा,
प्रश्न : गत कुछ दिनों से आपके क्षेत्र में
अपराध बढ़ गये हैं। उनकी रोकथाम के लिए थानाध्यक्ष को पत्र लिखिये।
उत्तर :
सेवा में,
थानाध्यक्ष महोदय,
हीरापुर, धनबाद।
महोदय,
पिछले कुछ समय से आपके
थाने के अन्तर्गत आने वाले इस क्षेत्र में चोरी की घटनाएँ बड़ी तेजी से बढ़ी हैं।
चोर दिन के समय ही फ्लैटों के ताले तोड़कर कीमती सामान ले जाते हैं। नीचे ताले लगी
खड़ी साइकिलें, स्कूटर आदि चोरी हो चुकी हैं। अभी दो दिन पूर्व ही एक महिला के गले
से सोने की चेन खींचकर ले गये। महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाएँ तो आम बात हो
गयी हैं। कुछ लोग पार्क में बैठकर जुआ खेलते हैं और नशीले पदार्थों का सेवन करते
हैं। अपराधी तत्त्व इधर-उधर घूमते दिखाई पड़ते हैं। कई बार गम्भीर झगड़े हो चुके
हैं।
अतः आपसे अनुरोध है कि क्षेत्र में बढ़ते हुए अपराधों को
रोकने के लिए पुलिस गश्त का उचित प्रबन्ध करें तथा संदिग्ध लोगों की गहन
जाँच-पड़ताल करें।
धन्यवाद सहित।
भवदीय
अनुप टोप्पो
दिनांक : 18 जनवरी, 2026
11, हीरापुर, धनबाद।
अथवा, आपके मोहल्ले में गंदगी का अंबार लग
गया है, जिसे हटाने के लिए एक अनुरोध पत्र नगर निगम को लिखें।
उत्तर :
सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी,
राँची नगर निगम,
राँची।
महाशय,
इस पत्र के माध्यम मैं
अपने राजीव नगर मुहल्ले की गंदगी से भरी सड़कों और बजबजाती गंदी नालियों की ओर
ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। जगह-जगह गंदगी का अंबार लग गया है। कहीं कूड़ा-कचरा
फेंकने की भी व्यवस्था नहीं। सफाई कर्मचारी भी इस मुहल्ले पर ध्यान नहीं देते। दुर्गंध
के कारण सड़क पर चलना दूभर हो जाता है। इस घनी आबादी वाले क्षेत्र की नालियाँ गंदे
जल से भरी रहती हैं। इसके कारण कई लोग डेंगू और मलेरिया की चपेट में आ गये हैं।
अतः आपसे अनुरोध है कि इस क्षेत्र से कूड़ा हटाने की
व्यवस्था की जाय। सफाई के साथ ही साथ मलेरिया निरोधक दवाइयों के छिड़काव की
अविलम्ब व्यवस्था करायी जाय। स्थान-स्थान पर कूड़ादान की भी व्यवस्था की जाय ताकि
घरेलू कूड़े-कचरे को उसमें फेंका जा सके।
आशा है, आप मेरी प्रार्थना को स्वीकार करेंगे और उचित
प्रबंध द्वारा इस क्षेत्र के निवासियों को डेंगू, मलेरिया एवं अन्य गंभीर
बीमारियों के प्रकोप से बचा लेंगे।
दिनांक 30 जनवरी 2026
विश्वासभाजन
शकील अहमद
तृतीय गली, राजा नगर, राँची।
प्रश्न 52. छात्रों में खेल के प्रति रुचि
बढ़ाने के लिए एक विज्ञापन तैयार कीजिए।
उत्तर :
खेलेगा इंडिया तभी तो जीतेगा इंडिया
खेल ही है सबसे उत्तम व्यायाम
छात्रों में खेल के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए
और उनकी खेल-प्रतिभा को बढ़ाने के लिए भारत सरकार की ओर से सभी विद्यालयों में खेल
महोत्सव का आयोजन हो रहा है। बढ़-चढ़ कर इसमें भाग लें।
खूब खेलिए, स्वस्थ रहिए और विजयी बनिए.
खेल मंत्रालय
भारत सरकार द्वारा
जनहित में जारी।
अथवा, स्वास्थ्यवर्धक पेय सामग्री बनाने वाली
कंपनी की ओर से एक विज्ञापन लिखें।
उत्तर :
स्वाद भी और सेहत भी
प्रोवीटा स्वास्थ्यवर्धक पेय
- प्रोटीन, विटामिन और आवश्यक मिनिरल से भरपूर.
- कमजोरी को दूर भगा कर दिनभर आपको ऊर्जावान बनाता है.
- स्वाद ऐसा जो सबको भाये.
निर्माता : हेल्दी फूड प्रोडक्ट्स, जमशेदपुर मो. 792323444
अथवा, साबुन बनाने वाली एक कंपनी की ओर से एक
विज्ञापन तैयार कीजिए।
उत्तर :
स्वस्थ और सुन्दर त्वचा के लिए हमेशा प्रयोग करें
पतंजलि हर्बल बाथ सोप
- बिना कोई नुकसान पहुँचाये त्वचा में निखार लाता है.
- त्वचा की प्राकृतिक सुन्दरता के लिए विशुद्ध देशी जड़ी
बूटियों से निर्मित.
- हानिकारक केमिकल्स की जगह आयुर्वेदिक तत्वों से बना.
- आज से ही आजमायें और एक सप्ताह में असर देखिए...
प्राप्ति केन्द्र : पतंजलि उत्पाद विक्रय केन्द्र।
Question Solution
Class 10 Hindi -A SET-5 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Hindi -A SET-4 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Hindi -A SET-3 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Hindi -A SET-2 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Hindi -A SET-1 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Hindi -A JAC Model Paper Solution 2025-26
Class 10 गणित (Mathematics) Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Science (विज्ञान) SET-5 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Science (विज्ञान) SET-4 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Science (विज्ञान) SET-3 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Science (विज्ञान) SET-2 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Science (विज्ञान) SET-1 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Science Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science All Subjects Model Question Answer 2025-26
Class 10 Social Science SET-5 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-4 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-3 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-2 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science SET-1 Sumudran Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Social Science Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Hindi-A Jac Model Paper Solution 2025-26
Class 10 Economics All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Civics (नागरिकशास्त्र) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 History (इतिहास) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Geography (भूगोल) All Chapter MVVI Objective & Subjective Questions Answer
Class 10 Science Jac Model Paper 2024-25
Class 10 Social Science Jac Model Paper 2024-25
Class 10 Hindi (A) Jac Model Paper Solution 2024-25
10th Hindi Jac Model Question Solution,2022-23
