FIRST TERMINAL EXAMINATION - 2026-27
Class - XII GEOGRAPHY
सामान्य
निर्देश :-
प्रश्न
संख्या 1 से 25 तक बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प हैं।
सही विकल्प चुनकर उत्तर पुस्तिका में लिखें। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है।
प्रश्न
संख्या 26 से 34 तक अति लघुउत्तरीय प्रश्न हैं। किन्हीं सात प्रश्नों के उत्तर
दें। प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
प्रश्न
संख्या 35 से 42 तक लघुउत्तरीय प्रश्न हैं। किन्हीं छः प्रश्नों के उत्तर दें।
प्रत्येक प्रश्न के लिए 3 अंक निर्धारित है।
प्रश्न
संख्या 43 से 48 तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दें।
प्रत्येक प्रश्न के लिए 5 अंक निर्धारित है।
Section – A 25 x 1 = 25
बहुविकल्पीय
प्रश्न (Multiple Choice Type Question)
1. नव नियतिवाद की संकल्पना
किसने प्रस्तुत की ?
(A)
फ्रेडरिक रेटजेल
(B) ग्रिफिथ टेलर
(C)
ब्लाश
(D)
सेम्पल
2 'एन्थ्रोपोज्योग्राफी' पुस्तकं किसने लिखी ?
(A)
इरेटॉस्थनीज
(B)
हम्बोल्ट
(C) फ्रेडरिक रेटजेल
(D)
जीन बुंश
3 निम्न में कौन सर्वाधिक जनसंख्या वाला महाद्वीप है ?
(A)
अफ्रीका
(B) एशिया
(C)
यूरोप
(D)
उत्तर अमेरिका
4 निम्न में कौन प्रवास का प्रतिकर्ष कारक नहीं है ?
(A)
जलाभाव
(B)
बेरोजगारी
(C) शैक्षिक सुविधाएँ
(D)
महामारी
5 विश्व में सर्वाधिक जनसंख्या केन्द्रित है -
(A)
पर्वतीय भूमि में
(B)
पठारी भूमि में
(C) मैदानी क्षेत्रों में
(D)
मरूस्थलीय भूमि में
6 विश्व में उच्चतम मानव विकास सूचकांक वाला देश कौन है ?
(A) नार्वे
(B)
स्विटजरलैंड
(C)
भारत
(D)
जापान
7 भारत में कार्यशील जनसंख्या का आयु वर्ग क्या है ?
(A) 15-59 वर्ष
(B)
15-64 वर्ष
(C)
20-40 वर्ष
(D)
15-65 वर्ष
8. संभययाद शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किस फ्रांसीसी विद्वान ने किया
?
(A)
ब्लाश
(B) लुसियन
फेब्रै
(C)
जीन ब्रुश
(D)
फ्रांसिस बेकन
9 विश्व की 90% जनसंख्या कितने भाग पर निवास करती है ?
(A)
5%
(B) 10%
(C)
20%
(D)
40%
10 सर्वाधिक लिंगानुपात वाला देश है
(A)
चीन
(B)
कनाडा
(C) लाटविया
(D)
फ्रांस
11 ग्रामीण जनसंख्या किस प्रकार के व्यवसाय में संलग्न होते हैं ?
(A)
उद्योग
(B)
शोध कार्य
(C) कृषि
(D)
व्यापार
12 मानव विकास सूचकांक का प्रतिपादन
किसने किया था ?
(A)
डॉ अमर्त्य सेन
(B) डॉ महबूब उल हक
(C)
मार्शल (Marshall)
(D)
इनमें से कोई नहीं
13 रोपण कृषि के अंतर्गत निम्न में कौन सी फसल उगाई
जाती है ?
(A)
गेहूँ
(B)
मक्का
(C)
चावल
(D) चाय
14 भारत के किस भाग में झूम कृषि की जाती है ?
(A)
उत्तर भारत
(B) उत्तर-पूर्वी भारत
(C)
दक्षिण भारत
(D)
पश्चिम भारत
15 निम्न में किस महाद्वीप में जनसंख्या वृद्धि दर सर्वाधिक हैं ?
(A) अफ्रीका
(B)
एशिया
(C)
दक्षिण अमेरिका
(D)
उत्तर अमेरिका
16 वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व
वाला राज्य है
(A)
पश्चिम बंगाल
(B)
उत्तर प्रदेश
(C) बिहार
(D)
केरल
17 भारत का न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है
(A)
मिजोरम
(B)
सिक्किम
(C) अरूणाचल प्रदेश
(D)
गोवा
18 भारत का सबसे बड़ा भाषाई परिवार है ?
(A)
द्रविड़
(B)
ऑस्ट्रिक
(C)
चीनी-तिब्बती
(D) भारतीय-आर्य
19 भारत में पुरुष प्रवास का मुख्य कारण क्या है ?
(A)
शिक्षा
(B) रोजगार और काम
(C)
विवाह
(D)
स्वास्थ्य
20 निम्न में कौन धार्मिक नगर
है ?
(A)
जमशेदपुर
(B) देवघर
(C)
भिलाई
(D)
राउरकेला
21 निम्न में कौन सा तृतीयक क्रियाकलाप है ?
(A)
खेती
(B) व्यापार
(C)
बुनाई
D)
आखेट
22 भारत में हरित क्रांति की शुरूआत हुई -
(A)
1950 के दशक में
(B) 1960 के दशक में
(C)
1970 के दशक में
(D)
1980 के दशक में
23 बुशमैन प्रजाति समूह कहाँ पाये जाते हैं?
(A)
अमेरिका
(B) अफ्रीका
(C)
यूरोप
(D)
एशिया
24 प्रर्वतीय प्रदेशों में किस प्रतिरूप के अधिवास पाये जाते हैं ?
(A)
आयताकार
(B) सीढ़ीनुमा
(C)
पंखानुमा
(D)
तारा
25 शुष्क कृषि के अंतर्गत किस प्रकार की फसल उगायी जाती है?
(A)
जूट
(B)
गन्ना
(C) बाजरा
(D)
धान
Section - B (विषयनिष्ठ प्रश्न) 7x1=7
प्रश्न
संख्या 26 से 34 तक अति लघुउत्तरीय प्रश्न हैं। किन्हीं सात प्रश्नों के उत्तर दें।
प्रत्येक प्रश्न के लिए 1 अंक निर्धारित है।
26 मानव भूगोल को परिभाषित कीजिए
।
उत्तर:
रैटजेल के अनुसार, “मानव भूगोल मानव समाजों और धरातल के बीच सम्बन्धों का
संश्लेषित अध्ययन है।”
27 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में सर्वाधिक साक्षरता दर वाला राज्य
कौन है ?
उत्तर:
2011 की जनगणना के अनुसार भारत में सर्वाधिक साक्षरता दर वाला राज्य केरल है।
28 लिंगानुपात क्या है ?
उत्तर:
जनसंख्या में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या के अनुपात को लिंग अनुपात कहा जाता है।
29 प्रवास के अपकर्ष कारक का एक उदाहरण दें।
उत्तर:
प्रवास के अपकर्ष कारक का एक प्रमुख उदाहरण रोजगार के बेहतर अवसर है।
30 ऋतुप्रवास से क्या समझते हैं ?
उत्तर:
मौसम या ऋतु के बदलने पर लोगों द्वारा अपने पशुओं के साथ एक स्थान से दूसरे अनुकूल
स्थान पर जाने और फिर मौसम बदलने पर वापस अपने मूल स्थान पर लौटने की प्रक्रिया को
ऋतु प्रवास कहते हैं।
31 ग्रामीण बस्तियाँ क्या है ?
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियाँ वे मानवाधिकार क्षेत्र या आवास समूह हैं जहाँ के निवासी मुख्य रूप
से प्राथमिक आर्थिक गतिविधियों जैसे कृषि, पशुपालन, मछली पालन, खनन और वानिकी से जुड़े
होते हैं।
32 दो. नकदी फसलों के नाम बताएँ।
उत्तर:
गन्ना, कपास
33 साक्षरता से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
साक्षरता का अर्थ है साक्षर होना अर्थात पढने और लिखने की क्षमता से संपन्न होना ।
34 जनसंख्या घनत्व क्या है ?
उत्तर:
प्रति वर्ग किमी. क्षेत्रफल पर निवास करने वाले लोगों की संख्या को जनसंख्या घनत्व
कहा जाता है।
Section - C 6 x 3=18
प्रश्न
संख्या 35 से 42 तक लघुउत्तरीय प्रश्न
हैं। किन्हीं छः प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न के लिए 3 अंक निर्धारित है।
35 स्थानांतरी कृषि की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
(i)
पेड़ों को काट कर तथा जलाकर भूमि के टुकड़े को साफ किया जाता है।
(ii)
इस प्रकार की कृषि प्रायः मानसून, मृदा की प्राकृतिक उर्वरता तथा अन्य पर्यावरणीय परिस्थितियों
की उपयुक्तता पर निर्भर करता है।
(iii)
प्रति हैक्टेयर उत्पादन बहुत कम होता है क्योंकि किसान उर्वरक, खाद अथवा अन्य आधुनिक
तकनीकों का प्रयोग नहीं करते।
(iv)
दो-तीन वर्षों के बाद भूमि के उस टुकड़े को छोड़ दिया जाता है क्योंकि मृदा अपरदन तथा
मृदा की उर्वरता के कम होने से उत्पादन भी कम हो जाता है।
36 भारत में हरित क्रांति की उपलब्धियों का वर्णन करें।
उत्तर:
1960
के दशक के मध्य में उच्च उपज देने वाले बीजों (HYV), रासायनिक उर्वरकों और आधुनिक सिंचाई
तकनीकों के प्रयोग से शुरू हुई हरित क्रांति ने भारतीय कृषि परिदृश्य को बुनियादी रूप
से बदल दिया।
1. खाद्यान्न उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि
- गेहूं और चावल के उत्पादन में भारी उछाल दर्ज किया गया, जिसके कारण इसे
आरंभिक दौर में 'गेहूं क्रांति' भी कहा गया।
- प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में कई गुना वृद्धि हुई, जिससे भारत की कुल कृषि
पैदावार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
2. खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
- भारत विदेशी खाद्यान्न सहायता (जैसे अमेरिकी PL-480 कार्यक्रम) पर निर्भरता
समाप्त कर खाद्यान्न उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बना।
- भारतीय खाद्य निगम (FCI) के माध्यम से आपात स्थितियों और सार्वजनिक वितरण
प्रणाली (PDS) के लिए विशाल बफर स्टॉक बनाना संभव हुआ।
3. कृषि का आधुनिकीकरण एवं यंत्रीकरण
- पारंपरिक तकनीकों की जगह ट्रैक्टर, थ्रेशर, हार्वेस्टर और ट्यूबवेल जैसी
आधुनिक मशीनों का व्यापक उपयोग शुरू हुआ।
- रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और उन्नत बीजों के प्रयोग से वैज्ञानिक एवं
सघन कृषि को प्रोत्साहन मिला।
4. किसानों की आय में वृद्धि
- उत्पादन बढ़ने से किसानों के पास बिक्री योग्य अधिशेष (Marketable
Surplus) बढ़ा, जिससे विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के
किसानों की वित्तीय स्थिति और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
37 ग्रामीण अधिवास के चार प्रतिरूपों की विवेचना करें।
उत्तर:
भारत की ग्रामीण बस्तियों को मुख्य रूप से चार भागों में
बाँटा जाता है
1.
गुच्छित, संहत अथवा केन्द्रित बस्तियाँ – इस तरह की बस्तियों में ग्रामीण घरों के संहत
खण्ड पाए जाते हैं। घरों की दो कतारों को सँकरी, तंग तथा टेढ़ी-मेढ़ी गलियाँ पृथक्
करती हैं। सामान्यत: इन बस्तियों का एक अभिन्यास होता है, जो रैखिक, आयताकार, ‘L’ आकृति
अथवा कभी-कभी आकृतिविहीन होता है।
2.
अर्द्धगुच्छित या विखण्डित बस्तियाँ – किसी सीमित क्षेत्र में समूहन प्रवृत्ति या समेकित
प्रादेशिक आधार के परिणामस्वरूप ही अर्द्धगुच्छित या विखण्डित बस्तियाँ बनती हैं। प्रायः
किसी बड़े संहत गाँव के पृथक्करण या विखण्डन के परिणामस्वरूप ही ऐसे प्रतिरूप उभरते
हैं। इस उदाहरण में ग्रामीण समाज का एक या एक से अधिक वर्ग स्वेच्छा या मजबूरी से मुख्य
गुच्छित बस्ती से कुछ दूरी पर अलग बस्ती बनाकर रहने लगता या लगते हैं।
3.
पुरवे – जाति व्यवस्था के कारण उत्पन्न सामाजिक विलगाव, कभी-कभी गुच्छित बस्तियों को
विखण्डित कर देता है। बस्तियों की ये गौण इकाइयाँ पान्ना, पाड़ा, पल्ली, नंगला या ढाणी
कहलाती हैं।
4.
परिक्षिप्त या एकाकी बस्तियाँ – इस तरह की बस्ती में छोटे-छोटे हैमलेट एक बड़े क्षेत्र
पर दूर-दूर बिखरे होते हैं। इसका कोई अभिन्यास नहीं होता, क्योंकि इन बस्तियों में
केवल कुछ ही घर होते हैं। सामान्यत: ये बस्तियाँ सुदूर वनों में एकाकी झोपड़ी या कुछ
झोपड़ियों के समूह के रूप में पायी जाती हैं। ऐसी बस्तियाँ छोटी पहाड़ियों पर भी होती
हैं, जिनके आस-पास के ढालों पर खेत अथवा चरागाह होते हैं।
38 प्रकृति का मानवीकरण क्या है ?
उत्तर:
प्रकृति का मानवीयकरण-मनुष्य भौतिक वातावरण और तकनीकी सहायता से प्रकृति पर प्रभाव
डालता है। प्रकृति मानव को प्रभावित करती है तो मनुष्य अपनी तकनीक से प्रकृति को
प्रभावित करता है। इसलिए इस बात का महत्त्व होता है कि मानव ने किस तकनीक और उपकरण
के साथ प्रकृति पर विजय प्राप्त की है।
उदाहरण
– घर्षण व ताप से आग की खोज हुई। उसी तरह डी०एन०ए० के ज्ञान से कई तरह के वंशानुगत
रोगी की जानकारी प्राप्त हुई। तकनीकी ज्ञान मनुष्य पर प्रकृति की पकड़ को कमजोर
करता है। प्रारम्भ में मानव प्रकृति से अधिक प्रभावित था लेकिन अब उसने उपकरणों
तथा तकनीक की सहायता से प्रकृति को अपने अनुकूल बना लिया है।
39 ग्रामीण एवं नगरीय बस्तियों में मुख्य अंतर क्या है ?
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियां- ग्रामीण बस्तियों में निवास करने वाले लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि,
पशुपालन, आखेट, लकड़ी काटना, खनन करना जैसे प्रमुख प्राथमिक व्यवसाय होते हैं। गांव
में सेवाओं का स्तर निम्न होता है। ग्रामीण बस्तियों में जनसंख्या कम निवास करती है
तथा जनघनत्व कम पाया जाता है अधिकांश ग्रामीण बस्तियों प्रकीर्ण एवं एकांकी होती है।
नगरीय
बस्तियां- नगरीय बस्तियों के निवासी द्वितीय व तृतीय व्यवसाय में जैसे निर्माण उद्योग,
परिवहन, वाणिज्य एवं व्यापार सेवाएं तथा प्रशासन आदि से जुड़े होते हैं। नगरीय बस्तियों
में उच्च सेवाएं जैसे उच्च शिक्षा के स्तर, अस्पताल पुलिस व्यवस्था आदि पाया जाता है।
नगरों में जनसंख्या घनत्व ज्यादा होती है तथा नगरीय बस्तियां सघन बस्तियां होती है।
40 मानव भूगोल के उद्देश्यों का वर्णन करें ?
उत्तर:
मानव भूगोल का उद्देश्य मानव, वातावरण तथा मानवीय क्रियाओं के सम्बन्ध का विज्ञान
है।
41 मानव विकास को परिभाषित करें।
उत्तर:
मानव विकास स्वस्थ भौतिक पर्यावरण से लेकर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्वतंत्रता
तक सभी प्रकार के मानव विकल्पों को सम्मिलित करते हुए लोगों के विकल्पों में विस्तार
और उनके स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, तथा सशक्तीकरण के अवसरों में वृद्धि की प्रक्रिया
है।
42 नियतिवाद एवं संभववाद में क्या अंतर है ?
उत्तर:
नियतिवाद और
सम्भववाद में अन्तर
|
नियतिवाद |
सम्भववाद |
|
1.
नियतिवाद की विचारधारा के अनुसार मनुष्य के प्रत्येक
क्रियाकलाप को पर्यावरण से नियन्त्रित माना जाता है। |
1.
सम्भववाद की विचारधारा के अनुसार मनुष्य अपने पर्यावरण में परिवर्तन करने में समर्थ
है तथा वह प्रकृतिदत्त अनेक सम्भावनाओं का अपने लाभ के लिए इच्छानुसार उपयोग कर सकता
है। |
|
2.
नियतिवाद सामान्यतः मानव को एक निष्क्रिय कारक
समझते हैं, जो पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होता है। |
2.
सम्भववादी सामान्यतः प्रकृति की तुलना में मनुष्य को महत्त्वपूर्ण स्थान देते हैं
और उसे सक्रिय शक्ति के रूप में देखते हैं। |
|
3.
इस विचारधारा को मानने वाले मानव के आचरण, निर्णय क्षमता, कार्यकुशलता तथा जीवन पद्धति
आदि को भी पर्यावरण के भौतिक कारकों द्वारा प्रभावित मानते हैं। |
3.
इस विचारधारा के अनुसार निश्चयवाद का यह सिद्धान्त कि मनुष्य प्रकृति का दास है,
अस्वीकृत कर दिया गया। |
|
4.
नियतिवाद विचारधारा के अनुसार प्राकृतिक पर्यावरण
सर्वप्रमुख है जो मानव के समस्त क्रियाकलापों को नियन्त्रित करता है। |
4.
सम्भववादी विचारधारा के अनुसार इस बात पर बल दिया गया है कि मनुष्य प्रकृति के तत्त्वों
को अपने लाभ के लिए चुनने के लिए स्वतन्त्र होता है और इस दृष्टि से मनुष्य को उसके
भौतिक पर्यावरण की अपेक्षा महत्त्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। |
|
5.
हिप्पोक्रेट्स, अरस्तू, हेरोडोटस, स्ट्रैबो आदि रोम और यूनानी विद्वानों ने नियतिवाद का समर्थन किया। रैटजेल, रिटर, हम्बोल्ट, काण्ट आदि
ने भी इसी विचारधारा का समर्थन किया। |
5.
लूसियन फैब्रे, पॉल विडाल डी-ला ब्लाश आदि ने व्यवस्थित तरीके से इस विचारधारा का
प्रसार-प्रचार किया। |
Section - D 4x5=20
प्रश्न
संख्या 43 से 48 तक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न हैं। किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दें।
प्रत्येक प्रश्न के लिए 5 अंक निर्धारित है।
43 विश्व में जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन
करें।
उत्तर:
विश्व जनसंख्या वितरण और घनत्व को प्रभावित करने वाले कारक
विश्व जनसंख्या वितरण और घनत्व को प्रभावित करने वाले कारकों को सामान्यत तीन
वर्गों में रखा जाता है
1. भौगोलिक कारक
(i) जल की उपलब्धता- जल की उपलब्धता
मानवीय जीवन के विविध कार्यों के लिए सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मानी जाती है यही कारण
है कि विश्व की नदी घाटियाँ जहाँ जल की पर्याप्त उपलब्धता मिलती है विश्व के
सर्वाधिक सघन बसे क्षेत्र है।
(ii) भू-आकृति- विश्व के समतल मैदानी भाग सामान्यतया सघन बसे मिलते हैं,
क्योंकि यह क्षेत्र कृषि फसलों के उत्पादन, सड़क निर्माण तथा उद्योगों की स्थापना
के लिए अनुकूल दशाएँ रखते हैं. जबकि पहाड़ी तथा पर्वतीय क्षेत्र इस दृष्टि से अधिक
उपयुक्त नहीं होते हैं।
(iii) जलवायु- मृदुल जलवायु दशाएँ रखने वाले क्षेत्र जिनमें
अधिक मौसमीय परिवर्तन नहीं होते हैं, सघन रूप से बसे मिलते हैं जबकि अति ठण्डे, अति
गर्म मरुस्थलीय क्षेत्र, अधिक वर्षा या विषम जलवायु रखने वाले क्षेत्रों में बहुत कम
जनसंख्या मिलती है।
(iv) मुदाएँ- कृषि की दृष्टि से उपजाऊ मिट्टियों वाले क्षेत्र
अधिक जनसंख्या को आकर्षित करते हैं, जबकि कम उपजाऊ मिट्टी रखने वाले क्षेत्रों में
विरल जनसंख्या मिलती है।
II. आर्थिक कारक
(i) खनिज- खनिज संसाधनों से सम्पत्र क्षेत्र खनन कार्य के साथ
साथ अनेक उद्योगों को भी अपनी ओर आकर्षित करते है जिसके कारण ऐसे क्षेत्रों में जनसंख्या
का अधिक जमाव देखने को मिलता है।
(ii) नगरीकरण- अच्छी नागरिक सुविधाएँ, रोजगार को अधिक साधन तथा
नगरीय जीवन के आकर्षण में बड़ी संख्या में ग्रामीण जनसंख्या नगरीय क्षेत्रों में आकर
बस जाती है।
(iii) औद्योगीकरण- औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार
के अवसर के अवसर सृजित होते हैं जिसके कारण यह क्षेत्र सघन जनघनत्व वाले क्षेत्र हो
जाते हैं।
III. सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारक
धार्मिक तथा सांस्कृतिक महत्त्व रखने
वाले क्षेत्र अधिक सघन बसे होते हैं जबकि सामाजिक व राजनीतिक अशान्ति रखने वाले क्षेत्रों
में जनसंख्या घनत्व विरल हो जाता है।
44 कार्यात्मक दृष्टिकोण से भारतीय नगरों का वर्गीकरण करें।
उत्तर:
विशेष कार्यों के आधार पर भारतीय नगरों को प्रमुख रूप से निम्नलिखित वर्गों में बांटा
गया है
प्रशासनिक
नगर - राष्ट्रों तथा राज्यों की राजधानियाँ जहाँ केंद्रीय सरकार या प्रांतीय सरकार
के प्रशासनिक कार्यालय होते हैं, उन्हें प्रशासनिक नगर कहा जाता है जैसे-नई दिल्ली
(भारत), केनबेरा (ऑस्ट्रेलिया), बीजिंग (चीन) इत्यादि ।
औद्योगिक
नगर- वैसे नगर जहां किसी विशेष प्रकार के उद्योगों का विकास किया जाता है, कच्चे माल
की प्राप्ति क्षेत्रों में यह उनके निकट ऐसे औद्योगिक नगरों का विकास होता है। उदाहरण
स्वरूप जमशेदपुर राउरकेला, दुर्गापुर भद्रावती, कुल्टी भिलाई में भारत का लौह इस्पात
उद्योग है। मुंबई कानपुर अहमदाबाद मोदीनगर, सोलापुर, कोयंबटूर में वस्त्र उद्योग स्थापित
है।
परिवहन
नगर- वैसे नगर जो मुख्यतः आयात और निर्यात की गतिविधियों में संलग्न होने के कारण पतन
नगर के रूप में विकसित होते हैं उन्हें परिवहन नगर विकास है जैसे मुंबई, कोलकाता, कांडला.
चेन्नई, कोझीकोड, विशाखापट्टनम, कोच्चि, कालीकट आदि ।
वाणिज्य
नगर- वाणिज्य और व्यापार में विशिष्ट स्थान प्राप्त रखने वाले शहरों और नगरों को वाणिज्य
नगर कहा जाता है। जैसे- कोलकाता, सहारनपुर, मुंबई दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु आदि ।
पर्यटन
नगर- उत्तम जलवायु तथा नैसर्गिक प्राकृतिक सुंदरता के कारण कुछ नगरों का विकास पर्यटक
नगर के रूप में होता है। इन नगरों का प्रमुख आर्थिक कार्य पर्यटन व्यवसाय होता है।
जैसे- नैनीताल, शिमला, मसूरी, पंचमढ़ी, जोधपुर, माउंट आबू, जैसलमेर आदि ।
धार्मिक
तथा सांस्कृतिक नगर- कुछ नगरों का विकास वहां पर प्राचीन काल से ही नगर मस्जिद, मंदिर
चर्च आदि बने होते हैं ऐसे नगर तीर्थ यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाते हैं
और अपनी सभ्यता संस्कृति धर्म एवं अध्यात्मिक के लिए प्रसिद्ध हो जाते हैं तो ऐसे नगर
धार्मिक और सांस्कृतिक नगर के रूप में जाने जाते हैं। जैसे बनारसी, मथुरा, अमृतसर,
पुरी, मदुरै, पुष्कर, तिरुपति, उज्जैन, हरिद्वार आदि।
गैरिसन
(छावनी) नगर- जिन नगरों में सैनिकों का आवास, प्रशिक्षण एवं खेलकूद की स्थलों की व्यवस्था
होती है तथा उन क्षेत्रों में सैनिकों का बसाव पाया जाता है, वह गैरिसन नगर कहलाता
है। जैसे -पठानकोट अंबाला, मऊ, बबीना, उधमपुर आदि ।
खनन
नगर- जिन क्षेत्रों में खनिजों की अधिकता पाई जाती है उन क्षेत्रों में खनन नगरों का
विकास होता है जैसे -रानीगंज, सिंगरौली, झरिया, हजारीबाग, गिरिडीह कोडरमा आदि।
45 चाय अथवा कपास उत्पादन के लिए आवश्यक भौगोलिक दशाओं का वर्णन करें।
उत्तर:
⇒
कपास उत्पादन के लिए आवश्यक अनुकूल दशाएँ निम्न है-
(1)
तापमान 20°-30°C उपर्युक्त है।
⇒ साल में कम से कम 200 दिन पाला रहित
होने चाहिये।
⇒ पकते समय तेज धूप होना चाहिये।
(2)
वर्षा 50-100 cm उपयुक्त है।
(3)
भूमि - समतल होना चाहिये
(4)
मिट्टी - उपजाऊ काली मिट्टी सर्वोत्तम है।
(5)
मजदूर - सस्ते एवं पर्याप्त होने चाहिये
(1)
अन्य कारक - उन्नत बीज, ऊर्वरक, कीटनाशक दवाएँ, सिंचाई सुविधा, पूंजी, परिवहन सुविधा
होनी चाहिये।
46 ग्रामीण बस्तियों की प्रमुख समस्याओं का वर्णन करें।
उत्तर:
ग्रामीण बस्तियों की समस्याएँ ग्रामीण बस्तियों की प्रमुख
समस्याएँ निम्नलिखित हैं
1. पेयजल का अभाव संसार के अधिकतर गाँवों में पेयजल की
गम्भीर समस्या है। महिलाओं व बच्चों को कई-कई किमी दूर से पानी लाना पड़ता है।
रेगिस्तानी और पर्वतीय भागों में पेयजल की समस्या अत्यधिक गम्भीर है।
2. जलवाहित रोग - पेयजल की गुणवत्ता ठीक न होने से जलवाहित
रोग जैसे हैजा, पीलिया आदि फैलते हैं।
3. बाढ़ और सूखा - दक्षिण एशिया के देशों के गाँव बाढ़ और
सूखे दोनों की ही मार सहने को अभिशप्त हैं। सिंचाई के अभाव में सूखा पड़ने पर
फसलों को भारी हानि होती है।
4. शौचालयों और कचरे की समस्या- गाँव में शौचालयों के न
होने से महिलाओं को अधिक कठिनाई उठानी पड़ती है। वे इसी कारण अनेक रोगों का शिकार
हो जाती हैं। गाँवों में कचरे की निपटान की कोई सुचारु व्यवस्था नहीं है।
5. मानव और पशु एक साथ पशुओं को और उनके चारे को अपने घर
में या घर के अति निकट घेर में रखना किसान की मजबूरी है, लेकिन इससे अनेक रोगों के
फैलने का खतरा बना रहता है।
6. परिवहन और संचार साधनों का अभाव - गाँव में पक्की सड़कों
का अभाव है। टेलीफोन सविधा सभी गाँवों में नहीं है, अतः आपातकाल में गाँव शेष
दुनिया से कट जाते हैं। अनेक गाँव वर्षा ऋतु में सम्पर्कविहीन बने रहते हैं।
7. स्वास्थ्य और शिक्षा का अभाव गाँवों में स्वास्थ्य और
शिक्षा का अभाव है। यदि कहीं सुविधा है भी तो उसका स्तर बहुत घटिया है।
47 वर्षा जल संग्रहण के प्रमुख उपायों का वर्णन करें।
उत्तर:
वर्षा जल संग्रहण का अर्थ है बारिश के पानी को एकत्र करके
भविष्य में उपयोग के लिए सुरक्षित रखना। इसके प्रमुख उपाय हैं—
1. छत से वर्षा जल संग्रहण — घरों की छत पर गिरने वाले पानी
को पाइप द्वारा टंकी या भूमिगत टैंक में जमा किया जाता है।
2. रिचार्ज पिट बनाना — वर्षा के पानी को गड्ढे में पहुँचाकर
जमीन के अंदर उतारा जाता है, जिससे भूजल स्तर बढ़ता है।
3. तालाब और पोखर — वर्षा के पानी को तालाबों, पोखरों और
जलाशयों में एकत्र किया जाता है।
4. चेक डैम और बाँध — बहते हुए वर्षा जल को रोककर उसका संग्रहण
किया जाता है तथा भूजल पुनर्भरण में सहायता मिलती है।
5. कुएँ और बोरवेल का पुनर्भरण — वर्षा जल को उचित फिल्टर
के माध्यम से कुएँ या बोरवेल में पहुँचाया जाता है।
6. खेतों में जल-संरक्षण — खेतों में मेड़बंदी और छोटे जलाशय
बनाकर बारिश के पानी को रोका जाता है।
48 दिये गये संसार के मानचित्र पर निम्न को दर्शाए -
(A)
ईरान
(B)
अर्जेन्टीना
(C)
जापान
(D)
भूमध्यसागर
(E)
श्रीलंका
उत्तर:

